वाराणसी नगर निगम का 88 प्रतिशत नाला सफाई का दावा, जमीनी हकीकत कुछ और...

वाराणसी : मानसून की दस्तक के बीच नगर निगम ने शहर के 128 बड़े और छोटे नालों में से 88 प्रतिशत नालों की सफाई पूरी होने का दावा किया है. हालांकि कई इलाकों में जमीनी स्थिति इस दावे से अलग नजर आ रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर केवल नालों के ऊपर से कचरा हटाया गया है, जबकि अंदर जमी गाद अब भी नहीं निकाली गई है.ऐसे में हल्की बारिश में भी जलभराव की आशंका बनी हुई है.
नगर निगम के अनुसार, शहर में करीब 15 लाख आबादी के लिए 258 छोटे और 128 बड़े नालों की नियमित सफाई कराई जा रही है.अधिकारियों का दावा है कि छोटे नालों की 88 प्रतिशत से अधिक सफाई पूरी हो चुकी है, लेकिन कई मोहल्लों में नालों की स्थिति लोगों की परेशानी बढ़ा रही है.
लक्ष्मी नगर और चरण नगर के बीच स्थित नाले में सफाई अधूरी होने की शिकायत सामने आई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऊपर से कचरा हटाने के बावजूद नाले के भीतर गाद जमा है, जिससे पानी का बहाव प्रभावित हो रहा है.घोसाबाद की ओर से आने वाले नाले और उससे जुड़े मुख्य नाले की भी यही स्थिति बताई जा रही है.लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पूरी तरह सफाई नहीं हुई तो बारिश के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर हो सकती है.
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अब तक नालों की तीन बार सफाई कराई जा चुकी है और अभियान लगातार जारी है. विभाग का दावा है कि जहां भी शिकायतें मिल रही हैं, वहां टीम भेजकर दोबारा सफाई कराई जा रही है.नगर निगम का यह भी कहना है कि नालों पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण सफाई कार्य में सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं, जिससे कई स्थानों पर मशीनें और सफाई कर्मी पूरी तरह काम नहीं कर पा रहे हैं.
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स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम केवल कागजी दावों तक सीमित न रहे, बल्कि संवेदनशील क्षेत्रों में नालों की पूरी तरह सफाई कराकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करे, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े.



