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फेमस फोटोग्राफर रघु राय का निधन, भोपाल त्रासदी को किया था कैमरे में कैद

फेमस फोटोग्राफर रघु राय का निधन, भोपाल त्रासदी को किया था कैमरे में कैद
Apr 26, 2026, 10:10 AM
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Posted By Preeti Kumari

Famous photographer Raghu Rai, who captured the Bhopal gas tragedy on camera, passes away


देश ने आज एक दिग्गज फोटोग्राफर को हमेशा-हमेशा के लिए खो दिया है. जी हां, आज हमारे बीच एक ऐसे फोटोग्राफर जिसने भोपाल गैस त्रासदी से लेकर इंदिरा गांधी तक यानी राजनीति से इतिहास के पन्नों पर अपनी काली स्याही छोड़ने वाले हादसों को तक बड़ी-बड़ी घटनाओं को करीब से कवर किया था. ऐसे महान रघु राय का आज सुबह एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया है. उनके निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ पड़ी है.


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इलाज के दौरान रघु राय का निधन


जानकारी के मुताबिक, फेमस फोटोग्राफर रघु राय को आज रविवार को दिल्‍ली में एक प्राइवेट हास्पिटल में इलाज के दौरान निधन हो गया. काफी समय से वह प्रोस्‍टेट कैंसर से पीडि़त थे. जिसका इलाज होने के दौरान उनकी हालत में सुधार हो रहा था, लेकिन, उम्र जनित दूसरी अन्‍य समस्‍याओं के चलते वह बिस्‍तर से नहीं उठ सकते थे, जिससे उनकी स्थिति धीरे-धीरे काफी गंभीर हो गई थी, जिसके चलते उनका निधन हो गया. 83 साल रघु राय का अंतिम संस्कार रविवार शाम चार बजे लोधी श्मशान में किया जाएगा.


रघु राय के बेटे और फोटोग्राफर नितिन राय ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि उनके पिताजी को दो साल पहले प्रोस्टेट कैंसर हुआ था, लेकिन बाद में उन्हें राहत मिलने लगी थी. उनका कैंसर पेट तक फैल गया, जो ठीक हो रहा हो गया था. इसी के साथ ही नितिन राय ने बताया कि, हाल ही में कैंसर रघु राय के मस्तिष्क तक पहुंच गया था, और उन्हें उम्र संबंधी अन्य तकलीफें भी होने लगी थीं. रघु राय के परिवार में उनकी पत्नी गुरमीत, बेटे नितिन और तीन बेटियां लगन, अवनि और पूर्वाई हैं. भोपाल गैस त्रासदी जैसी ऐतिहासिक घटना को रघु राय ने अपने कैमरे के जरिए कैद किया था. उन्होंने पीड़ितों की, जो तस्वीरें क्लिक कीं उसने पूरी दुनिया का ध्यान हादसे की भयावहता पर खींचा था.


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1942 में पाकिस्तान में जन्में रघु राय का नाम भारतीय फोटो पत्रकारिता के जनक के रूप स्‍थापित था. उन्‍होंने अपने कैमरे के लेंस से देश दुनिया को देखने को एक अलग नजरिया दिया. भोपाल गैस त्रासदी में उनकी कैमरे से उतारी गयी न बोलने वाली तस्‍वीरों की आवाज पूरी दुनिया में गूंजी. राजनीतिक घटनाओं को भी उन्‍होंने अपने कैमरे में सहेजा. जिसमें बंग्‍लादेश विभाजन प्रमुख है. इसके अलावा इमरजेंसी और अन्‍य घटनाओं को भी उन्‍होंंने लेंस के जरिये लोगों को सामने परोसा.


पद्मश्री से थे सम्‍मानित


रघु राय का जन्म वर्तमान में पाकिस्‍तान के हिस्‍से वाले पंजाब के झांग में 1942 में हुआ था. उन्‍होंने 1962 में अपने बड़े भाई एस पॉल के साथ फोटोग्राफी सीखना शुरू किया और 60 के दशक के अपने करियर की शुरुआत की और द स्टेट्समैन में बतौर फोटोग्राफर शुरू की. उसके बाद 1976 में रघु राय ने द स्टेट्समैन को छोड़कर साप्ताहिक मैगजीन संडे में बतौर फोटो एडिटर नौकरी शुरू की. उन्होंने भारत के लोगों, संस्कृति और शहरों पर 18 से ज्यादा किताबें लिखीं. उन्‍हें भारत सरकार ने पद्मश्री सम्मान से भी सम्मानित किया था. बनारस पर उनके खीचें गये फोटो का संकलन ' रघु राय एण्‍ड बनारस एन एक्‍सपीरियंस टू चेरिश' खासा लो‍कप्रिय हुआ.


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रघु राय के वो काम, जिन्हें देश करेगा याद


रघु राय की तस्वीरों में भावनाएं, गहराई और सच्चाई झलकती थी.

भारत सरकार की ओर से 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' दिया गया.

1972 में बांग्लादेश युद्ध की कवरेज के लिए पद्म से सम्मानित किया गया.

वो अपनी तस्वीरों से ऐसी कहानियां बयां करते थे, जिन्हें शब्दों में कहना मुमकिन नहीं था.

इंदिरा गांधी के पोर्ट्रेट से लेकर मदर टेरेसा के साथ बिताए पलों तक उनकी फोटोग्राफी दस्तावेज बन गई.

भोपाल गैस त्रासदी पर उनकी कवरेज उनके सबसे दमदार कामों में से एक मानी जाती है, जिसने पीड़ितों की तकलीफों की ओर दुनिया का ध्यान खींचा.


भोपाल त्रासदी की तस्वीरें बनी यादगार


रघु राय का भारतीय फोटोग्राफी और फोटो पत्रकारिता में करियर 5 दशक से भी ज्यादा रहा है. उन्होंने आपातकाल से लेकर भोपाल गैस त्रासदी को अपने कैमरे में कैद किया था. इसके अलावा उन्होंने देश और दुनिया की कई महत्वपूर्ण घटनाओं को भी अपने कैमरे में उतारा था. उनकी ली हुई आज भी कई ऐतिहासिक तस्वीरें ऐसे ही हैं, जो महज फोटो नहीं बल्कि एक जीवंत दस्तावेज मानी जाती हैं. भोपाल गैस त्रासदी की वह तस्वीर तो कई भी नहीं भूल सकता जो उन्होंने 4 दिसंबर 1984 को ली थी. यह उस समय की ब्लैक एंड व्हाइट फोटो थी. जब यह फोटो सामने आई तो पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया था. अगर भी कोई तस्वीर देखता है तो वह उस वक्त के हादसे के दर्द को बयान करती है. रघु द्वारा ली गई भोपाल त्रासदी की इस तस्वीर को बाद में स्‍वतंत्र फोटो जर्नलिस्‍ट पाब्‍लो बार्थोलमियो कलर इमेज के साथ नया रूप दे दिया था.


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नशा मुक्ति अभियान में काव्य पाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
नशा मुक्ति अभियान में काव्य पाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
वाराणसी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग की ओर से नशा मुक्ति अभियान के तहत रविवार को काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. राजमुनि एवं डॉ. अविनाश कुमार सिंह शामिल रहे। प्रतिभागियों ने काव्य पाठ के माध्यम से नशे से होने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान को सामने रखा। निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के बाद परिणाम घोषित किए गए।प्रतियोगिता में हिंदी विभाग के शोधार्थी हनुमान राम ने प्रथम, शोधार्थी आकाश सिंह ने द्वितीय तथा हिंदी विभाग के स्नातक विद्यार्थी अंकुर कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।ALSO READ : बाढ़ प्रभावित इलाकों में उतरा नगर निगम, बीमारियों की रोकथाम पर जोर...कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली। डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने विजेताओं एवं सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और ज्ञानार्जन के प्रति सकारात्मक लगाव विकसित करने का आह्वान किया।विभागाध्यक्ष प्रो. राजमुनि ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में उतरा नगर निगम, बीमारियों की रोकथाम पर जोर...
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वाराणसी. गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बाद बाढ़ प्रभावित और तटीय इलाकों में संक्रामक बीमारियों के खतरे को देखते हुए नगर निगम ने विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने रविवार को कोनिया वार्ड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को जल निकासी, सफाई, फागिंग और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव में तेजी लाने के निर्देश दिए।नगर आयुक्त ने कोनिया वार्ड स्थित बैतरणी कुंड और धोबी घाट क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने बैतरणी कुंड के तत्काल सुंदरीकरण के साथ पूरे परिसर की गहन सफाई कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर जलभराव वाले स्थानों पर पंप लगाकर पानी की निकासी कराई जाए।उन्होंने सीवर लाइनों की तत्काल सफाई कराने तथा मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए नियमित फागिंग और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए, ताकि रात में स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।नगर निगम प्रशासन का कहना है कि बाढ़ के बाद जलभराव और गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों तथा मच्छरजनित रोगों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में सफाई और जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।ALSO READ :नैन्सी और वंशिका की जोड़ी ने दिखाया शानदार खेल, वाराणसी सेमीफाइनल मेंनिरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद अमर देव, जोनल अधिकारी पवन कुमार, अवर अभियंता (सामान्य) सुखपाल, स्वास्थ्य निरीक्षक पवन श्रीवास्तव और आलोक विभाग के इंजीनियर हरीश मिश्रा समेत नगर निगम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नैन्सी और वंशिका की जोड़ी ने दिखाया शानदार खेल, वाराणसी सेमीफाइनल में
नैन्सी और वंशिका की जोड़ी ने दिखाया शानदार खेल, वाराणसी सेमीफाइनल में
वाराणसीः प्रदेशीय विद्यालयीय हैंडबाल प्रतियोगिता के अंडर 14 आयु बालिका वर्ग में वाराणसी मंडल ने रविवार को लखनऊ मंडल को हैंडबॉल का पाठ पढ़ाते हुए 14-0 गोल से पराजित कर शानदार तरीके से सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बनी.डा. भीमराव अंबेडकर क्रीड़ा संकुल बड़ा लालपुर में खेले गए इस मैच में वाराणसी मंडल की नैन्सी यादव और वंशिका प्रजापति ने शुरू से रनिंग शॉट और जंपिंग शॉट की नीति अपनाई।बाएं विंग से आक्रमण की शुरुआत की. जब तक लखनऊ मंडल की टीम संभालती तब वाराणसी मंडल 4-0 गोल से आगे हो चुकी थी. एक बार लखनऊ मंडल को टीम ने काउंटर अटैक किया. उसे वाराणसी मंडल की गोलकीपर दिव्या पटेल ने बेकार कर दिया. हाफ टाइम तक वाराणसी मंडल की टीम 7-0 गोल से आगे थी. दूसरे हाफ में वाराणसी मंडल की टीम ने अपनी रणनीति में बदलाव किया. आरती, आयुषी और अंशिका ने छोटे छोटे पास की रणनीति अपनाई. तीनों खिलाड़ियों को बैक अप स्पोर्ट नैन्सी और वंशिका कर रही थी. इस हॉफ में दो बार लखनऊ मंडल की टीम ने गोल करने का प्रयास किया. दोनों बार बाल गोल पोस्ट को छूते हुए बाहर चला गया. मैच समाप्त होने की जब लंबी सीटी बजी उस समय वाराणसी मंडल 14-0 से आगे थी. वाराणसी मंडल की तरफ से नैन्सी यादव और वंशिका प्रजापति ने चार-चार, आयुषी और आरती ने तीन-तीन गोल किया.ALSO READ : पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान शास्त्री में प्रवेश की आवेदन तिथि 30 अगस्त तक बढ़ीइसी आयु वर्ग में अलीगढ़ मंडल ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय को 4-0 से और अयोध्या मंडल ने कानपुर मंडल को 12- 0 से पराजित कर अंतिम चार में प्रवेश किया.आयोजन सचिव डी. एके सिंह ने बताया कि शाम को बारिश के कारण मैदान गिला हो गया। शेष आयु वर्ग के मैच सोमवार को सुबह 7.30 बजे से खेले जाएंगे.