सेंट्रल जेल के कैदी सीखेंगे फैशन व टेक्सटाइल डिजाइनिंग, खुलेगा अध्ययन केंद्र...

वाराणसी : सेंट्रल जेल में बंद कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी रिहाई के बाद रोजगार के बेहतरअवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक नई पहल शुरू की जा रही है. जेल प्रशासन पहली बार राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के सहयोग से केंद्रीय जेल परिसर में अध्ययन केंद्र खोलेगा. इस केंद्र के माध्यम से बंदियों को विभिन्न व्यावसायिक और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे सजा पूरी होने के बाद समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें.
जेल अधीक्षक आर.के. त्रिपाठी ने बताया कि अध्ययन केंद्र में करीब 40 नियमित और व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे. इनमें फैशन डिजाइनिंग, टेक्सटाइल डिजाइनिंग, कंप्यूटर, मेडिकल, योग, फिजियोथेरेपी सहित कई प्रोफेशनल कोर्स शामिल होंगे. इन पाठ्यक्रमों का संचालन राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि अब तक जेल में बंद कैदियों को इस तरह के उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण का अवसर नहीं मिल पाता था. विश्वविद्यालय की टीम ने जेल का निरीक्षण कर अध्ययन केंद्र खोलने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली है. जल्द ही केंद्र का संचालन शुरू कर दिया जाएगा.
जेल प्रशासन का मानना है कि इन पाठ्यक्रमों से कैदियों को नई दिशा मिलेगी और वे अपनी रुचि के अनुसार कौशल विकसित कर सकेंगे. प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे समाज की मुख्यधारा में उनकी वापसी आसान होगी.
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प्रशासन का कहना है कि शिक्षा और कौशल विकास के जरिए कैदियों के पुनर्वास को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है. इस पहल से बंदियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे जेल से बाहर आने के बाद अपने जीवन की नई शुरुआत करने में सक्षम होंगे. अध्ययन केंद्र शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में कैदियों के इन पाठ्यक्रमों से जुड़ने की संभावना है.



