फर्जी दस्तावेज बनाकर जमानत दिलाने वाला गिरोह का खुलासा, सरगना समेत दो गिरफ्तार

वाराणसी : पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर क्राइम टीम ने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और थानों की नकली सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर अपराधियों की जमानत कराने वाले गिरोह का खुलासा किया है. पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से फर्जी दस्तावेज, नकली सत्यापन रिपोर्ट, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है. पुलिस के अनुसार 8 मई 2026 को साइबर क्राइम थाना वाराणसी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग साइबर अपराधियों और अन्य अभियुक्तों की अवैध तरीके से जमानत कराने का काम कर रहे हैं. सूचना मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान के निर्देश पर जांच शुरू की गई.
अपराध करने का तरीका
इस मामले की जांच के लिए एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना के नेतृत्व में टीम गठित की गई. टीम ने कचहरी क्षेत्र और आसपास निगरानी बढ़ाई. जांच के दौरान शुक्रवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार अभियुक्तों में बलराम दास (76) निवासी चमांव, थाना शिवपुर और जनार्दन सिंह (56) शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक गिरोह विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों के आरोपियों से संपर्क करता था और मोटी रकम लेकर फर्जी जमानतदार उपलब्ध कराता था. इसके लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड में नाम व पता बदलकर नकली दस्तावेज तैयार किए जाते थे.
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पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बेल बॉन्ड दाखिल करने के बाद संबंधित थानों की नकली मुहर और फर्जी सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर स्पीड पोस्ट के माध्यम से अदालत भेजते थे. इस तरह आरोपी अदालत और पुलिस व्यवस्था को गुमराह कर अभियुक्तों की जमानत कराते थे. इसके बदले मनमाफिक पैसे प्राप्त किये जाते हैं. पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है. गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक योगेन्द्र प्रसाद, निरीक्षक विजय नारायण मिश्र, निरीक्षक गोपाल जी कुशवाहा, निरीक्षक विपिन कुमार आदि शामिल थे.



