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BHU में दो छात्रों को हिरासत में लेने वाले मामले ने पकड़ा तूल, सड़क पर उतरे गुस्साए छात्र

BHU में दो छात्रों को हिरासत में लेने वाले मामले ने पकड़ा तूल,  सड़क पर उतरे गुस्साए छात्र
Apr 03, 2026, 09:32 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: बीएचयू के बिरला ‘ए’ हॉस्टल के बाहर गुरुवार देर रात छात्र सड़क पर उतर गए. उन्‍होंने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. छात्रों ने बिरला चौराहे पर सड़क जाम कर जोरदार नारेबाजी की, जिससे क्षेत्र में काफी देर तक आवागमन प्रभावित रहा. सूचना के बाद प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य और पुलिस मौके पर पहुंचे, जहां छात्रों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई. प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि उनके दो साथियों को पुलिस ने फर्जी प्राथमिकी में फंसाकर हिरासत में ले लिया है. छात्रों का कहना है कि उन्होंने पुलिस कमिश्नर से लेकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड तक अपने निर्दोष होने के पर्याप्त सबूत पेश किए हैं, इसके बावजूद कार्रवाई की गई। इसको लेकर छात्रों में भारी आक्रोश देखा गया.


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पुराने विवाद ने पकड़ा तूल


छात्रों के अनुसार, यह मामला कैंपस के बाहर हुई एक पुराने मारपीट के विवाद से जुड़ा है. चितईपुर थाने की पुलिस ने इस मामले में उनके साथियों को उठाया है और थाने में बैठाकर पूछताछ कर रही है. एक छात्र ने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले करौंदी गेट के पास एक व्यक्ति से मारपीट हुई थी, जिसके बाद उस व्यक्ति ने बिरला हॉस्टल के 5-6 छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई.


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छात्रों का दावा है कि घटना के समय आरोपित छात्र मौके पर मौजूद ही नहीं थे. कुछ छात्र बिरला ग्राउंड में बैडमिंटन खेल रहे थे, कुछ लाइब्रेरी में थे, जबकि अन्य अपने कमरों में थे. इस संबंध में सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है, जिसे हॉस्टल वार्डेन द्वारा पुलिस कमिश्नरेट को सौंपा जा चुका है. इसके बावजूद उनके साथियों को हिरासत में लेना अन्यायपूर्ण है.


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छात्रों ने दी चेतावनी


छात्रों ने चेतावनी दी कि जब तक उनके दोनों साथियों को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक वे धरना जारी रखेंगे. मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी छात्रों को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन देर रात तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका.

वहीं, चितईपुर थाना प्रभारी राकेश गौतम ने बताया कि दो छात्रों को पूछताछ के लिए लाया गया है और मामले की विवेचना की जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

वाराणसी में तेज हवाओं के साथ बरसे बादल, गर्मी से मिली राहत
वाराणसी में तेज हवाओं के साथ बरसे बादल, गर्मी से मिली राहत
वाराणसी में शुक्रवार की दोपहर बाद अचानक मौसम का रूख बदल गया. सुबह से ही तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान थे, लेकिन दोपहर के बाद आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया. इस बदलाव ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं कुछ समय के लिए जनजीवन भी प्रभावित हुआ. शहर के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. तेज हवाओं के चलते कई जगह पेड़ों की डालियां भी टूटकर गिर गईं, हालांकि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है. अचानक हुई बारिश के कारण सड़कों पर चल रहे वाहन चालकों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कई लोग बारिश से बचने के लिए दुकानों और छज्जों के नीचे खड़े नजर आए.तापमान में आई गिरावट बारिश के चलते बाजारों में भीड़ अचानक कम हो गई और यातायात की रफ्तार भी धीमी पड़ गई. कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ. हालांकि, बारिश ज्यादा देर तक नहीं चली, लेकिन इससे मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हुआ है. आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और बदलते मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी है.यह भी पढ़ें: पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, मामले की कार्रवाई में जुटी पुलिसस्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ती गर्मी और उमस के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा था. ऐसे में अचानक हुई बारिश ने राहत तो दी है, लेकिन मौसम के इस बदलाव ने लोगों को हैरान भी कर दिया. हालांकि बारिश ने किसानों के चेहरे पर शिकन बढा दी. गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है. वर्तमान में हो रही बेमौसम वर्षा/ चक्रवाती वर्षा के कारण जिन किसान भाइयों के फसल में क्षति हुई है, अगर उनके द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अपनी फसल का बीमा कराया गया है, तो फसल क्षति के 72 घंटे के अंदर टोल फ्री नंबर-14447 पर सूचना दर्ज करा दें. अगर टोल फ्री नंबर पर सूचना देने में किसी प्रकार की कठिनाई हो रही हो तो जिला कृषि अधिकारी या उप कृषि निदेशक कार्यालय में लिखित रूप से सूचना दे दे, जिससे नियमानुसार फसल बीमा कंपनी के माध्यम से क्षतिपूर्ति प्रदान कराया जा सके
पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, मामले की कार्रवाई में जुटी पुलिस
पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, मामले की कार्रवाई में जुटी पुलिस
वाराणसी: चौबेपुर थाना क्षेत्र में कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव के जंगल में पेड़ से लटकता युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना के बाद पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई में जुट गई. इस बीच शुक्रवार की सुबह मृत युवक की शिनाख्त होने के बाद परिजनों में मातम पसर गया.बताते हैं कि कैथी स्थित जंगल में बबूल के पेड़ पर काले रंग के गमछे के सहारे एक युवक का शव लटका हुआ ग्रामीणों ने देखा. शव मिलने की सूचना जंगल में आग की तरह आसपास फैल गई. देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जुट गई. जितने मुंह उतनी बातें होने लगीं. पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की.कमाने के लिए निकला था मुंबई शुक्रवार को मृतक की पहचान संदीप पाण्डेय (25) पुत्र राणा प्रताप पाण्डेय, निवासी खरिहानी थाना तरवां, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई. परिजनों के अनुसार संदीप सुबह घर से नाराज होकर करीब एक हजार रुपये लेकर मुंबई कमाने जाने के लिए निकला था.मृतक अविवाहित था और तीन भाइयों में दूसरे स्थान पर था. उसके पिता खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं. घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया.कार्यवाहक थानाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.यह भी पढ़ें: BHU में दो छात्रों को हिरासत में लेने वाले मामले ने पकड़ा तूल, सड़क पर उतरे गुस्साए छात्रपुल से कूदने जा रही किशोरी को राहगीरों ने बचायाराजघाट पुल से गुरुवार की रात गंगा में कूदकर जान देने जा रही एक किशोरी को राहगीरों ने बचा लिया. इसके बाद उसे पुलिस को सौंपा गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार किशोरी राजघाट पुल पर पहुंची थी. पुल से गुजर रहे लोगों को आशंका हुई तो उसे पकड़ लिया. थाना प्रभारी आदमपुर विमल मिश्रा ने बताया कि किशोरी चंदौली की है. मां की डांट से नाराज होकर मालवीय पुल से कूदने के इरादे से आई थी. किशोरी के परिजनों को थाने बुलाया गया और समझाकर उन्हें सौंप दिया गया.
अटूट है राधा-कृष्ण का भक्ति-प्रेम, राधा के बिना कृष्ण आधा
अटूट है राधा-कृष्ण का भक्ति-प्रेम, राधा के बिना कृष्ण आधा
भक्ति ये केवल शब्द नहीं वो सुकुन, आनंद जैसा पल है, जो भी इसकी माया में डूब गया वो जीवन भर के लिए प्रभु श्री कृष्ण और प्यारी राधा रानी को समर्पित हो जाता है. भक्ति का ये रस जिसने में पिया, वो संसार की माया से जन्मों-जन्मांतर के लिए भूल जाता है. जी हां, भक्ति वो सब कुछ है जो इस संसार में रहकर भी वो सुकुन नहीं मिलता, जो श्री राधा रानी की भक्ति से मिलता है. क्योंकि, राधा रानी बड़ी ही करूणामयी है, दुनिया भले ही साथ छोड़ दें पर राधा रानी कभी अपने भक्तों का साथ नहीं छोड़ती फिर चाहे कुछ भी हो जाए, ऐसी हैं हमारी राधा रानी.मेरी भव बाधा हरो राधा इसी भक्ति में डूबे लेखक विनोद कुमार तिवारी ने बड़ी ही प्यारी बात अपने शब्दों में बयां की है, जी हां, उन्होंने लिखा... मेरी भव बाधा हरो राधा नागरी सोय, जा तन की झाईं परे श्याम हरित दुति होय, बिहारी कवि का यह दोहा महज एक स्तुति मात्र नहीं है, राधा जी को समझने का एक आधार भी है, बरसाना तथा बृज के कण कण राधा नाम से गुंजायमान हैँ, लगता है कि आज भी राधा रानी वृन्दावन में विराजमान हैँ.राधा के बिना कृष्ण आधाआज के इस भौतिकवादी युग में भी राधा नाम बहुत लोगों के अंदर आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रहा है, युग बदले लोग आये और गये राधा जी का नाम अमर है, अनेक संतो को यह नाम प्रेरणा दे रहा है तथा संत जनों के मन को निरंतर प्रफुल्लित कर रहा है, जीवन में यदि कृष्ण को पाना है तो राधा जी के शरण में जाना ही होगा.राधा के बिना कृष्ण अधूरा हैँ यह सत्य जान लेने के बाद सारे भ्रम मिट जाते हैँ, कहते हैं क़ी राधा ही कृष्ण हैं और कृष्ण ही राधा हैं, या यूँ कहिये कि राधा के बिना कृष्ण आधा हैं, राधा जी का नाम युगों-युगों से अनंत लोगों को तार चुका है, आज भी जिसे कृष्ण को पाना है, उसे सर्व प्रथम राधा जी के शरण में जाना होगा, राधे राधे राधे श्यामइस आर्टिकल के लेखक विनोद कुमार तिवारी मुख्य आयकर आयुक्त (अवकाश प्राप्त) हैं।