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वध के लिए बनारस के रास्ते हर दिन पांच सौ पशु तस्करी कर भेजे जा रहे बिहार, बंगाल...

वध के लिए बनारस के रास्ते हर दिन पांच सौ पशु तस्करी कर भेजे जा रहे बिहार, बंगाल...
Jul 09, 2026, 11:45 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसीः वध के लिए बनारस के रास्ते हर दिन पांच सौ पशु तस्करी करके बिहार और बंगाल

भेजे जा रहे हैं. यहां से इनका मांस बांग्लादेश के लिए जाता है. यह दावा गो तस्करों के खिलाफ काम करने वाली संस्था गो ज्ञान फाउंडेशन का. वाराणसी में भी सक्रिय संस्था के लोगों का कहना है कि इस धंधे में होने वाली कमाई के कई हिस्सेदार होते हैं जिनमें पुलिस भी शामिल होती है. जो पशु तस्करों को रोकने की कोशिश करता है उसकी जान हमेशा खतरे में रहती है.


दिल्ली आधारित गो ज्ञान फाउंडेशन वर्ष 2017 गो तस्करी के खिलाफ काम कर रही है. इनकी टीम यूपी और बिहार में सबसे अधिक सक्रिय है. कुछ दिनों पहले तक बंगाल के हालात बहुत अच्छे नहीं होने के वजह से वहां काम करना संस्था के लिए बेहद मुश्किल था. संस्था का दावा है कि वध के लिए सबसे अधिक लगभग 70 प्रतिशत पशु उत्तर प्रदेश से लाए जाते हैं. इसके अलावा राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़ से भी पशुओं को लाया जाता है. उत्तर प्रदेश में स्लाटर हाउस पर सरकार की सख्ती के चलते उनका वध बिहार में या बंगाल में किया जाता है. बिहार में सिर्फ तीन स्टालर हाउस हैं जबकि इलीगल सौ छोटे-बड़े स्टालर हाउस संचालित हो रहे हैं. पशुओं के वध के बाद तैयार मीट को बंगाल और उसके साथ बांग्लादेश भेजा जाता है.


पशु तस्करी में कई टीम करती है एक साथ काम

संस्था के लोगों की मानें तो पशु तस्करी में एक साथ कई टीम काम करती है. एक टीम का काम पशुओं को जगह-जगह से जमा करना होता है. दूसरी टीम उसे वाहनों को लादने काम करती है. तीसरी टीम उन वाहन चालकों की होती है जो पशुओं को वधशाला तक पहुंचाते हैं.


तस्करी में मुख्य भूमिका निभाते हैं एंट्री माफिया

पशु तस्करी में बड़ी भूमिका एंट्री माफिया निभाते हैं. उनका काम उन वाहनों को बिना किसी बाधा के स्लाटर हाउस तक पहुंचाना होता है. अलग-अलग इलाके के एंट्री माफिया अलग होते हैं लेकिन उनके बीच आपस में सपर्क बना रहता है. पशु लदे वाहनों को पास कराने के लिए वह बाकायदा पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद लेते हैं. उनकी पहुंच का अंदाज ऐसे लगाया जा सकता है कि किसी ने उन गाड़ियों को रोकने की कोशिश की तो उनके इशारे पर पचास सौ लोगों की भीड़ जमा हो जाती है और किसी भी तरह से पशु लदे वाहनों को छुड़ाती है.


हर थाने पर पहुंचती है तय रकम

संस्था के लोगों की मानें तो पशु तस्कर जिस रूट से गुजरते हैं उस रूट में पड़ने वाले पुलिस थानों को मैनेज करते हैं. हर थाने पर हर महीने एक से डेढ़ लाख रुपये पहुंचता है. कई बार यह रकम दो लाख तक होती है.

तस्करी की कमाई को बांटते हैं हर हिस्सेदार

तस्करी की कमाई बहुत बड़ी है. इसमें शामिल हर व्यक्ति को महीने में अच्छी-खासी रकम मिलती है. तस्कर एक गाय या भैंस को दो से तीन हजार रुपये में खरीदते हैं. स्लाटर हाउस तक पहुंचते इसकी कीमत 25 से 30 हजार रुपये तक पहुंच जाती है. एक पशु से तस्कर इसकी लगभग दो गुनी कीमत हासिल कर लेता है. पशु के मांस के साथ उसका चमड़ा, सींग, हड्डी भी बेची जाती है जिनका उपयोग अलग-अलग जगहों पर किया जाता है. तस्करी में जिसकी जो भूमिका होती है उसके मुताबिक उसे रुपये मिलते हैं. पशु जमा करने वालों को प्रति पशु पांच सौ एक हजार मिलता है. वाहन से ले जाने वाला एक ट्रिप का आठ से दस हजार रुपये लेता है. एंट्री माफिया हर गाड़ी के पांच हजार रुपये लेता है.


तस्करी के लिए कई जगहों से जमा किए जाते हैं पशु


तस्करी में पशुओं के साथ होती है क्रूरता की हद पार

संस्था के लोगों की मानें तो तस्करी के दौरान पशुओं के साथ बहुत क्रूरता होती है. एक कंटेनर में 40 से 50 गाय को एक साथ रखते हैं. भैंस की संख्या 60 से 70 तक होती है. उनके आंख में मिर्च डाली जाती है ताकि वह खड़े रहें और बैठकर अधिक जगह न लें. उनको गोबर व पेशाब करने से रोकने के लिए दवा दी जाती है. दर्द से पशु कराहे नहीं इसलिए दर्द निवारक दवा दी जाती है. उन पर होने वाली क्रूरता का अंदाज इससे लगाया जा सकता है कि जब कभी उन्हें बचाया जाता है तो भी पशु इतने सदमे होते हैं को कई दिनों तक खड़े ही रहते हैं और कुछ भी खाते पीते नहीं हैं.


तस्करों को लिए वाराणसी का रास्ता है आसान


हाइवे के जरिए वाराणसी का बिहार और बंगाल से जुड़ाव पशु तस्करों को सबसे बेहतर लगता है. इस रूट के जरिए वह चंदौली, सैयदराजा, अलीनगर से होकर बिहार जाते हैं. संस्था का दावा है कि पशु तस्कर वाराणसी के नेशनल हाइवे दो (वाराणसी के बंगाल) डाफी टोल प्लाजा होते चंदौली, सैयदराजा, बिहार में दुर्गावती, कुदरा मोहनिया, कैमूर, चेनारी, शिवसागर टोल प्लाजा, औरंगाबाद, गया, सौकला, शेराघाटी, डोभी, बराचजट्टी टोल प्लाजा होता बंगाल पहुंचते हैं.

पुलिस का कार्रवाई भी पुष्टि करती है इन रास्तों का इस्तेमाल पशु तस्करी के लिए किया जा रहा है. डीआईजी रेंज वाराणसी वैभव कृष्ण ने पशु तस्करी पर लगाम के लिए एक साथ 54 वांछित तस्करों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया. इनमें से 50 चंदौली जिले के और अन्य चार गाजीपुर के हैं.



चंदौली में दर्ज मुकदमों के वांछित 50 पशु तस्कर करीब एक साल से फरार चल रहे हैं जबकि गाजीपुर के चार आरोपी छह माह से फरार हैं. चंदौली के वांछितों में ज्यादातर अपराधी बिहार के निवासी हैं. जनवरी 2024 से जनवरी 2026 तक चंदौली में पशु तस्करी के लिए 339 केस दर्ज हुए कुल 805 गिरफ्तारी हुई जबकि 243 पर गैंगस्टर लगा. गुण्डा एक्ट में 36 पर कार्रवाई हुई और 362 वाहन बरामद हुए. गैंगस्टर के आठ केस में 1.18 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई. गाजीपुर में 82 केस. 214 गिरफ्तार, 52 पर गैंगस्टर 25 पर गुंडा एक्ट लगा, 21 वाहन बरामद हुए. गैंगस्टर के चार केस में 73.26 लाख की संपत्ति जब्त हुई जौनपुर में 37 केस, 144 गिरफ्तार, 50 पर गैंगस्टर, 77 पर गुंडा एक्ट लगा. 33 वाहन बरामद हुए. गैंगस्टर के दो केस में 1.01 करोड़ की संपत्ति जब्त हुई.


काशी में गोभक्तों का महामंथन, 27 को देश भर में मनेगा गो सम्मान दिवस


गोमाता की सेवा, सुरक्षा और उन्हें राष्ट्र में उचित सम्मान दिलाने के उद्देश्य से गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत बुधवार को कमच्छा स्थित बोध गया मठ (आदि शंकराचार्य मठ) में पूर्वांचल के गोभक्तों की एक दिवसीय संगोष्ठी हुई. इस बैठक में अभियान के आगामी द्वितीय चरण की रूपरेखा तय की गई.

इसके अंतर्गत आगामी 27 जुलाई को पूरे देश में गो सम्मान दिवस के रूप में मनाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया. इसके साथ ही देशभर में 15 करोड़ हस्ताक्षर जुटाकर सभी डीएम के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपने की वृहद कार्ययोजना पर चर्चा की गई. संतों ने कहा कि देश के हर जिले में संत समाज और आम जनता मिलकर स्थानीय जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को गोसेवा व सुरक्षा के निमित्त प्रार्थना पत्र सौंपेंगे.



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संगोष्ठी में सालरिया (मध्य प्रदेश) से आए ग्वाल संत गोपालानंद महाराज, वृंदावन धाम के संत गोपेश कृष्ण दास और यूपी के राज्य प्रभारी व श्री माताजी गोशाला (बरसाना) के प्रबंधक ब्रजदास महाराज उपस्थित रहे. संतों ने कहा कि गावः विश्वस्य मातरः अर्थात वेदों ने गाय को संपूर्ण विश्व की माता माना है. जिस देश को कभी दूध की नदियां बहने और सोने की चिड़िया होने का गौरव प्राप्त था, उसका एकमात्र आधार गोमाता ही थीं. संतों ने कहा कि इस अभियान की विशेषता यह है कि यह किसी राजनीतिक दल, संस्था या किसी एक व्यक्ति के बैनर तले नहीं चल रहा है. इस देशव्यापी आंदोलन के अध्यक्ष स्वयं नंदी बाबा और प्रधान संरक्षक भगवती गोमाता हैं.

बनारस स्टेशन पर 30 और 31 अक्टूबर को ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में अस्थायी फेरबदल, यात्रीगण ध्यान दें
बनारस स्टेशन पर 30 और 31 अक्टूबर को ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में अस्थायी फेरबदल, यात्रीगण ध्यान दें
वाराणसी : रेल प्रशासन द्वारा प्रशासनिक कारणों और परिचालनिक सुगमता के चलते दिनांक 30 एवं 31 अक्टूबर को बनारस रेलवे स्टेशन पर आगमन और प्रस्थान करने वाली कई ट्रेनों के प्लेटफॉर्म संख्या में अस्थायी बदलाव किया गया है. यात्री इस बदलाव को देखकर अपनी यात्रा पर निकलें.परिवर्तित प्लेटफॉर्म 30 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को -12559 शिवगंगा एक्सप्रेस - पहले प्लेटफॉर्म 08 से आती और जाती थी, अब प्लेटफॉर्म 07 से12581 बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस -प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 06पर-22586 गांधीनगर कैपिटल-बनारस सुपरफास्ट - प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 06 पर15103 गोरखपुर-बनारस इंटरसिटी एक्सप्रेस - प्लेटफॉर्म 06 से बदलकर प्लेटफॉर्म 01 पर31 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को -22535 रामेश्वरम-बनारस सुपरफास्ट एक्सप्रेस -प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 03 पर26506 बनारस-खजुराहो वंदे भारत - प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 03 पर12560 शिवगंगा एक्सप्रेस -प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 05 पर12582 नई दिल्ली-बनारस सुपरफास्ट एक्सप्रेस -प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 05 पर20176 आगरा कैंट-बनारस वंदे भारत -प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 01पर20175 बनारस-आगरा कैंट वंदे भारत - प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 01 पररेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे 30 एवं 31 अक्टूबर को यात्रा के दौरान संबंधित ट्रेनों के परिवर्तित प्लेटफॉर्म की जानकारी एनटीइएस अथवा स्टेशन पर लगे सूचना पट्टों और उद्घोषणा के माध्यम से प्राप्त कर लें. अपनी ट्रेन के आगमन एवं प्रस्थान से पहले प्लेटफॉर्म की पुष्टि अवश्य कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो.बनारस स्टेशन का डीएम-कमिश्नर ने किया निरीक्षणबनारस स्टेशन (मंडुवाडीह) पर 31 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम के मद्देनजर गुरुवार को प्रशासनिक अमले ने स्टेशन का स्थलीय निरीक्षण किया. जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने डीआरएम आशीष जैन के साथ स्टेशन परिसर और कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया. शनिवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बनारस स्टेशन (मंडुवाडीह) से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे. कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से डीएम व कमिश्नर ने सुरक्षा, यातायात और पार्किंग व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक भी की.
वाराणसी स्‍नातक सीट पर भी सपा का कब्‍जा बरकरार, कार्यकर्ताओं में जश्‍न का माहौल
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वाराणसी में स्नातक एमएलसी सीट पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने लगातर दूसरी बार जीत हासिल कर ली. आरोप-प्रत्‍यारोप के बीच अंतिम गणना में आशुतोष सिन्हा को 55046 मत प्राप्त हुए. इसके साथ ही 19932 वोटों से सिन्हा विजयी घोषित हुए. इस दौरान समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया. मतगणना स्थल पर सुबह से ढोल-नगाजों की धुन गूंजती रही. वहीं जीत से सपाइयों में गजब का उत्साह देखने को मिला. जबक‍ि भाजपा खेमे के टेंट में सुबह सन्नाटा पसर गया और कुर्सियां दोपहर त‍क स‍िमट गईं.जीत का श्रेय अखिलेश यादव और सपा कार्यकर्ताओं को दियास्नातक विधान परिषद सीट पर जीत दर्ज करने के बाद समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने अपनी जीत का श्रेय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कार्यकर्ताओं को दिया. उन्होंने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी के हर नेता, कार्यकर्ता, साथी और शुभचिंतक की जीत है, जिन्होंने पूरे मनोयोग से उनका साथ दिया. एक सवाल पर आशुतोष सिन्हा ने कहा, “अभी तो यह झांकी है, उत्तर प्रदेश में सरकार बनना बाकी है.” उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी अब उत्तर प्रदेश में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है.ALSO READ : वाराणसी में युवाओं के लिए मौका, 40 कंपनियां देंगी नौकरी, लगेगा रोजगार मेलाबता दें कि बुधवार से गुरुवार तक मतगणना जारी रही. इस दौरान सपा और भाजपा कार्यकर्तों में नोकझोंक भी हुई. बुधवार की शाम को भाजपा के नेता, मंत्री और कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन भी किया. बता दें कि समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने बुधवार को पहले चक्र से ही बढ़त बनाए रखी. 16वें चक्र की गणना के बाद आशुतोष सिन्हा को 51263 और केदारनाथ को 34052 वोट मिले. वहीं 17 वें राउंड में आशुतोष को 51513 तो केदारनाथ को 34114 वोट मिले. 18वें राउंड में आशुतोष को 51624 केदारनाथ को 34648 वोट मिले. 19वें राउंड में आशुतोष को 51753 और केदारनाथ को 34502 वोट मिले.20 वीं गणना के पश्चात प्राप्त मतआशुतोष सिन्हा- 51880केदारनाथ सिंह - 3468521वीं गणना के पश्चात प्राप्त मतआशुतोष सिन्हा- 52060केदारनाथ सिंह - 3776622वीं गणना के पश्चात प्राप्त मतआशुतोष सिन्हा- 52735केदारनाथ सिंह - 3504123वीं गणना के पश्चात प्राप्त मतआशुतोष सिन्हा- 53573केदारनाथ सिंह - 35114सपा कार्यकर्ता बोले- 2027 में बनेगी अखिलेश यादव की सरकारसपा की बढ़त पर कार्यकर्ताओं और नेताओं में जश्न का माहौल है. वाराणसी समेत आसपास के जिलों के नेता भी मतगणना स्थल पर एकत्रित हुए. वहीं सपा की बढ़त पर कार्यकताओं ने कहा कि 2027 में अखिलेश यादव की सरकार बनेगी.
वाराणसी में युवाओं के लिए मौका, 40 कंपनियां देंगी नौकरी, लगेगा रोजगार मेला
वाराणसी में युवाओं के लिए मौका, 40 कंपनियां देंगी नौकरी, लगेगा रोजगार मेला
वाराणसी: नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है. वाराणसी में बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तीन दिवसीय वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है. क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय की ओर से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के तहत विधानसभा क्षेत्रवार रोजगार मेले लगाए जाएंगे. इन मेलों में करीब 40 कंपनियां हिस्सा लेंगी और योग्य अभ्यर्थियों का चयन करेंगी. चयनित युवाओं को 12 हजार से 35 हजार रुपये तक मासिक वेतन मिल सकता है.तीन विधानसभा क्षेत्रों में लगेगा रोजगार मेलारोजगार मेले का आयोजन तीन अलग-अलग क्षेत्रों में किया जाएगा. इसका कार्यक्रम इस प्रकार है.3 नवंबर: रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के जगतपुर इंटर कॉलेज, जगतपुर में रोजगार मेला लगेगा.4 नवंबर: शिवपुर विधानसभा क्षेत्र के क्रीडेंस इंटरनेशनल स्कूल, उमरहा बाजार (गाजीपुर रोड) में अभ्यर्थियों को नौकरी पाने का अवसर मिलेगा.5 नवंबर: उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के क्वींस इंटरमीडिएट कॉलेज, लहराबीर में रोजगार मेले का आयोजन होगा.40 कंपनियां करेंगी भर्तीइस रोजगार मेले में डिक्सन, मदरसन, कोटक महिंद्रा बैंक, विकास ग्रुप, स्विगी, आईसीआईसीआई बैंक, साटा विकास प्राइवेट लिमिटेड, फ्लिपकार्ट और कृष्णा मारुति सहित लगभग 40 कंपनियां प्रतिभाग करेंगी. इन कंपनियों में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा.हाईस्कूल से लेकर डिप्लोमा धारक तक कर सकते हैं प्रतिभागसहायक निदेशक (सेवायोजन) मुकेश कुमार के मुताबिक, रोजगार मेले में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं. चयनित उम्मीदवारों को पद और योग्यता के अनुसार 12,000 से 35,000 रुपये तक मासिक वेतन दिया जाएगा.ALSO READ : सोते-सोते कट जाए रस्‍ते ; देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर वाराणसी पहुंची, 31 से दौड़ेगीसुबह 10 बजे पहुंचें अभ्यर्थीरोजगार मेला प्रभारी दीप सिंह ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर अपने बायोडाटा के साथ सुबह 10 बजे संबंधित स्थल पर पहुंचें और इस अवसर का लाभ उठाएं. नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह रोजगार मेला विभिन्न कंपनियों में अपनी योग्यता के अनुसार रोजगार पाने का अच्छा अवसर साबित हो सकता है.