फर्जी एंटी करप्शन अधिकारी बनकर वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, महिला संग तीन गिरफ्तार

वाराणसी: भेलूपुर थाना क्षेत्र में जलकल विभाग के कार्यालय अधीक्षक से एंटी करप्शन अधिकारी बनकर वसूली करने पहुंचे महिला समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए आरोपियों से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है. जानकारी के अनुसार, जलकल विभाग के कार्यालय अधीक्षक हिमांशु श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि बुधवार शाम एक महिला और दो युवक उनके कार्यालय पहुंचे. तीनों ने खुद को लखनऊ स्थित एंटी करप्शन विभाग और एसआईटी का कर्मचारी बताते हुए परिचय दिया. आरोपियों ने विधानसभा गेट नंबर चार के सामने स्थित कार्यालय का हवाला देते हुए हिमांशु श्रीवास्तव को डराने-धमकाने का प्रयास किया.

"पुलिस कार्रवाई से बचने के खातिर देने होंगे पैसे"
आरोप है कि तीनों ने कहा कि उनके खिलाफ शिकायत मिली है और यदि कार्रवाई से बचना है तो उन्हें पैसे देने होंगे. बातचीत के दौरान अधीक्षक को संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने आरोपियों से पहचान पत्र दिखाने को कहा. आईकार्ड मांगते ही तीनों घबरा गए और बहाने बनाने लगे. इसी बीच कार्यालय के अन्य कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए.

कर्मचारियों की संख्या बढ़ती देख महिला और एक युवक मौके से भाग निकले, जबकि एक आरोपी फिरोज अहमद को कर्मचारियों ने पकड़ लिया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की.

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पुलिस की सख्ती के बाद फिरोज अहमद की निशानदेही पर फरार महिला साक्षी सक्सेना और सौरभ गाबा को भी गिरफ्तार कर लिया गया. तीनों आरोपी क्रमशः उत्तराखंड और मुरादाबाद के निवासी बताए जा रहे हैं. डीसीपी काशी गौरव बंसवाल ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है. प्रारंभिक जांच में वसूली के उद्देश्य से खुद को अधिकारी बताने की बात सामने आई है.



