Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

गंगा के तेज बहाव में नमो घाट से बहकर चंदौली पहुंचा चेंजिंग रूम, ग्रामीण कर रहे रखवाली...

गंगा के तेज बहाव में नमो घाट से बहकर चंदौली पहुंचा चेंजिंग रूम, ग्रामीण कर रहे रखवाली...
Sep 14, 2026, 07:56 AM
|
Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी: काशी में नमो घाट पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए जेटी पर लगाया गया चेंजिंग रूम गंगा की तेज धार में बहकर कई किलोमीटर दूर चंदौली के कुंडा कलां गांव पहुंच गया. चौंकाने वाली बात यह है कि पूरी संरचना बहकर दूसरे जिले के इलाके में पहुंचे एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक संबंधित विभाग की ओर से इसे वापस ले जाने की पहल नहीं हुई. गंगा में आई बाढ़ और तेज बहाव के दौरान नमो घाट के पास लगाए गए दो चेंजिंग रूम में से एक अपनी जगह से उखड़ गया और पानी के साथ बहता हुआ कोसों दूर चंदौली जिले के कुंडा कलां गांव तक पहुंच गया.


ग्रामीणों ने जब इस चेंजिंग रूम को बहते हुए देखा तो उसे सुरक्षित रखने के लिए कुंडा कलां पंप कैनाल के पास लोहे के तार से बांध दिया. ग्रामीणों के अनुसार इसे बहकर आए करीब एक महीने से अधिक समय हो चुका है. शुरुआत में गंगा का पानी अधिक होने के कारण इसे संभालना मुश्किल था, लेकिन बाद में ग्रामीणों ने इसे तार से बांधकर सुरक्षित कर दिया, ताकि यह दोबारा पानी के साथ बह न जाए और संबंधित अधिकारी या कर्मचारी जब इसे तलाशते हुए आएं तो आसानी से वापस ले जा सकें.


ग्रामीणों का कहना है कि यह चेंजिंग रूम नमो घाट पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए लगाया गया था, जहां गंगा स्नान के बाद लोग कपड़े बदल सकें.

लेकिन अब यह चंदौली के कुंडा कलां में पड़ा है, जहां न तो ऐसा कोई घाट है और न ही इस चेंजिंग रूम की वैसी जरूरत है जैसी नमो घाट पर थी.vbn


स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, चेंजिंग रूम के यहां पहुंचने के बाद से अब तक कोई अधिकारी इसे देखने या वापस ले जाने नहीं आया. ग्रामीणों ने इसे इसलिए बांधकर रखा है, ताकि सरकारी संपत्ति दोबारा गंगा में न बह जाए. उनकी मांग है कि संबंधित विभाग जल्द मौके पर पहुंचे और इसे कुंडा कलां से वापस नमो घाट ले जाकर दोबारा स्थापित करे. इस पूरे मामले ने सरकारी सुविधाओं की सुरक्षा और रखरखाव पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.


ALSO READ:राजमहल के बीच रास्‍ते से लौटने के बाद नई कवायद, गंगा की तलहटी से गाद और कठोर परत हटाएंगे


फिलहाल कुंडा कलां में ग्रामीणों द्वारा तार से बांधकर सुरक्षित रखा गया यह चेंजिंग रूम सरकारी व्यवस्था और बाढ़ के दौरान नदी किनारे बनाए गए इंतजामों की मजबूती पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है. अब देखना होगा कि संबंधित विभाग कब इस चेंजिंग रूम को यहां से उठाकर वापस नमो घाट पहुंचाता है.

रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना : 1274 छात्राओं ने कराया पंजीकरण, एसेसरीज भी मिलेगी
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना : 1274 छात्राओं ने कराया पंजीकरण, एसेसरीज भी मिलेगी
वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए कुल 1274 छात्राओं ने पंजीकरण कराया. सहायक कुलसचिव एवं योजना के नोडल अधिकारी अरिन्दम श्रीवास्तव ने बताया कि 1248 छात्राओं का आधार वेरिफिकेशन कार्य हुआ है. वहीं, 1274 छात्राओं का पंजीकरण सत्‍यापित किया गया है. मुफ्त स्‍कूटी के संग एसेसरीज को भी दिया जाएगा.दरअसल, प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत 40 हजार छात्राओं को जनवरी तक स्कूटी देने की तैयारी है. स्कूटी उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने जेम पोर्टल पर बिड जारी की है. चयनित कंपनी को सिर्फ 100 दिनों में स्कूटी आपूर्ति करनी होगी. उच्च शिक्षा विभाग ने सितंबर अंत तक खरीद प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारी की है. उसके बाद 100 दिन सप्लाई में लगेगा. इस लिहाज से जनवरी तक छात्राओं को स्कूटी मिलने की उम्मीद है. खास बात यह है कि स्कूटियों की डिलीवरी प्रदेश के सभी 75 जिला/मंडल मुख्यालयों पर की जाएगी.ALSO READ : शास्त्रार्थ महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर आयोजन, संस्कृत के साथ हिंदी को भी बताया सहज और मधुर भाषाप्रत्येक स्थान पर कितनी स्कूटी भेजी जाएंगी, इसकी जानकारी खरीद आदेश के समय देंगे. इस बीच छात्राओं की चयन सूची भी तैयार हो जाएगी. हालांकि अधिकारियों ने स्कूटी की संख्या 25 प्रतिशत तक बढ़ाने या घटाने का प्रावधान रखा है, ताकि यदि लाभार्थियों की संख्या बढ़ती है तो अतिरिक्त वाहनों की सप्लाई में किसी तरह की कोई परेशानी न होने पाए. यही नहीं यह संख्या आवश्यकता पड़ने पर और 25 फीसदी से भी अधिक बढ़ या घट सकती है. स्कूटी खरीद के लिए विक्रेताओं से 21 सितंबर को 12 बजे से ऑनलाइन बैठक होगी.सभी स्कूटी के साथ एक आईएस 4151:2015 मानक का हेलमेट और चार लीटर पेट्रोल भी दिया जाएगा. स्कूटी के साथ कई एक्सेसरीज जैसे गार्ड किट, ग्रिप कवर, किक रबर, सीट कवर समेत अन्य वस्तुंए भी अनिवार्य है. स्कूटी BS6, ऑटोमैटिक और ट्यूबलेस टायर वाला होगा.
शास्त्रार्थ महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर आयोजन, संस्कृत के साथ हिंदी को भी बताया सहज और मधुर भाषा
शास्त्रार्थ महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर आयोजन, संस्कृत के साथ हिंदी को भी बताया सहज और मधुर भाषा
वाराणसी। हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार को काशी के प्राचीन गुरुकुल शास्त्रार्थ महाविद्यालय में अनूठा आयोजन हुआ। यहां संस्कृत के बटुकों ने हिंदी भाषा के प्रति अपनी रुचि और जुड़ाव बढ़ाने के लिए प्रतिदिन एक पेज हिंदी लिखने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने कहा कि संस्कृत के अध्ययन के साथ हिंदी भाषा का नियमित अभ्यास भी उनकी लेखन क्षमता को मजबूत करेगा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डा. पवन कुमार शुक्ला ने कहा कि हिंदी देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली भारत की प्रमुख भाषाओं में से एक है। देश में हिंदी सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषाओं में शामिल है। हिंदी दिवस के अवसर पर विद्यालयों और महाविद्यालयों में निबंध लेखन, भाषण, कविता पाठ और नाटक जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, जिससे विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ती है।मुख्य अतिथि शिक्षाविद डा. गणेश दत्त शास्त्री ने कहा कि संस्कृत के साथ हिंदी भी बहुत ही सरल, मीठी और सहज भाषा है। हमें दैनिक बातचीत और कामकाज में हिंदी का प्रयोग करने पर गर्व होना चाहिए। हिंदी केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि देश की पहचान और हमारी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी भाषा भी है।ALSO READ : वराह भगवान का हुआ दिव्य शृंगार, भक्तो ने चढ़ाया छप्पन भोगउन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्रतिदिन कुछ लिखने की आदत भाषा पर पकड़ मजबूत करने के साथ विचारों को व्यक्त करने की क्षमता भी विकसित करती है।इस अवसर पर डा. रामलखन पाठक, डा. अशोक पाण्डेय, डा. वैष्णवी शुक्ला और डा. सिद्धिनाथ श्रीवास्तव ने भी हिंदी भाषा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में संस्कृत के विद्यार्थियों ने हिंदी को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और नियमित लेखन का संकल्प लिया।
वराह भगवान का हुआ दिव्य शृंगार, भक्तो ने चढ़ाया छप्पन भोग
वराह भगवान का हुआ दिव्य शृंगार, भक्तो ने चढ़ाया छप्पन भोग
वाराणसी : जौनपुर - वाराणसी की सीमा के पास रामगढ़ चंदवक स्थित श्री कोटि तीर्थ वराह धाम में रविवार को भगवान वराह के प्राकट्योत्सव के मौके पर धार्मिक कार्यक्रम हुआ. इस दौरान मंदिर में भगवान वराह का भव्य शृंगार किया गया और पूरे मंदिर को फूल माला से सजाया गया. प्राकट्योत्सव के अवसर पर भगवान वराह जी और लक्ष्मी माता जी को छप्पन भोग चढ़ाया गया.सुबह से ही मंदिर में भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हुआ जो देर शाम तक चलता रहा. भक्तों ने भगवान के दर्शन पूजन किये और परिवार की सुख - शांति और खुशहाली की प्रार्थना की. इस अवसर पर संत सम्मलेन का भी आयोजन हुआ. उस सम्मलेन में अलग - अलग जगहों से 100 से अधिक साधु संत लोग पहुंचे. संतो के पहुंचने से मंदिर परिसर में और भक्तिमय माहौल बना रहा. भक्तो ने संतो के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किए.ALSO RAED:दालमंडी में सीवर का काम शुरू, भूमिगत पाइपलाइन डालने के बाद बनेगी सड़क...पूरे दिन चले धार्मिक कार्यक्रम के बाद शाम को मंदिर में भव्य आरती का आयोजन किया गया. बड़ी संख्या में भक्त आरती में शामिल हुए. उस समय मंदिर परिसर में भगवान वराह जी के जयकारो से गूंज उठा. भक्तों ने आरती में शामिल होकर सुख -समृद्धि की कामना की. प्राकट्योत्सव के मौके पर भंडारे का भी आयोजन किया गया. इसमें संतो और भक्तो के लिए प्रसाद की अच्छी व्यवस्था की गयी. बड़ी संख्या में लोगों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किए. पूरे कार्यक्रम के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला. विशेष शृंगार ,छप्पन भोग संत सम्मलेन,आरती और भंडारे के साथ भगवान वराह जी का प्राकट्योत्सव श्रद्धा के साथ मनाया गया.