काशी के मंच पर ब्रिक्स प्रतिनिधियों का जलवा, सांस्कृतिक प्राथमिकताओं पर किया विमर्श
वाराणसी: द्वितीय ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक का शुभारंभ वाराणसी में पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया. बैठक के दौरान ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने भारत द्वारा संस्कृति ट्रैक के अंतर्गत निर्धारित प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया, जिनमें रचनात्मक अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण तथा संस्कृति-आधारित सतत विकास प्रमुख विषय रहे. बैठक में भारत, ब्राजील, चीन, दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), इंडोनेशिया और ईरान के प्रतिनिधियों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया, जबकि रूस, इथियोपिया और मिस्र के प्रतिनिधि हाइब्रिड माध्यम से शामिल हुए.

ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग
यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा साझा पहलों को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य कर रही है. ब्रिक्स दुनिया की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का प्रतिनिधित्व करता है. यह वैश्विक आबादी का लगभग 49.5 प्रतिशत, वैश्विक जीडीपी का लगभग 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का लगभग 26 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करता है. जब पश्चिम एशिया में संघर्ष चल रहा है तो काशी में भारत समेत ब्रिक्स के 11 देश एक मंच पर इकट्ठा हुए हैं.

महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य कर रही
काशी से निकला एक संदेश खाड़ी देशों ही नहीं पूरी दुनिया तक जाएगा. यह संदेश ब्रिक्स देशों की संस्कृति कार्य समूह (कल्चरल वर्किंग ग्रुप-सीडब्ल्यूजी) की काशी में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक से निकलेगा. बैठक का गुरुवार की सुबह ताज होटल में शुरुआत हुई.

इस बैठक में ब्रिक्स के कल्चरल वर्किंग ग्रुप में एआइ, जलवायु परिवर्तन, चोरी हुई सांस्कृतिक धराहरों की वापसी पर मंथन के साथ सांस्कृतिक आदान प्रदान की साझा रणनीति पर चर्चा शुरू हो गई. दुनिया के प्रमुख उभरते बाजारों और विकासशील देशों का एक मंच होने के नाते, यह वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व के समकालीन मुद्दों और वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक शासन के मुद्दों पर परामर्श और सहयोग के लिए एक उपयोगी मंच के रूप में कार्य करता है.

ALSO READ: यूपी में 206 PPS अफसरों के तबादले, वाराणसी कमिश्नरेट के छह ACP स्थानांतरित
पहला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में आयोजित किया गया था. 2010 में न्यूयॉर्क में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में दक्षिण अफ्रीका को शामिल करके ब्रिक्स का ब्रिक्स में विस्तार करने पर सहमति हुई. 2024 में मिस्र, इथियोपिया और अन्य देशों के शामिल होने से ब्रिक्स का और विस्तार हुआ.



