दालमंडी में फिर गूंजी मुनादी, अगले चरण के ध्वस्तीकरण की चेतावनी

The announcement echoed again in Dal Mandi, warning of the next phase of demolition.
वाराणसी: दालमंडी क्षेत्र में सोमवार को प्रशासन की ओर से एक बार फिर ध्वनि विस्तारक यंत्र के जरिए मुनादी कर आगामी ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर लोगों को जानकारी दी गई. मुनादी के दौरान दुकानदारों और स्थानीय निवासियों से निर्धारित सीमा के भीतर अतिक्रमण स्वयं हटाने की अपील की गई. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अभियान के अगले चरण में चिन्हित हिस्सों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी. सूचना प्रसारित होते ही इलाके में हलचल तेज हो गई और लोग अपने प्रतिष्ठानों व मकानों की स्थिति का जायजा लेने में जुट गए.

अतिक्रमण हटाने को लेकर कार्रवाई
बताया जा रहा है कि दालमंडी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने को लेकर लगातार कार्रवाई चल रही है. अधिकारियों की टीम क्षेत्र का निरीक्षण कर रही है तथा लोगों से सहयोग बनाए रखने की अपील की जा रही है. प्रशासन की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि 14 मई को नगर निगम द्वारा दालमंडी क्षेत्र के अति जर्जर भवनों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी. इसे लेकर संबंधित भवनों के आसपास सतर्कता बढ़ा दी गई है. मुनादी के दौरान प्रशासन ने कहा कि कार्रवाई के समय कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी. वहीं ध्वस्तीकरण की सूचना के बाद पूरे इलाके में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है.

दालमंडी चौड़ीकरण का ध्वस्तीकरण का कार्य जारी
दालमंडी चौड़ीकरण कार्य के तहत शनिवार से ध्वस्तीकरण का कार्य जारी है. चिन्हित भवन और दुकानों पर कार्रवाई की जा रही है. पूर्व में 25 भवनों को तोड़ा जाना था, जिनमें बचे हुए भवनों को सोमवार को ध्वस्त किया जा रहा है. दालमंडी चौड़ीकरण को लेकर लगातार ध्वस्तीकरण का कार्य आगे भी जारी रहेगा. फिलहाल पुराने भवनों को तोड़ने का कार्य चल रहा है. लेकिन प्रशासन की ओर से आगे भी कार्रवाई के लिए मुनादी भी करवाई गई है. माना जा रहा है कि अब आगे 16 नए भवनों पर कार्रवाई हो सकती है.

Also Read: गुजरात के दो दिवसीय यात्रा पर पीएम मोदी, सोमनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में इस ध्वस्तीकरण को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग इसे विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानते हैं, जबकि अन्य इसे उनकी आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला मानते हैं. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि ध्वस्तीकरण के बाद नए और आधुनिक भवनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र का विकास होगा. जबकि सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने पुलिस बल की भी तैनाती की है.



