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कॉल सेंटर के नाम पर युवाओं से ठगी का खुलासा, पुलिस की गिरफ्त में छह आरोपी

कॉल सेंटर के नाम पर युवाओं से ठगी का खुलासा, पुलिस की गिरफ्त में छह आरोपी
May 19, 2026, 07:19 AM
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Posted By Preeti Kumari

Youths duped in the name of call centre exposed, six accused arrested by police


वाराणसी: कमिश्‍नरेट पुलिस ने मंगलवार को एक काॅल सेंटर पर छापेमारी कर नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले एक गिरोह का राजफाश किया है. डीसीपी वरूणा प्रमोद कुमार के निर्देशन में एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना और सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी की टीम ने सारनाथ थाना क्षेत्र के नई बाजार में यह कार्रवाई की. इस संबंध में छह आरोपियों को गिरफ्त में लेकर पूछताछ की जा रही है.


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बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा


पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को कॉल सेंटर संचालक बताकर बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देते थे. शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह कोई वैध कॉल सेंटर नहीं था, बल्कि नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला संगठित सिंडीकेट संचालित किया जा रहा था.गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया और मोबाइल कॉल के जरिए युवाओं से संपर्क करते थे और उन्हें विभिन्न कंपनियों में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर रजिस्ट्रेशन, ट्रेनिंग और सिक्योरिटी फीस के नाम पर रकम वसूलते थे. बताया जा रहा है कि यह नेटवर्क काफी दिनों से सक्रिय था और कई बेरोजगार युवक-युवतियां इनके झांसे में आ चुके हैं.


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इलेक्टॉनिक उपकरण बरामद


छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई मोबाइल फोन, दस्तावेज, रजिस्टर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी कब्जे में लिए हैं, जिनकी जांच की जा रही है. पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया. मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है.


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जांच एजेंसियां इस संभावना पर भी काम कर रही हैं कि यह नेटवर्क केवल वाराणसी तक सीमित नहीं था. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इसके तार दूसरे जिलों और राज्यों से तो नहीं जुड़े हैं. हिरासत में लिए गए छह लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है और अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में मामले में कई और खुलासे हो सकते हैं. यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.


* फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी का मामला

* मल्टीलेवल मार्केटिंग के नाम पर हो रहा था जॉब फ्रॉड

* पुलिस ने 250 युवाओं को किया रेस्क्यू

* रजिस्ट्रेशन के नियम पर प्रति व्यक्ति से 30 हजार की ठगी

* ट्रेनिंग कराकर लोगों को जोड़ने के लिए किया जाता था मोटिवेट

* और लोगों को जोड़ने के लिए युवाओं को किया जाता था टॉर्चर

* लोगों को जोड़ने पर कमिशन देने का देते थे लालच

* ईस्टर्न यूपी और बिहार लोगों को करते थे टारगेट

* पुलिस ने ऑनर सहित कुल सात लोगों को किया गिरफ्तार

पोखरा बन गया सिगरा स्टेडियम का स्विमिंग पूल
पोखरा बन गया सिगरा स्टेडियम का स्विमिंग पूल
वाराणसीः हेडिंग पढ़कर आपको थोड़ा अचरज हो रहा होगा और सोच भी रहे होंगे कि करोड़ों की लागत से बना पूल पोखरा कैसे बन सकता है लेकिन सच यही है. जिस तरह के पोखरे का पानी को बदले जाने और साफ करने का कोई इंतजाम नहीं होता इस समय सिगरा स्टेडियम के स्विमिंग पूल का पानी भी साफ नहीं होने की वजह से गंदा, मटमैला हो गया है औऱ इसमें काई जम गई है. विडंबना यह है कि खिलाड़ी इसमें अभ्यास करने को मजबूर हैं और गंदे पानी की वजह से बीमार भी हो रहे हैं.गंदे पानी की वजह से प्रभावित हो रहा खिलाड़ियों का अभ्यास तैराकी को अपना करियर बनाने की चाह लेकर प्रतिदिन 80 खिलाड़ी सिगरा स्टेडियम पहुंचते रहे हैं. बड़े पूल के गंदे पानी की वजह से उसमें अभ्यास नहीं कर पाते हैं. कंप्टीशन के समय मजूबरी में अभ्यास करना पड़ता है तो उन्हें बीमारी का डर सताता है. आल वेदर नहीं होने की वजह से स्विमिंग पूल का संचालन अप्रैल से सितंबर माह तक ही हो पाता है. इसके बीच भी गंदे पानी की वजह से खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित होता है. विडंबना देखिए सिगरा स्टेडियम के स्विमिंग पूल के फिल्टर प्लांट को संचालित करने के लिए कर्मचारी की कमी है. नौ महीने पहले तक एक टेक्नीशियन यहां तैनात था लेकिन उसे हटा दिया गया था. कुछ माह पूर्व तक स्विमिंग पूल के रखरखाव की जिम्मेदारी उसका निर्माण करने वाली कंपनी ने किया लेकिन उसके बाद उसे उसकी हालत पर छोड़ दिया.दो महीने से पूल में जमा है गंदा पानी स्विमिंग पूल की सफाई दो महीनों से नहीं हुई है. इसके पानी बदला गया न हीं तल पर जमे बालू को हटाया गया है. नियमों के मुताबिक पूल के तल में जमी हुई गंदगी को साफ़ करने के लिए सप्ताह में एक या दो बार अंडरवाटर वैक्यूम का इस्तेमाल करना चाहिए. शैवाल और गंदगी को दीवारों पर जमने से रोकने के लिए दीवारों और सीढ़ियों को हफ़्ते में एक बार जरूर ब्रश करना चाहिए. पूल टेस्ट किट के माध्यम से पानी के pH और क्लोरीन स्तर की जांच करनी चाहिए. पानी में बैक्टीरिया और कार्बनिक अशुद्धियों को नष्ट करने के लिए सप्ताह में एक बार chlorine shock का उपयोग करना चाहिए. पूल के मुख्य फ़िल्टर को हर चार से छह से सप्ताह में खोलकर अच्छी तरह साफ करना चाहिए. ऐसा नहीं करने पर पूल के पानी में TDS का स्तर 2,500 पीपीएम से अधिक हो जाता है. इसकी वजह से पूल का नुकसान होता है साथ ही तैराकों की त्वचा में चिपचिपापन, सूखापन या आंखों में जलन जैसी असहजता महसूस होने लगती है. स्विमिंग पूल में बार-बार काई जमने लगती है. पानी धूंधला, मटमैला हो जाता है.ALSO READ : IIT (BHU) में CONFLUENTIA ’26 का समापन, AI और उद्योग-अकादमिक सहयोग पर हुआ मंथन.तैराकी में मिलते हैं सबसे अधिक मेडल वाराणसी में तैराकी में बहुत संभावना है. यहां नदियों में तैराकी सीखने वाले स्विमिंग पूल में प्रशिक्षण प्राप्त करके खिलाड़ी के तौर पर तैयार होते हैं. इन खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिले तो ओलंपिक में भारत को मेडल दिला सकते हैं. ओलिपिंक में सबसे अधिक मेडल वाले खेलों में तैराकी शामिल है. बीते पेरिस ओलिपिंक में तैराकी में 35 इवेंट्स आयोजित किए गए थे. इन सभी स्पर्धाओं में प्रत्येक (गोल्ड, सिल्वर और ब्रांज) मेडल मिलाकर कुल 105 पदक दांव पर होते हैं. ये 35 इवेंट्स पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए अलग-अलग और एक मिक्स्ड (पुरुष-महिला) रिले रेस में विभाजित होते हैं.सिर्फ हो रही कागजी कार्रवाई 66782 स्कवायर मीटर एरिया में 320 करोड़ रुपये की लागत से सिगरा के संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम पुर्नविकास किया गया है. इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 में की थी. मार्च 2023 मार्च में प्रधानमंत्री ने लगभग 120 करोड़ रुपए से तैयार फर्स्ट फेज का उद्घाटन किया. इसमें मल्टी स्टोरी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाया गया जिसमें इंडोर स्विमिंग पूल भी था. 20 अक्टूबर 2024 को पीएम मोदी ने दूसरे और तीसरे फेज, जिसकी लागत लगभग 200 करोड़ रुपये थी का उद्घाटन कर दिया. स्विमिंग पूल की सफाई का मुद्दा गांडीव डिजिटल ने पहले भी उठाया था. स्विमिंग पूल के रखरखाव की जिम्मेदारी स्मार्ट सिटी की है. उस वक्त स्मार्ट सिटी की ओऱ से बताया गया था सारी व्यवस्था जल्द दुरुस्त हो जाएगी लेकिन हुआ कुछ भी नहीं. वहीं क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी नवीन कुमार सिंह का कहना है कि स्विमिंग पूल की देख-रेख स्मार्ट सिटी करता है. उसे पत्र लिखा गया है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
IIT (BHU) में CONFLUENTIA ’26 का समापन, AI और उद्योग-अकादमिक सहयोग पर हुआ मंथन.
IIT (BHU) में CONFLUENTIA ’26 का समापन, AI और उद्योग-अकादमिक सहयोग पर हुआ मंथन.
वाराणसी, 25 अक्टूबर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT-BHU), वाराणसी में आयोजित तीन दिवसीय उद्योग-अकादमिक सम्मेलन ‘CONFLUENTIA ’26’ का रविवार को समापन हो गया। 23 से 25 अक्टूबर तक चले इस सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), उभरती प्रौद्योगिकियों और उद्योग-अकादमिक सहयोग को लेकर विशेषज्ञों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं, पूर्व छात्रों और विद्यार्थियों ने विचार साझा किए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक शोध और औद्योगिक जरूरतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना रहा। संस्थान के Student Alumni Interaction Cell (SAIC) की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में तकनीकी सत्र, उद्योग विशेषज्ञों के साथ परिचर्चा, कार्यशालाएं, हैकाथॉन, मेंटरशिप और नेटवर्किंग कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक समस्याओं को समझने, नए तकनीकी समाधान विकसित करने और विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिला। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में IIT (BHU) के निदेशक प्रो. अमित पात्रा और शीर्ष प्रायोजक HCL Technologies के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह की शुरुआत संस्कृत श्लोक पाठ के साथ हुई। इसके बाद भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन और संस्थान के कुलगीत की प्रस्तुति हुई।चार प्रमुख क्षेत्रों में उद्योग विशेषज्ञों ने साझा किए विचारसम्मेलन का प्रमुख आकर्षण टनलिंग, फार्मास्यूटिकल्स एवं हेल्थ टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग ऑटोमेशन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे चार क्षेत्रों पर आयोजित उद्योग परिचर्चाएं रहीं। इनमें विशेषज्ञों और संस्थान के शिक्षकों ने तकनीकी विकास, औद्योगिक चुनौतियों और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के इस्तेमाल, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्री 4.0, इलेक्ट्रिक वाहनों और उन्नत इंजीनियरिंग जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।AI और मशीन लर्निंग पर हैकाथॉनविद्यार्थियों की तकनीकी प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए आयोजित हैकाथॉन में Applied Machine Learning और Reinforcement Learning जैसे विषयों को शामिल किया गया। प्रतिभागियों ने मेंटरशिप और जूरी सत्रों के माध्यम से अपने तकनीकी विचारों और समाधानों पर काम किया। इस पहल को IIT BHU Foundation के Above & Beyond Fund, Physics Wallah और Tredence का सहयोग मिला, जबकि HCL Technologies आयोजन का शीर्ष प्रायोजक रहा।सम्मेलन के दौरान वित्तीय निर्णय क्षमता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर केंद्रित कार्यशालाएं भी आयोजित की गईं। संस्थान के पूर्व छात्र अनिल सनाध्या ने निवेश और वित्तीय निर्णयों से संबंधित कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को जानकारी दी। वहीं, Nihilent और nSEPIA के सहयोग से आयोजित सत्र में AI आधारित भावनात्मक जागरूकता और उससे जुड़ी तकनीकी चुनौतियों पर चर्चा हुई। Tredence की AI Foundry कार्यशाला में जनरेटिव AI और एजेंटिक AI के व्यावहारिक उपयोग पर जोर दिया गया। इसमें व्यावसायिक समस्याओं की पहचान, कार्यप्रवाह का विश्लेषण, AI एजेंट तैयार करने, मानव निगरानी और समाधानों के परीक्षण जैसे पहलुओं को समझाया गया। इसके अलावा, HCL Technologies की ओर से Physical AI पर इंटरैक्टिव कार्यशाला भी आयोजित की गई।ALSO READ : आसमान में फाइटर विमानों की गर्जना से गूँज उठी काशी, पीएम गदगद, लाखों लोग हुए रोमांचितपूर्व छात्रों और विद्यार्थियों के बीच संवाद पर जोरसमापन दिवस पर आयोजित ग्रैंड प्लेनरी सत्र में पूर्व छात्र संघ के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ शिक्षकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए। निर्धारित कार्यक्रम के तहत HCL Technologies के सेहसाद्री टी. का संबोधन, HaBuild के सह-संस्थापक सौरभ बोथरा के साथ फायरसाइड चैट और कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन (KDEM) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव कुमार गुप्ता का मुख्य वक्तव्य शामिल रहा। विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के बीच संवाद को मजबूत करने के लिए ‘Match Circles’ पहल आयोजित की गई। वहीं, ‘Internship Preparation League’ (IPL) के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक समस्याओं से परिचित कराने और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की पहचान करने का प्रयास किया गया। सम्मेलन में हैकाथॉन का अंतिम चरण भी आयोजित हुआ।कार्यक्रम का समापन अनन्या शर्मा की सांस्कृतिक प्रस्तुति, पुरस्कार वितरण और समापन समारोह के साथ हुआ।कुल मिलाकर, CONFLUENTIA ’26 ने तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग जगत के बीच सहयोग को नई दिशा देने का प्रयास किया। सम्मेलन में AI और उभरती प्रौद्योगिकियों पर चर्चा के साथ विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और उद्योग से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
आसमान में फाइटर विमानों की गर्जना से गूँज उठी काशी, पीएम गदगद, लाखों लोग हुए रोमांचित
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वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी रविवार को काशी के नमो घाट पर वायु सेना के भव्‍य हवाई प्रदर्शन के साक्षी बनें. पीएम पुलिस लाइन से सडक मार्ग से नमो घाट पहुंचे. वहीं, एयर शो की शुरुआत ‘काशी’ फॉर्मेशन से हुई. तीन किरण विमानों ने वी आकार के फॉर्मेशन में उड़ान भरी. विमानों के पीछे निकलती तिरंगे के रंगों वाली धुएं की धारियों ने गंगा के ऊपर आसमान को अलग रंग दे दिया. घाटों पर मौजूद दर्शकों ने एक साथ उड़ते विमानों को देखकर तालियां बजाईं. फॉर्मेशन का नाम काशी की पहचान से जुड़ा होने के कारण यह प्रदर्शन स्थानीय दर्शकों के लिए खास मायने रखता था. विमान तय दूरी बनाए रखते हुए आगे बढ़े और उनकी समन्वित उड़ान ने हवाई प्रदर्शन की शुरुआत का संकेत दिया. घाटों और दूसरी ओर गंगा पार रामनगर से लोग आसमान में बनती आकृति को देखते रहे. तिरंगे की धारियां दिखाई देने पर दर्शकों की निगाहें विमानों के पीछे बन रही रंगीन रेखाओं पर टिक गईं.सूर्यक‍िरण व‍िमानों के प्रदर्शन के साथ ही वाराणसी का एयर शो समाप्‍त हुआ. नौ सूर्यक‍िरण व‍िमानों ने आयोजन के आख‍िरी पलों को यादगार बना द‍िया. आसमान में ति‍रंगा फार्मेंशन करते हुए आसमान को त‍िरंगे से रंग द‍िया. व‍िमानों के फार्मेशन ने आसमान में त‍िरंगा बनाया तो दर्शक उत्‍साह‍ित नजर आए. सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने अपने समन्वित हवाई करतब प्रस्तुत किए. समूह में उड़ते विमानों ने गंगा के ऊपर आकृतियां बनाईं और रंगीन धुएं से आसमान में तिरंगे की छटा उभरी. नीचे घाटों और नदी के दूसरे किनारे मौजूद दर्शकों ने आसमान की ओर देखकर तालियां बजाईं. सूर्यकिरण टीम का प्रदर्शन एयर शो के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा.काकपिट से गूंजा शुभकामना संदेशइसके पूर्व व‍िमान के कॉकप‍िट से काशी के सभी लोगों के भारतीय वायुसेना की ओर से हार्द‍िक शुभकामना का संदेश भी गूंजा. नमो घाट पर पीएम मोदी ने करीब एक घंटे तक वायु सेना का शौर्य देखा. इसके बाद वायु सेना के चीफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया. इस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं. नमो घाट पर एयर शो के दौरान वायुसेना का शौर्य देखने के लिए पीएम मोदी की नजरें आसमान में टिकी रहींं. इस दौरान गंगा की लहरों और काशी के आसमान में वामानों ने अपने करतब दिखाए तो गंगा घाटों पर मौजूद लोगों का उत्साह बढ़ता ही गया. कड़ी धूप के बीच भी लोग अड़े रहे.सुखोई, राफेल और तेजस जैसे विमानों ने कलाबाजी दिखाई तो लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था. नमो घाट और आसपास के घाटों के साथ ही गंगा पार डोमरी घाट पर लाखों की संख्या में दर्शकों ने जमकर हूटिंग की. गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना की क्षमता और साहस का प्रदर्शन किया गया.एयर शो पर वायुसेना का विशेष डाक टिकट जारीवायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रविवार को वाराणसी में चल रहे भव्य एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ के अवसर पर विशेष डाक टिकट जारी किया. इस समारोह में वाराणसी की डाक प्रमुख भी मौजूद रहीं. एयर चीफ मार्शल ने इस मौके पर आम जनता के बीच जाकर लोगों से मुलाकात की और हाथ मिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया.नमो घाट पर आयोजित इस कार्यक्रम में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित हवाई प्रदर्शन को यादगार बनाने के लिए डाक विभाग द्वारा तैयार किए गए स्मारक डाक टिकट का अनावरण किया।टिकट पर गंगा के ऊपर उड़ान भरते लड़ाकू विमानों और काशी की सांस्कृतिक छवि को दर्शाया गया है. समारोह में डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि भी मौजूद थे. एयर चीफ मार्शल ने कहा कि यह डाक टिकट न केवल वायुसेना की शक्ति और कौशल का प्रतीक है, बल्कि काशी की पवित्र भूमि पर आयोजित इस ऐतिहासिक एयर शो को भी अमर बनाता है. उन्होंने डाक विभाग के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में देशभक्ति और वायुसेना के प्रति आकर्षण जगाते हैं. समारोह के बाद एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने सुरक्षा घेरे से बाहर निकलकर घाट पर जमा लोगों से सीधे मुलाकात की. उन्होंने बच्चों और युवाओं से हाथ मिलाया, उनकी बातें सुनीं और उन्हें वायुसेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया. इस दौरान लोग एयर चीफ मार्शल के आसपास जमा हो गए और उनका जोरदार स्वागत किया. कई लोगों ने सेल्फी भी ली.ALSO READ : सेंट मैरी स्कूल के बाद 39 जीटीसी में तेंदुए की आहट, छावनी में दहशतइस बार जुटी ज्‍यादा भीड़रविवार की छुट्टी और प्रधानमंत्री की मौजूदगी ने वायु सेना के एयर शो को और भव्‍य बना दिया. एयर शो का आयोजन 22, 24 और 25 अक्‍टूबर को हुआ. अन्‍य दिनों की अपेक्षा आज ज्‍यादा लोग काशी के घाटों पर पहुंचे. कड़ी धूप के बावजूद लोगों के कदम पीछे नहीं हटे बल्कि डटे रहे. इस बार गंगा उस पार का नजारा भी दिव्‍य रहा. लाखों की संख्‍या में रेती पर लोग जुटे और हवाई प्रदर्शन देखकर रोमांचित हुए. लोग बनारसी अंदाज में एयर शो की कमेंट्री करते दिखाई पड़े.