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आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप करने होंगे बदलाव : प्रो. आनन्द कुमार त्यागी

आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप करने होंगे बदलाव : प्रो. आनन्द कुमार त्यागी
Jan 05, 2026, 11:35 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, शिक्षाशास्त्र विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय ऑनलाइन 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति: उन्मुखीकरण एवं जागरूकता' कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ हुआ. कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप करने होंगे बदलाव.


MGKVP KULPTI ANAD KUMAR TYAGI


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय समाज के भावी नागरिकों में आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं मानवीय मूल्यों को विकसित करने हेतु एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो हमारा मार्गदर्शन करती है. कुलपति प्रो. त्यागी ने कहा कि हमारी शैक्षिक गतिविधियों जैसे- पाठ्यक्रम, शिक्षण विधि, अधिगम अनुभव एवं शैक्षिक परिवेश आदि को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार बदलना होगा, तभी हम भारत को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बना सकते हैं.


प्रथम सत्र में डाइट प्राचार्य डॉ. उमेश कुमार शुक्ल ने कहा कि हमें अपने शिक्षण अधिगम व्यवस्था में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बदलाव करना होगा, तभी वर्तमान शिक्षा नीति का उद्देश्य पूरा होगा. हमें बालक की निहित क्षमता का स्वाभाविक विकास करना होगा, साथ ही शिक्षार्थी की आवश्यकता के अनुसार अपनी व्यवस्था में परिवर्तन लाना होगा.


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द्वितीय सत्र में केंद्रीय विश्वविद्यालय गुजरात के प्रो. जे.पी. सिंह ने समग्र एवं बहुविषयक शिक्षा पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति बालक के समग्र विकास पर जोर देती है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति शिक्षा बहुविषयक उपागम को बढ़ावा देने की वकालत करती है. शिक्षा के माध्यम से बच्चे का समग्र विकास होना चाहिए, इसके लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है.


स्वागत भाषण में केंद्र निदेशक प्रो. सुरेंद्र राम ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का लक्ष्य भारत को विश्व गुरु के रूप में स्थापित करना है.आज भारत अपनी पूरी क्षमता से आगे बढ़ रहा है तथा विश्व में एक शक्तिशाली राष्ट के रूप में विकसित हुआ है, जिसमें हमारी शिक्षा व्यवस्था का अहम योगदान है. संचालन प्रो. रमाकांत सिंह, तकनीकी सहयोग विनय सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. लालधारी यादव ने किया.

भीषण गर्मी की चपेट में वाराणसी, लू की चेतावनी
भीषण गर्मी की चपेट में वाराणसी, लू की चेतावनी
Varanasi reels under intense heat, heatwave warning issuedवाराणसी: यूपी में प्रचंड गर्मी पड़ रही है. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में लू का प्रकोप पूरे प्रदेश में होगा. उत्तर प्रदेश में गर्मी का बढ़ रहा प्रकोप लोगों को अब डराने भी लगा है. बुंदेलखंड समेत दक्षिणी यूपी के कई जिले भीषण लू और झुलसाने वाली गर्मी की चपेट में हैं, मौसम विभाग ने 19 से 23 मई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तपिश बढ़ने, गर्म हवाएं चलने और पारे में लगातार बढ़ोतरी होने की जानकारी दी है. इससे कई जिलों में दिन के समय हालात और कठिन होने की आशंका है.लू चलने की चेतावनी जारीसोमवार के लिए प्रदेश के 33 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है, रविवार को बांदा 46.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया, इसके अलावा झांसी, प्रयागराज और हमीरपुर में भी लू का असर बेहद तीखा रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया. आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा, अगले कुछ दिनों तक तापमान में लगातार बढ़ोतरी होने के आसार हैं.सर्वाधिक तापमान वाले जिलेबांदा- 46.4 डिग्री सेल्सियसझांसी- 44.6 डिग्री सेल्सियसप्रयागराज- 44.5 डिग्री सेल्सियसहमीरपुर-44.2 डिग्री सेल्सियसउरई- 43.8 डिग्री सेल्सियसइन जिलों में लू चलने की चेतावनीबांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्ज़ापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालोन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आसपास के क्षेत्र शामिल है.यह भी पढ़ें: पूर्वी उत्‍तरप्रदेश में मौसम विभाग का नया अलर्ट, सप्‍ताह भर सक्रिय रहेगा हीटवेव
निर्माण में गड़बड़ी पर नगर निगम सख्त, दो फर्मों पर सात लाख का जुर्माना...
निर्माण में गड़बड़ी पर नगर निगम सख्त, दो फर्मों पर सात लाख का जुर्माना...
वाराणसी : नगर निगम ने शहर में चल रहे निर्माण कार्यों में लापरवाही और घटिया गुणवत्ता को लेकर बड़ी कार्रवाई की है. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर दो कार्यदायी फर्मों पर कुल सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. उन्होंने साफ कहा कि सरकारी धन की बर्बादी और निर्माण गुणवत्ता से समझौता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.सीनियर केयर सेंटर निर्माण में मिली गंभीर खामियांनगर आयुक्त रविवार को बड़ा लालपुर स्थित निर्माणाधीन सीनियर केयर सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे. यहां निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चलता मिला. साथ ही निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई. इस पर नाराजगी जताते हुए संबंधित फर्म पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया.सारनाथ जोन कार्यालय निर्माण पर भी कार्रवाईइसके बाद नगर आयुक्त ने पांडेपुर-पंचकोशी मार्ग पर बन रहे सारनाथ जोन कार्यालय भवन का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि छह महीने बीतने के बाद भी केवल आधा बेसमेंट ही तैयार हुआ है. साथ ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी बेहद खराब मिली। इस लापरवाही पर संबंधित ठेकेदार पर दो लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया.नालों की सफाई और पक्कीकरण के निर्देशनिरीक्षण के दौरान बड़ा लालपुर स्थित 4.5 किलोमीटर लंबे कच्चे नाले की सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया गया. नगर आयुक्त ने नाले को पक्का बनाने के लिए जल्द प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए.इसके अलावा पांडेपुर-पंचकोशी मार्ग पर नरोखर नाला और पाल बस्ती नाले के निरीक्षण में अधिकारियों को मॉनसून से पहले सिल्ट हटाकर पूरी गहराई तक सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.ALSO READ:मुल्तानी मिट्टी से निखारे चेहरे की रंगत, रखे ये सावधानियांअधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूदनिरीक्षण के दौरान नगर निगम के नायब तहसीलदार शेषनाथ यादव, सहायक अभियंता अनूप सिंह, मिथुन कुमार, अवर अभियंता सलमान, शिव कुमार सरोज समेत संबंधित फर्मों के प्रतिनिधि मौजूद रहे.
मुल्तानी मिट्टी से निखारे चेहरे की रंगत, रखे ये सावधानियां
मुल्तानी मिट्टी से निखारे चेहरे की रंगत, रखे ये सावधानियां
Enhance the complexion of your face with Multani Mitti, take these precautionsलाइफस्टाइल: खूबसूरत और बेदाग त्वचा के लिए मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल सदियों से किया जा रहा है. दादी-नानी के नुस्खों से लेकर आधुनिक स्किनकेयर रूटीन तक, ऑयली स्किन और मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए इसे एक अचूक उपाय माना जाता है, लेकिन क्या आप इसे लगाने का सही तरीका जानते हैं.अक्सर लोग चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी का पैक लगाकर तब तक बैठे रहते हैं, जब तक कि वह पूरी तरह सूखकर पपड़ी न बन जाए या उसमें दरारें न पड़ने लगें, अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो इससे आपकी स्किन को फायदे की जगह नुकसान हो सकता है. तो चलिए बताते है कि मुल्तानी मिट्टी लगाने का सही तरीका आखिर क्या है.सूखने तक क्यों नहीं छोड़नी चाहिए मुल्तानी मिट्टीजब मुल्तानी मिट्टी चेहरे पर पूरी तरह सूख जाती है, तो यह त्वचा के नेचुरल ऑयल के साथ-साथ त्वचा की अंदरूनी नमी को भी पूरी तरह खींच लेती है. इसके कारण त्वचा बेहद रूखी और बेजान हो जाती है, खासकर ड्राई और सेंसिटिव स्किन वालों के लिए यह त्वचा में जलन, रेडनेस और रैशेज की वजह बन सकता है.मुल्तानी मिट्टी लगाने का सही तरीकामुल्तानी मिट्टी का पूरा फायदा उठाने के लिए इसे सही तरीके से और सही समय तक लगाना बेहद जरूरी है.फेस पैक तैयार करेंअपनी स्किन टाइप के अनुसार मुल्तानी मिट्टी का पेस्ट बनाएं, ऑयली स्किन वाले इसमें गुलाब जल या टमाटर का रस मिला सकते हैं. ड्राई स्किन वाले इसमें कच्चा दूध, शहद या दही मिलाएं, ताकि त्वचा की नमी बनी रहे.चेहरा साफ करेंपैक लगाने से पहले चेहरे को किसी हल्के फेस वॉश से धो लें ताकि धूल-मिट्टी साफ हो जाए.लगाने का समयचेहरे पर पैक की एक समान परत लगाएं। इसे केवल 10 से 12 मिनट तक ही रखें, जैसे ही आपको महसूस हो कि पैक हल्का सूखने लगा है, तो इसे धो लें.धोने का तरीकाचेहरे पर सीधा पानी मारकर रगड़ने के बजाय, पहले पानी की कुछ बूंदों से चेहरे को गीला करें, जब पैक दोबारा गीला हो जाए, तो हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में मसाज करते हुए इसे साफ पानी से धो लें.मॉइस्चराइजर है जरूरीमुल्तानी मिट्टी धोने के तुरंत बाद चेहरे पर टोनर और एक अच्छा मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं ताकि त्वचा की नमी लॉक हो सके.