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प्रधानमंत्री के काशी आगमन पर कांग्रेस उठायेगी जनसमस्याओं की आवाज, महानगर ने DM को भेजा पत्र

प्रधानमंत्री के काशी आगमन पर कांग्रेस उठायेगी जनसमस्याओं की आवाज, महानगर ने DM को भेजा पत्र
Apr 26, 2026, 09:22 AM
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Posted By Preeti Kumari

Congress will raise public concerns on the Prime Minister's arrival in Kashi; the city sent a letter to the DM.


वाराणसी: काशी के सांसद नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित वाराणसी दौरे को लेकर कांग्रेस ने जनहित के मुद्दों पर बड़ा राजनीतिक और सामाजिक हस्तक्षेप किया है. कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने जिला अधिकारी को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का समय मांगा है, ताकि वाराणसी की जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों और स्थानीय समस्याओं को सीधे प्रधानमंत्री के समक्ष रखा जा सके. जिसे लेकर महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे का कहना है कि, नरेंद्र मोदी वाराणसी से तीसरी बार सांसद चुने गये हैं, इसलिए काशी की जनता के प्रति उनका संवैधानिक, नैतिक और लोकतांत्रिक दायित्व है कि वे केवल सत्ता पक्ष ही नहीं, बल्कि विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों से भी संवाद करने की जिम्मेदारी बनती हैं. लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को सुनना लोकतंत्र को मजबूत करता है और जनसमस्याओं के समाधान का रास्ता खोलता है.


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"काशी राजनीतिक मंच नहीं, लोगों की आस्था"


भोले बाबा की नगरी काशी केवल राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, रोजगार, संस्कृति, व्यापार और संघर्ष का शहर भी है. यदि प्रधानमंत्री मोदी वास्तव में काशी के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं, तो उन्हें उन मुद्दों को भी सुनना चाहिए, जो आम जनता रोज झेल रही है.


जनहित में कांग्रेस की दस सूत्रीय मांगें इस प्रकार हैं


प्रीपेड बिजली मीटर से जनता को राहत मिले


प्रीपेड बिजली मीटर व्यवस्था से गरीब, मध्यम वर्ग और आम उपभोक्ता परेशान हैं, बार-बार रिचार्ज, अचानक बिजली कटौती और तकनीकी खामियों से जनता त्रस्त है. इस व्यवस्था को वापस लिया जाए या व्यापक सुधार किया जाए.


दालमंडी क्षेत्र में विस्थापन रोका जाए


दालमंडी क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यवाहियों के नाम पर लगभग दस हजार परिवारों, दुकानदारों और व्यापारियों के सामने जीविका का संकट खड़ा है. कांग्रेस ने मांग की कि बिना पुनर्वास और सहमति किसी भी परिवार को उजाड़ा न जाए.


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काशीवासियों के लिए बाबा विश्वनाथ के दर्शन का समय बढ़ाया जाए


स्थानीय नागरिकों को बाबा विश्वनाथ के दर्शन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, काशीवासियों के लिए सुगम दर्शन की समय सीमा बढ़ाई जाए, ताकि स्थानीय श्रद्धालुओं को सम्मानजनक रूप से बाबा के दर्शन पूजन की सुविधा मिल सके.


युवाओं के लिए रोजगार


प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में आज भी युवा रोजगार के लिए पलायन कर रहे हैं, वाराणसी में बड़े उद्योग, फैक्टरी और निवेश लाकर युवाओं को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाए.


एसआईआर के नाम पर काटे गए जायज नाम बहाल हों


विभिन्न प्रक्रियाओं के नाम पर पात्र लोगों के नाम सूचियों से हटाए जा रहे हैं, कांग्रेस ने मांग की कि सभी वैध और पात्र नागरिकों के नाम तत्काल बहाल किए जाएं.


विकास के नाम पर धरोहरों को उजाड़ना बंद हो


काशी की पहचान उसकी संस्कृति, परंपरा और ऐतिहासिक धरोहरों से है. विकास परियोजनाओं के नाम पर पुराने मोहल्लों, ऐतिहासिक भवनों और सांस्कृतिक स्थलों को नष्ट करना बंद किया जाए.


बुनकरों का पलायन रोका जाए


बनारस की पहचान बनारसी साड़ी और बुनकर समाज से है, बढ़ती लागत, घटते काम और सरकारी उपेक्षा के कारण बुनकर पलायन को मजबूर हैं. विशेष आर्थिक पैकेज और संरक्षण योजना लागू की जाए.


अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट और कैशलेस चिकित्सा लागू हो


वकीलों की सुरक्षा के लिए अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए तथा आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाए.


रामनगर पालिका पूर्ववत बहाल हो


रामनगर क्षेत्र की स्थानीय नगर पालिका व्यवस्था को पूर्व की भांति बहाल किया जाए ताकि नागरिक सुविधाएं सुचारु रूप से मिल सकें.


बीएचयू के संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए


काशी हिंदू विश्वविद्यालय में वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित कर उनके भविष्य और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.


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आपको बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल देश के प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि काशी के सांसद भी हैं. वाराणसी की जनता ने उन्हें प्रतिनिधित्व का अधिकार दिया है. ऐसे में उनका दायित्व है कि, वे विपक्ष की बात भी सुनें. इसलिए कांग्रेस पार्टी का मानना है कि काशी के सांसद होने के नाते पीएम मोदी लोकतंत्र में संवाद जरूरी करें, अहंकार नहीं, यदि काशी के सांसद काशी की पीड़ा नहीं सुनेंगे, तो फिर कौन सुनेगा?हम संवाद चाहते हैं समाधान चाहते हैं, इसलिए जिला अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री समय मांगा गया है, ताकि काशी की जनता की समस्याओं को सीधे उनके सामने रखा जा सके. उम्मीद है कि पीएम मोदी विपक्ष की लोकतांत्रिक भूमिका का सम्मान करते हुए प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय देंगे और काशीवासियों की समस्याओं पर ठोस निर्णय भी लेगें.


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बीएचयू में नियुक्तियों में धांधली का मामला, संपत्तियां के नेटवर्क खंगालने में जुटी जांच एजेंसियां...
बीएचयू में नियुक्तियों में धांधली का मामला, संपत्तियां के नेटवर्क खंगालने में जुटी जांच एजेंसियां...
वाराणसी : बीएचयू में नर्सिंग व गैर-शैक्षणिक पदों पर हुई नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच अब तेजी पकड़ती नजर आ रही है. मामले में जांच एजेंसियां आरोपितों की संपत्तियों, बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड और विभिन्न जिलों व राज्यों में फैले उनके संपर्कों की पड़ताल में जुट गई हैं. जांच का उद्देश्य केवल नियुक्तियों में हुई गड़बड़ियों का खुलासा करना ही नहीं, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की परतों को सामने लाना भी है.सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में जुटाए गए दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि नियुक्ति प्रक्रिया में कथित रूप से शामिल लोगों के बीच किस प्रकार का संपर्क था और आर्थिक लाभ किस माध्यम से पहुंचाया गया. इसके लिए विभिन्न जिलों और राज्यों से भी सूचनाएं जुटाई जा रही हैं.बताया जा रहा है कि जांच में सामने आए कुछ तथ्यों ने एजेंसियों का ध्यान आरोपितों की संपत्तियों और वित्तीय गतिविधियों की ओर खींचा है. इसी आधार पर उनके चल-अचल संपत्तियों, निवेश और अन्य आर्थिक स्रोतों की जानकारी एकत्र की जा रही है. जांच टीम यह भी पता लगाने में लगी है कि क्या नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितताओं के जरिए अर्जित धन को कहीं निवेश किया गया या अन्य माध्यमों से उपयोग में लाया गया.ALSO READ : वाराणसी में हाईवे पर अचेत मिली युवती, दो युवकों पर गलत व्यवहार का आरोप...मामले में पहले ही कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है. अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर कुछ नई कड़ियां भी जुड़ सकती हैं. इसी वजह से फील्ड यूनिट और अन्य जांच एजेंसियां लगातार सूचनाएं एकत्र कर रही हैं.जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है. जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, वैसे-वैसे मामले में और खुलासे होने की संभावना है. फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और संपर्क सूत्रों को जोड़कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं.
वाराणसी में हाईवे पर अचेत मिली युवती, दो युवकों पर गलत व्यवहार का आरोप...
वाराणसी में हाईवे पर अचेत मिली युवती, दो युवकों पर गलत व्यवहार का आरोप...
वाराणसी : फूलपुर थाना क्षेत्र के वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पिंडरा बाइपास स्थित सुरही अंडरपास के पास एक 22 वर्षीय युवती अचेत अवस्था में मिली. राहगीरों की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती को तत्काल उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिंडरा भेजा. घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं.पुलिस के अनुसार, होश में आने के बाद युवती ने खुद को जौनपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी बताया. युवती ने आरोप लगाया कि वह किसी काम से बाजार आई थी. इसी दौरान उसके पूर्व परिचित दो युवक उससे मिले और उसे नाश्ता कराने के बहाने अपने साथ ले गए. युवती का कहना है कि रास्ते में दोनों युवकों ने उसे लस्सी पिलाई, जिसके बाद उसे चक्कर आने लगे और वह अचेत हो गई. युवती ने आरोप लगाया कि बेहोशी की हालत में दोनों युवकों ने उसके साथ गलत व्यवहार किया. इसके बाद उसे हाईवे किनारे छोड़कर फरार हो गए. युवती के बयान के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है.पुलिस के मुताबिक, युवती के शरीर पर चोट के कुछ निशान भी पाए गए हैं, जिससे मामले की संवेदनशीलता बढ़ गई है. हालांकि समाचार लिखे जाने तक युवती अथवा उसके परिजनों की ओर से कोई औपचारिक तहरीर नहीं दी गई थी. इसी कारण पुलिस ने अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है.ALSO READ : तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...प्राथमिक उपचार के बाद युवती को बेहतर इलाज और चिकित्सकीय परीक्षण के लिए मंडलीय अस्पताल भेज दिया गया. थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि युवती के लिखित बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी. पुलिस संभावित आरोपितों की पहचान करने और घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है.
तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...
तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...
वाराणसी: स्थानीय तुलसी घाट पर मंगलवार को संकट मोचन फाउंडेशन और ‘मदर्स फॉर मदर’ के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस जागरूकता कार्यक्रम में शहर के विभिन्न विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी करीब 50 महिलाओं ने भाग लिया.कार्यशाला को संबोधित करते हुए ‘मदर्स फॉर मदर’ की अध्यक्षा आभा मिश्रा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि यदि नई पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाया जाए तो संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा और मजबूती मिलेगी. उन्होंने महिलाओं से दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया.कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने एक विशेष प्रश्नावली के माध्यम से अपने व्यक्तिगत कार्बन फुटप्रिंट का आकलन किया. विशेषज्ञों ने उन्हें ऊर्जा की बचत, प्लास्टिक के कम उपयोग, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने जैसे उपायों की जानकारी दी. साथ ही कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए व्यावहारिक कार्ययोजना भी तैयार कराई गई.ALSO READ:गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...कार्यशाला में यह भी बताया गया कि ‘मदर्स फॉर मदर’ संस्था तकनीक और कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है. संस्था के प्रयासों से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक बन रही हैं.इस अवसर पर अशोक पांडेय, गोपाल पांडेय, विकल्प दुबे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने स्तर पर पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने की प्रतिबद्धता जताई.