दालमंडी चौड़ीकरणः जेल में निरुद्ध व्यापारी नेता से मिले सांसद, कहा प्रशासन की कारर्वाई का विरोध करेगी सपा

वाराणसीः दाल मंडी में सड़क चौड़ीकरण का विरोध करने के मामले में जिला प्रशासन द्वारा गिरफ्तार किए गए इमरान उर्फ बबलू से मिलने जिला जेल में सोमवार को चंदौली के समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह एमएलसी आशुतोष सिन्हा के अलावा कई पार्टी नेताओं के साथ पहुंचे. जेल में उन्होंने इमरान से मुलाकात कर उन्हें हौसला दिया. इमरान से मुलाकात के बाद कहा कि मैं उन्हें ताकत देने के लिए जिला जेल पहुंचा था ताकि वह घबराएं नहीं समाजवादी पार्टी उसके साथ है.

दालमंडी की कारर्वाई है दमनात्मकः सांसद
इमरान से जेल में मिलकर लौटे सपा सांसद वीरेद्र सिंह ने पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा कि दालमंडी में चौड़ीकरण की कार्रवाई दमनात्मक है. समाजवादी पार्टी ने इसका विरोध हमेशा किया है. सपा सांसद ने कहा कि दालमंडी के व्यापारियों से मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि बनारस के लोगों के साथ ज़्यादती हो रही है. यह विध्वंसक कार्य है. सरकार को चाहिए कि पुरानी व ऐतिहासिक इमारत का संरक्षण करें.
क्योटो की तरह करें इस गली का संरक्षण
सपा सांसद ने कहा कि बनारस के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने वादा किया था कि वह काशी को जापान के पुरातन शहर क्योटो बनाएंगे. क्योटो बनाने के क्रम सरकार को दालमंडी को उजाड़ना नहीं वरन उसका संरक्षण करना चाहिए. क्योटो में तमाम पुराने बाजार, रास्ते संग शहर की पुरातन व्यवस्था का संरक्षण किया गया है. एक प्रश्न के उत्तर में सांसद ने कहा कि दालमंडी चौड़ीकरण की प्रक्रिया के तहत प्रशासन जैसे-जैसे उजाड़ने का कार्य करेगा वैसै-वैसे समाजपार्टी इसके विरोध में खड़ी रहेगी.

जारी है सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया
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गौरतलब है कि दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया जारी है. विश्वनाथ मंदिर जाने वाले दर्शनार्थियों के लिए यहां सुगम रास्ता बनाया जा रहा है. इसके चलते दालमंडी की सड़क को 17.4 मीटर चौड़ा करना है. इसके अलावा सड़क के दोनों तरफ पाथवे का निर्माण किया जाएगा. इसको लेकर दालमंडी के 187 भवन मालिकों को नोटिस जारी किया गया है. प्रशासन की ओर से जहां कई भवनों की रजिस्ट्री कर उसे तोड़ने का जहां कार्य जारी है वहीं एक सौ से ज्यादा भवन स्वामियों ने अपने कागजात जमा भी करा दिए हैं. इन मकानों के कागजात की जांच के बाद इन्हें भी प्रशासन रजिस्ट्री कराकर तोड़ेगा.



