सावन में हर सोमवार अलग -अलग स्वरूपों में होगा बाबा विश्वनाथ का दर्शन, घाट की ओर से प्रवेश पर लग सकती है रोक ...

वाराणसी : सावन मास के स्वागत की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है. 30 जुलाई से शुरू हो रहे सावन मास में इस बार चार सोमवार पड़ रहे हैं. चारों सोमवार को बाबा विश्वनाथ के अलग- अलग स्वरूप का भक्तों को दर्शन होगा. श्रीकाशी विश्वनाथ सहित सभी प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक, पूजन-अर्चन और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी. कांवडियों के आने का क्रम भी शुरू हो गया है. घाटों पर एक दो दिन से उनकी मौजूदगी देखने को मिल रही है.
भक्त आनलाइन दर्शन भी कर सकेंगे
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र के अनुसार तीन अगस्त को प्रथम सोमवार पर बाबा का श्रीशंकर स्वरुप में श्रृंगार होगा. 10 अगस्त को द्वितीय सोमवार को गौरी-शंकर (शंकर-पार्वती) रूप में, 17 अगस्त को पड़ रहे तीसरे सोमवार पर अर्द्धनारीश्वर रूप में तथा 24 अगस्त को चतुर्थ व सावन के अंतिम सोमवार को श्रीकाशी विश्वनाथ के रुद्राक्ष श्रृंगार का श्रद्धालुओं को दर्शन होगा. मंदिर परिसर में भक्तों के सुचारू दर्शन पूजन की व्यवस्था के साथ ही पेयजल, मेडिकल, वृद्ध, अशक्त व दिव्यांगजनों को ई-रिक्शा, पार्किंग, साफ-सफाई, खोया- पाया केंद्र का भी इंतजाम किया जा रहा है. मंदिर न आ पाने वाले भक्त आनलाइन दर्शन कर सकेंगे. बाबा का लाइव दर्शन न्यास की वेबसाइट, आधिकारिक यू ट्यूब चैनल पर उपलब्ध रहेगा.

जिग- जैग बैरीकेडिंग में लगेंगे बैरियर
सावन मास के सोमवार को इस बार पिछली बार से ज्यादा श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए आने की संभावना को देखते हुए भीड़ नियंत्रण के लिए परिसर में जगह-जगह जिग जैग रेलिंग व बैरिकेडिंग की जाएगी. मंदिर प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए बैरीकेडिंग में भी जगह- जगह बैरियर लगाने का निर्णय लिया है.
यहां से मिलेगा श्रद्धालुओं को प्रवेश
सावन मास में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं को गेट नंबर चार, काशी द्वार मार्ग 4बी, नंदू फेरिया प्रवेश मार्ग, सिल्को प्रवेश मार्ग, ढुंढिराज प्रवेश मार्ग, सरस्वती फाटक प्रवेश मार्ग, भैरव द्वार प्रवेश मार्ग (श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर घाट की तरफ से) प्रवेश मिलेगा. मां गंगा का जलस्तर बढ़ने पर घाट की तरफ से श्रद्धालुओं का प्रवेश अस्थाई रूप से रोका जा सकता है.
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5 हजार पुलिसकर्मी होंगे तैनात
सावन में काशी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन के लिए पुलिस-प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं. शहर को पांच जोन और 15 सेक्टर में बांटकर पांच आईपीएस, 50 राजपत्रित अधिकारियों समेत 5000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है. कांवड़ यात्रियों के लिए प्रयागराज से मोहनसराय तक एक लेन आरक्षित रखी जाएगी. प्रमुख मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी और त्रिनेत्र प्रणाली से निगरानी होगी, जबकि गंगा घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग के साथ जल पुलिस, पीएसी, बाढ़ राहत दल और प्रशिक्षित गोताखोर तैनात रहेंगे. बृहस्पतिवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक पैदल भ्रमण कर श्रावण मास की तैयारियों और यातायात और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था पर मंथन किया. सावन के सोमवार और शिवरात्रि के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर सहित प्रमुख मार्गों पर अत्यधिक भीड़ की संभावना को देख विशेष सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी.



