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नमक सत्याग्रह की थीम पर भव्य रूप में संवरेगा सोनिया पोखरा, नगर निगम ने बनाई रुपरेखा...

नमक सत्याग्रह की थीम पर भव्य रूप में संवरेगा सोनिया पोखरा, नगर निगम ने बनाई रुपरेखा...
Jun 27, 2026, 08:03 AM
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Posted By Isha Yadav

​वाराणसी : करीब दो वर्ष के लंबे इंतजार और कानूनी गतिरोध के बाद आपसी समझौते से सोनिया पोखरे के सुंदरीकरण का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है. गतिरोध समाप्त होते ही नगर निगम युद्धस्तर पर तालाब की कायाकल्प की रुपरेखा तैयार करने में जुट गया है. इस क्रम में शुक्रवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल और वरिष्ठ एडवोकेट संतोष कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से नारियल फोड़ कर ऐतिहासिक तालाब के सुंदरीकरण कार्य का विधि-विधान से शुभारंभ किया.


बनेगा ओपन जिम


​इस अवसर पर महापौर ने कहा कि सोनिया पोखरे का सुंदरीकरण 'नमक सत्याग्रह' की थीम पर कराया जाएगा. उन्होंने इसके पीछे का गौरवशाली इतिहास बताते हुए कहा कि वर्ष 1930 में जब महात्मा गांधी ने नमक सत्याग्रह का शंखनाद किया था, तब ब्रिटिश हुकूमत देश भर में इसके समर्थकों को गिरफ्तार कर रही थी. उस दौर में आजादी के मतवाले और वाराणसी के प्रथम सांसद डॉ. रघुनाथ सिंह ने मात्र 19 वर्ष की अल्पायु में इसी सोनिया पोखरे पर नमक कानून तोड़कर सत्याग्रह का बिगुल फूंका था. उनके इस अप्रतिम योगदान को नमन करते हुए सोनिया मार्ग व तालाब का नामकरण डॉ. रघुनाथ सिंह के नाम पर किया जाएगा और वहां उनकी भव्य मूर्ति भी स्थापित की जाएगी. इसके अतिरिक्त, स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तालाब की भूमि पर जल्द ही एक आधुनिक ओपन जिम का निर्माण भी कराया जाएगा.


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​आपसी समझौते से हटा कानूनी रोड़ा


सोनिया रोड पर करीब 27 बिस्वा के विशाल क्षेत्र में फैले इस​तालाब के स्वामित्व को लेकर पिछले कई वर्षों से उच्च न्यायालय में वाद लंबित चल रहा था, जिसके कारण विकास कार्य पूरी तरह ठप थे. डॉ. रघुनाथ सिंह के वंशज एडवोकेट संतोष कुमार सिंह के साथ हुए सकारात्मक आपसी समझौते और सहमति के बाद यह गतिरोध समाप्त हुआ. उनकी ओर से हरी झंडी मिलते ही निगम की टीम पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंची और तालाब की सफाई शुरू कर दी. पहले ही दिन निगम ने तालाब में तीन बड़ी जेसीबी मशीनों को उतारकर मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है. संचालन क्षेत्रीय पार्षद प्रवीण राय व धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय महामंत्री अशोक अग्रहरी ने किया.



ALSO READ : वाराणसी नगर निगम का 88 प्रतिशत नाला सफाई का दावा, जमीनी हकीकत कुछ और...



इनकी रही उपस्थिति


​इस अवसर पर प्रमुख रूप से शुभम सिंह, भाजपा मण्डल अध्यक्ष राजेश कुशवाहा, पार्षद इन्द्रेश सिंह, विवेक कुमार कुशवाहा, श्याम आसरे मौर्य, सिद्धनाथ शर्मा, अनंतराज गुप्ता, अमरेश गुप्ता, श्रवण गुप्ता, सिन्धु सोनकर, सुशील गुप्ता, मनीष गुप्ता, नामित पार्षद अंकुर मेहरोत्रा, किशन कन्नौजिया, अतुल पाण्डेय, पूर्व पार्षद पुन्नु बिन्द, पूर्णामासी गुप्ता, देवानंद सिंह, पूर्व मण्डल उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, सहायक नगर आयुक्त अनिल कुमार यादव, सहित राजीव सिंह, पंचम यादव, विशाल तिवारी एवं सुरेश वाद्या मुख्य रूप से उपस्थित रहे.

फुटपाथ का किराया, सड़क पर कारोबार,आखिर जिम्मेदार कौन...
फुटपाथ का किराया, सड़क पर कारोबार,आखिर जिम्मेदार कौन...
वाराणसी : शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त इलाकों में फुटपाथों पर बढ़ते अतिक्रमण और अवैध वसूली का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. फुटपाथ, जो पैदल चलने वालों के लिए बनाए गए हैं, अब जगह-जगह ठेलों और अस्थायी दुकानों से घिरे नजर आते हैं. इससे राहगीरों को मजबूरन सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि फुटपाथ पर दुकान लगाने के नाम पर प्रतिदिन रुपये वसूले जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं.भोजूबीर से चांदमारी मार्ग तक कई स्थानों पर फुटपाथों पर फल, सब्जी, चाट, फुल्की और अन्य सामान के ठेले लगे देखने को मिल जाएंगे. दुकानों और ठेलों के कारण पैदल चलने वालों के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती. कई फेरी और ठेला संचालकों का दावा है कि उन्हें रोजाना 20 रुपये तक देने पड़ते हैं। वहीं, कुछ स्थानों पर ठेला लगाने के लिए 200 से 500 रुपये तक वसूले जाने की भी बात सामने आई है. हालांकि, इस वसूली की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.नगर निगम अधिनियम, सड़क सुरक्षा मानकों और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार फुटपाथों का प्राथमिक अधिकार पैदल यात्रियों का है. नियमों के तहत ठेला-फेरी व्यवसाय केवल निर्धारित वेंडिंग जोन में ही संचालित किया जाना चाहिए. इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में नियमों की अनदेखी होती दिखाई दे रही है.स्थानीय नागरिकों का कहना है कि समय-समय पर अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से फुटपाथों पर कब्जा हो जाता है. इससे अभियान की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि यदि अवैध वसूली के आरोप सही हैं, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.ALSO READ : सेंट्रल जेल के कैदी सीखेंगे फैशन व टेक्सटाइल डिजाइनिंग, खुलेगा अध्ययन केंद्र...शहरवासियों का मानना है कि फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त रखने, वेंडिंग जोन की व्यवस्था को प्रभावी बनाने और नियमों का सख्ती से पालन कराने से ही पैदल यात्रियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी. साथ ही, अवैध वसूली के आरोपों की पारदर्शी जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी जरूरी है.
सेंट्रल जेल के कैदी सीखेंगे फैशन व टेक्सटाइल डिजाइनिंग, खुलेगा अध्ययन केंद्र...
सेंट्रल जेल के कैदी सीखेंगे फैशन व टेक्सटाइल डिजाइनिंग, खुलेगा अध्ययन केंद्र...
वाराणसी : सेंट्रल जेल में बंद कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी रिहाई के बाद रोजगार के बेहतरअवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक नई पहल शुरू की जा रही है. जेल प्रशासन पहली बार राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के सहयोग से केंद्रीय जेल परिसर में अध्ययन केंद्र खोलेगा. इस केंद्र के माध्यम से बंदियों को विभिन्न व्यावसायिक और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे सजा पूरी होने के बाद समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें.जेल अधीक्षक आर.के. त्रिपाठी ने बताया कि अध्ययन केंद्र में करीब 40 नियमित और व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे. इनमें फैशन डिजाइनिंग, टेक्सटाइल डिजाइनिंग, कंप्यूटर, मेडिकल, योग, फिजियोथेरेपी सहित कई प्रोफेशनल कोर्स शामिल होंगे. इन पाठ्यक्रमों का संचालन राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से किया जाएगा.उन्होंने बताया कि अब तक जेल में बंद कैदियों को इस तरह के उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण का अवसर नहीं मिल पाता था. विश्वविद्यालय की टीम ने जेल का निरीक्षण कर अध्ययन केंद्र खोलने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली है. जल्द ही केंद्र का संचालन शुरू कर दिया जाएगा.जेल प्रशासन का मानना है कि इन पाठ्यक्रमों से कैदियों को नई दिशा मिलेगी और वे अपनी रुचि के अनुसार कौशल विकसित कर सकेंगे. प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे समाज की मुख्यधारा में उनकी वापसी आसान होगी.ALSO READ : नमक सत्याग्रह की थीम पर भव्य रूप में संवरेगा सोनिया पोखरा, नगर निगम ने बनाई रुपरेखा...प्रशासन का कहना है कि शिक्षा और कौशल विकास के जरिए कैदियों के पुनर्वास को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है. इस पहल से बंदियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे जेल से बाहर आने के बाद अपने जीवन की नई शुरुआत करने में सक्षम होंगे. अध्ययन केंद्र शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में कैदियों के इन पाठ्यक्रमों से जुड़ने की संभावना है.
नमक सत्याग्रह की थीम पर भव्य रूप में संवरेगा सोनिया पोखरा, नगर निगम ने बनाई रुपरेखा...
नमक सत्याग्रह की थीम पर भव्य रूप में संवरेगा सोनिया पोखरा, नगर निगम ने बनाई रुपरेखा...
​वाराणसी : करीब दो वर्ष के लंबे इंतजार और कानूनी गतिरोध के बाद आपसी समझौते से सोनिया पोखरे के सुंदरीकरण का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है. गतिरोध समाप्त होते ही नगर निगम युद्धस्तर पर तालाब की कायाकल्प की रुपरेखा तैयार करने में जुट गया है. इस क्रम में शुक्रवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल और वरिष्ठ एडवोकेट संतोष कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से नारियल फोड़ कर ऐतिहासिक तालाब के सुंदरीकरण कार्य का विधि-विधान से शुभारंभ किया.बनेगा ओपन जिम​इस अवसर पर महापौर ने कहा कि सोनिया पोखरे का सुंदरीकरण 'नमक सत्याग्रह' की थीम पर कराया जाएगा. उन्होंने इसके पीछे का गौरवशाली इतिहास बताते हुए कहा कि वर्ष 1930 में जब महात्मा गांधी ने नमक सत्याग्रह का शंखनाद किया था, तब ब्रिटिश हुकूमत देश भर में इसके समर्थकों को गिरफ्तार कर रही थी. उस दौर में आजादी के मतवाले और वाराणसी के प्रथम सांसद डॉ. रघुनाथ सिंह ने मात्र 19 वर्ष की अल्पायु में इसी सोनिया पोखरे पर नमक कानून तोड़कर सत्याग्रह का बिगुल फूंका था. उनके इस अप्रतिम योगदान को नमन करते हुए सोनिया मार्ग व तालाब का नामकरण डॉ. रघुनाथ सिंह के नाम पर किया जाएगा और वहां उनकी भव्य मूर्ति भी स्थापित की जाएगी. इसके अतिरिक्त, स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तालाब की भूमि पर जल्द ही एक आधुनिक ओपन जिम का निर्माण भी कराया जाएगा.​आपसी समझौते से हटा कानूनी रोड़ासोनिया रोड पर करीब 27 बिस्वा के विशाल क्षेत्र में फैले इस​तालाब के स्वामित्व को लेकर पिछले कई वर्षों से उच्च न्यायालय में वाद लंबित चल रहा था, जिसके कारण विकास कार्य पूरी तरह ठप थे. डॉ. रघुनाथ सिंह के वंशज एडवोकेट संतोष कुमार सिंह के साथ हुए सकारात्मक आपसी समझौते और सहमति के बाद यह गतिरोध समाप्त हुआ. उनकी ओर से हरी झंडी मिलते ही निगम की टीम पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंची और तालाब की सफाई शुरू कर दी. पहले ही दिन निगम ने तालाब में तीन बड़ी जेसीबी मशीनों को उतारकर मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है. संचालन क्षेत्रीय पार्षद प्रवीण राय व धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय महामंत्री अशोक अग्रहरी ने किया.ALSO READ : वाराणसी नगर निगम का 88 प्रतिशत नाला सफाई का दावा, जमीनी हकीकत कुछ और...इनकी रही उपस्थिति​इस अवसर पर प्रमुख रूप से शुभम सिंह, भाजपा मण्डल अध्यक्ष राजेश कुशवाहा, पार्षद इन्द्रेश सिंह, विवेक कुमार कुशवाहा, श्याम आसरे मौर्य, सिद्धनाथ शर्मा, अनंतराज गुप्ता, अमरेश गुप्ता, श्रवण गुप्ता, सिन्धु सोनकर, सुशील गुप्ता, मनीष गुप्ता, नामित पार्षद अंकुर मेहरोत्रा, किशन कन्नौजिया, अतुल पाण्डेय, पूर्व पार्षद पुन्नु बिन्द, पूर्णामासी गुप्ता, देवानंद सिंह, पूर्व मण्डल उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, सहायक नगर आयुक्त अनिल कुमार यादव, सहित राजीव सिंह, पंचम यादव, विशाल तिवारी एवं सुरेश वाद्या मुख्य रूप से उपस्थित रहे.