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वाराणसी में बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत, लगेंगी नई 33 केवी लाइनें

वाराणसी में बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत, लगेंगी नई 33 केवी लाइनें
Aug 22, 2025, 09:58 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: काशी सहित पूरे पूर्वांचल की बिजली आपूर्ति को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है . पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) और स्मार्ट डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क (स्काडा) के तहत चल रहे कार्यों के साथ अब वर्ष 2025-26 का नया बिजनेस प्लान भी मंजूर हो गया है .


इस योजना के तहत वाराणसी जिले में 25.32 करोड़ रुपये की लागत से 65 कार्य कराए जाएंगे . इनमें 33 केवी की 5 नई लाइनें और 11 केवी की 16 लाइनें शामिल हैं . इसके अलावा करीब 7.38 करोड़ रुपये विद्युत सुरक्षा कार्यों पर खर्च किए जाएंगे . अधिकारियों का मानना है कि इन प्रयासों के बाद आने वाले वर्षों में बिजली आपूर्ति और भी सुचारु हो जाएगी .


21 जिलों में खर्च होंगे 824 करोड़ रुपये


इसी बिजनेस प्लान के अंतर्गत पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) से जुड़े 21 जिलों में करीब 824 करोड़ रुपये की परियोजनाएं लागू होंगी . पावर कॉरपोरेशन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है . वाराणसी प्रथम जोन से भेजे गए प्रस्ताव में 65 कार्य शामिल हैं .

सुरक्षा इंतज़ाम होंगे बेहतरः मुख्य अभियंता



इस संबंध में मुख्य अभियंता राकेश कुमार पांडेय ने बताया कि इन कार्यों के तहत नई लाइनें डाली जाएंगी और सुरक्षा इंतज़ाम भी बेहतर होंगे . वहीं, अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार सिंह ने जानकारी दी कि पन्नालाल पार्क उपकेंद्र से 3.5 किलोमीटर लंबे तार बदले जाएंगे और कैंट से कोईलहवा उपकेंद्र तक 2 किलोमीटर नई 33 केवी लाइन डाली जाएगी . इसके अलावा 11 केवी की तीन नई लाइनें भी तैयार होंगी .


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बिजली कटौती और वोल्टेज की समस्या से मिलेगा छुटकारा


पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निदेशक (तकनीक) जितेंद्र नलवाया के अनुसार, बिजनेस प्लान 2025-26 के तहत पूरे पूर्वांचल में लगभग 9,995 कार्य पूरे किए जाएंगे . उन्होंने कहा कि जल्द ही इन पर काम शुरू होगा, जिससे आने वाले समय में गर्मियों के दौरान बिजली कटौती और वोल्टेज की समस्या से लोगों को काफी राहत मिलेगी .

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बरेका सिनेमाघर में महिलाओं का सम्‍मान, राष्‍ट्र निर्माण में योगदान को किया याद
बरेका सिनेमाघर में महिलाओं का सम्‍मान, राष्‍ट्र निर्माण में योगदान को किया याद
वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 12 मार्च को बरेका सिनेमा हॉल में एक भव्य सांस्कृतिक एवं महिला सशक्तिकरण समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य नारी शक्ति की उपलब्धियों को सम्मानित करना तथा समाज, रेल और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं के अमूल्य योगदान को रेखांकित करना था.समारोह का विधिवत शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. मधुलिका सिंह द्वारा मुख्य अतिथि बरेका महिला कल्याण संगठन की उपाध्यक्ष गौरी श्रीवास्तव को पौधा भेंट कर सम्मानित करने के साथ हुई. इसके पश्चात मुख्य अतिथि श्रीमती गौरी श्रीवास्तव, महिला कल्याण संगठन की पदाधिकारियों तथा आमंत्रित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया गया.सकारात्मकता से भरा वातावरणसमारोह का आरंभ भक्तिपूर्ण शिव वंदना से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर दिया. अपने संबोधन में श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि “महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं. राष्ट्र के विकास और समाज के सशक्त निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.” इस अवसर पर 01 मार्च से 28 फरवरी 2027 के मध्य सेवानिवृत्त होने वाली महिला कर्मचारियों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया.यह भी पढ़ें: नगर निगम और BHU के साझा संकल्प से सवंरेगी काशी, कई छात्र सीखेंगे शहर प्रबंधन के गुरकार्यक्रम में आमंत्रित वक्ता डॉ. रचना अग्रवाल (समाज सेविका एवं पूर्व अध्यक्षा – बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ) तथा डॉ. मधुलिका सिंह ने महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जागरूकता पर अपने विचार साझा किए. समारोह के दौरान प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहे. पूजा चौधरी के निर्देशन में प्रस्तुत खुशी शर्मा का भावनृत्य शिव वंदना, करुणा सिंह का कविता पाठ तथा निशा, दीप्ति गुप्ता एवं नीतू जैसवार द्वारा प्रस्तुत गीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया. इसके अतिरिक्त नारी सशक्तिकरण विषय पर आधारित लघु नाटक, समूह होली नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए और उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.रचनात्मक अभिव्यक्ति के उत्सव का प्रतीकइस अवसर पर महिला कल्याण संगठन की वरिष्ठ कार्यकारी सदस्या गुरमीत कौर, कोषाध्यक्ष श्वेता श्रीवास्तव, सचिव ऋतिका सिंह, मीनाक्षी सिंह, अनुजा खरे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहीं. कार्यक्रम में डॉ. प्रेक्षा पाण्डेय, सहायक कार्मिक अधिकारी राम प्रवेश यादव, सहायक कार्मिक अधिकारी पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, संयुक्त सचिव कर्मचारी परिषद प्रदीप कुमार यादव, सदस्य सुशील कुमार सिंह, मनीष कुमार सिंह, संतोष कुमार यादव एवं धर्मेंद्र कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी उपस्थित रहीं. यह आयोजन महिला सशक्तिकरण के संदेश को आगे बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं के सम्मान, उपलब्धियों और रचनात्मक अभिव्यक्ति के उत्सव का प्रतीक बन गया. कार्यक्रम का सुरुचिपूर्ण संचालन करुणा सिंह द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सहायक कार्मिक अधिकारी पीयूष मिंज ने प्रस्तुत किया.
नगर निगम और BHU के साझा संकल्प से सवंरेगी काशी, कई छात्र सीखेंगे शहर प्रबंधन के गुर
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​वाराणसी: शहर के सर्वांगीण विकास, पर्यावरणीय स्थिरता व नागरिक सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए अब नगर निगम व बीएचयू संयुक्त रूप से कार्य करेगी. शहर के समग्र व नियोजित विकास पर दोनों संस्थाओं के बीच सहमति भी बन गई है. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल तथा बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता में जल्द ही दोनों संस्थानों के बीच एक औपचारिक समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की भी सहमति बनी. ​इस साझेदारी का एक महत्वपूर्ण पहलू शैक्षणिक समन्वय भी है. अब प्रतिवर्ष विश्वविद्यालय के 50 छात्रों को नगर निगम में इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा, जिससे वे शहरी नियोजन और सामाजिक उद्यमिता की बारीकियां सीख सकेंगे.जलभराव से मिलेगी मुक्तिइसके साथ ही बीएचयू के बाहरी क्षेत्रों जैसे मालवीय गेट सिंह द्वार से डाफी तक के सुंदरीकरण और कंदवा में जलभराव रोकने के लिए नई जल निकासी लाइन बिछाने का कार्य प्राथमिकता पर किया जाएगा. विश्वविद्यालय परिसर के भीतर भी स्वच्छता प्रबंधन और निराश्रित पशुओं के नियंत्रण के लिए नगर निगम अपनी सेवाएं प्रदान करेगा, जिससे हजारों छात्रों और कर्मचारियों को सीधा लाभ पहुंचेगा. निगम की ओर से डोमरी क्षेत्र में शहर के सबसे बड़े मियावाकी अर्बन फॉरेस्ट (शहरी वन) विकसित किया गया है.यह भी पढ़ें: फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने का आरोप, महिला शिक्षिका पर FIR दर्जसमझौते के तहत बीएचयू के ख्यातिलब्ध वनस्पति वैज्ञानिक इन पौधों की देखरेख में सक्रिय सहयोग करेंगे. वैज्ञानिक दल समय-समय पर डोमरी का निरीक्षण करेगा और पौधों के समुचित विकास के लिए तकनीकी सुझाव व दिशा-निर्देश प्रदान करेगा. यह पहल न केवल काशी के बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि शहरी वनीकरण के एक सफल मॉडल के रूप में पूरे देश के सामने मिसाल पेश करेगी.संपत्ति कर विवाद का हुआ स्थाई समाधानवार्ता के दौरान ​लंबे समय से नगर निगम और बीएचयू के बीच संपत्ति कर को लेकर चला आ रहा गतिरोध अब पूरी तरह समाप्त हो गया है. निगम ने विश्वविद्यालय को कुछ पुरानी देनदारियों में रियायत दे दी है, जिसके बदले बीएचयू शेष बकाया राशि को किस्तों में भुगतान करने पर सहमत हुआ है.
फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने का आरोप, महिला शिक्षिका पर FIR दर्ज
फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने का आरोप, महिला शिक्षिका पर FIR दर्ज
वाराणसी: फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए शिक्षक की नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है. वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल की महिला शिक्षिका के खिलाफ फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप में केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. आरोप है कि शिक्षिका ने दस्तावेजों में हेरफेर कर स्कूल में नियुक्ति प्राप्त की और बाद में विवाद बढ़ने पर अधिकारियों और कर्मचारियों को धमकाने व बदनाम करने का प्रयास भी किया.महिला शिक्षिका के दस्तावेज निकले फर्जीमिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि संबंधित महिला शिक्षिका ने अपनी नियुक्ति के समय कई शैक्षणिक प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए थे. बाद में जब संस्थान द्वारा दस्तावेजों की जांच की गई तो उनमें नाम, पिता के नाम और अन्य विवरणों में कई प्रकार की विसंगतियां सामने आईं. आरोप है कि हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, बी.एड. तथा अन्य प्रशिक्षण से जुड़े दस्तावेजों में अलग-अलग नाम और अभिभावक का नाम दर्ज पाया गया.यह भी पढ़ें: प्‍लाट खरीदने और निर्माण से पहले VDA से कर लें ये जानकारी, हर महीने 120 ले आउट स्‍वीकृतशिकायत में यह भी कहा गया है कि दस्तावेजों की जांच के बाद संस्थान ने शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर मामला गंभीर हो गया. आरोप है कि इसके बाद संबंधित महिला ने संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सोशल मीडिया और वाट्एप के माध्यम से आपत्तिजनक टिप्पणियां प्रसारित कर उन्हें बदनाम करने और दबाव बनाने की कोशिश की.जांच में जुटी पुलिसबताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता ने पहले इस मामले की सूचना स्थानीय पुलिस अधिकारियों को दी थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर अदालत का सहारा लिया. अदालत के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.पुलिस के अनुसार, प्रकरण में धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और दस्तावेजों के दुरुपयोग से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं. जांच अधिकारी को मामले की विस्तृत पड़ताल कर साक्ष्य एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सभी दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.