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फिटनेस फेल और बिना परमिट वाली 807 स्कूल बसों पर शिकंजा,सड़कों पर नहीं दौड़ेंगी...

फिटनेस फेल और बिना परमिट वाली 807 स्कूल बसों पर शिकंजा,सड़कों पर नहीं दौड़ेंगी...
Jun 27, 2026, 06:24 AM
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Posted By Shivangi Ojha

वाराणसी : नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले परिवहन विभाग ने स्कूल बसों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है. जिले में पंजीकृत 2,595 स्कूल बसों में से 355 बसें फिटनेस जांच में फेल हो गई हैं, जबकि 452 बसों का परमिट तक नहीं लिया गया है. ऐसे में कुल 807 स्कूल बसों के संचालन पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है. परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि एक जुलाई से बिना फिटनेस और परमिट वाली बसों को सड़क पर नहीं चलने दिया जाएगा.


परिवहन विभाग के अनुसार, स्कूल प्रबंधन को तीन-तीन बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन कई संस्थानों ने अब तक आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं की हैं. विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय तक फिटनेस प्रमाणपत्र और परमिट नहीं लेने वाली बसों को सीज किया जाएगा. यदि इसके बावजूद सड़क पर संचालन करते हुए पकड़ी गईं तो उनके पंजीकरण निलंबित करने के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा.


संभागीय परिवहन कार्यालय ने स्कूल संचालकों और वाहन स्वामियों को निर्देश दिया है कि सभी दस्तावेज समय पर पूरे कराएं और बसों की तकनीकी जांच अवश्य कराएं. फिटनेस जांच के दौरान बसों के ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग, इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स और स्पीड गवर्नर समेत अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है. इन मानकों पर खरा उतरने के बाद ही फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है.


आरटीओ (प्रवर्तन) मनोज वर्मा ने बताया कि सभी स्कूलों से उनके वाहनों का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कराया गया है. जिन स्कूलों की बसें फिटनेस फेल हैं या जिनके पास परमिट नहीं है, उन्हें कई बार नोटिस भेजा जा चुका है.अब एक जुलाई से नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.


वहीं, प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है. इसी कारण शिक्षा विभाग को भी ऐसे स्कूलों की मान्यता निलंबित करने के संबंध में पत्र भेजा जाएगा, जो सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी कर रहे हैं. परिवहन विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि किसी स्कूल बस में सुरक्षा संबंधी कमी दिखाई दे तो उसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.

वाराणसी नगर निगम का 88 प्रतिशत नाला सफाई का दावा, जमीनी हकीकत कुछ और...
वाराणसी नगर निगम का 88 प्रतिशत नाला सफाई का दावा, जमीनी हकीकत कुछ और...
वाराणसी : मानसून की दस्तक के बीच नगर निगम ने शहर के 128 बड़े और छोटे नालों में से 88 प्रतिशत नालों की सफाई पूरी होने का दावा किया है. हालांकि कई इलाकों में जमीनी स्थिति इस दावे से अलग नजर आ रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर केवल नालों के ऊपर से कचरा हटाया गया है, जबकि अंदर जमी गाद अब भी नहीं निकाली गई है.ऐसे में हल्की बारिश में भी जलभराव की आशंका बनी हुई है.नगर निगम के अनुसार, शहर में करीब 15 लाख आबादी के लिए 258 छोटे और 128 बड़े नालों की नियमित सफाई कराई जा रही है.अधिकारियों का दावा है कि छोटे नालों की 88 प्रतिशत से अधिक सफाई पूरी हो चुकी है, लेकिन कई मोहल्लों में नालों की स्थिति लोगों की परेशानी बढ़ा रही है.लक्ष्मी नगर और चरण नगर के बीच स्थित नाले में सफाई अधूरी होने की शिकायत सामने आई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऊपर से कचरा हटाने के बावजूद नाले के भीतर गाद जमा है, जिससे पानी का बहाव प्रभावित हो रहा है.घोसाबाद की ओर से आने वाले नाले और उससे जुड़े मुख्य नाले की भी यही स्थिति बताई जा रही है.लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पूरी तरह सफाई नहीं हुई तो बारिश के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर हो सकती है.नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अब तक नालों की तीन बार सफाई कराई जा चुकी है और अभियान लगातार जारी है. विभाग का दावा है कि जहां भी शिकायतें मिल रही हैं, वहां टीम भेजकर दोबारा सफाई कराई जा रही है.नगर निगम का यह भी कहना है कि नालों पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण सफाई कार्य में सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं, जिससे कई स्थानों पर मशीनें और सफाई कर्मी पूरी तरह काम नहीं कर पा रहे हैं.ALSO READ : वाराणसी में मुहर्रम जुलूस के दौरान दो गुट भिड़े, पुलिस ने लाठी भांजकर किया नियंत्रित...स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम केवल कागजी दावों तक सीमित न रहे, बल्कि संवेदनशील क्षेत्रों में नालों की पूरी तरह सफाई कराकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करे, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े.
वाराणसी में मुहर्रम जुलूस के दौरान दो गुट भिड़े, पुलिस ने लाठी भांजकर किया नियंत्रित...
वाराणसी में मुहर्रम जुलूस के दौरान दो गुट भिड़े, पुलिस ने लाठी भांजकर किया नियंत्रित...
वाराणसी : मुहर्रम के अवसर पर शनिवार को नई सड़क-औरंगाबाद मार्ग पर निकाले जा रहे एक ताजिया जुलूस के दौरान दो गुट भिड़ गए. देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोग जुट गए, जिससे कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया. मामला चेतगंज और लक्सा थाना क्षेत्र की सीमा का होने के कारण दोनों थानों की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने पर जुलूस के आयोजकों और समुदाय के मानिंद लोगों ने आगे आकर दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया. पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों से संयम बनाए रखने और जुलूस को शांतिपूर्वक आगे बढ़ाने की अपील की. हालांकि कुछ लोग हंगामा करते रहे, जिसके चलते भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी भांजनी पडी.पुलिस ने विवाद कर रहे लोगों को मौके से हटाया और भीड़ को तितर-बितर किया. इसके बाद स्थिति सामान्य हुई और ताजिया जुलूस अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ गया. घटना के दौरान किसी गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है. इस बीच, घटनास्थल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में पुलिस कुछ लोगों को हटाते और बल प्रयोग करती दिखाई दे रही है. भगदड के बाद एक बारगी चौराहा खाली हो गया. वीडियो वायरल होने के बाद घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं.ALSO READ :घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे तथा हालात का जायजा लिया. अधिकारियों ने जुलूस आयोजकों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की. पुलिस का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. यदि किसी ने कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. घटना के बाद नई सड़क-औरंगाबाद मार्ग पर कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा, जिसे बाद में पुलिस ने सामान्य करा दिया. पूरे क्षेत्र में एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि मुहर्रम के अन्य कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें.
वाराणसी में पुलिस अधिकारियों के आवास की समस्‍या होगी दूर, करोड़ों की लागत से बनेंगे 32 आवास...
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वाराणसी : पुलिस कमिश्नरेट में तैनात अधिकारियों की लंबे समय से चली आ रही आवास समस्या अब जल्द ही समाप्त होने वाली है. उत्तर प्रदेश सरकार ने 32 उच्चस्तरीय आवास बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 34 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पुलिस निर्माण निगम को पहले चरण में 12 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है.पुलिस लाइन क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर भूमि चिह्नित कर ली गई है, जहां निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होने वाला है. परियोजना के तहत टाइप-5 श्रेणी के 7 आवास और टाइप-4 श्रेणी के 25 आवास बनाए जाएंगे. टाइप-5 आवासों में तीन बेडरूम, एक ड्राइंग रूम, डाइनिंग रूम तथा अन्य आधुनिक सुविधाएं होंगी, जबकि टाइप-4 में दो बेडरूम, ड्राइंग और डाइनिंग रूम की व्यवस्था रहेगी.बता दें कि वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट का गठन 25 मार्च 2021 को किया गया था. गठन के बाद यहां पुलिस अधिकारियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई. वर्तमान में लगभग 12 आईपीएस अधिकारी विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हैं. लेकिन पर्याप्त आवासीय सुविधाओं के अभाव में अधिकारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कई अधिकारी किराए के मकानों या अन्य व्यवस्थाओं पर निर्भर है, जिससे उनके कार्य निष्पादन पर भी असर पड़ता है.उपायुक्त पुलिसलाइंस प्रमोद कुमार ने बताया, “कार्यदायी संस्था को इस परियोजना को एक वर्ष के अंदर पूरा करने का समय दिया गया है. भूमि उपलब्ध करा दी गई है और बजट भी मिल गया है. निर्माण कार्य शुरू होते ही आवास की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी.”ALSO READ : वाराणसी में पहलवानी का अभ्‍यास करते समय करेंट लगने से युवक की मौत, परिवार में मातम...सरकार का यह कदम न केवल पुलिस अधिकारियों के लिए राहत भरा है बल्कि शहर की कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पुलिस लाइन वाराणसी एक बेहतर आवासीय परिसर के रूप में विकसित हो जाएगा.