वाराणसी में डिजिटल अरेस्ट कर 52 लाख की ठगी, सइबर अपराधियों ने लगाई आनलाइन कोर्ट

वाराणसी - डिजिटल दुनिया में साइबर ठग नित नए तरीके अपना कर अपनी मंशा को अंजाम दे रहे हैं. ताजा मामला चौबेपुर के नरपतपुर निवासी प्रशांत सिंह से जुडा है. इसमें भुक्तभाेगी को डिजिटल अरेस्ट करके साइबर अपराधियों ने 52 लाख की ठगी की. इस मामले में साइबर क्राइम थाना में केस दर्ज किया गया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
ठगी का तरीका
प्रशांत ने पुलिस को बताया कि बीते 11 दिसंबर को उसके मोबाइल पर काल आई. काल करने वाले ने बताया कि उनके नाम से मोबाइल सिम मुंबई में लिया गया है. उसका गलत इस्तेमाल हो रहा है. इसके बाद खुद को महिला सब इंस्पेक्टर बताने वाली युवती और आईपीएस विजय कुमार के रूप में एक व्यक्ति ने वीडियो काल के जरिए बात की. बताया कि प्रशांत के नाम का एटीएम कार्ड मनी लांड्रिंग में फंसे नरेश गोयल के घर से मिला है. जिस बैंक खाते का एटीएम है उसमें दो करोड़ रुपये हैं. उसने एक प्रार्थना पत्र लिखवाया. इसके बाद 12 दिसंबर को आनलाइन कैमरे के सामने कोर्ट में पेशी कराई गई. दूसरी तरफ, जज और पुलिस मौजूद थी. प्रशांत को गिरफ्तार का डर दिखाकर 14.7 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा गया.
डरे हुए प्रशांत ने रुपये काल करने वालों के बताए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया. इसके बाद अलग-अलग तिथियों में 29.74 लाख, 7.5 लाख रुपये जमा करा लिए गए. उनके रुपये की जांच करके वापस करने का भरोसा दिया था. इसके बावजूद रुपये वापस नहीं आए तो प्रशांत को साइबर ठगी का एहसास हुआ.
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इंस्पेक्टर को भी नहीं बख्शा
एपीके फाइल डाउनलोड करके साइबर ठगों ने एंटी करप्शन थाने में तैनात इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह के बैंक खाते से 1.9 लाख रुपये उड़ा दिए. इस मामले में साइबर क्राइम थान में केस दर्ज होगा. सत्यवीर के अनुसार बीते मंगलवार को उनके मोबाइल पर मैसेज आया. मैसेज एपीके फाइल आया जिसे सत्यवीर ने डाउनलोड कर लिया. इसके बाद उनका मोबाइल हैक हो गया और उनके बैंक खाते से 1.9 लाख रुपये निकल गए.



