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बिना अनुमति सड़क खोदने पर FIR, मिनी सदन की बैठक में करोड़ों का बजट पास

बिना अनुमति सड़क खोदने पर FIR, मिनी सदन की बैठक में करोड़ों का बजट पास
Mar 23, 2026, 11:48 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: बिना अनुमति सड़कों की खोदाई पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. निजी के साथ ही सरकारी विभागों के लिए भी सड़क खोदाई की अनुमति जरूरी की गई है. यह निर्णय मेयर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में रविवार को मैदागिन स्थित टाउनहॉल भवन में हुई सदन की बैठक में लिया गया. बताया गया कि 100 वार्ड में 250 जगहों पर बिना अनुमति सड़क की खोदाई की गई है.


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इससे शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सदन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2575.44 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट को पास कर दिया. इसमें नगर निगम का 2262.42 करोड़ और जलकल विभाग का 313.02 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट शामिल है. इस बजट से शहर का विकास कराया जाएगा. साथ ही मेयर ने शासन से मनोनीत 10 पार्षदों को शपथ भी दिलाई.


खोदाई से परेशान पार्षदों ने किए कई सवाल


सदन की बैठक में शहर के 100 वार्डों में किसी न किसी काम के लिए हो रही खोदाई से परेशान पार्षदों ने सवाल खड़े किए. पार्षद मदन मोहन दुबे ने इससे होने वाली दिक्कतें बताईं. सदन में सपा पार्षद अमरदेव यादव ने आय से अधिक खर्च करने, सुरेश चौरसिया ने योजना की जानकारी पार्षदों को न देने, मदन मोहन दुबे ने सड़कों की मरम्मत, श्याम आसरे मौर्य ने सीएम ग्रिड योजना, बृजेश चंद्र श्रीवास्तव ने मृत पशु निस्तारण केंद्र के निर्माण में देरी का मुद्दा उठाया.


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घर-घर पहुंचेगा शुद्ध पानी


शहर की प्यास बुझाने और सीवेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए जलकल विभाग ने इस वर्ष अपने बजट में विशेष प्रावधान किए हैं. जलकल के कुल बजट में से जलकल विभाग के लिए 313.02 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है. इसमें मुख्य फोकस पुराने नलकूपों की मरम्मत, नए पाइपलाइन विस्तार और सीवर पंपिंग स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर है.


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सीवर लाइनों की सफाई पर जोर


शहर के पुराने इलाकों में सीवर चोक होने की समस्या को देखते हुए इस बार संचालन एवं रखरखाव मद में भारी बजट रखा गया है. सीवर पंपिंग स्टेशनों के संचालन और पाइपलाइनों की सफाई के लिए विशेष राशि तय की गई है. साथ ही अमृत योजना के तहत बिछाई गई नई सीवर लाइनों के मेंटेनेंस के लिए भी फंड बढ़ाया गया है.


पार्कों और कुओं का होगा कायाकल्प


सदन में पार्षदों ने पारंपरिक जल स्रोतों (कुओं) की बदहाली का मुद्दा उठाया था. इसके जवाब में नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बजट में पार्कों के रखरखाव के साथ-साथ शहर के पुराने कुओं की सफाई और उनके संरक्षण के लिए भी फंड की व्यवस्था की गई है. पार्कों में नई लाइटें, हरियाली और बैठने की व्यवस्था को भी इस बजट से मजबूती मिलेगी.


कंपनी जितना वसूलेगी, उतना भुगतान


भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के साथ-साथ मेयर ने निगम की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. उन्होंने निर्देश जारी किए हैं कि अगले वित्तीय वर्ष से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली कंपनी के भुगतान की प्रक्रिया में बदलाव किया जाए; अब कंपनी को उतना ही भुगतान किया जाएगा जितनी उनकी ओर से वसूली की जाएगी. इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य निगम के संसाधनों का सही उपयोग करना और व्यवस्था में जवाबदेही तय करना है.


स्ट्रीट लाइट के लिए विशेष प्रावधान


शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा उठान और यूजर चार्जेस मद में 66.17 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है, ताकि सफाई व्यवस्था में आधुनिक मशीनरी का उपयोग बढ़ाया जा सके. शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए जलकल के मद में 313.02 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है. इसमें नए नलकूपों और सीवर लाइनों के बिछाने पर जोर है. इसी प्रकार शहर के पार्कों और हरियाली को संवारने के लिए बजट में विशेष बढ़ोत्तरी की गई है, ताकि नागरिकों को बेहतर वातावरण मिल सके. अंधेरी गलियों को रोशन करने के लिए विद्युत एवं ऊर्जा मद में 21 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.


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मनोनीत पार्षदों का शपथ ग्रहण


बैठक की शुरुआत सुबह 11:15 बजे से हुई. मेयर ने सबसे पहले शासन से नामित दस पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. शपथ लेने वालों में कमलेश पाल, रामशंकर सिंह पटेल, संजीव चौरसिया, संतोष शोलापुरकर, मनोज यादव, कृष्ण कुमार, अंकुर मेहरोत्रा, मुन्ना सरोज, सत्यनारायण सहानी और सुधीर कुमार त्रिपाठी शामिल थे.


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सदन में शामिल हुए एमएलसी


शपथ ग्रहण के बाद वंदे मातरम् के साथ सदन की कार्यवाही शुरू हुई और अंत में राष्ट्रगान के साथ समापन हुआ. इस अवसर पर एमएलसी धर्मेंद्र राय, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, संजय प्रताप सिंह, जलकल जीएम अनूप सिंह, सीटीओ कुमार असीम रंजन और मुख्य अभियंता आरके सिंह सहित निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.


एक नजर में बजट


मद का नाम आवंटित राशि (करोड़ रुपये में)

नगर निगम बजट 2262.42 करोड़

जलकल विभाग बजट 313.02 करोड़

कुल बजट (2026-27) 2575.44 करोड़


पिछले तीन वर्षों का तुलनात्मक विवरण


​2024-25: 1049.17 करोड़ रुपये

​2025-26: 1324.46 करोड़ रुपये

​2026-27: 2262.42 करोड़ रूपये (आधार वर्ष 2023-24 से 2.69 गुना अधिक)

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वाराणसी : काशी की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय पहचान से जुड़ी वरुणा नदी के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. वरुणा रिवरफ्रंट विकास परियोजना के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) और ओएनजीसी के बीच 260.61 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए. ओएनजीसी अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) निधि से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का वित्तपोषण करेगी. इससे वरुणा नदी के तटों का सुनियोजित विकास होने के साथ काशी में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को नया आयाम मिलेगा.वीडीए सभागार में पिछले दिनों आयोजित कार्यक्रम में वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा और ओएनजीसी के सीएसआर प्रमुख नीरज कुमार बंसल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य वरुणा नदी को केवल स्वच्छ और संरक्षित बनाना ही नहीं, बल्कि इसे आधुनिक रिवरफ्रंट के रूप में विकसित करना भी है. इसके तहत नदी तटों को हरित क्षेत्रों, पैदल पथ, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाओं, सार्वजनिक उपयोग के खुले स्थलों और अन्य आधुनिक शहरी सुविधाओं से विकसित किया जाएगा.परियोजना मंडलायुक्त एवं वीडीए अध्यक्ष एस. राजलिंगम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है. वहीं, ओएनजीसी के महाप्रबंधक अटल श्रीवास्तव ने इसे अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह परियोजना भारत सरकार के जल निकाय पुनर्जीवन मिशन की अवधारणा के अनुरूप है. इससे जल संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधुनिक सुविधाओं से युक्त काशी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नदी संरक्षण एवं शहरी विकास की प्राथमिकताओं को भी गति देगी.नदी तट का विकासपरियोजना के मुख्य उद्देश्य यह परियोजना काशी के शहरी सुंदरीकरण, पर्यावरण संरक्षण और नदी तट विकास पर केंद्रित है. इसका लक्ष्य पर्यटन संवर्धन और जनसुविधाओं का विस्तार करना भी है. ओएनजीसी सीएसआर से इस परियोजना को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. इसका उद्देश्य वाराणसी को एक आधुनिक, स्वच्छ और हरित नगर के रूप में स्थापित करना है.परियोजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से लेकर निर्माण कार्य तक सभी चरण तय समयबद्ध योजना के अनुसार पूरे किए जाएंगे.ALSO READ:काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...वरुणा नदी काशी की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है. लंबे समय से इसके संरक्षण और विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. यह परियोजना नदी के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उसके किनारों को व्यवस्थित और आकर्षक बनाएगी. - पुर्ण बोरा, वीडीए उपाध्यक्ष
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वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हॉस्‍टल के कमरों पर अवैध कब्‍जा खाली कराने मामला गरम हो गया है. बुधवार को छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने का विरोध करते हुए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्‍यागी और अन्य अधिकारियों का घेराव किया. इस दौरान परिसर में काफी गहमागहमी का माहौल बना रहा. हंगामे की स्थिति को देखते हुए परिसर में पुलिस तैनात की गई है.छात्रों का आरोप है कि उन्हें हॉस्टल से जबरन बाहर निकाला गया है. वे इस कार्रवाई को गलत और अन्यायपूर्ण बता रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई. मौके पर पुलिस प्रशासन भी पहुंच गया. पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया. कुलपति ने इस संबंध में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हॉस्टल में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को हटाया जा रहा है. कुलपति ने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी काम सौ फीसदी सही नहीं होता है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों को परेशानी आ रही है, उनकी जांच की जाएगी. उचित कार्रवाई करके समस्या का समाधान किया जाएगा.ALSO READ:पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया. उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बाहर किया गया. छात्रों ने इसे मनमाना और अन्यायपूर्ण कदम बताया. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी. छात्रों ने हॉस्टल में रहने के अपने अधिकार पर जोर दिया. फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर अडे हुए हैं. कुलपति ने हॉस्टल खाली कराने की कार्रवाई को वैध ठहराया. उन्होंने बताया कि केवल उन लोगों को हटाया जा रहा है जो अवैध रूप से रह रहे हैं. कुलपति ने कहा कि यह व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है. उन्होंने प्रभावित छात्रों की शिकायतों की जांच का भरोसा दिया. कुलपति ने कहा कि उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.
पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
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