नेपाल के पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल ने किया BHU का दौरा...

वाराणसी: नेपाल के पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चितकरण एवं प्रत्यायन (Accreditation) से संबंधित श्रेष्ठ प्रक्रियाओं को समझने और अध्ययन करने के उद्देश्य से काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) का दौरा किया.
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कार्यालय में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी से शिष्टाचार भेंट की तथा दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की इस अवसर पर आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चयन प्रकोष्ठ के आचार्य प्रभारी प्रो. भास्कर भट्टाचार्य भी उपस्थित रहे.
प्रतिनिधिमंडल का यह शैक्षणिक दौरा संस्थागत गुणवत्ता प्रणाली, प्रशासनिक ढांचे तथा शैक्षणिक प्रक्रियाओं को समझकर अपने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था.

दौरे के दौरान प्रतिनिधियों ने BHU की परीक्षा प्रणाली, शैक्षणिक प्रशासन, प्रशासनिक संरचना तथा विभिन्न संस्थागत कार्यप्रणालियों की जानकारी प्राप्त की इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में स्थित सयाजीराव गायकवाड़ केंद्रीय ग्रंथालय एवं अटल इनक्यूबेशन सेंटर का भी भ्रमण किया.
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय अपनी सौ वर्षों से अधिक पुरानी गौरवशाली परंपरा के कारण देश-विदेश में विशेष पहचान रखता है. उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय भारतीय शिक्षा प्रणाली में उत्कृष्टता का प्रतीक है और देश-विदेश के विद्यार्थियों को निरंतर आकर्षित करता है.
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डॉ. रमेश बाबू काफ्ले ने किया. वे 11 मई को वाराणसी पहुंचे थे और 17 मई को नेपाल लौटेंगे। यह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, नेपाल का दूसरा प्रतिनिधिमंडल है जिसने BHU का शैक्षणिक दौरा किया है.
पूर्वांचल विश्वविद्यालय के उप नियंत्रक डॉ. ईश्वर लक्ष्मण भंडारी ने भी बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिबद्धताओं और उपलब्धियों की जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में विश्वविद्यालय से 7,000 से अधिक विद्यार्थियों ने उपाधि प्राप्त की.
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बैठक के दौरान दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक सहयोग को और मजबूत करने तथा भविष्य में औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति बनी.
दौरे के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी को पारंपरिक नेपाली “खाड़ा” एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। वहीं प्रो. जीवन कुमार ढ़काल ने प्रो. भास्कर भट्टाचार्य को सम्मान प्रदान किया.



