बिजली विभाग की लापरवाही, वेतन के लिए भटक रहे कंप्यूटर ऑपरेटर

Negligence of electricity department, computer operators wandering for salary
वाराणसी: संविदा कर्मियों के मानदेय को लेकर बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई है. पिछले सात महीने से 60 संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर मानदेय के लिए भटक रहे हैं. इसमें सर्किल और डिविजन में पोस्ट किए गए 37 कंप्यूटर ऑपरेटरों को दो महीने और कैश काउंटर पर बैठने वाले 23 ऑपरेटरों को तीन महीने से वेतन नहीं दिया गया. कंप्यूटर ऑपरेटरों का लगभग 11 लाख 89 हजार रुपए रोके रखा गया है.

सर्विस की लापरवाही से कर्मचारियों को दौड़ना पड़ा
कंप्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति करने वाली फर्म एएल सन्स एसोसिएट और रेखा सिक्यूरिटी सर्विस की लापरवाही के चलते कर्मचारियों को मानदेय के लिए दौड़ना पड़ रहा है. कैश काउंटर कंप्यूटर ऑपरेटर सर्किल प्रथम के चार डिवीजन में तैनात हैं. जबकि कंप्यूटर ऑपरेटर की सर्किल द्वितीय के डिविजनों और कार्यालय में पोस्टिंग है.

सर्किल द्वितीय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटरों का कहना है कि रेखा सिक्यूरिटी सर्विस ने भुगतान के लिए बिल लगा दिया है, लेकिन निर्माण खंड द्वितीय के अधिकारी और लेखाकार बिल दबाए बैठे हैं जबकि कई बार इसकी शिकायत सर्किल 2 के निर्माण खंड प्रमुख वरिष्ठ वीरेंद्र कुमार से की गई.
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इसके बावजूद भी मामले को अनदेखा किया गया. कंप्यूटर ऑपरेटर का आरोप है कि सुविधा शुल्क लेकर कैपिटल और एलऐडटी कंपनी के बिल तुरंत पास कर दिए जा रहे हैं. वहीं सर्किल प्रथम के कैश काउंटर ऑपरेटर ने आरोप लगाया कि मानदेय का भुगतान कराने के लिए प्रमुख वरिष्ठ से कई बार आग्रह किया लेकिन असर नहीं पड़ा. कंप्यूटर ऑपरेटर का कहना है कि 3 महीने से मानदेय और नहीं मिलने से आर्थिक स्थिति खराब हो गई है.



