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मुख्यमंत्री योगी का बड़ा फैसला: सरकारी फ्लीट 50% घटेगी, वर्चुअल मीटिंग और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा...

मुख्यमंत्री योगी का बड़ा फैसला: सरकारी फ्लीट 50% घटेगी, वर्चुअल मीटिंग और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा...
May 13, 2026, 02:54 AM
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Posted By Diksha Mishra

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव और संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों के तहत सरकारी खर्च घटाने, पर्यावरण संरक्षण और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस किया गया है.


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फ्लीट में 50% कटौती का आदेश

मुख्यमंत्री ने अपने साथ-साथ मंत्रियों की सरकारी फ्लीट में 50 प्रतिशत तक कटौती करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही काफिलों में शामिल अनावश्यक वाहनों को हटाने पर भी जोर दिया गया है, ताकि सरकारी संसाधनों का अनावश्यक उपयोग रोका जा सके.


वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल गवर्नेंस पर जोर

सरकार ने “वर्क फ्रॉम होम” संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं. बड़े संस्थानों और स्टार्टअप्स में सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी जाएगी.वहीं, सचिवालय और निदेशालय स्तर की 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकें अब वर्चुअल मोड में कराई जाएंगी.


सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने पीएनजी, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग की अपील की है. साथ ही मंत्री, सांसद और विधायकों को सप्ताह में कम से कम एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने का सुझाव दिया गया है.

‘नो व्हीकल डे’ और पर्यावरण संरक्षण पर फोकस

राज्य में सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने पर विचार किया जा रहा है. इसके अलावा साइक्लिंग, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही गई है.


अन्य महत्वपूर्ण निर्देश

  1. पीक आवर में अलग-अलग कार्यालय समय लागू करने का सुझाव
  2. बिजली बचत और सजावटी लाइटों के सीमित उपयोग की अपील
  3. अगले छह महीनों तक गैर-जरूरी विदेशी यात्राएं टालने की सलाह
  4. देश में डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा देने पर जोर
  5. “विजिट माई स्टेट” अभियान शुरू करने के निर्देश
  6. ODOP, GI टैग और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने पर फोकस

उद्देश्य

सरकार का उद्देश्य ईंधन की खपत कम करना, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना और डिजिटल सिस्टम को प्रोत्साहित करना बताया गया है.

वाराणसी में बच्‍चों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, पड़ोसी ने दुकानदार को गोली मारी...
वाराणसी में बच्‍चों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, पड़ोसी ने दुकानदार को गोली मारी...
वाराणसी : चौबेपुर थाना क्षेत्र के लूठा खुर्द गांव में गुरुवार सुबह बच्चों के बीच हुआ मामूली विवाद खुनी संघर्ष में बदल गया. आरोप है कि पड़ोसी युवक ने पिस्तौल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें परचून दुकानदार 78 वर्षीय लल्लू गुप्ता गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद गांव में अफरातफरी मच गई. सूचना के बाद पुलिस जांच में जुट गई है.जानकारी के अनुसार, लूठा खुर्द निवासी लल्लू गुप्ता गांव में परचून की दुकान चलाते हैं. गुरुवार सुबह करीब आठ बजे उनके परिवार के बच्चों और पड़ोसी अरुण पाण्डेय के घर के बच्चों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई. आरोप है कि विवाद के दौरान अरुण पाण्डेय मौके पर पहुंच गया और मारपीट करने लगा. आसपास के लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन तनाव बना रहा. ग्रामीणों के अनुसार, कुछ देर बाद अरुण पाण्डेय घर से पिस्तौल लेकर आया और लल्लू गुप्ता के दरवाजे पर बैठे लोगों को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी. आरोप है कि उसने पांच राउंड गोलियां चलाईं. इस दौरान एक गोली लल्लू गुप्ता के कंधे में जा लगी. गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े. परिजनों का कहना है कि गोली उनके कंधे में फंसी हुई है.also read:पवन एक्सप्रेस 9 घंटे लेट, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें; मेगा ब्लॉक से 40 मिनट रुकी सिकंदराबाद-दानापुर सुपरफास्ट...घटना के बाद परिजन घायल वृद्ध को लेकर चौबेपुर थाने पहुंचे. फिर समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरपतपुर भर्ती कराया, बाद में उसे बीएचयू ट्रामा सेंटर भेज दिया गया. फायरिंग की घटना से गांव में दहशत का माहौल है. थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेन्द्र कुमार सोनकर ने बताया कि फायरिंग की सूचना मिली है. घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है. पुलिस टीम मौके पर जांच कर रही है. तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी. गांव के लोग इस घटना के बाद से भयभीत हैं और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं.
पवन एक्सप्रेस 9 घंटे लेट, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें; मेगा ब्लॉक से 40 मिनट रुकी सिकंदराबाद-दानापुर सुपरफास्ट...
पवन एक्सप्रेस 9 घंटे लेट, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें; मेगा ब्लॉक से 40 मिनट रुकी सिकंदराबाद-दानापुर सुपरफास्ट...
वाराणसी: गर्मी की छुट्टियों और बढ़ी हुई यात्री संख्या के बीच वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को कई ट्रेनें घंटों की देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. मुंबई और लोकमान्य तिलक टर्मिनस की ओर से आने वाली ट्रेनों के लेट होने से प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी.लोकमान्य तिलक टर्मिनस से जयनगर जाने वाली 11061 एलटीटी-जयनगर एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब 9 घंटे की देरी से रात 9:25 बजे वाराणसी स्टेशन पहुंची. वहीं मुंबई से आने वाली पवन एक्सप्रेस भी करीब 8 घंटे विलंबित रही. रेलवे की ओर से ट्रेनों के लेट होने की सूचना तो लगातार प्रसारित की जा रही थी, लेकिन देरी के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से यात्रियों में असमंजस बना रहा.सूत्रों के अनुसार लोकमान्य तिलक-वाराणसी रेलखंड पर विभिन्न स्थानों पर ट्रैक मेंटेनेंस और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए लिए गए ब्लॉकों के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ.इधर, 12791 सिकंदराबाद-दानापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस निर्धारित समय से 10 मिनट पहले दोपहर 1:15 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर पहुंच गई, लेकिन आगे मेगा ब्लॉक होने के कारण ट्रेन को करीब 40 मिनट तक स्टेशन पर खड़ा रखना पड़ा. इसके बाद ट्रेन दोपहर 2:15 बजे रवाना हुई.also read:संवरेगा वाराणसी का बुनियादी ढांचा, 48.88 करोड़ की योजना से चौराहों से लेकर कुंडों तक दिखेगी हेरिटेज झलक...गर्मी की छुट्टियों के चलते मुंबई, पुणे, देहरादून और सिकंदराबाद समेत विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक काशी पहुंच रहे हैं। वहीं पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों की भीड़ से कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म खचाखच भरे रहे. यात्री जहां जगह मिली, वहीं बैठकर ट्रेनों का इंतजार करते नजर आए.वहीं, 01025 दादर-बलिया स्पेशल अपने निर्धारित समय से करीब 9 घंटे 20 मिनट की देरी से सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंची. दूसरी ओर 11071 कामायनी एक्सप्रेस भी निर्धारित समय शाम 7:45 बजे के बजाय करीब 6 घंटे विलंब से रात 1:45 बजे स्टेशन पहुंची. ट्रेनों की देरी के कारण आगे की यात्रा करने वाले यात्रियों को लंबे इंतजार और असुविधा का सामना करना पड़ा.
संवरेगा वाराणसी का बुनियादी ढांचा, 48.88 करोड़ की योजना से चौराहों से लेकर कुंडों तक दिखेगी हेरिटेज झलक...
संवरेगा वाराणसी का बुनियादी ढांचा, 48.88 करोड़ की योजना से चौराहों से लेकर कुंडों तक दिखेगी हेरिटेज झलक...
वाराणसी: नगर निगम वाराणसी ने शहर की प्राचीन और ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाने के लिए 48.88 करोड़ रुपये की व्यापक विकास योजना तैयार की है. इस योजना के तहत धार्मिक स्थलों, प्रमुख चौराहों, पर्यटन क्षेत्रों और यातायात व्यवस्था को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा.नगर निगम की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य काशी की सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखते हुए नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है.योजना के तहत शहर के कई प्रमुख स्थलों पर हेरिटेज थीम आधारित विकास कार्य किए जाएंगे.सारनाथ में बनेगी आधुनिक स्वचालित पार्किंगपर्यटकों की बढ़ती संख्या और पार्किंग की समस्या को देखते हुए सारनाथ में आधुनिक स्वचालित (स्लाइडिंग/पजल) पार्किंग का निर्माण कराया जाएगा. यह पार्किंग तकनीक आधारित होगी, जिससे कम स्थान में अधिक वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा और ट्रैफिक व्यवस्था को भी राहत मिलेगी.मणिकर्णिका घाट क्षेत्र में सुधरेगी पार्किंग व्यवस्थामहाश्मशान मणिकर्णिका घाट के आसपास की भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय सब्जी मंडी को व्यवस्थित किया जाएगा. साथ ही दोपहिया वाहनों के लिए समर्पित पार्किंग स्थल विकसित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी.पिशाचमोचन कुंड पर मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएंधार्मिक महत्व के पिशाचमोचन कुंड पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 2.34 करोड़ रुपये की लागत से शौचालय, शुद्ध पेयजल और ठहरने की बेहतर व्यवस्था विकसित की जाएगी. इससे पितृपक्ष और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलेगी.चौराहों का होगा हेरिटेज कायाकल्पनगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार, शहर के 15 प्रमुख चौराहों और तिराहों को हेरिटेज थीम पर विकसित किया जा रहा है. मिंट हाउस और नदेसर तिराहे पर कार्य शुरू हो चुका है, जहां प्राचीन बनारसी शैली के ट्रैफिक बूथ और विशाल पारंपरिक घड़ी स्थापित की गई है.पहले चरण में 3.10 करोड़ रुपये की लागत से कचहरी, पुलिस लाइन, सुंदरपुर और भिखारीपुर चौराहों का सुंदरीकरण पूरा किया जा चुका है.वीआईपी मार्ग पर बनेंगे महाकाल स्तंभबाबतपुर एयरपोर्ट से शहर की ओर आने वाले मार्ग को आध्यात्मिक प्रवेश द्वार (स्पिरिचुअल गेटवे) के रूप में विकसित किया जाएगा. इस मार्ग पर 2.35 करोड़ रुपये की लागत से भव्य महाकाल स्तंभ पिलर्स लगाए जाएंगे, जो काशी की धार्मिक पहचान को दर्शाएंगे.मैदागिन से गिरजाघर तक हेरिटेज लाइटिंगमैदागिन चौराहे से गोदौलिया होते हुए गिरजाघर चौराहे तक 3.98 करोड़ रुपये की लागत से हेरिटेज लाइटिंग लगाई जाएगी. इससे रात के समय पूरा मार्ग आकर्षक दूधिया रोशनी से जगमगाएगा और पर्यटकों को काशी की ऐतिहासिक भव्यता का नया अनुभव मिलेगा.काशी की पहचान और सुविधाओं का होगा संगमनगर निगम का कहना है कि इस परियोजना के माध्यम से वाराणसी में आधुनिक सुविधाओं और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का संतुलित समावेश किया जाएगा. इससे शहर की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ पर्यटन, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा.