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वाराणसी में खाड़ी युद्ध की समाप्ति के लिए रखा उपवास, समाजिक संगठनों ने किया धरना-प्रदर्शन

वाराणसी में खाड़ी युद्ध की समाप्ति के लिए रखा उपवास, समाजिक संगठनों ने किया धरना-प्रदर्शन
Mar 07, 2026, 11:47 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई के विरोध में साझा संस्कृति मंच के आह्वान पर आज अम्बेडकर पार्क, कचहरी में सात मार्च शनिवार की सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक एक दिवसीय मौन उपवास और धरना आयोजित किया गया. कार्यक्रम में शहर के सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों और नागरिकों ने भाग लिया.

आयोजन के उद्देश्य के सन्दर्भ में मंच द्वारा जारी वक्तव्य में कहा गया है कि ओमान की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता के बीच, युद्ध की घोषणा किए बिना, ईरान पर की गई एकतरफा सैन्य कार्रवाई, वहां के राष्ट्रीय एवं धार्मिक नेता की हत्या तथा एक स्कूल और अस्पताल पर हमले में डेढ़ सौ से अधिक छोटी बच्चियों की मौत मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है.


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ट्रंप कार्रवाई से बड़ा खतरा


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इज़राइल द्वारा की गई इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ है. वक्तव्य में वेनेज़ुएला के खिलाफ एकतरफा सैन्य हस्तक्षेप और राजनीतिक दबाव की भी आलोचना की गई और कहा गया कि ग्रीनलैंड पर कब्जे, पनामा नहर पर नियंत्रण, कनाडा को अमरीका का “51वाँ राज्य” बनाने तथा गाजा को “अमेरिकी रिविएरा” बनाने जैसी धमकियाँ अमेरिका की अलोकतांत्रिक और अधिनायकवादी नीतियों को दर्शाती हैं.


मंच ने यह भी कहा कि भारत पर अमेरिकी दबाव, जैसे रूसी तेल आयात रोकने की मांग, व्यापार समझौतों में टैरिफ की धमकी तथा 200 प्रतिशत टैरिफ की चेतावनी देकर भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकने का दावा, साम्राज्यवादी दबाव की श्रृंखला का हिस्सा है. ऐसे दबावों के सामने भारत सरकार का कमजोर रुख देश की स्वतंत्र विदेश नीति, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता के लिए हानिकारक है.


भारत का स्वतंत्रता संग्राम साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष


साझा संस्कृति मंच ने कहा कि महात्मा गांधी और पंडित नेहरू के नेतृत्व में चला भारत का स्वतंत्रता संग्राम साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष, विविधता में एकता और सर्वधर्म समभाव का प्रतीक रहा है. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51 भी अंतरराष्ट्रीय शांति, न्यायपूर्ण संबंध और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान को बढ़ावा देने का निर्देश देता है. मंच ने अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई की निंदा करते हुए युद्ध तत्काल रोकने और विश्व में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व सुनिश्चित करने की अपील की है. मंच के अनुसार रमज़ान के पवित्र महीने में जब दुनिया के एक हिस्से में खून-खराबा हो रहा है, तब वाराणसी के लोग सद्भाव और भाईचारे का संदेश देते हुए शांति की प्रार्थना के लिए इकट्ठा हुए.


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कार्यक्रम में कई लोग हुए शामिल


इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से फादर आनंद, जागृति राही, रामधीरज, रामजन्म, सतीश सिंह, डॉ आनंद प्रकाश तिवारी, रामजी प्रसाद गुप्ता, विशाल तिवारी,राजेन्द्र प्रसाद,सिस्टर फ़्लोरिन, गीता देवी, सिस्टर मैरी, ममता, धन्नजय, महेंद्र राठौर, जितेंद्र यादव, अनिल कुमार, रवि शेखर, एकता सिंह, नीति, अनामिका,मोहम्मद आसिम, प्रेम नट,कृष्णा, दिव्यांश,रुम्मान, सुनीता, सारा,एडवेकेट अबु हाशमी, एडवोकेट लोकेश कुमार सिंह, अशोक सिंह, जुबेर खान बागी, सुरेंद्र चरन,राजकुमार गुप्ता, सूर्य बली राम,एडवोकेट अब्दुला खालिद आदि लोग शामिल रहे.

अतिक्रमण मुक्त जमीन पर बनेगा 'नमो वन', सारंगतालाब में लगेंगे 40 हजार से ज्यादा पौधे…
अतिक्रमण मुक्त जमीन पर बनेगा 'नमो वन', सारंगतालाब में लगेंगे 40 हजार से ज्यादा पौधे…
वाराणसी : शहरीकरण और विकास की तीव्र रफ्तार के बीच बनारस की लगातार सिमटती हरियाली को बचाने के लिए नगर निगम ने सक्रियता बढ़ा दी है.सड़कों के चौड़ीकरण, निर्माण कार्यों और पेड़ों की कटाई से प्रभावित हुए पर्यावरण संतुलन को बहाल करने के लिए काशी को अब एक बड़े 'ऑक्सीजन हब' के रूप में विकसित किया जा रहा है.इस क्रम में शनिवार को सारंगनाथ चौराहा स्थित सारंगतालाब की जमीन पर एक नए मियावाकी वन (अर्बन फॉरेस्ट) की शुरुआत हुई है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से प्रेरणा लेते हुए इस अर्बन फॉरेस्ट को 'नमो वन' के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां 40,000 से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है. यह शहर का तीसरा मियावाकी वन बनने जा रहा है.जिस जमीन पर इस विशाल 'नमो वन' को बनाया जा रहा है, उसे हाल ही में निगम प्रशासन द्वारा अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। वन की सुरक्षा को देखते हुए नगर निगम ने चारों तरफ बाउंड्री वॉल (सुरक्षा दीवार) का निर्माण करा दिया है. पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की सेहत और सुविधा के लिए यहाँ जल्द ही सुंदर टहलने का रास्ता और एक ओपन जिम भी बनाया जाएगा.प्रभारी मंत्री और महापौर ने की शुरुआतइस कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना, महापौर अशोक कुमार तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या और कैंट विधानसभा के विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने पौधा रोपकर किया.अभियान के पहले दिन पीपल, पाकड़, जामुन, बरगद, गुलमोहर, अमलताश और मौलश्री समेत कुल 20 विभिन्न प्रजातियों के 501 पौधे रोपे गए.इस दौरान मुख्य रूप से जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, जोनल अधिकारी कृष्ण चंद्र के साथ-साथ क्षेत्रीय पार्षद बलराम कन्नौजिया, राजकपूर चौधरी, अशोक मौर्या और अन्य अधिकारी मौजूद थेडोमरी के विश्व रिकॉर्ड के बाद तीसरी बड़ी उपलब्धिइससे पहले नगर निगम काशी ने डोमरी (सुजाबाद) में करीब 350 बीघा क्षेत्र में मात्र एक घंटे के भीतर 2,51,446 पौधे रोपकर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया था। डोमरी और कंचनपुर में मियावाकी पद्धति से तैयार हुए वनों की सफलता के बाद अब सारंगतालाब शहर का तीसरा ऐसा क्षेत्र बनने जा रहा है, जिसे 'ग्रीन काशी' अभियान के तहत घने जंगल का रूप दिया जाएगा.ALSO READ : नीट व अन्य भर्ती परीक्षाओं में धांधली के विरोध में वाराणसी में मार्च करेंगी डॉ. पल्लवी पटेल...महापौर ने बताया कि मियावाकी तकनीक से पौधे बेहद तेजी से बढ़ते हैं, जिससे शहर के बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगेगी और निवासियों को शुद्ध हवा मिल सकेगी.और पर्यटक के लिए आकर्षक का केंद्र बनेगी .
नीट व अन्य भर्ती परीक्षाओं में धांधली के विरोध में वाराणसी में मार्च करेंगी डॉ. पल्लवी पटेल...
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वाराणसी : NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और धांधली के विरोध में 15 जून को वाराणसी में विशाल विरोध मार्च निकाला जाएगा.यह मार्च अपना दल (कमेरावादी) की शीर्ष नेता और सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल के नेतृत्व में आयोजित होगा.आयोजकों के अनुसार विरोध मार्च काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के लंका स्थित मुख्य द्वार से शुरू होकर प्रधानमंत्री के संसदीय जनसंपर्क कार्यालय तक जाएगा.कार्यक्रम में अपना दल (कमेरावादी) के कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न छात्र एवं युवा संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि NEET पेपर लीक प्रकरण सहित लेखपाल भर्ती, यूपीएसआई, पुलिस भर्ती तथा अन्य प्रतियोगी एवं दक्षता परीक्षाओं में सामने आए कथित अनियमितताओं और धांधली के मामलों ने युवाओं का विश्वास कमजोर किया है.ऐसे मामलों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने के लिए यह विरोध मार्च आयोजित किया जा रहा है.उन्होंने कहा कि लाखों छात्र-छात्राएं वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन पेपर लीक और अनियमितताओं की घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं.ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया जाएगा.ALSO READ : वाराणसी में नशा माफियाओं पर बड़ा एक्शन, आपरेशन के तहत 3.5 करोड़ की ड्रग्स नष्ट...आयोजकों ने छात्र-युवाओं एवं आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है.
वाराणसी में नशा माफियाओं पर बड़ा एक्शन, आपरेशन के तहत 3.5 करोड़ की ड्रग्स नष्ट...
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वाराणसी : नशामुक्ति संकल्प का सपना साकार करते हुए. वाराणसी पुलिस को एक बड़े उपलब्धि मिली है 'ऑपरेशन दहन ' तहत पुलिस ने ड्रग माफियोंओ की कमर तोड़ दी है 3.50 करोड़ के लगभग 700 किलोग्राम के मादक पदार्थ को जला दिया गया है. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के देख रेख में यह कार्रवाई की गई और ये ड्रग्स माफियाओं के लिए एक सबक है.रामनगर स्थित श्री गणेश प्लाइवुड इंडस्ट्री में गठित ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 71 मुकदमों से संबंधित हेरोइन, गांजा और अन्य नशीली पदार्थों को इंसीनरेटर में जलाकर नष्ट किया गया.इस अभियान में गोमती जोन की डीसीपी नीतू काद्दयान की भी अहम भूमिका रही. अपनी बातों सख्त कार्यशैली के लिए चर्चित डीसीपी नीतू काद्दयान को लोग 'लेडी सिंघम' के नाम से भी जानते हैं .उनकी निगरानी में पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया गया.इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वाराणसी में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे.ALSO READ : भारत के ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय से ही लोककल्याण संभव : सुनील आंबेकर...वाराणसी पुलिस की इस कार्रवाई को नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी चेतावनी और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.