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मुगलसराय के दवा व्‍यवसायी की हत्‍या के तीन साजिशकर्ता गिरफ्तार, शूटरों की तलाश में टीमें गठित

मुगलसराय के दवा व्‍यवसायी की हत्‍या के तीन साजिशकर्ता गिरफ्तार, शूटरों की तलाश में टीमें गठित
Nov 25, 2025, 09:39 AM
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Posted By Gaandiv


वाराणसी - चंदौली के मुगलसराय में मेडिकल स्टोर संचालक रोहिताश पाल उर्फ रोमी पाल की हत्या का आठ दिन बाद पुलिस ने उजागर करने का दावा किया है. कन्हैया टॉकीज की विवादित भूमि को लेकर रची गई साजिश के तहत यह हत्या कराई गई थी. पुलिस ने जमीन विवाद से जुड़े तीन साजिशकर्ताओं—ओमप्रकाश जायसवाल, मनोज जायसवाल और शराब व्‍यवसायी भानू जायसवाल—को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि हत्या को अंजाम देने वाला शूटर अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी तलाश के लिए एसपी चंदौली ने नौ टीमें गठित की है. चंदौली पुलिस का कहना है कि शूटर समेत साजिश में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द सुनिश्चित की जाएगी. केस से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.


कैसे हुई वारदात–

बीते 18 नवंबर की रात करीब 10:30 बजे रोहिताश पाल अपने पॉपुलर मेडिकल स्टोर को बंद कर घर जाने की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने पीछे से सिर में गोली मार दी. गंभीर हालत में उन्हें उनके भतीजे और स्टाफ ने पहले आनंद अस्पताल, फिर मेटिस अस्पताल और उसके बाद बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. मुगलसराय पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की.


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वारदात के पीछे भूमि विवाद


पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुगलसराय स्थित कन्हैया टॉकीज की पैतृक संपत्ति को लेकर मृतक रोहिताश पाल और अभियुक्त भानू जायसवाल के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. आरोप है कि मृतक के दादा राजाराम की दूसरी पत्नी की बेटियों ने कथित रूप से फर्जी तरीके से भूमि अपने नाम दर्ज कराकर उसे कम कीमत पर भानू जायसवाल को बेच दिया था.

इस जमीन पर कब्जा लेने की कोशिश का रोहिताश लगातार विरोध कर रहे थे और उन्होंने अदालत में केस (मुकदमा संख्या 553/23) दर्ज करा रखा था. काफी प्रयासों के बाद भी भानू को कब्जा नहीं मिला, जिसके बाद उसने ओमप्रकाश और मनोज जायसवाल की मदद से रोहिताश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.


पुलिस ने खंगाले सैकडों सीसीटीवी फुटेज


एडीजी वाराणसी जोन और डीआईजी के निर्देश पर एसपी चंदौली के नेतृत्व में स्वाट, सर्विलांस और मुगलसराय पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई. टीम ने सैकडों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीनों साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया. भानू जायसवाल पर वाराणसी व चंदौली में कई केस दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी, रंगदारी और आबकारी अधिनियम से जुड़े मामले शामिल हैं. ओमप्रकाश और मनोज जायसवाल भी हत्या की इसी एफआईआर में नामज़द हैं.


पुलिस टीमें शूटर की तलाश में जुटीं


एसपी चंदौली ने शूटर की गिरफ्तारी के लिए कुल 9 टीमें गठित की है. पुलिस का दावा है कि शूटर की पहचान हो चुकी है और उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा. कार्रवाई में मुगलसराय थाना प्रभारी गगनराज सिंह, स्वाट प्रभारी आशीष मिश्रा, अपराध निरीक्षक चंद्रकेश शर्मा समेत कई पुलिसकर्मी शामिल रहे.

रामनगर में आस्था का सैलाब, भोर की आरती में गूंजा 'जय श्रीराम, लाखों श्रद्धालु बने साक्षी
रामनगर में आस्था का सैलाब, भोर की आरती में गूंजा 'जय श्रीराम, लाखों श्रद्धालु बने साक्षी
वाराणसी : विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला में भोर की आरती का अप्रतिम महत्व है. यह आरती श्रीराम के राज्याभिषेक के बाद पहली बार होती है. रविवार 25 अक्‍टूबर की सुबह इस अद्भुत आरती में लाखों लीलाप्रेमी शामिल हुए. आधुनिकता से दूर यह रामलीला अपने अनूठे प्रसंगों और अद्भुत मंचन के लिए जानी जाती है. पूरी काशी मानो इस आरती का हिस्सा बनने के लिए उमड़ पड़ी थी. लाखों की भीड़ ने "जय श्री राम" और "हर हर महादेव" के नारे लगाए. इससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया.सदियों से चली आर रही परंपरायह आरती सूर्योदय के दौरान उगते सूर्य के लिए एक विशेष अनुष्ठान है. यह परंपरा सदियों से इसी तरह चली आ रही है. आस्था का यह सैलाब गांव, गली और मोहल्लों से होता हुआ रामलीला स्थल अयोध्या पहुंचा. आरती के लिए घंटा घड़ियाल बजने लगे, जिससे आस्था का कोई ओर-छोर नजर नहीं आ रहा था.राज्याभिषेक की आरतीराज्याभिषेक की आरती रविवार को तड़के लगभग 5:35 बजे शुरू हुई. अनंत नारायण सिंह राजपरिवार के सदस्यों और दरबारियों के साथ रामनगर दुर्ग से पैदल लीला स्थल अयोध्या मैदान पहुंचे. लगभग 5:45 बजे भगवान भास्कर के दर्शन होते ही माता कौशल्या ने आरती उतारी. उन्होंने अयोध्या के सिंहासन पर विराजमान श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान की आरती की.ALSO READ : रामनगर किले में खुले दुर्लभ 'श्‍याम वर्ण हनुमान' जी के कपाट, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़लाल और सफेद महताबी रोशनी के बीच यह चार मिनट की आरती झांकी अनुपम थी. उपस्थित विशाल जनसमूह ने इस छटा को अपने मानस पटल पर अंकित कर लिया. अनंत नारायण सिंह ने भी खड़े होकर राम राज्याभिषेक की आरती का दर्शन किया.आरती के बाद अनंत नारायण सिंह टहलने के लिए निकले. इसके बाद श्रीराम को कंधे पर उठाए बजरंग बली और सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न भक्तों के कंधों पर बैठकर बाजार भ्रमण के लिए बलुआघाट स्थित धर्मशाला पहुंचे.
रामनगर किले में खुले दुर्लभ 'श्‍याम वर्ण हनुमान' जी के कपाट, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
रामनगर किले में खुले दुर्लभ 'श्‍याम वर्ण हनुमान' जी के कपाट, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
वाराणसी : विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला में 'राम राज्याभिषेक' (राजगद्दी) के पावन अवसर के बाद आज रविवार को ऐतिहासिक रामनगर किले में स्थित रहस्यमयी एवं दुर्लभ दक्षिणमुखी श्‍याम वर्ण हनुमान जी के दर्शन शुरू हो गए हैं. साल में केवल एक बार खुलने वाले इस पौराणिक मंदिर के कपाट खुलते ही भगवान बजरंगबली के दर्शन और आशीर्वाद पाने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की किलोमीटर लंबी कतारें लग गई थी.वर्ष में केवल एक दिन खुलते हैं कपाटवर्ष में केवल एक दिन खुलते हैं मंदिर के कपाटरामनगर दुर्ग (किले) की परंपराओं के अनुसार, दक्षिणमुखी काले हनुमान जी का कपाट साल में केवल एक बार, राम राज्याभिषेक के ठीक अगले दिन ही श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है. स्थानीय मान्यताओं और दुर्ग की परंपरा के अनुसार, इस दक्षिणमुखी काले हनुमान जी की दिव्य शक्ति और आशीर्वाद से ही सदियों से रामनगर किले (दुर्ग) का अस्तित्व और वैभव सुरक्षित है. इसी आस्था के चलते काशी ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के जिलों से भी हजारों भक्त इस दुर्लभ दर्शन का पुण्य लाभ कमाने रामनगर पहुंच रहे हैं.त्रेतायुग और श्रीराम-समुद्र संवाद से जुड़ी है पौराणिक कथामंदिर के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व को लेकर एक बेहद रोचक प्रसंग प्रचलित है. मान्यता है कि इस प्रतिमा का संबंध त्रेतायुग में भगवान श्रीराम और रावण के युद्ध काल से है:समुद्र पर श्रीराम का कोप: जब भगवान रामेश्वरम में लंका जाने के लिए समुद्र तट पर मार्ग मांग रहे थे और समुद्र ने रास्ता नहीं दिया, तब कुपित होकर श्रीराम ने अपने धनुष पर बाण चढ़ाकर समुद्र को सुखा देने की चेतावनी दी थी.ALSO READ : वाराणसी में पीएम मोदी ने अरविंद मिल की नई परिधान निर्माण इकाई का किया उद्घाटनहनुमान जी ने रोका था बाण: भयभीत होकर जब समुद्र प्रकट हुआ और उसने अनुनय-विनय की, तो श्रीराम ने प्रत्यंचा पर चढ़ चुके उस अमोघ बाण को दिशा बदलकर पश्चिम की ओर छोड़ दिया.अग्निबाण के तेज से काला पड़ा रंग: उस प्रचंड बाण के प्रभाव से सृष्टि को बचाने के लिए हनुमान जी ने उसे स्वयं पर रोक लिया था. बाण के असीम तेज और ज्वाला के कारण हनुमान जी का रंग श्याम (काला) पड़ गया था.सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जयकारों से गूंजा किला परिसरअलौकिक दक्षिणमुखी काले हनुमान जी के दर्शन के लिए रामनगर किला परिसर में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पूरा किला परिसर 'जय श्री राम' और 'जय बजरंगबली' के उद्घोष से गुंजायमान है. श्रद्धालु अनुशासित रूप से कतारबद्ध होकर दर्शन कर रहे हैं और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं.
वाराणसी में पीएम मोदी ने अरविंद मिल की नई परिधान निर्माण इकाई का किया उद्घाटन
वाराणसी में पीएम मोदी ने अरविंद मिल की नई परिधान निर्माण इकाई का किया उद्घाटन
वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को वाराणसी के मिर्जामुराद क्षेत्र स्थित खोचवां में अरविंद लिमिटेड की नई परिधान निर्माण इकाई का उद्घाटन किया. यह इकाई पूर्वांचल के वस्त्र उद्योग को नई गति देने और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का माध्यम बनेगी. इस दौरान उन्‍होंने इकाई की महिला कर्मियों से संवाद भी किया.पीएम नरेन्‍द्र मोदी सुबह 10.10 बजे ही वाराणसी एयरपोर्ट पहुंच गए. एयरपोर्ट से ही अरविंद मिल की नई यूनिट का उद्घाटन करने मिर्जामुराद के खोचवां पहुंचे जहां 40 महिला कर्मियों से संवाद किया.पीएम मोदी सुबह लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे और हेलीकाप्टर से सीधे मिर्जामुराद स्थित संयंत्र पहुंचे. उद्घाटन समारोह में उन्होंने इकाई का औपचारिक लोकार्पण किया. यह परियोजना करीब 100 से 150 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार हुई है. इसमें खेल परिधान, अंडरगारमेंट्स, शर्ट और टी-शर्ट का उत्पादन होगा.संयंत्र आधुनिक विनिर्माण तकनीकों से लैस है और घरेलू तथा वैश्विक ब्रांडों की मांग पूरी करेगा. इस इकाई से एक हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है. इनमें बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं शामिल हैं, जिन्हें पहले से प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. परियोजना उत्तर प्रदेश को औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने और विनिर्माण आधारित आर्थिक विकास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नमो घाट पहुंचे, जहां भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो का अंतिम दिन आयोजित हो रहा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और योगी आदित्‍यनाथ भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए. अरविंद लिमिटेड की इस इकाई को पूर्वांचल के वस्त्र पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने वाला बताया जा रहा है.ALSO READ : काशी में एयर शो को लेकर उत्साह, आठ पॉइंट पर स्वागत की तैयारीयह न केवल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाएगी, बल्कि युवाओं को कौशल विकास और स्थायी रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगी. स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे. मिल के अधिकारियों के अलावा स्थानीय भाजपा नेताओं ने पीएम की अगवानी की.