गांडीव इंपैक्ट : कुख्यात पशु तस्कर को रामनगर पुलिस ने गोली मारकर किया गिरफ्तार...

वाराणसीः पशु तस्करी के खिलाफ गांडीव डिजिटल पर खबरें चलने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है. पशु तस्करों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है. कुछ दिनों पहले डाफी टोल प्लाज के पास से पांच तस्करों को गिरफ्तार करने बाद सोमवार को कुख्यात पशु तस्कर एजाज को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. बिहार के रहने वाले तस्कर के खिलाफ कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं.

एसीपी कोतवाली के अनुसार सोमवार को रामनगर थाना के भीटी चौकी क्षेत्र में रामनगर पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान प्रयागराज की तरफ से आ रहे एक ट्रेलर को रुकने का इशारा किया तो चालक ने ट्रेलर की रफ्तार बढ़ा दी और भागने लगा. पुलिस टीम ने टेंगरा मोड कट के पास घेरेबंदी कर दी. यह देखकर कंटेनर रोककर एक तस्कर उसमें से उतर विश्वसुंदरी पुल के नीचे झाड़ियों की तरफ भागने लगा. पुलिस टीम के पीछा करने पर उसने गोली चलाना शुरू कर दिया. जवाब में पुलिस टीम ने भी फायरिंग की जिसमें पैर में गोली लगने से तस्कर घायल होकर गिर गया. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. उसकी पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर जिला के हरनाही लक्ष्मीनिया गांव निवासी मोहम्मद एजाज के रूप में हुई. कंटेनर चेक करने पर उसमें 30 पशु निर्दयता से ठूंसे हुए मिले. घायल तस्कर को इलाज के लिए बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है. ट्रेलर को कब्जे में लेकर पशुओं को पशु शेल्टर होम भेज दिया गया है.
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गांडीव डिजीटल ने किया पशु तस्करी को बेनकाब
वाराणसी पशु तस्करी का प्रमुख मार्ग है. नेशनल हाइवे का उपयोग करते हुए तस्कर वध के लिए पशुओं को बिहार और बंगाल पहुंचाते हैं. गांडीव डिजिटल ने खबरों की श्रृंखला के जरिए तस्करी के तरीकों और गिरोह को बेनकाब किया. खबरों के जरिए बताया कि हर रोज लगभग पांच सौ पशु बनारस के रास्ते वध के लिए बिहार और बंगाल पहुंचाए जा रहे हैं. पशुओं की तस्करी में बड़ा गिरोह काम करता है. इसमें पशुओं को गांव-गिरांव से उठाने वाले, वाहनों में लादकर उन्हें एक से दूसरे स्थान पर पहुंचाने वाले से लेकर वध करने वाले तक शामिल होते हैं. जिन थाना क्षेत्र से होकर पशु तस्कर गुजरते हैं उन थानों में रुपये भी पहुंचाते हैं. वाराणसी से बिहार और बंगाल को जोड़ने वाले नेशनल हाइवे 19 (विश्वसुंदरी रोड) का उपयोग तस्कर के लिए करते हैं. डाफी टोल प्लाजा से होकर गुजरते हैं. खबरों के गांडीव डिजीटल पर चलने के बाद वाराणसी पुलिस सक्रिय हुई. बीते 13 जुलाई को लंका पुलिस ने डाफी टोल प्लाजा के पास से घेराबंदी करके एक संदिग्ध डीसीएम ट्रक को पकड़ा था. ट्रक की तलाशी लेने पर भीतर से 16 पशु बरामद हुए थे. पशु वध के लिए बिहार ले जाए जा रहे थे. पुलिस ने पांच तस्करों को गिरफ्तार कर लिया जिनमें एक नाबालिग था. एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार के अनुसार तस्कर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पशुओं को लादकर बिहार और छत्तीसगढ़ ले जाकर बेचते हैं. जहां से पश्चिम बंगाल वध के लिए भेजा जाता है. गो तस्करों की गाड़ियों को पुलिस से बचाने के लिए छत्तीसगढ़ का रहने वाला हेमंत लोकेशन देता था. पकड़े गए पशु तस्करों में मध्य प्रदेश का शिवेंद्र सिंह, छोटू सिंह, छत्तीसगढ़ का अभिषेक तिवारी, प्रतापगढ़ का आशू खरवार हैं.
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