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वाराणसी में CBI की कार्रवाई, बैंक की सहायक प्रबंधक गिरफ्तार

वाराणसी में CBI की कार्रवाई, बैंक की सहायक प्रबंधक गिरफ्तार
Dec 25, 2025, 07:00 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - दिल्‍ली से आई केंद्रीय जांच ब्‍यूरो (सीबीआई) की टीम ने बनारस में बडी कार्रवाई की है. जानकारी के अनुसार साइबर ठगों को म्यूल बैंक खाता खोलने और ठगी के रुपयों के लेन-देन में मदद करने के आरोप में टीम ने केनरा बैंक की चितईपुर शाखा की सहायक प्रबंधक शालिनी सिन्हा को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया. आरोप बैंक प्रबंधक को विशेष न्यायाधीश चतुर्थ (भ्रष्टाचार निवारण) रवीन्द्र कुमार श्रीवास्तव की अदालत में पेश किया गया. अदालत के आदेश पर तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर सीबीआई आरोपी को अपने साथ दिल्ली ले गई.


दिल्‍ली में दर्ज है मुकदमा


अदालत ने 26 दिसंबर दोपहर 12 बजे तक संबंधित क्षेत्राधिकार न्यायालय के समक्ष पेश करने और इस दौरान शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित नहीं करने का आदेश दिया है. अभियोजन अधिकारी श्याम सरोज दुबे ने अदालत में सीबीआई का पक्ष रखा. इस मामले में सीबीआई ने बीते अप्रैल माह में दिल्ली में मुकदमा दर्ज किया था. उसके अनुसार जानकारी मिली थी कि कई बैंकों के कर्मचारी साइबर अपराधियों को म्यूल बैंक खाते खोलने में मदद कर रहे हैं. इसके साथ ही साइबर ठगी से हासिल रुपयों को भी दूसरे खातों में ट्रांसफर कर रहे हैं.

इस मामले में जांच के दौरान पता चला कि साइबर ठग तरह-तरह के तरीके अपनाकर लोगों को साथ ठगी कर रहे हैं. उनसे रुपये हासिल करने के लिए उन्हें म्यूल बैंक खातों की जरूरत होती है. जांच के दौरान जानकारी मिली कि पूरे भारत में 743 पब्लिक व प्राइवेट सेक्टर के बैंकों खाते खोले गए. हर बैंक में लगभग तीन सौ म्यूल खाते खोले गए. इस तरह पूरे भारत में 8.7 लाख म्यूल बैंक खाते खोले गए.


म्‍यूल खाता खोलने में नियमों का उल्‍लंघन


म्‍यूल खातों को खोलने और उसमें होने वाली रुपयों की लेन-देन के मामले में नियमों का पूरी तरह से उल्‍लंघन किया गया. इन बैंकों में खातों की निगरानी को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशों की भी अनदेखी की. इन म्यूल खातों में कुछ ही दिनों में काफी रुपये आए और निकाले गए लेकिन बैंकों ने इन्हें संदिग्ध खातों की सूची में नहीं डाला। खाते फर्जी कागजातों के आधार पर खोले गए.

इसके लिए जिनके नाम-पता का इस्तेमाल किया गया बैंक की तरफ से उनके साथ किसी तरह का पत्राचार नहीं किया गया. उनके वेरीफिकेशन भी नहीं किया गया. बैंक खातों को खोलने में कई मध्यस्थ भी थे जिन्होंने बैंक कर्मचारियों, अधिकारियों को खाता खोलने के लिए राजी किया. इस तरह प्रथमदृष्टया ठगी में साइबर अपराधियों के साथ बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों के भूमिका भी मिली. इस तरह 16 ऐसे नाम सामने आए जिनके बैंक खातों में साइबर ठगी के रुपये आए. यह दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान के रहने वाले हैं. साइबर ठगों को म्यूल खाते उपलब्ध कराने वाले 18 बैंक कर्मचारियों, ई-मित्र आदि का भी नाम सामने आया. यह राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. इनमें यूको बैंक का कर्मचारी भी है.


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साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले की मददगार


जांच के दौरान जानकारी मिली कि निरंजन गुप्ता गेमिंग एप, बेटिंग एप, साइबर ठगी के लिए म्यूल बैंक खाते खुलवाता है. उसके मोबाइल फोन के फोरेंसिक जांच में पता चला कि शालिनी सिंहा उससे लगातार संपर्क में थी. चितईपुर शाखा में आने से पहले वह पटना के एसके नगर शाखा में सहायक प्रबंधक थीं. वहां रहने के दौरान इनकी संस्तुति पर ही छह म्यूल बैंक खाते खोले गए जिनकी उपयोग साइबर ठगी के रुपये मंगाने के लिए किए गए. हर खाते में साइबर ठगी से हासिल एक करोड़ से अधिक की रकम पहुंची थी. वाट्सएप चैट के जानकारी मिली थी कि शालिनी सिंहा को निरंजन गुप्ता के साइबर ठगों के लिए फर्जी तरीके बैंक खाते खुलवाने की जानकारी थी.


यह होता है म्यूल बैंक खाता


ये खाते अनजान व्यक्तियों द्वारा आसानी से रुपये कमाने के लालच में या फर्जी कागजात के आधार पर खोले जाते हैं. इन खातों का संचालन साइबर ठग ठगी से हासिल रुपयों के लिए करते हैं. इसका इस्तेमाल अपराधी अवैध धन के लेन-देन के लिए करते हैं.

 अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में महिलाओं के लिए विशेष दर्शन ...
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में महिलाओं के लिए विशेष दर्शन ...
वाराणसी: आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में महिलाओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था की गई है. यह व्यवस्था प्रातः मंगला आरती से प्रारम्भ होकर रात्रि 11 बजे तक निरंतर जारी रहेगी.इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के लिए दर्शन मार्ग और व्यवस्था को विशेष रूप से सुगम बनाना है, ताकि इस विशेष दिवस के महत्व और महिला सम्मान के प्रति सामाजिक संवेदनशीलता में वृद्धि हो सके. भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति का प्रतीक माना गया है. भगवान शिव स्वयं अर्धनारीश्वर के रूप में यह संदेश देते हैं कि सृष्टि के संतुलन में नारी और पुरुष दोनों का समान महत्व है. शिव और शक्ति का यह अद्वितीय स्वरूप नारी की गरिमा, सामर्थ्य और आदर का प्रतीक है.महिला दिवस के अवसर पर यह विशेष व्यवस्थाबता दें कि, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में महिला दिवस के अवसर पर यह विशेष व्यवस्था की गई है. इस व्यवस्था के तहत महिलाएं श्रद्धा, भक्ति और सम्मान के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकेंगी. यह पहल न केवल महिलाओं के प्रति सम्मान प्रकट करती है, बल्कि समाज में उनकी भूमिका को भी उजागर करती है.महिलाओं के लिए इस विशेष दर्शन व्यवस्था का उद्देश्य उन्हें एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना है, जहां वे अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन कर सकें. इस अवसर पर मंदिर प्रशासन ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं, ताकि महिलाएं बिना किसी बाधा के दर्शन कर सकें.ALSO READ : किसी की औकात नहीं मुझे शंकराचार्य न माने: अविमुक्तेश्वरानंदसजाया गया मंदिर परिसर...महिला दिवस के इस विशेष आयोजन में मंदिर परिसर को सजाया गया है और महिलाओं के लिए अलग से कतार की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही, मंदिर में आने वाली महिलाओं के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध भी किए गए हैं. यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी महिलाएं बिना किसी परेशानी के बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकें.
सोशल मीडिया जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम
सोशल मीडिया जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम
लोहता,वाराणसी 8अप्रैल: उत्तर प्रदेश के काशी क्षेत्र वाराणसी रोहनिया विधानसभा में रामेश्वर मंडल के भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अभियान पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के समापन सत्र में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में अरविंद मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया एवं एआई समेत तमाम विषयों पर प्रशिक्षण दिया । मुख्य अतिथि अरविंद मिश्रा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान का उद्देश्य केवल संगठन को मजबूत करना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को समाज के प्रति अधिक संवेदनशील, जागरूक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना भी है। AI और सोशल मीडिया जैसे आधुनिक साधनों का प्रशिक्षण देकर कार्यकर्ताओं को इस योग्य बनाया जा रहा है कि वे सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी सीधे जन-जन तक पहुंचा सकें। यह प्रशिक्षण अभियान वास्तव में सेवा, संगठन और समर्पण की भावना को मजबूत करने का प्रयास है।श्री मिश्र ने कहा भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इस महाभियान के माध्यम से यह संकल्प ले रहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण के इस अभियान को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाएगा। निस्संदेह, जब विचारधारा, संगठन और सेवा का संगम होता है, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन की एक नई धारा प्रवाहित होती है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 इसी परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रहा है, जो भाजपा के कार्यकर्ताओं को जनसेवा के पथ पर और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है।यह भी पढ़े: ओटीटी पर छाई रोमांटिक फिल्म ‘विद लव’, रिलीज होते ही बनी नंबर-1 ट्रेंडिंगइस महाभियान के अंतर्गत मंडल स्तर पर 24 घंटे की कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग तथा केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ब्लॉक प्रमुख प्रवेश पटेल ने कहा कियह प्रशिक्षण अभियान वास्तव में सेवा, संगठन और समर्पण की भावना को मजबूत करने का प्रयास है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इस महाभियान के माध्यम से यह संकल्प ले रहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण के इस अभियान को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाएगा।निस्संदेह, जब विचारधारा, संगठन और सेवा का संगम होता है, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन की एक नई धारा प्रवाहित होती है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 इसी परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रहा है, जो भाजपा के कार्यकर्ताओं को जनसेवा के पथ पर और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है। समापन सत्र की अध्यक्षता प्रवेश पटेल ब्लॉक प्रमुख ने की, संचालन आशीष राय ने किया। प्रशिक्षण महाभियान में प्रमुख रूप से मंडल अध्यक्ष आलोक पांडेय,भानु शंकर,विपिन पांडेय,विजय मिश्र, राजेंद्र प्रधान,विजय गुप्ता ,जंग बहादुर पटेल , संकटा राजभर, प्रमन द्विवेदी आदि रहे ।
किसी की औकात नहीं मुझे शंकराचार्य न माने:  अविमुक्तेश्वरानंद
किसी की औकात नहीं मुझे शंकराचार्य न माने: अविमुक्तेश्वरानंद
वाराणसी: हमारे शंकराचार्यों पर सवाल उठाने का अधिकार किसी को नहीं है. हमारे धर्म में 4 शंकराचार्य हैं. जब सर्वोच्च शंकराचार्यों ने मेरा अभिषेक कर दिया, तो फिर किसी की क्या औकात है कि वह कहे, हम इन्हें नहीं मानते. उन्होंने कहा कि जो शंकराचार्य बनाता है, उसी को हटाने का भी अधिकार है.यह बात शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने जौनपुर में कही. दरअसल, शंकराचार्य ने काशी से “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा” नाम से लखनऊ के लिए यात्रा शुरू की है. जो 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेंगे. यहां हजारों संतों की मौजूदगी में सभा करेंगे. इसमें सरकार से गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग करेंगे.काशी में शंकराचार्य ने कहा- बहुत दुर्भाग्य की बात है कि धर्म युद्ध के लिए निकलना पड़ रहा है. अपने ही देश में, अपने ही वोट से चुनी सरकार के सामने, अपनी ही गोमाता को बचाने के लिए हम लोगों को आंदोलन करना पड़ रहा है.ALSO READ : T-20 WC :: तीसरी बार ट्रॉफी जीतना चाहेंगी भारतीय टीम...काशी में 11 बटुकों ने किया शंकराचार्य का स्वागतकाशी में शंकराचार्य ने गाय पूजा कर यात्रा की शुरुआत की. मठ से 300 मीटर दूर स्थित चिंतामणि गणेश मंदिर पहुंचे, जहाँ 11 बटुकों ने उनका स्वागत किया.फिर पूजा-अर्चना कर संकट मोचन मंदिर पहुंचे. यहां उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया और अपने संकल्प को दोहराया. इसके बाद शंखनाद और जयकारों के बीच अपनी वैनिटी वैन से लखनऊ के लिए रवाना हुए.