बिना अनुमति सड़क खोदने पर FIR, मिनी सदन की बैठक में करोड़ों का बजट पास

वाराणसी: बिना अनुमति सड़कों की खोदाई पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. निजी के साथ ही सरकारी विभागों के लिए भी सड़क खोदाई की अनुमति जरूरी की गई है. यह निर्णय मेयर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में रविवार को मैदागिन स्थित टाउनहॉल भवन में हुई सदन की बैठक में लिया गया. बताया गया कि 100 वार्ड में 250 जगहों पर बिना अनुमति सड़क की खोदाई की गई है.

इससे शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सदन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2575.44 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट को पास कर दिया. इसमें नगर निगम का 2262.42 करोड़ और जलकल विभाग का 313.02 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट शामिल है. इस बजट से शहर का विकास कराया जाएगा. साथ ही मेयर ने शासन से मनोनीत 10 पार्षदों को शपथ भी दिलाई.
खोदाई से परेशान पार्षदों ने किए कई सवाल
सदन की बैठक में शहर के 100 वार्डों में किसी न किसी काम के लिए हो रही खोदाई से परेशान पार्षदों ने सवाल खड़े किए. पार्षद मदन मोहन दुबे ने इससे होने वाली दिक्कतें बताईं. सदन में सपा पार्षद अमरदेव यादव ने आय से अधिक खर्च करने, सुरेश चौरसिया ने योजना की जानकारी पार्षदों को न देने, मदन मोहन दुबे ने सड़कों की मरम्मत, श्याम आसरे मौर्य ने सीएम ग्रिड योजना, बृजेश चंद्र श्रीवास्तव ने मृत पशु निस्तारण केंद्र के निर्माण में देरी का मुद्दा उठाया.

घर-घर पहुंचेगा शुद्ध पानी
शहर की प्यास बुझाने और सीवेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए जलकल विभाग ने इस वर्ष अपने बजट में विशेष प्रावधान किए हैं. जलकल के कुल बजट में से जलकल विभाग के लिए 313.02 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है. इसमें मुख्य फोकस पुराने नलकूपों की मरम्मत, नए पाइपलाइन विस्तार और सीवर पंपिंग स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर है.

सीवर लाइनों की सफाई पर जोर
शहर के पुराने इलाकों में सीवर चोक होने की समस्या को देखते हुए इस बार संचालन एवं रखरखाव मद में भारी बजट रखा गया है. सीवर पंपिंग स्टेशनों के संचालन और पाइपलाइनों की सफाई के लिए विशेष राशि तय की गई है. साथ ही अमृत योजना के तहत बिछाई गई नई सीवर लाइनों के मेंटेनेंस के लिए भी फंड बढ़ाया गया है.
पार्कों और कुओं का होगा कायाकल्प
सदन में पार्षदों ने पारंपरिक जल स्रोतों (कुओं) की बदहाली का मुद्दा उठाया था. इसके जवाब में नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बजट में पार्कों के रखरखाव के साथ-साथ शहर के पुराने कुओं की सफाई और उनके संरक्षण के लिए भी फंड की व्यवस्था की गई है. पार्कों में नई लाइटें, हरियाली और बैठने की व्यवस्था को भी इस बजट से मजबूती मिलेगी.
कंपनी जितना वसूलेगी, उतना भुगतान
भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के साथ-साथ मेयर ने निगम की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. उन्होंने निर्देश जारी किए हैं कि अगले वित्तीय वर्ष से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली कंपनी के भुगतान की प्रक्रिया में बदलाव किया जाए; अब कंपनी को उतना ही भुगतान किया जाएगा जितनी उनकी ओर से वसूली की जाएगी. इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य निगम के संसाधनों का सही उपयोग करना और व्यवस्था में जवाबदेही तय करना है.
स्ट्रीट लाइट के लिए विशेष प्रावधान
शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा उठान और यूजर चार्जेस मद में 66.17 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है, ताकि सफाई व्यवस्था में आधुनिक मशीनरी का उपयोग बढ़ाया जा सके. शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए जलकल के मद में 313.02 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है. इसमें नए नलकूपों और सीवर लाइनों के बिछाने पर जोर है. इसी प्रकार शहर के पार्कों और हरियाली को संवारने के लिए बजट में विशेष बढ़ोत्तरी की गई है, ताकि नागरिकों को बेहतर वातावरण मिल सके. अंधेरी गलियों को रोशन करने के लिए विद्युत एवं ऊर्जा मद में 21 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
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मनोनीत पार्षदों का शपथ ग्रहण
बैठक की शुरुआत सुबह 11:15 बजे से हुई. मेयर ने सबसे पहले शासन से नामित दस पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. शपथ लेने वालों में कमलेश पाल, रामशंकर सिंह पटेल, संजीव चौरसिया, संतोष शोलापुरकर, मनोज यादव, कृष्ण कुमार, अंकुर मेहरोत्रा, मुन्ना सरोज, सत्यनारायण सहानी और सुधीर कुमार त्रिपाठी शामिल थे.

सदन में शामिल हुए एमएलसी
शपथ ग्रहण के बाद वंदे मातरम् के साथ सदन की कार्यवाही शुरू हुई और अंत में राष्ट्रगान के साथ समापन हुआ. इस अवसर पर एमएलसी धर्मेंद्र राय, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, संजय प्रताप सिंह, जलकल जीएम अनूप सिंह, सीटीओ कुमार असीम रंजन और मुख्य अभियंता आरके सिंह सहित निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
एक नजर में बजट
मद का नाम आवंटित राशि (करोड़ रुपये में)
नगर निगम बजट 2262.42 करोड़
जलकल विभाग बजट 313.02 करोड़
कुल बजट (2026-27) 2575.44 करोड़
पिछले तीन वर्षों का तुलनात्मक विवरण
2024-25: 1049.17 करोड़ रुपये
2025-26: 1324.46 करोड़ रुपये
2026-27: 2262.42 करोड़ रूपये (आधार वर्ष 2023-24 से 2.69 गुना अधिक)



