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अक्षय तृतिया से बाबा विश्‍वनाथ को फव्‍वारे से दी जाएगी शीतलता, सदियों पुरानी है परंपरा

अक्षय तृतिया से बाबा विश्‍वनाथ को फव्‍वारे से दी जाएगी शीतलता, सदियों पुरानी है परंपरा
Apr 13, 2026, 12:26 PM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: गर्मी से बाबा विश्‍वनाथ को राहत दिलाने के दिन आ गए हैं. परंपरानुसार वैशाख-ज्येष्ठ और आषाढ़ की तीव्र गर्मी में महादेव को शीतलता प्रदान करने के लिए भक्तों द्वारा ग्रीष्मकाल में रजत जलधारी (फव्‍वारा) का आयोजन किया जाएगा. यह जलधारी वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया, जिसे अक्षय तृतीया कहा जाता है, से लेकर श्रावण मास की पूर्णिमा तक निरंतर बाबा विश्वनाथ महादेव को गंगाजल, गुलाब जल और इत्र की फुहार से शीतल रखेगी.


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रजत जलधारी की विशेषता


रजत जलधारी वास्तव में चांदी का एक फव्वारा है, जिसे भक्त गर्मी के मौसम में बाबा विश्वनाथ के शिवलिंग के ऊपर स्थापित करते हैं. यह जलधारी परिसर में स्थित एक जलटैंक से जुड़ी होती है, जिसमें पाइप के माध्यम से गंगाजल निरंतर पहुंचता रहता है. इसके साथ ही, इसमें गुलाब जल और इत्र का मिश्रण भी किया जाता है. भक्तों द्वारा भगवान को लंगड़ा आम का भोग भी इस दौरान सीजन में अर्पित किया जाता है. मंदिर के अर्चक चेत नारायण ने बताया कि अक्षय तृतीया से ग्रीष्म ऋतु का प्रभाव और भी तीव्र हो जाता है, जिसे देखते हुए बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में जलधारी लगाई जाती है. इस जलधारी के माध्यम से गंगाजल से अटूट जल की धारा से बाबा का अभिषेक किया जाता है.


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सदियों पुरानी परंपरा


परंपरा के अनुसार, मध्यान भोग आरती के बाद से पूरे दिन इस जलधारी से बाबा का अभिषेक किया जाता है. जलधारी की यह परंपरा सदियों पुरानी है. जब से मंदिर का निर्माण हुआ है, तब से हर साल बाबा पर जलधारी लगाई जाती है. माना जा रहा है कि यह परंपरा लगभग 300 वर्षों से से भी अध‍िक समय से चली आ रही है. भक्तों का मानना है कि इस जलधारी के माध्यम से भगवान भोलेनाथ को गर्मी से राहत मिलती है और भक्तों की श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है.


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मंद‍िर प्रशासन भी इस बाबत सप्‍ताह भर बाद शुरू होने वाले इस आयोजन की तैयार‍ियों में जुट गया है. इस वर्ष भी भक्तों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है, जो इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने के लिए उत्सुक हैं. जलधारी का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक गतिविधि भी है. भक्तों का मानना है कि इस जलधारी के माध्यम से उन्हें मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है.


गंगा आरती में लखनऊ अग्निकांड के मृतक विद्यार्थियों को दी गई श्रद्धांजलि...
गंगा आरती में लखनऊ अग्निकांड के मृतक विद्यार्थियों को दी गई श्रद्धांजलि...
वाराणसी : लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड में छात्रों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर है. इसी क्रम में मंगलवार शाम वाराणसी के विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती के दौरान मृत विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. आरती में शामिल श्रद्धालुओं, पुरोहितों और स्थानीय लोगों ने दिवंगत छात्रों की आत्मा की शांति के लिए मां गंगा से प्रार्थना की.गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आरती शुरू होने से पहले दो मिनट का मौन रखकर मृत छात्रों को याद किया गया. उपस्थित लोगों ने हाथों में तस्वीरें लेकर हादसे में जान गंवाने वाले विद्यार्थियों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की. घाट पर मौजूद श्रद्धालु इस दुखद घटना को याद कर भावुक नजर आए. आरती के दौरान मां गंगा से प्रार्थना की गई कि हादसे में जान गंवाने वाले विद्यार्थियों की आत्मा को शांति मिले तथा उनके परिजनों को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति प्राप्त हो। साथ ही अग्निकांड में घायल हुए छात्रों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की गई.गंगा सेवा निधि के पदाधिकारियों ने कहा कि लखनऊ में हुई यह घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है. ऐसी घटनाएं केवल प्रभावित परिवारों को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को झकझोर देती हैं. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सभी शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.ALSO READ : बीएचयू में नियुक्तियों में धांधली का मामला, संपत्तियां के नेटवर्क खंगालने में जुटी जांच एजेंसियां...इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. सभी ने एक स्वर में मृत विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. गंगा आरती के दौरान का यह दृश्य बेहद भावुक और मार्मिक रहा, जहां पूरे वातावरण में शोक और संवेदना का भाव देखने को मिला.
बीएचयू में नियुक्तियों में धांधली का मामला, संपत्तियां के नेटवर्क खंगालने में जुटी जांच एजेंसियां...
बीएचयू में नियुक्तियों में धांधली का मामला, संपत्तियां के नेटवर्क खंगालने में जुटी जांच एजेंसियां...
वाराणसी : बीएचयू में नर्सिंग व गैर-शैक्षणिक पदों पर हुई नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच अब तेजी पकड़ती नजर आ रही है. मामले में जांच एजेंसियां आरोपितों की संपत्तियों, बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड और विभिन्न जिलों व राज्यों में फैले उनके संपर्कों की पड़ताल में जुट गई हैं. जांच का उद्देश्य केवल नियुक्तियों में हुई गड़बड़ियों का खुलासा करना ही नहीं, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की परतों को सामने लाना भी है.सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में जुटाए गए दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि नियुक्ति प्रक्रिया में कथित रूप से शामिल लोगों के बीच किस प्रकार का संपर्क था और आर्थिक लाभ किस माध्यम से पहुंचाया गया. इसके लिए विभिन्न जिलों और राज्यों से भी सूचनाएं जुटाई जा रही हैं.बताया जा रहा है कि जांच में सामने आए कुछ तथ्यों ने एजेंसियों का ध्यान आरोपितों की संपत्तियों और वित्तीय गतिविधियों की ओर खींचा है. इसी आधार पर उनके चल-अचल संपत्तियों, निवेश और अन्य आर्थिक स्रोतों की जानकारी एकत्र की जा रही है. जांच टीम यह भी पता लगाने में लगी है कि क्या नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितताओं के जरिए अर्जित धन को कहीं निवेश किया गया या अन्य माध्यमों से उपयोग में लाया गया.ALSO READ : वाराणसी में हाईवे पर अचेत मिली युवती, दो युवकों पर गलत व्यवहार का आरोप...मामले में पहले ही कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है. अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर कुछ नई कड़ियां भी जुड़ सकती हैं. इसी वजह से फील्ड यूनिट और अन्य जांच एजेंसियां लगातार सूचनाएं एकत्र कर रही हैं.जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है. जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, वैसे-वैसे मामले में और खुलासे होने की संभावना है. फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और संपर्क सूत्रों को जोड़कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं.
वाराणसी में हाईवे पर अचेत मिली युवती, दो युवकों पर गलत व्यवहार का आरोप...
वाराणसी में हाईवे पर अचेत मिली युवती, दो युवकों पर गलत व्यवहार का आरोप...
वाराणसी : फूलपुर थाना क्षेत्र के वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पिंडरा बाइपास स्थित सुरही अंडरपास के पास एक 22 वर्षीय युवती अचेत अवस्था में मिली. राहगीरों की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती को तत्काल उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिंडरा भेजा. घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं.पुलिस के अनुसार, होश में आने के बाद युवती ने खुद को जौनपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी बताया. युवती ने आरोप लगाया कि वह किसी काम से बाजार आई थी. इसी दौरान उसके पूर्व परिचित दो युवक उससे मिले और उसे नाश्ता कराने के बहाने अपने साथ ले गए. युवती का कहना है कि रास्ते में दोनों युवकों ने उसे लस्सी पिलाई, जिसके बाद उसे चक्कर आने लगे और वह अचेत हो गई. युवती ने आरोप लगाया कि बेहोशी की हालत में दोनों युवकों ने उसके साथ गलत व्यवहार किया. इसके बाद उसे हाईवे किनारे छोड़कर फरार हो गए. युवती के बयान के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है.पुलिस के मुताबिक, युवती के शरीर पर चोट के कुछ निशान भी पाए गए हैं, जिससे मामले की संवेदनशीलता बढ़ गई है. हालांकि समाचार लिखे जाने तक युवती अथवा उसके परिजनों की ओर से कोई औपचारिक तहरीर नहीं दी गई थी. इसी कारण पुलिस ने अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है.ALSO READ : तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...प्राथमिक उपचार के बाद युवती को बेहतर इलाज और चिकित्सकीय परीक्षण के लिए मंडलीय अस्पताल भेज दिया गया. थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि युवती के लिखित बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी. पुलिस संभावित आरोपितों की पहचान करने और घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है.