फिटनेस फेल और बिना परमिट वाली 807 स्कूल बसों पर शिकंजा,सड़कों पर नहीं दौड़ेंगी...

वाराणसी : नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले परिवहन विभाग ने स्कूल बसों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है. जिले में पंजीकृत 2,595 स्कूल बसों में से 355 बसें फिटनेस जांच में फेल हो गई हैं, जबकि 452 बसों का परमिट तक नहीं लिया गया है. ऐसे में कुल 807 स्कूल बसों के संचालन पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है. परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि एक जुलाई से बिना फिटनेस और परमिट वाली बसों को सड़क पर नहीं चलने दिया जाएगा.
परिवहन विभाग के अनुसार, स्कूल प्रबंधन को तीन-तीन बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन कई संस्थानों ने अब तक आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं की हैं. विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय तक फिटनेस प्रमाणपत्र और परमिट नहीं लेने वाली बसों को सीज किया जाएगा. यदि इसके बावजूद सड़क पर संचालन करते हुए पकड़ी गईं तो उनके पंजीकरण निलंबित करने के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा.
संभागीय परिवहन कार्यालय ने स्कूल संचालकों और वाहन स्वामियों को निर्देश दिया है कि सभी दस्तावेज समय पर पूरे कराएं और बसों की तकनीकी जांच अवश्य कराएं. फिटनेस जांच के दौरान बसों के ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग, इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स और स्पीड गवर्नर समेत अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है. इन मानकों पर खरा उतरने के बाद ही फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है.
आरटीओ (प्रवर्तन) मनोज वर्मा ने बताया कि सभी स्कूलों से उनके वाहनों का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कराया गया है. जिन स्कूलों की बसें फिटनेस फेल हैं या जिनके पास परमिट नहीं है, उन्हें कई बार नोटिस भेजा जा चुका है.अब एक जुलाई से नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
वहीं, प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है. इसी कारण शिक्षा विभाग को भी ऐसे स्कूलों की मान्यता निलंबित करने के संबंध में पत्र भेजा जाएगा, जो सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी कर रहे हैं. परिवहन विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि किसी स्कूल बस में सुरक्षा संबंधी कमी दिखाई दे तो उसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.



