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डाॅ. संजय निषाद- पत्रकारों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट जरूरी

डाॅ. संजय निषाद- पत्रकारों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट जरूरी
Apr 17, 2026, 12:34 PM
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Posted By Preeti Kumari

Dr. Sanjay Nishad – Protection Act is necessary for journalists


वाराणसी: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डाॅ. संजय निषाद (मत्स्य पालन विभाग) ने कहा है कि काशी पत्रकार संघ का इतिहास केवल एक संस्था का इतिहास नही है बल्कि यह काशी की सामाजिक चेतना, संघर्ष और संच्चाई की आवाज का एक जीवंत दस्तावेज है. यह वर्षों से पत्रकारिता की परम्पराओं, मूल्यों और जनहित की भावना को जिस समर्पण के साथ संजोकर रखा है वह अत्यंत सराहनीय है. उन्होंने पत्रकारों की समस्याओं पर गंभीर चिंता जताई और उनके लिए एक सशक्त “प्रोटेक्शन एक्ट” लागू करने पर सहमति जताई.


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क्रांति की चेतना का जन्म


शुक्रवार को काशी पत्रकार संघ की पहल पर आयोजित में ‘संवाद कार्यक्रम’ में पराड़कर स्मृति भवन पहुंचे कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज़ादी के आंदोलन में काशी की पत्रकारिता ने अपनी लेखनी के माध्यम से जनजागरण और क्रांति की चेतना को जन्म दिया. कहा कि जिस प्रकार डॉक्टर, अधिवक्ता और इंजीनियर जैसे पेशेवर कभी पूरी तरह से रिटायर नहीं होते, उसी प्रकार पत्रकारों का अनुभव भी अमूल्य होता है और उन्हें जीवनभर सम्मान व सुरक्षा मिलनी चाहिए. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जैसे कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के लिए सुरक्षा प्रावधान मौजूद हैं, वैसे ही पत्रकारों के लिए भी “प्रोटेक्शन एक्ट” जरूरी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रकार समाज को दिशा देने वाला वर्ग है. यदि वही असुरक्षित रहेगा और समस्याओं से जूझता रहेगा, तो समाज की सुरक्षा और जागरूकता भी प्रभावित होगी. ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है.


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उन्होंने पत्रकारों की समस्याओं को विस्तार से सुना. संघ की ओर से उठाए गए आवास, पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि इन्हें मुख्यमंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा और समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे. इसके पूर्व काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र ने कैबिनेट मंत्री का स्वागत किया. संचालन महामंत्री जितेंद्र श्रीवास्तव ने किया.


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इस मौके पर काशी पत्रकार संघ के पूर्व अध्यक्ष योगेश कुमार गुप्त, राजनाथ तिवारी, संघ के उपाध्यक्ष सुनील शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार दीनबंधु राय, कैलाश यादव, कृष्ण बहादुर रावत, प्रेस क्लब के अध्यक्ष चंदन रुपाणी, मंत्री विनय शंकर सिंह, अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, पंकज त्रिपाठी, शिव प्रकाश राय, अमित शर्मा, देवेश सिंह, शंकर चतुर्वेदी, मनोज राय, रोशन जायसवाल, विजय शंकर गुप्ता, संजय प्रसाद सिंह, आशुतोष पांडेय, राजेश सेठ, दिनेश सिंह, मुन्ना लाल साहनी, हरी बाबू श्रीवास्तव, अरुण सिंह, दिलीप कुमार आदि मौजूद थे.


वाराणसी में छत से गिरकर ओडिशा की छात्रा की मौत, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही
वाराणसी में छत से गिरकर ओडिशा की छात्रा की मौत, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही
वाराणसी : लोहता के धन्नीपुर गांव स्थित गर्ल्स हॉस्टल में रविवार रात 12वीं की छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में छत से नीचे गिर गई. गंभीर रूप से घायल छात्रा को पहले कोरौता-गोपालपुर स्थित सेंट मैरिज अस्पताल ले जाया गया. हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा रेफर कर दिया. इलाज के दौरान सोमवार दोपहर उसकी मौत हो गई. पुलिस आत्महत्या समेत अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है.मृतका की पहचान ओडिशा के राउरकेला के बिसरा थाना क्षेत्र के संतोषपुर गांव निवासी बेनीड एक्का की 18 वर्षीय बेटी अनामिका एक्का के रूप में हुई. वह धन्नीपुर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में रहकर चांदपुर स्थित एक कॉलेज में 12वीं की पढ़ाई कर रही थी. रात वह हॉस्टल के पीछे की छत से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिर गई. घटना की जानकारी मिलने पर हॉस्टल की वार्डन उसे तत्काल अस्पताल ले गईं.हालत गंभीर होने पर उसे मंडलीय अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शिवपुर भेज दिया.सूचना मिलने पर छात्रा के पिता भी थाने पहुंचे. उन्होंने पुलिस से किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने की बात कही. उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी बेटी भी इसी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर चुकी है. घटना की जानकारी पर एडीसीपी वरुणा जोन, एसीपी रोहनिया और थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और जांच की. पुलिस ने छात्रा के कमरे से एक छोटा बैग और कुछ किताबें कब्जे में लेकर जांच शुरू की है. फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए.ALSO READ : मेहनत की कमाई से पढ़ाया, आबकारी विभाग में सिपाही बनते ही बदला पत्‍नी का रवैयाथानाध्यक्ष अभिजीत सिंह ने बताया कि हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर को कब्जे में लेकर फुटेज की जांच की जा रही है. हॉस्टल की वार्डन से भी पूछताछ की गई है. पुलिस छात्रा के छत से गिरने के कारणों और घटनाक्रम की जांच कर रही है.
मेहनत की कमाई से पढ़ाया, आबकारी विभाग में सिपाही बनते ही बदला पत्‍नी का रवैया
मेहनत की कमाई से पढ़ाया, आबकारी विभाग में सिपाही बनते ही बदला पत्‍नी का रवैया
वाराणसी : मेहनत की कमाई से पत्नी को पढ़ाकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने और आबकारी विभाग में महिला सिपाही बनने तक सहयोग करने वाले पति ने अब प्रताड़ना और धमकी देने का आरोप लगाया है. पति के प्रार्थना पत्र पर अदालत के आदेश के बाद शिवपुर पुलिस ने पत्नी समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पति का आरोप है कि सरकारी नौकरी मिलने के बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया और वह उसे मजदूर कहकर नीचा दिखाने लगी.शिकायत में माता प्रसाद यादव ने बताया कि उनकी शादी मई 2011 में ममता यादव से हुई थी. उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से पत्नी की पढ़ाई कराई. ममता को बीए, एमए और बीएड की शिक्षा दिलाने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी पूरा सहयोग किया. आरोप है कि वर्ष 2022 में ममता का प्रयागराज में आबकारी विभाग में महिला सिपाही के पद पर चयन हो गया. पति का आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद ममता के व्यवहार में बदलाव आया.वह कथित तौर पर उन्हें मजदूर कहकर अपमानित करने लगीं और पद का रौब दिखाकर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगीं. शिकायत के अनुसार जनवरी 2024 में ममता घर से 48 हजार रुपये और आभूषण लेकर चली गईं. माता प्रसाद ने इसका विरोध किया तो उन्हें और परिवार के सदस्यों को जेल भिजवाने की धमकी दी गई.माता प्रसाद का कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत शिवपुर थाने में की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अदालत की शरण ली. अदालत में दाखिल याचिका पर सुनवाई के बाद एसीजेएम के निर्देश पर शिवपुर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की.ALSO READ: शास्त्रीघाट पर भूख हड़ताल के तीसरे दिन बृजेश मिश्रा की बिगड़ी तबीयत, प्रदर्शनकारियों में बढ़ी चिंताशिवपुर थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि ममता यादव, उनके पिता नखड़ू समेत चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
शास्त्रीघाट पर भूख हड़ताल के तीसरे दिन बृजेश मिश्रा की बिगड़ी तबीयत, प्रदर्शनकारियों में बढ़ी चिंता
शास्त्रीघाट पर भूख हड़ताल के तीसरे दिन बृजेश मिश्रा की बिगड़ी तबीयत, प्रदर्शनकारियों में बढ़ी चिंता
वाराणसी। यूजीसी के खिलाफ शास्त्रीघाट पर चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच भूख हड़ताल के तीसरे दिन प्रदर्शनकारी बृजेश मिश्रा की तबीयत बिगड़ने की सूचना है। लगातार भूख हड़ताल के कारण उन्हें कमजोरी महसूस होने लगी है। इसके साथ ही शरीर में दर्द की शिकायत भी बताई जा रही है। बृजेश मिश्रा की तबीयत बिगड़ने की खबर के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों में चिंता का माहौल है।बताया जा रहा है कि यूजीसी से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शनकारी शास्त्रीघाट पर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में बृजेश मिश्रा ने भूख हड़ताल शुरू की है। मंगलवार को भूख हड़ताल का तीसरा दिन है। लगातार तीन दिनों से अन्न ग्रहण नहीं करने के कारण उनकी तबीयत प्रभावित होने लगी है।प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, शुरुआत में बृजेश मिश्रा सामान्य स्थिति में थे, लेकिन भूख हड़ताल के तीसरे दिन उन्हें कमजोरी और शरीर में दर्द की शिकायत होने लगी। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद साथी प्रदर्शनकारी उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।ALSO READ : आईएम बीएचयू में सेंट्रल बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए सेवानिवृत्ति पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू.प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखा जाएगा। प्रदर्शनकारियों की ओर से यूजीसी के समक्ष अपनी मांगें रखी गई हैं और उनका कहना है कि जब तक इन मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।वहीं, बृजेश मिश्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रदर्शनकारियों के बीच स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद साथी उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं। भूख हड़ताल लंबी खिंचने की स्थिति में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां और बढ़ने की आशंका को लेकर भी प्रदर्शनकारी चिंतित हैं।फिलहाल प्रदर्शन स्थल पर आंदोलन जारी है और बृजेश मिश्रा की तबीयत पर सभी की नजर बनी हुई है।