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दिल्ली-NCR में तेज आंधी के साथ बारिश, फिर शुरू होगी झुलसाने वाली गर्मी

दिल्ली-NCR में तेज आंधी के साथ बारिश, फिर शुरू होगी झुलसाने वाली गर्मी
May 14, 2026, 05:40 AM
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Posted By Preeti Kumari

Heavy rain accompanied by thunderstorms lashes Delhi-NCR, scorching heat to resume


Delhi Weather: दिल्ली-एनसीआर के मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. गुरुवार को पूरे दिन आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ-साथ गरज-चमक और हल्की बारिश होने का अनुमान लगाया जा रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ जगहों पर इन हवाओं की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है.


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तूफानी मिजाज का असर हवाई यातायात


मौसम के इस तूफानी मिजाज का असर हवाई यातायात पर भी पड़ने की पूरी आशंका है. इसे देखते हुए इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है. इसमें लोगों से अपील की गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस अवश्य जांच लें और समय रहते एयरपोर्ट पहुंच जाएं.


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दिल्ली-एनसीआर का अचानक बदला मौसम


इससे पहले बुधवार की शाम को भी दिल्ली-एनसीआर में अचानक मौसम बदल गया था. तेज आंधी और हल्की बारिश से लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से फौरी राहत तो जरूर मिली, लेकिन इस दौरान यातायात काफी प्रभावित रहा. गुरुवार के तापमान की बात करें तो अधिकतम पारा 38 से 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किए जाने की उम्मीद है. गर्मी से मिली यह राहत महज कुछ ही दिनों की मेहमान है. मौसम विभाग का स्पष्ट पूर्वानुमान है कि शुक्रवार से आसमान पूरी तरह साफ होने लगेगा और वीकेंड पर गर्मी एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाएगी.


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शनिवार और रविवार को अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं. वहीं, 17 और 18 मई को इलाके में तेज गर्म हवाएं चलने और उमस में भारी इजाफा होने की भी चेतावनी जारी की गई है.

सेण्ट्रल हिन्दू ब्वायज स्कूल में गूंजी देववाणी, हर्षोल्लास से मना संस्कृत दिवस
सेण्ट्रल हिन्दू ब्वायज स्कूल में गूंजी देववाणी, हर्षोल्लास से मना संस्कृत दिवस
वाराणसी. सेण्ट्रल हिन्दू ब्वायज स्कूल में संस्कृत दिवस समारोह हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या डॉ. स्वाति अग्रवाल ने की। समारोह की शुरुआत संगीत शिक्षक अभिनव नारायण आचार्य एवं विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कुलगीत और स्वागत गीत से हुई।समारोह के मुख्य अतिथि विद्यालय के पुरातन छात्र एवं धर्मशास्त्रमीमांसा विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. माधव जनार्दन रटाटे रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा के वैज्ञानिक महत्व से परिचित कराते हुए इसके अध्ययन की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल प्राचीन भाषा ही नहीं, बल्कि ज्ञान-विज्ञान और भारतीय चिंतन की समृद्ध परंपरा की महत्वपूर्ण वाहक है।विशिष्ट अतिथि संस्कृत भारती काशी प्रान्त के अध्यक्ष प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने संस्कृत को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्कृत भाषा को अपने दैनिक जीवन से जोड़ने और इसके संरक्षण-संवर्धन में योगदान देने का आह्वान किया।सारस्वत अतिथि श्री रणवीर संस्कृत विद्यालय के प्राचार्य प्रो. आनंद जैन ने दैनिक जीवन में संस्कृत के प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्कृत को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय सामान्य बोलचाल और व्यवहार में भी अपनाया जाना चाहिए।ALSO READ : वाराणसी में आयोजित हुआ ‘खेलो इंडिया युवा संवाद’ कार्यक्रम, हजारों युवाओं ने लिया हिस्साकार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न संस्कृत आधारित प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं के लिए विद्यार्थियों को संस्कृत अध्यापिका श्रीमती ज्योति सिंह एवं श्री शिवम शुक्ल ने प्रशिक्षण दिया था।समारोह का संचालन कार्यक्रम संयोजिका डॉ. अर्चना सिंह ने किया। अंत में विद्यालय के उप-प्राचार्य महेश चन्द्र जायसवाल ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। समारोह का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।
वाराणसी में आयोजित हुआ ‘खेलो इंडिया युवा संवाद’ कार्यक्रम, हजारों युवाओं ने लिया हिस्सा
वाराणसी में आयोजित हुआ ‘खेलो इंडिया युवा संवाद’ कार्यक्रम, हजारों युवाओं ने लिया हिस्सा
वाराणसी : मेरा युवा भारत वाराणसी के तत्वावधान में ‘खेलो इंडिया युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन आज गुरुवार को तीन प्रमुख शिक्षण संस्थानों में किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक करना, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना, युवाओं को खेलों में करियर के अवसरों से परिचित कराना तथा उन्हें खेलो इंडिया एवं Viksit Bharat Young Leaders Dialogue जैसी युवा गतिविधियों से जोड़ना रहा.कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा वर्चुअल माध्यम से युवाओं को संबोधित करते हुए किया गया. प्रधानमंत्री के संबोधन को वाराणसी के तीनों आयोजन स्थलों पर उपस्थित युवाओं ने उत्साहपूर्वक सुना. इसके पश्चात संबंधित अतिथियों द्वारा मां सरस्वती एवं हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया. वाराणसी में आयोजित इन तीनों कार्यक्रमों में कुल 1029 युवाओं ने प्रतिभाग किया.जिमखाना क्लब, आईआईटी बीएचयू में आयोजित ‘खेलो इंडिया युवा संवाद’ कार्यक्रम में 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती दर्शना सिंह, सांसद, राज्यसभा रहीं. इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. राजेश कुमार, छात्र अधिष्‍ठाता, आईआईटी बीएचयू उपस्थित रहे. कार्यक्रम में स्पोर्ट्स आइकन मंगल यादव एवं नासिर अली ने युवाओं से संवाद किया. दोनों स्पोर्ट्स आइकन ने क्रमशः हॉकी एवं क्रिकेट के क्षेत्र में अपने अनुभव युवाओं के साथ साझा करते हुए उन्हें खेलों के प्रति समर्पित रहने, नियमित अभ्यास करने और खेल के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया.इसी क्रम में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में आयोजित कार्यक्रम में 404 युवाओं ने प्रतिभाग किया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री हंसराज विश्वकर्मा, राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार रहे. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. आनंद के. त्यागी, कुलपति, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ तथा श्रीमती सुनीता पांडेय, कुलसचिव उपस्थित रहीं. इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन खिलाड़ी एवं स्पोर्ट्स आइकन सुश्री पूनम यादव ने युवाओं से संवाद किया. उन्होंने अपने खेल जीवन के अनुभव साझा करते हुए युवाओं को खेलों में अनुशासन, मेहनत, निरंतर अभ्यास एवं दृढ़ इच्छाशक्ति के महत्व के बारे में बताया तथा युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.वहीं धीरेंद्र महिला पीजी कॉलेज में आयोजित ‘खेलो इंडिया युवा संवाद’ कार्यक्रम में 525 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रविंद्र जायसवाल, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे. विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. नलिनी मिश्रा, प्राचार्य, धीरेंद्र महिला पीजी कॉलेज उपस्थित रहीं. कार्यक्रम में राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एवं स्पोर्ट्स आइकन सुश्री शालू सोनकर ने छात्राओं से संवाद किया. उन्होंने अपने खेल अनुभवों को साझा करते हुए छात्राओं को खेलों में अधिक से अधिक भागीदारी करने, अपनी प्रतिभा को पहचानने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया.ALSO READ : वाराणसी में स्कूल की बदहाली का वीडियो पोस्ट करना पड़ा भारी, आप प्रवक्ता मुकेश सिंह गिरफ्तारतीनों आयोजन स्थलों पर उपस्थित स्पोर्ट्स आइकन द्वारा युवाओं से ‘खेलो इंडिया’ के विषय पर संवाद किया गया. उन्होंने युवाओं के सवालों का जवाब देते हुए खेलों में उपलब्ध अवसरों, खेलों में करियर की संभावनाओं, फिटनेस, अनुशासन, टीम भावना तथा नियमित अभ्यास के महत्व पर चर्चा की. स्पोर्ट्स आइकन ने युवाओं को अपने अनुभवों से प्रेरित करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण का भी महत्वपूर्ण साधन है.कार्यक्रम के दौरान युवाओं को विकसित भारत यंग डायलाग एवं खेलो इंडिया से संबंधित अपने आइडिया, विचार एवं सुझाव साझा करने के लिए प्रेरित किया गया. युवाओं को विभिन्न युवा गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया. युवाओं ने भी खेल एवं युवा कार्यक्रमों से संबंधित अपने विचार उत्साहपूर्वक साझा किए. इस अवसर पर युवाओं को नशा मुक्त भारत के निर्माण की शपथ भी दिलाई गई. उपस्थित युवाओं ने नशे से दूर रहने, स्वयं स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने तथा समाज के अन्य लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया.
वाराणसी में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की निगरानी का विरोध, विपक्षी दलों ने पैदल मार्च कर सौंपा ज्ञापन
वाराणसी में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की निगरानी का विरोध, विपक्षी दलों ने पैदल मार्च कर सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : राजनीतिक दलों एवं किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं और नेताओं की कथित व्यक्तिगत निगरानी तथा लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का विपक्षी दलों ने विरोध किया है. कांग्रेस, सीपीएम, सीपीआई, भाकपा (माले), राष्ट्रीय जनता दल एवं फॉरवर्ड ब्लॉक सहित विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च कर प्रदर्शन किया. इन दलों ने केंद्र एवं उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और विरोध की आवाज को दबाने का आरोप लगाते हुए लोकतांत्रिक तरीके से सरकार को घेरा.विभिन्न दलों के कार्यकर्ता वाराणसी कचहरी स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा के पास एकत्रित हुए. यहां से कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए पैदल कचहरी पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति को अपराध नहीं माना जा सकता और सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए. पैदल मार्च के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने एसीएम को पत्रक सौंपकर राजनीतिक कार्यकर्ताओं की निगरानी तत्काल बंद करने तथा इस संबंध में पारदर्शी और कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की.वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारें लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत कार्य कर रही हैं. सरकार से सवाल पूछने वाले विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और किसान संगठनों से जुड़े लोगों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों को अपनी बात रखने, सरकार की नीतियों का विरोध करने और शांतिपूर्ण आंदोलन करने का संवैधानिक अधिकार भी शामिल है.वक्ताओं ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल राजनीतिक विरोध को नियंत्रित करने के लिए किया जा रहा है. कार्यकर्ताओं के बैंक अकाउंट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वंश-वृक्ष, व्यवसाय एवं अन्य व्यक्तिगत जानकारियों के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए दबाव बनाए जाने की शिकायतों पर उन्होंने गंभीर चिंता जताई. नेताओं ने कहा कि किसी भी नागरिक की निजी जानकारी प्राप्त करने के लिए स्पष्ट कानूनी आधार, निर्धारित प्रक्रिया और जवाबदेही आवश्यक है. मौखिक आदेशों या अस्पष्ट निर्देशों के आधार पर व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करना नागरिकों के निजता के अधिकार पर गंभीर सवाल खड़े करता है.विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है. विपक्ष को दुश्मन समझकर उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाना लोकतंत्र के लिए स्वस्थ संकेत नहीं है. उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष को यह समझना होगा कि लोकतंत्र में सरकार स्थायी नहीं होती, लेकिन संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाएं स्थायी होती हैं.नेताओं ने कहा कि देश में महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, युवाओं के भविष्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जनता जवाब मांग रही है. ऐसे जनसरोकार के सवालों का जवाब देने के बजाय यदि सरकार विरोध की आवाज उठाने वालों की निगरानी और दमन का रास्ता अपनाती है तो इससे लोकतंत्र कमजोर होगा. प्रदर्शन के दौरान कैंट एसीपी, कैंट इंस्पेक्टर सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा. पुलिस की मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया और एसीएम को पत्रक सौंपा.ALSO READ : वाराणसी में स्कूल की बदहाली का वीडियो पोस्ट करना पड़ा भारी, आप प्रवक्ता मुकेश सिंह गिरफ्तारविपक्षी दलों ने चेतावनी दी कि यदि राजनीतिक कार्यकर्ताओं की निगरानी, दबाव और उत्पीड़न की कार्रवाई पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई तो लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और संविधान, लोकतांत्रिक अधिकारों तथा नागरिकों की निजता की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा.प्रदर्शन में नन्दलाल पटेल, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे, सतनाम सिंह, अनिल कुमार सिंह, वकील अंसारी, राजू राम, लाल बहादुर, संतोष चौरसिया, हसन मेहदी कब्बन, मिठाई लाल, रामकेश यादव, सुरेन्द्र यादव, लालमणि वर्मा, मोबिन अहमद, देवासिष, रामजी सिंह, गौरी शंकर पटेल, वंदना जायसवाल, विनीत चौबे, लक्ष्मण वर्मा, प्रमोद वर्मा, श्यामलाल पटेल, अजय मुखर्जी, विजय देवल, पुलक त्रिपाठी, हिमांशु धनवस्त, आसुतोष पाण्डेय, शिव शंकर मौर्य,शशि‍ सोनकर, राजेश्वर विश्वकर्मा, आनन्द चौबे, मनोज पाण्डेय, गोपाल चौबे,साबिर अली, राजेश्वर विश्वकर्मा, रामजी गुप्ता, कृष्णा गौड़, प्रेमदीप तिवारी, अरविन्द मौर्य समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे.