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वाराणसी में भी सुनाई दी गाजीपुर हमले की गूंज, सपा नेताओं ने ADG को सौंपा मांगपत्र

वाराणसी में भी सुनाई दी गाजीपुर हमले की गूंज, सपा नेताओं ने ADG को सौंपा मांगपत्र
Apr 23, 2026, 11:24 AM
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Posted By Preeti Kumari

Echoes of Ghazipur attack resonated in Varanasi; SP leaders submit memorandum to ADG


वाराणसी: गाजीपुर में हुई निशा विश्वकर्मा की हत्या के मामले में पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा पर पिछले दिनों हुए हमले की गूंज वाराणसी में सुनाई दी है. इसी संदर्भ में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने गुरुवार को सपा जिलाध्यक्ष सुजित यादव "लक्कड़" के नेतृत्व में अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) पियूष मोर्डिया से मुलाकात की और मांगपत्र सौंपा. जिलाध्यक्ष सुजित यादव "लक्कड़" ने आरोप लगाया कि गाजीपुर के थाना करण्डा अंतर्गत ग्राम कटरिया निवासी सियाराम विश्वकर्मा की नाबालिग बेटी निशा विश्वकर्मा की दबंगों द्वारा हत्या कर शव गंगा नदी में फेंक दिया गया था. उन्होंने कहा कि इस घटना के संबंध में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी का प्रतिनिधिमंडल परिजनों से जानकारी लेने गांव पहुंचा था.


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उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में ग्राम प्रधान आशुतोष सिंह "आशु" ने अपने समर्थकों के साथ सुनियोजित तरीके से पथराव किया, जिसमें पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए और पार्टी की महिला कार्यकर्ता भी चोटिल हुईं. इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही, जो कि अत्यंत चिंताजनक है. पूर्व मंत्री एवं कैन्ट विधानसभा की प्रभारी रीबू श्रीवास्तव ने एडीजी से कहा कि प्रधान प्रतिनिधि आशुतोष सिंह ने सपा के डेलिगेशन के गांव में न आने के लिए सोशल मीडिया पर धमकी दी थी. उन्होंने कहा कि यह हमला पूर्व नियोजित था, जिससे पूर्व मंत्री और पार्टी कार्यकर्ता घायल हुए.


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पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा "विश्वकर्मा" ने एडीजी से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए. उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा पर हुए हमले के दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए. इसके साथ ही, निशा विश्वकर्मा के हत्यारों के मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित किया जाए.साथ ही, उन्होंने मांग की कि निशा के परिजनों को 50 लाख का मुआवजा दिया जाए और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए. उन्होंने आशुतोष सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की भी मांग की.


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इसके अलावा, सीओ सिटी और थानाध्यक्ष करण्डा सहित अन्य पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग भी उठाई गई. ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष सुजीत यादव "लक्कड़", जिला प्रवक्ता संतोष यादव बबलू एडवोकेट, पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा "विश्वकर्मा", पूर्व मंत्री रीबू श्रीवास्तव, डॉ. उमाशंकर सिंह यादव, हीरू यादव, शशि यादव, संगीता पटेल, संजू विश्वकर्मा, पार्वती कन्नौजिया, प्रिंस सिंह, आकाश विश्वकर्मा, रामकुमार यादव आदि उपस्थित थे.


बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में  एड्स जागरूकता अभियान, दिए गए चिकित्‍सकीय परामर्श
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एड्स जागरूकता अभियान, दिए गए चिकित्‍सकीय परामर्श
वाराणसी : प्रिज्मैटिक फाउंडेशन के तत्वावधान में आज मंगलवार को पंचायत भवन, सलारपुर, वाराणसी में एड्स जागरूकता एवं निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का मुख्य उद्देश्य क्वीयर और ट्रांसजेंडर समुदाय के नेतृत्व में समाज में एचआईवी एवं एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना, एचआईवी से जुड़े भ्रम एवं भेदभाव को दूर करना तथा लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराना रहा. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आयोजित होने के कारण शिविर में मौसमी बीमारियों तथा बाढ़ के बाद होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की भी जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श दिए गए.शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम द्वारा लोगों को एचआईवी/एड्स, यौन संचारित संक्रमण, सर्दी-जुकाम, बुखार तथा अन्य मौसमी बीमारियों के साथ-साथ बाढ़ के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं, दूषित पानी से होने वाले संक्रमण, त्वचा संबंधी समस्याओं और अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक किया गया. इच्छुक लोगों के लिए स्वैच्छिक एवं गोपनीय एचआईवी जांच, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण तथा चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई.शिविर में उपलब्ध प्रमुख सेवाएं- एचआईवी/एड्स एवं यौन संचारित संक्रमण के संबंध में जागरूकता- निःशुल्क एवं गोपनीय एचआईवी जांच- सामान्य स्वास्थ्य जांच- मौसमी बीमारियों की जांच एवं उपचार संबंधी परामर्श- बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं की जांच एवं चिकित्सकीय मार्गदर्शन- दूषित पानी एवं जलभराव से होने वाले संक्रमणों से बचाव की जानकारी- रक्तचाप एवं वजन की जांच- आंखों की जांच- निःशुल्क दवा का वितरण- स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं मार्गदर्शन- सुरक्षित व्यवहार एवं एचआईवी से बचाव के उपायों की जानकारी- स्वास्थ्य संबंधी सूचना एवं जागरूकता सामग्री का वितरणशिविर में ट्रांसजेंडर एवं क्वीयर समुदाय, महिलाओं, पुरुषों, युवाओं, किशोर-किशोरियों तथा अन्य समुदायों के लोगों को विशेष रूप से शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया गया. आयोजकों ने कहा कि एचआईवी/एड्स को लेकर समाज में मौजूद डर, भ्रांतियों और भेदभाव को समाप्त करने के लिए जागरूकता और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है.शिविर में विशेषज्ञों के रूप में डॉ. संजीव (जनरल फिजिशियन एवं स्वास्थ्य परामर्श एवं मार्गदर्शन), SSPG कबीरचौरा अस्पताल; डॉ. मनीषा राय (परामर्शदाता), सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र, SSPG कबीरचौरा अस्पताल; डॉ. मयंक कुमार (डी.आर. ओ.पी.टी. एवं वरिष्ठ नर्स प्रशिक्षण अधिकारी), माता आनंदमयी अस्पताल; और डॉ. संतोष यादव ने स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया. प्रिज्मैटिक फाउंडेशन की ओर से अनामिका ने कहा कि एचआईवी एक वायरस है जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है. समय पर जांच, चिकित्सकीय सलाह और उचित उपचार के माध्यम से एचआईवी के साथ स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है. इसलिए किसी भी व्यक्ति को एचआईवी को लेकर भय या सामाजिक बहिष्कार का सामना नहीं करना चाहिए.ALSO READ : ससुराल में सपरिवार पहुंचे चंद्रमौलीश्वर, बौद्ध परिपथ पर गूंजा हर-हर महादेवरूमान ने कहा कि एड्स का वर्तमान में पूर्ण इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन चिकित्सकीय देखरेख, समय पर जांच और उचित उपचार के माध्यम से एचआईवी के साथ लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है. इसलिए जागरूकता, समय पर जांच और सही चिकित्सकीय सलाह बेहद महत्वपूर्ण है. नीति ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है और समाज में किसी भी बीमारी या स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. “सबके लिए स्वास्थ्य, समान अधिकार और समान सम्मान” की भावना के साथ संस्था आगे भी ऐसे स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी. स्वास्थ्य शिविर में प्रमुख रूप से नैंसी, इकबाल, आदित्य कृष्णा, टैन, दुर्गा, सोनम, तनु, अनु, सैम, रागिनी, छोटी, शिवानी, प्यूष, बनी सहित दर्जनों क्वीयर और ट्रांस समुदाय के लोग और आस पास के गांव से सैकड़ों लोग शामिल रहे.
ससुराल में सपरिवार पहुंचे चंद्रमौलीश्वर, बौद्ध परिपथ पर गूंजा हर-हर महादेव
ससुराल में सपरिवार पहुंचे चंद्रमौलीश्वर, बौद्ध परिपथ पर गूंजा हर-हर महादेव
वाराणसी : बाबा विश्वनाथ मंगलवार की शाम अपने ससुराल सारनाथ स्थित सारंगनाथ मंदिर पहुंचे. इस दौरान देवाधिदेव के स्वागत में पूरा क्षेत्र उमड़ पड़ा. चंद्रमौलीश्वर के अलौकिक स्वरूप में सपरिवार महादेव जब सुसज्जित पालकी पर विराजमान होकर बौद्ध परिपथ से निकले तो सनातन की आस्था, जैन परंपरा और बौद्ध संस्कृति एक ही राह पर साथ-साथ चलती दिखाई दी. पालकी में एक ओर महादेव की गोद में प्रथमेश और दूसरी ओर माता पार्वती विराजमान थीं. शंखध्वनि, डमरुओं और शहनाई की गूंज और हर-हर महादेव के जयघोष से सारनाथ का वातावरण भक्तिमय हो उठा.महादेव के ससुराल आगमन पर स्थानीय भक्तों और तीर्थ पुरोहितों ने ऐसा स्वागत किया, जैसे वर्षों बाद घर आए दामाद के स्वागत में पूरा परिवार पलक-पांवड़े बिछा दे. प्रदोष काल में चंद्रमौलीश्वर को झूले पर विराजमान कराया गया और 501 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर उनका सामूहिक महाभिषेक किया गया.51 डमरुओं के निनाद के बीच निकली बाबा की पालकीसारनाथ के गंज क्षेत्र स्थित संकटमोचन मंदिर से दोपहर तीन बजे इस दिव्य यात्रा का शुभारंभ हुआ. इससे पहले शिवांजलि के संयोजक संजीव रत्न मिश्र ने चंद्रमौलीश्वर स्वरूप का विधि-विधान से श्रृंगार किया. महाआरती और विशेष पूजन के बाद काशी विश्वनाथ डमरू दल के मोनू बाबा के नेतृत्व में 51 डमरुओं की गूंज के बीच पालकी यात्रा रवाना हुई. पालकी के साथ पुनीत जेतली ‘पागल बाबा’ छत्र लेकर चल रहे थे, जबकि मनोज शर्मा चंवर डुला रहे थे. मार्ग में श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर पुष्प अर्पित किए और शीश नवाया. सारनाथ पहुंचने पर सामूहिक रुद्राभिषेक पीठम के अध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा (एड.)और शिव बारात समिति के महामंत्री दिलीप सिंह और हरीश वालिया ने बाबा की अगवानी की. बाबा की पालकी जैसे-जैसे आगे बढ़ती गई, श्रद्धालुओं की आस्था भी उसके साथ उमड़ती गई.झूले पर विराजे महादेव, 501 पार्थिव शिवलिंगों का अभिषेकसारंगनाथ मंदिर पहुंचते ही बाबा के ससुरालवासियों ने उनका परंपरागत भाव से स्वागत किया. प्रदोष की बेला में चंद्रमौलीश्वर को झूले पर विराजमान कराया गया. इसके बाद 501 पार्थिव शिवलिंग बनाए गए. पंचतीर्थ और पंचकूप के पवित्र जल में सर्वौषधि मिश्रित कर इन शिवलिंगों का सामूहिक महाभिषेक किया गया. यह दृश्य श्रद्धा और भावुकता से भरा था. एक ओर झूले पर सपरिवार विराजमान चंद्रमौलीश्वर थे तो दूसरी ओर उनके ससुरालवासी भक्तिभाव से अभिषेक में जुटे थे.ALSO READ : आधे घंटे की बारिश ने खोली विकास के दावों की पोल, कांग्रेस का प्रदर्शनइस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत आवास टेढ़ी नीम से लाई गई नक्काशीदार पालकी रही. चंद्रमौलीश्वर स्वरूप की यह प्रतिमा और पालकी काशी की प्राचीन धार्मिक परंपराओं की साक्षी है. कुंभ क्षेत्र में भी इस स्वरूप को ले जाने की परंपरा रही है. महाशिवरात्रि पर महामृत्युंजय मंदिर से निकलने वाली बाबा विश्वनाथ की प्रसिद्ध बारात में भी चंद्रमौलीश्वर स्वरूप विराजमान होते हैं.
आधे घंटे की बारिश ने खोली विकास के दावों की पोल,  कांग्रेस का प्रदर्शन
आधे घंटे की बारिश ने खोली विकास के दावों की पोल, कांग्रेस का प्रदर्शन
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मंगलवार को हुई बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था और विकास के दावों की पोल खोल दी, महज आधे घंटे की बारिश के बाद शहर के कई इलाकों, गलियों, चौराहों और प्रमुख मार्गों पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई. काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के मुख्य द्वार पर भी भारी जलजमाव देखने को मिला, जिससे मरीजों, छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.इस दौरान महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष चंचल शर्मा ने कहा कि देश और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार है, वाराणसी से प्रधानमंत्री वर्ष 2014 से लगातार सांसद हैं, और शहर को विश्वस्तरीय बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है, कि थोड़ी सी बारिश में ही शहर की सड़कें और चौराहे जलमग्न हो जाते हैं.चंचल शर्मा ने कहा कि “शहर की हर गली, चौराहे और प्रमुख मार्ग पर जलजमाव की स्थिति दिखाई दे रही है, यह नगर निगम और भाजपा सरकार के विकास के दावों की पोल खोल रहा है, जब महज आधे घंटे की बारिश में यह हाल हो जाता है, तो बड़े-बड़े विकास के दावों की वास्तविकता खुद सामने आ जाती है.उन्होंने कहा कि BHU का मुख्य द्वार अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, जहां प्रतिदिन हजारों मरीज, छात्र-छात्राएं, उनके परिजन और आम नागरिक आवागमन करते हैं, ऐसे स्थान पर जलजमाव होना, नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, उन्होंने सरकार और नगर निगम से मांग की कि शहर की जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स्थायी और प्रभावी कदम उठाए जाएं.ALSO READ : वाराणसी में डंपर की टक्‍कर से बाइक सवार युवती की मौत, पिता गंभीर रूप से घायलयुवा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता को कागजों और विज्ञापनों में विकास नहीं, बल्कि जमीन पर बेहतर सड़क, साफ-सफाई और सुचारु जलनिकासी व्यवस्था चाहिए.वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण शहर में हर बारिश के बाद जलजमाव की समस्या का सामने आना जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है.इस अवसर पर महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष चंचल शर्मा, कैंट विधानसभा अध्यक्ष युवा कांग्रेस धीरज सोनकर, महानगर महासचिव युवा कांग्रेस आयुष पटेल, महानगर उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस आस्तोष श्रीवास्तव सहित अन्य युवा कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे.