IGRS पर शिकायत करना पड़ा भारी: शिकायत करने वाले का विभाग ने काट दिया कनेक्शन

वाराणसी : जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) को आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का माध्यम माना जाता है, लेकिन कमच्छा स्थित सेंट्रल हिंदू बॉयज स्कूल कैंपस में रहने वाले सचिन यादव के साथ जो हुआ, उसने इस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
स्थानीय निवासी सचिन यादव ने अपने घर में आ रहे गंदे और दूषित पानी की समस्या को लेकर IGRS (जनसुनवाई) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत का उद्देश्य था कि जलकल विभाग पाइपलाइन की जांच कर समस्या का समाधान करे, ताकि परिवार को स्वच्छ पेयजल मिल सके.
समाधान की जगह कार्रवाई, काट दिया कनेक्शन
शिकायत मिलने के बाद जलकल विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, लेकिन पाइपलाइन की मरम्मत या गंदे पानी की समस्या दूर करने के बजाय उन्होंने सचिन यादव के घर का पानी का कनेक्शन ही काट दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल अनुचित है, बल्कि एक तरह से शिकायतकर्ता को डराने और दबाने जैसा कदम भी है | पानी का कनेक्शन कटने से सचिन यादव और उनके परिवार को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पीने, खाना बनाने और दैनिक जरूरतों के लिए उन्हें अब बाहर से पानी लाना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।
स्थानीय लोगों में नाराज़गी.
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इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में जलकल विभाग के रवैये को लेकर गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि “अगर शिकायत करने पर कनेक्शन काटा जाएगा, तो आम आदमी अपनी समस्या कहे तो कहे कहां?”
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि:
• गंदे पानी की समस्या की निष्पक्ष जांच हो
• पाइपलाइन की मरम्मत कर स्वच्छ जल आपूर्ति बहाल की जाए
• बिना कारण कनेक्शन काटने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई हो
IGRS की मंशा पर सवाल
यह मामला IGRS जैसे जनसुनवाई मंच की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। जिस पोर्टल को जनता की आवाज़ माना जाता है, वहां शिकायत करना यदि परेशानी बढ़ा दे, तो सिस्टम के उद्देश्य पर पुनर्विचार जरूरी हो जाता है।



