दर्जनों CCTV खंगालने के बाद धर-दबोचा गया चोर, 30 लाख के माल संग तमंचा बरामद

वाराणसी: जिले के रोहनिया थाना क्षेत्र के गोविंदपुर में चोरी के आरोपी शनि धरिकार को रोहनिया पुलिस ने रविवार को चौरा माता मंदिर, परमानंदपुर के पास गंगापुर रोड से गिरफ्तार किया. इस दौरान आरोपी के कब्जे से 30 लाख का माल, 8500 रुपये नकदी, घटना में प्रयुक्त कार और .315 बोर का तमंचा व दो कारतूस बरामद हुए. लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र के रमदत्तपुर निवासी शनि धरिकार के खिलाफ विभिन्न थानों में 20 आपराधिक प्राथमिकी दर्ज हैं. डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि गोविंदपुर निवासी मनोज कुमार गुप्ता अपने परिवार के साथ 21 मार्च को विंध्याचल दर्शन को गए थे. देर रात जब घर लौटे तो मकान में चोरी हो चुकी थी. आलमारी काटकर सोने-चांदी के आभूषण समेत अन्य सामान की चोरी हुई थी. इस बीच रोहनिया पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की.

खंगाले गए सीसीटीवी कैमरे
मनोज गुप्ता के घर के आसपास समेत उस मार्ग के सभी सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए. क्षेत्र के संदिग्धों से पूछताछ की गई. 80 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद लालपुर-पांडेयपुर के रमदत्तपुर निवासी शनि धरिकार की पहचान हुई. एडीसीपी नीतू ने बताया कि रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह की टीम ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया. शनि ने पूछताछ में बताया कि इसी दौरान मेरा एक साथी थाना लंका के किसी मामले में जेल चला गया, जिस कारण चोरी के आभूषण का पैसा हम लोग आपस में बांट नहीं पाए थे. इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि मोहनिया स्थित ज्वेलर्स की दुकान पर सराफ से पूछताछ की गई. दुकान पर लगे सीसीटीवी फुटेज को देखा गया. ज्वेलर ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि एक परिचित ने अपने साथियों के साथ खुद का आभूषण बताकर विश्वास में लेकर बेच दिया.

पुलिस ने सराफ से आभूषण बरामद कर लिया. आरोपी और उसके साथी मोहल्लों में रेकी करते थे और फिर ताला बंद मकानों को चिह्नित कर रात में वारदात को अंजाम देते थे. चोरी के आभूषण को बिहार और दूसरे जिलों में जाकर बेचते थे. गिरफ्तारी टीम में एसआई अमीर बहादुर सिंह, एसआई सुशील कुमार सिंह, एसआई पवन कुमार, एसआई दिनेश सिंह आदि शामिल रहे. एडीसीपी नीतू के अनुसार, पूछताछ में आरोपी शनि ने बताया कि घटना की रात वह अपने दो साथियों को लेकर स्कूटी से परमानंदपुर गांव में एक घर का ताला तोड़ने का प्रयास कर रहा था, तभी एक महिला के शोर मचाने पर वे भाग गए.
इसके बाद गोविंदपुर में ताला लगा एक मकान दिखाई दिया, जिसकी बाउंड्री फांदकर तीनों अंदर गए और घर के पहले तल पर स्थित कमरे का ताला तोड़कर अलग-अलग कमरों में रखी अलमारियों को तोड़ दिया. उसमें रखे सोने-चांदी के आभूषण व एक लाख रुपये नकदी चोरी करने के बाद वे लंका के नगवां चले गए थे, जहां मेरे एक साथी का भाई व मेरा सगा साला आया. हमने देखा कि चोरी किए गए आभूषण काफी अधिक मात्रा में हैं.
यह भी पढ़ें: वाराणसी एयरपोर्ट को रेलमार्ग से जोड़ने का सांसद ने दिया प्रस्ताव, पीएम और रेलमंत्री को लिखा पत्र
एक लाख रुपये नकदी आपस में बांट लिया और आभूषण अधिक होने के कारण तय किया कि इसे शहर से बाहर इकट्ठा बेचेंगे. लंका निवासी सगे साले को सभी आभूषण बेचने के लिए दे दिया. 24 मार्च को परिचित एक प्रॉपर्टी डीलर मेरे साथियों और मेरे साले को अपने जान-पहचान के सराफा व्यवसायी, जिनकी मोहनिया में आभूषण की दुकान है, वहां ले गया और चोरी के आभूषण 17 लाख रुपये में बेच दी गई.



