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आईआईटी (बीएचयू) के नवप्रवेशी छात्रों को कमांडर वीरेन्द्र जेटली ने दिया राष्ट्रसेवा का संदेश

आईआईटी (बीएचयू) के नवप्रवेशी छात्रों को कमांडर वीरेन्द्र जेटली ने दिया राष्ट्रसेवा का संदेश
Aug 01, 2026, 02:52 PM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-बीएचयू) के ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन प्रोग्राम-2026 के तीसरे दिन शनिवार को भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी, रक्षा विशेषज्ञ और प्रेरक वक्ता कमांडर वीरेन्द्र कुमार जेटली ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आईआईटी में अर्जित ज्ञान और तकनीकी दक्षता का सर्वोत्तम उपयोग राष्ट्र और समाज के विकास के लिए होना चाहिए।


स्वतंत्रता भवन में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन प्रोग्राम-2026 के अध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार मिश्रा ने मुख्य अतिथि का परिचय देकर की। इस अवसर पर कार्यक्रम के सलाहकार प्रो. आर.के. मंडल, छात्र अधिष्ठाता प्रो. राजेश कुमार, एसोसिएट डीन (अकादमिक-यूजी) प्रो. इंद्रजीत सिन्हा, एसोसिएट डीन (अकादमिक-पीजी) प्रो. कौशिक चट्टोपाध्याय तथा एसोसिएट डीन (कोर कोर्स) प्रो. अनुराग ओहरी भी उपस्थित रहे।


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अपने प्रेरक व्याख्यान में कमांडर जेटली ने बताया कि आईआईटी खड़गपुर से बी.टेक. (ऑनर्स) करने के बाद उन्होंने भारतीय नौसेना में शामिल होकर देशसेवा का मार्ग चुना। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, ईमानदारी, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच को जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वास्तविक सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों में नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में भी निहित होती है।


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कमांडर जेटली ने नौसेना में अपने अनुभव साझा करते हुए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नेतृत्व, टीम वर्क और त्वरित निर्णय क्षमता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों से कहा कि आईआईटी (बीएचयू) में बिताए जाने वाले वर्षों का उपयोग केवल एक सफल इंजीनियर बनने के लिए नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक और संवेदनशील नेतृत्वकर्ता बनने के लिए भी करें।


उन्होंने अपने व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों के करियर, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़े सवालों के जवाब भी दिए। छात्रों ने उनके अनुभवों और विचारों में गहरी रुचि दिखाई।


कमांडर वीरेन्द्र कुमार जेटली वर्तमान में आईआईटी खड़गपुर के सलाहकार, आईआईटी भुवनेश्वर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य, एसआरएम विश्वविद्यालय, चेन्नई में यूजीसी नामित सदस्य तथा एसओए विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं। वे यूथ4नेशन के संस्थापक राष्ट्रीय समन्वयक और We Can! We Can!, सफलता की उड़ान तथा 100 Great IITians: Dedicated to the Service of the Nation जैसी चर्चित पुस्तकों के लेखक भी हैं।


कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने कमांडर जेटली का आभार व्यक्त किया। संस्थान के अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के प्रेरक व्याख्यान नवप्रवेशी छात्रों में उत्कृष्टता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
वाराणसी : नागपंचमी पर्व को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जैतपुरा स्थित ऐतिहासिक नागकुआं क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर मेला क्षेत्र में सफाई, प्रकाश, जल निकासी और पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नागरिक सुविधाओं में किसी भी तरह की कमी न रहे।नगर आयुक्त ने पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए निर्बाध स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के निर्देश दिए। उन्होंने जलकल और सिविल विभाग के जेई को व्यवस्थाओं को समय से दुरुस्त करने को कहा।ALSO READ: कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथनागकुआं के निरीक्षण के बाद नगर आयुक्त ने औसानगंज वार्ड का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में सफाई समेत अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागपंचमी के मेला क्षेत्र और आसपास के वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद, जलकल विभाग के जेई, सिविल विभाग के जेई, सफाई निरीक्षक अवनीश दुबे समेत नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
वाराणसीः बीएचयू में पालतू कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल 11 साल के अभिनव से चार दिन बाद रविवार को मिलने प्रो. श्रद्धा सिंह अपने पति के साथ ट्रामा सेंटर पहुंचीं. उन्होंने बच्चे के माता-पिता से हाथ जोड़कर माफी मांगी और भविष्य में कुत्ता नहीं रखने की बात कही. हालांकि बच्चे के माता-पिता ने उनसे नाराजगी जताई. मां ने तो सीधे सवाल कर दिया कि अब क्यों आईं हैं. पिता ने शिकायत किया कि बच्चा अब भी बोल नहीं पा रहा है.ALSO READ: BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकालाप्रोफेसर और उनके पति ने कुत्ते के टीकाकरण का कार्ड दिखाया. साथ ही कहा कि भविष्य में कुत्ता घर में नहीं रखने की बात भी कही। बता दें कि बीते 13 अगस्त की सुबह बीएचयू ट्रामा सेंटर में सीनियर नर्सिंग आफिसर प्रेमाराम दोनों बेटों 11 वर्षीय अभिनव और 13 वर्षीय हर्ष के साथ बीएचयू परिसर में मार्निंग वाक पर निकले थे. वापस लौटने के दौरान कुछ दूर निकल चुके बड़े बेटे को लेने के लिए आगे बढ़ गए. वहीं छोटा बेटा परिसर की ही जोधपुर कालोनी स्थित घर की ओर अकेला जाने लगा. इसी दौरान हिंदी विभाग की प्रो. श्रद्धा सिंह के पालतू कुत्ते ने अभिनव पर हमला कर दिया. वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह से बच्चे को कुत्ते से बचाया. गंभीर हालत में उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया. बच्चे को कुत्ते ने इतनी बुरी तरह से काटा था कि उसके सिर व चेहरे पर 50 टांके लगाने पड़े. वहीं आरोप है कि प्रो. श्रद्धा सिंह बच्चे की मदद करने की बजाय वहां से चली गईं. उन्होंने बच्चे पर कुत्ते द्वारा हमले से भी इनकार किया था. वहीं बीएचयू प्रशासन ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
वाराणसी : बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के नवनियुक्त प्रभारी पर 11 साल से तैनात केयरटेकर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। केयर टेकर का आरोप है कि मुझ पर कुछ कर्मचारियों के खिलाफ गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाया गया।केयर टेकर ने दावा किया कि दबाव में काम करने से इनकार कर दिया। इसके बाद 28 जुलाई को कुलपति से शिकायत की। इसके अगले ही दिन मुझे ट्रॉमा सेंटर आने से रोक दिया गया। उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी शोकॉज नोटिस के काम से हटा दिया गया।मामले में केयर टेकर ने कुलपति को ई-मेल के जरिए शिकायत करने के साथ सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर प्रभारी बदलाव के लिए आए थे, लेकिन उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाने का आरोपBHU ट्रॉमा सेंटर में 2014 से केयरटेकर के पद पर तैनात सुनील यादव ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है। कहा- 20 जुलाई को नए प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. अजीत कुमार के आने के बाद से मुझे परेशान किया जा रहा था।सुनील ने कहा- कुछ कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखने के लिए मुझ पर दबाव बनाया जा रहा था। लिखना था कि वे समय पर ड्यूटी नहीं आते और काम नहीं करते, जबकि कर्मचारी नियमित रूप से काम कर रहे थे।ALSO READ: बीएचयू शिक्षा संकाय का 109वां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गयासुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।सुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।मना किया तो ट्रामा में प्रवेश पर रोक लगा दीसुनील ने बताया कि उन्होंने ऐसा लिखने से इनकार किया तो उन पर दबाव बनाया गया और कहा गया कि वह सौरभ सिंह के आदमी हैं। इसके बाद उन्होंने 28 जुलाई को पत्र के माध्यम से कुलपति से शिकायत की। उनका आरोप है कि 29 जुलाई को जब वह ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और बताया कि उनके प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।सुनील का कहना है कि उन्हें काम से हटाने से पहले कोई शो-कॉज नोटिस नहीं दिया गया। उन्हें सीधे कहा गया कि वह अगले दिन से काम पर न आएं। उन्होंने इस कार्रवाई को नियमों के खिलाफ बताते हुए मामले में शिकायत की है।सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में शिकायतसुनील यादव ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर ई-मेल के जरिए कुलपति से शिकायत की। इसके बाद जनसुनवाई, सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत दर्ज कराई है।उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर में वर्चस्व की लड़ाई के चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। सुनील के मुताबिक, वह 11 साल से काम कर रहे हैं और उन्हें बदले की भावना से हटाया गया है, जिससे उन पर मानसिक दबाव बना हुआ है।सुनील ने दावा किया कि जब उन्होंने कार्रवाई का कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि वीसी ने निर्देश दिया है कि जो भी गलत दिखाई दे, उसे हटा दिया जाए।