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सावन में हर सोमवार अलग -अलग स्‍वरूपों में होगा बाबा विश्‍वनाथ का दर्शन, घाट की ओर से प्रवेश पर लग सकती है रोक ...

सावन में हर सोमवार अलग -अलग स्‍वरूपों में होगा बाबा विश्‍वनाथ का दर्शन, घाट की ओर से प्रवेश पर लग सकती है रोक ...
Jul 24, 2026, 07:01 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : सावन मास के स्वागत की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है. 30 जुलाई से शुरू हो रहे सावन मास में इस बार चार सोमवार पड़ रहे हैं. चारों सोमवार को बाबा विश्वनाथ के अलग- अलग स्वरूप का भक्तों को दर्शन होगा. श्रीकाशी विश्वनाथ सहित सभी प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक, पूजन-अर्चन और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी. कांवडियों के आने का क्रम भी शुरू हो गया है. घाटों पर एक दो दिन से उनकी मौजूदगी देखने को मिल रही है.


भक्त आनलाइन दर्शन भी कर सकेंगे


श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र के अनुसार तीन अगस्त को प्रथम सोमवार पर बाबा का श्रीशंकर स्वरुप में श्रृंगार होगा. 10 अगस्त को द्वितीय सोमवार को गौरी-शंकर (शंकर-पार्वती) रूप में, 17 अगस्त को पड़ रहे तीसरे सोमवार पर अर्द्धनारीश्वर रूप में तथा 24 अगस्त को चतुर्थ व सावन के अंतिम सोमवार को श्रीकाशी विश्वनाथ के रुद्राक्ष श्रृंगार का श्रद्धालुओं को दर्शन होगा. मंदिर परिसर में भक्तों के सुचारू दर्शन पूजन की व्यवस्था के साथ ही पेयजल, मेडिकल, वृद्ध, अशक्त व दिव्यांगजनों को ई-रिक्शा, पार्किंग, साफ-सफाई, खोया- पाया केंद्र का भी इंतजाम किया जा रहा है. मंदिर न आ पाने वाले भक्त आनलाइन दर्शन कर सकेंगे. बाबा का लाइव दर्शन न्यास की वेबसाइट, आधिकारिक यू ट्यूब चैनल पर उपलब्ध रहेगा.

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जिग- जैग बैरीकेडिंग में लगेंगे बैरियर


सावन मास के सोमवार को इस बार पिछली बार से ज्यादा श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए आने की संभावना को देखते हुए भीड़ नियंत्रण के लिए परिसर में जगह-जगह जिग जैग रेलिंग व बैरिकेडिंग की जाएगी. मंदिर प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए बैरीकेडिंग में भी जगह- जगह बैरियर लगाने का निर्णय लिया है.


यहां से मिलेगा श्रद्धालुओं को प्रवेश


सावन मास में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं को गेट नंबर चार, काशी द्वार मार्ग 4बी, नंदू फेरिया प्रवेश मार्ग, सिल्को प्रवेश मार्ग, ढुंढिराज प्रवेश मार्ग, सरस्वती फाटक प्रवेश मार्ग, भैरव द्वार प्रवेश मार्ग (श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर घाट की तरफ से) प्रवेश मिलेगा. मां गंगा का जलस्तर बढ़ने पर घाट की तरफ से श्रद्धालुओं का प्रवेश अस्थाई रूप से रोका जा सकता है.


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5 हजार पुलिसकर्मी होंगे तैनात

सावन में काशी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन के लिए पुलिस-प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं. शहर को पांच जोन और 15 सेक्टर में बांटकर पांच आईपीएस, 50 राजपत्रित अधिकारियों समेत 5000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है. कांवड़ यात्रियों के लिए प्रयागराज से मोहनसराय तक एक लेन आरक्षित रखी जाएगी. प्रमुख मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी और त्रिनेत्र प्रणाली से निगरानी होगी, जबकि गंगा घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग के साथ जल पुलिस, पीएसी, बाढ़ राहत दल और प्रशिक्षित गोताखोर तैनात रहेंगे. बृहस्पतिवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक पैदल भ्रमण कर श्रावण मास की तैयारियों और यातायात और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था पर मंथन किया. सावन के सोमवार और शिवरात्रि के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर सहित प्रमुख मार्गों पर अत्यधिक भीड़ की संभावना को देख विशेष सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी.

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर वाराणसी में होगा 'खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम, दो स्‍थानों पर आयोजन
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर वाराणसी में होगा 'खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम, दो स्‍थानों पर आयोजन
वाराणसी : राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 के अवसर पर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा “खेलो इंडिया संवाद – खेल की बात, प्रधानमंत्री के साथ” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को खेल, फिटनेस, प्रतिभा विकास एवं राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ना तथा खेल क्षेत्र में देश की प्रगति एवं भविष्य की संभावनाओं पर युवाओं के साथ संवाद स्थापित करना है. वाराणसी में यह कार्यक्रम 27 अगस्त 2026 को दो स्थानों पर आयोजित किया जाएगा. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (MGKVP), वाराणसी तथा धीरेंद्र महिला पी.जी. कॉलेज, वाराणसी में कार्यक्रम आयोजित होंगे. दोनों स्थलों पर युवाओं एवं विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी तथा माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्चुअल संबोधन का लाइव प्रसारण किया जाएगा.प्रधानमंत्री के संबोधन के उपरांत स्थानीय स्तर पर “युवा संवाद” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसमें जनपद के सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि, स्थानीय खेल प्रतिभाएं तथा युवा प्रतिभागी शामिल होंगे. जनप्रतिनिधियों द्वारा युवाओं को संबोधित करने के साथ-साथ खेल एवं युवा विकास से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए जाएंगे. कार्यक्रम में स्थानीय खेल प्रतिभाओं के साथ संवाद भी किया जाएगा.युवाओं के विचारों और सुझावों को मिलेगा मंच“खेलो इंडिया संवाद” का महत्वपूर्ण पक्ष युवा संवाद है, जिसके माध्यम से युवाओं को देश के खेल इकोसिस्टम, खेल प्रतिभाओं के विकास, युवा नेतृत्व तथा विकसित भारत के निर्माण से जुड़े विषयों पर अपने विचार और सुझाव रखने का अवसर मिलेगा. युवाओं द्वारा दिए गए सुझावों को निर्धारित माध्यम से संकलित कर आगे प्रेषित किया जाएगा.युवा संवाद के प्रमुख विषयों में देश के खेल इकोसिस्टम को बेहतर बनाना, 2036 ओलंपिक के लिए खेल प्रतिभाओं को तैयार करना, युवा नेतृत्व एवं शासन में युवाओं की भागीदारी तथा विकसित भारत के लिए युवाओं का सशक्तिकरण शामिल हैं.कार्यक्रम के दौरान युवाओं को MY Bharat पोर्टल से जुड़ने एवं पंजीकरण के लिए भी प्रेरित किया जाएगा. साथ ही युवाओं से डिजिटल माध्यम से सुझाव प्राप्त करने के लिए MY Bharat Suggestions Box का QR Code उपलब्ध कराया जाएगा तथा Viksit Bharat Young Leaders Dialogue (VBYLD) 2027 Quiz के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी.ALSO READ : एक हाथ नहीं, फिर भी आस्था-जुनून बरकरार; 9 साल से कांवड़ लेकर बाबा के दरबार में हाजिरीउप निदेशक, मेरा युवा भारत, वाराणसी ने कहा कि “खेलो इंडिया संवाद युवाओं को खेल क्षेत्र में देश की उपलब्धियों, भविष्य की संभावनाओं और खेलों में उनके योगदान से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है. खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त माध्यम है. इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं कीआकांक्षाओं और सुझावों को सुनने तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.”उन्होंने युवाओं एवं विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में सहभागिता करने तथा खेल, फिटनेस और विकसित भारत के निर्माण से जुड़े अपने विचार एवं सुझाव साझा करने की अपील की.
एक हाथ नहीं, फिर भी आस्था-जुनून बरकरार; 9 साल से कांवड़ लेकर बाबा के दरबार में हाजिरी
एक हाथ नहीं, फिर भी आस्था-जुनून बरकरार; 9 साल से कांवड़ लेकर बाबा के दरबार में हाजिरी
वाराणसी:काशी विश्वनाथ धाम में सावन के अंतिम सोमवार को आस्था और जज्बे की ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया.बहराइच से आए श्रादुल वर्मा एक हाथ से कांवड़ उठाकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचे.वर्ष 1995 में एक दुर्घटना में उनका एक हाथ चला गया, लेकिन बाबा के प्रति उनकी आस्था और श्रद्धा आज भी उतनी ही मजबूत है.श्रादुल वर्मा बताते हैं कि करीब नौ साल पहले उन्होंने बाबा विश्वनाथ से एक मन्नत मांगी थी.उनकी इच्छा थी कि उन्हें पुत्री रत्न की प्राप्ति हो. मन्नत पूरी होने के बाद उन्होंने सावन में देवघर से कांवड़ लेकर काशी पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया. इसके बाद से हर सावन बाबा के दरबार में जल चढ़ाना उनके जीवन का संकल्प बन गया. पिछले नौ वर्षों से वह लगातार काशी आकर बाबा का जलाभिषेक कर रहे हैं.एक हाथ से कांवड़ उठाकर बाबा के दरबार तक पहुंचना उनके लिए भले ही चुनौती हो, लेकिन उनका विश्वास है,कि यह सब बाबा की कृपा से संभव हो रहा है. श्रादुल कहते हैं कि बाबा शक्ति देते हैं, इसलिए कांवड़ उठाने और जलाभिषेक करने में किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं होती. उनके लिए यह सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि बाबा के प्रति कृतज्ञता और अटूट विश्वास का प्रतीक है.श्रादुल का कहना है,कि नौ साल में काशी काफी बदल गई है.पहले की तुलना में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बेहतर हुई हैं, और प्रशासन की व्यवस्थाएं भी अच्छी हुई हैं.अब बाबा विश्वनाथ के दर्शन भी पहले के मुकाबले जल्दी हो जाते हैं.ALSO READ : आरोग्य मेले की व्यवस्था का टीम ने किया निरीक्षणएक हाथ का सहारा कम हुआ तो क्या, बाबा पर विश्वास का सहारा कभी कम नहीं हुआ. यही विश्वास और जज्बा श्रादुल वर्मा को हर सावन काशी खींच लाता है और वह पूरी श्रद्धा के साथ बाबा विश्वनाथ को जल अर्पित कर अपना संकल्प निभाते हैं.
आरोग्य मेले की व्यवस्था का टीम ने किया निरीक्षण
आरोग्य मेले की व्यवस्था का टीम ने किया निरीक्षण
वाराणसी : जिले में आयोजित होने वाले आरोग्य मेले की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को मेला स्थल का निरीक्षण किया, टीम ने मेले में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान पंजीकरण काउंटर, चिकित्सकीय जांच, दवा वितरण, पेयजल, साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था और बिजली सहित अन्य तैयारियों को देखा गया.अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि मेले में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. जांच और पंजीकरण की प्रक्रिया व्यवस्थित रखने के साथ ही आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया, भीड़ को देखते हुए अलग-अलग काउंटर बनाने और मरीजों को सही जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया.टीम ने साफ-सफाई व्यवस्था को विशेष रूप से परखा और मेला परिसर में नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए, स्वास्थ्य कर्मियों को समय से ड्यूटी स्थल पर पहुंचने तथा मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार करने के लिए कहा गया. अधिकारियों ने कहा कि आरोग्य मेले का उद्देश्य लोगों को एक ही स्थान पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है.ALSO READ : वाराणसी में ‘झीलवाली हिमपुरी’ का अद्भुत नजारा, जलविहार झांकी में राधा-कृष्ण ने मोहा मननिरीक्षण के दौरान टीम ने तैयारियों में मिली कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए. संबंधित विभागों से आपसी समन्वय बनाकर सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने को कहा गया. अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि आरोग्य मेले में बड़ी संख्या में लोगों को स्वास्थ्य जांच, परामर्श और उपचार की सुविधा मिलेगी.