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IMS BHU में प्रोफेसर से हुई नोकझोंक, जूनियर डॉक्टर की बिगड़ी तबीयत

IMS BHU में प्रोफेसर से हुई नोकझोंक, जूनियर डॉक्टर  की बिगड़ी तबीयत
Mar 19, 2026, 08:48 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: बीएचयू स्थित चिकित्‍सा विज्ञान संस्‍थान के सर्जरी विभाग में पिछले सप्ताह हुई जूनियर डॉक्टर के इंसुलिन के ओवरडोज से जान देने के प्रयास का मामला अभी चर्चाओं में है कि इस बीच एक और घटना ने माहौल का तल्‍ख कर दिया. बताते हैं कि आयुर्वेद संकाय में भी बुधवार को प्रोफेसर से नोकझोंक के बाद आकांक्षा जूनियर डॉक्टर की तबीयत बिगड़ गई. दोपहर में उसे काय चिकित्सा विभाग के वार्ड में भर्ती कराया गया. घटना की जानकारी होने पर संबंधित जूनियर डॉक्टर के साथी रेजिडेंट डॉक्टर और प्रभारी संकाय प्रमुख सहित अन्य डॉक्टर उसे देखने पहुंचे.


करहग


जूनियर डॉक्टर को लगाई फटकार


आयुर्वेद संकाय में संकाय प्रमुख कार्यालय के पास के एक विभाग में बुधवार दोपहर को जिस जूनियर डॉक्टर की महिला प्रोफेसर से नोकझोंक हुई. बताया जा रहा है कि जिस प्रोफेसर से झगड़ा हुआ, वही उसकी सुपरवाइजर भी हैं. घटना के समय उसी विभाग के अन्य जूनियर डॉक्टर भी मौजूद थे. विवाद इतना बढ़ गया कि महिला प्रोफेसर ने महिला जूनियर डॉक्टर को सभी के सामने फटकारा. इसके बाद अचानक से आकांक्षा जूनियर डॉक्टर को सीने में दर्द और घबराहट होने लगी. उसे लेकर मौजूद डॉक्टर उसे बीएचयू अस्पताल स्थित आयुर्वेद संकाय के काय चिकित्सा विभाग ले गए. जांच में पता चला कि उसका ब्लडप्रेशर कम हो गया है.


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सेहत में हुआ सुधार


काय चिकित्सा विभाग में उसे डॉक्टर ड्यूटी रूम में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. फिलहाल उसकी सेहत में सुधार है, लेकिन गुरुवार को और जरूरी जांच करवाई जाएगी. संकाय की ओर से छात्रा के परिवारजनों को सूचना दे दी गई है, उसके पिता के आज बीएचयू आने की संभावना है.


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रसशास्त्र विभाग की जूनियर डॉक्टर की तबीयत बिगड़ने और भर्ती होने की जानकारी के बाद काय चिकित्सा वार्ड में उसे देखने गए. वह अब बिल्कुल ठीक है. इसके कारणों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. मामले में यदि जूनियर डॉक्टर कोई जानकारी देती हैं, तो उस तहरीर के तहत विश्वविद्यालय के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.


प्रो. केएन मूर्ति, कार्यवाहक संकाय प्रमुख, आयुर्वेद संकाय, आईएमएस के सभी कंसल्टेंट को रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ संवाद बनाए रखने, सहयोग करने और किसी भी समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं. आयुर्वेद संकाय में जूनियर डॉक्टर के साथ हुई घटना और भर्ती के कारणों के बारे में संकाय प्रमुख से रिपोर्ट मांगी जाएगी।.- प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस

नवरात्रि पर्व पर दिखा विश्‍वनाथ दरबार का नजारा, मुखन‍िर्माल‍िका गौरी के ल‍िए भेजी गई भेंट
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वाराणसी: वासंतिक नवरात्रि आज से शुरू हो गया है. ऐसे में काशी के कई देवी मंदिरों और घरों में कलश स्थापना के साथ ही मां की आराधना शुरू हुई. इस पावन अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम में विश्वेश्वर को अवलोकित करवा कर उपहार स्वरूप मां के धारण किए जाने के लिए वस्त्र एवं श्रृंगार सामग्री मंदिर के शास्त्रियों द्वारा विधिपूर्वक मां मुखनिर्मालिका गौरी और मां विशालाक्षी शक्तिपीठ को अर्पित की गई. नवरात्र के आगामी दिनों में भी मां गौरी के विभिन्न स्वरूपों, जिनके लिए जो दिन समर्पित है, उनके लिए वस्त्र और श्रृंगार सामग्री विश्वेश्वर से अवलोकित करवा कर उपहार स्वरूप नवरात्र में हर दिन भेजी जाएगी.मां गौरी की पूजा का महत्वमां गौरी की पूजा का महत्व भारतीय संस्कृति में अत्यधिक है. चैत्र नवरात्र के दौरान मां के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है, जो भक्तों के लिए एक विशेष आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है. इस अवसर पर भक्तजन विशेष रूप से मां की कृपा प्राप्त करने के लिए उपवास रखते हैं और दिनभर भक्ति में लीन रहते हैं.यह भी पढ़ें: रिटायर्ड SI के घर से लाखों की चोरी, CCTV कैमरे में कैद हुई घटनाकाशी विश्वनाथ धाम में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया. भक्तों ने मां गौरी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए भजन-कीर्तन किए और मां से आशीर्वाद प्राप्त किया. इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष सजावट की गई थी, जिससे वातावरण भक्ति और श्रद्धा से ओत-प्रोत हो गया था.
रिटायर्ड SI के घर से लाखों की चोरी, CCTV कैमरे में कैद हुई घटना
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वाराणसी: सारनाथ थाना क्षेत्र स्थित जनक नगर कॉलोनी में एक रिटायर्ड दारोगा के घर को चोरों ने निशाना बनाया. चोरों ने घर से 32 हजार नकद और लगभग लाखों रुपये की 15 ग्राम सोने की चेन पर हाथ साफ किया. यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे रहा है. पुलिस विभाग से रिटायर्ड दारोगा अनिल कुमार राय के पुत्र बृजेश कुमार राय ने सारनाथ पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 14/15 मार्च 2026 की रात करीब 2 बजे अज्ञात चोर उनके घर में घुसा.15 ग्राम वजन की सोने की चेन चुराईचोर ने पहले प्रथम तल पर उनके चाचा के कमरे से 14 हजार रुपये नकद और 15 ग्राम वजन की सोने की चेन चुराई. इसके बाद भूतल पर बने बृजेश के कमरे में घुसकर उनके पर्स से 18 हजार रुपये नकद निकाल लिए. बृजेश राय ने घटना की सूचना तत्काल डायल 112 और पुराना पुल चौकी प्रभारी अनिल कुमार को दी. सूचना मिलने पर दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने सिर्फ खानापूर्ति की और वापस चले गए. बृजेश ने बताया कि उन्होंने उसी दिन सारनाथ पुलिस को लिखित तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने और जल्द कार्रवाई करने का अनुरोध किया था. हालांकि, उनका आरोप है कि पुलिस चोरों को पकड़ने के बजाय मामले को दबाने में जुटी है.यह भी पढ़ें: फर्जी एंटी करप्‍शन अधिकारी बनकर वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, महिला संग तीन गिरफ्तारइसके अलावा रोहनिया थाना क्षेत्र के देल्हना गांव में एक घर से लाखों रुपये के आभूषण चोरी होने का मामला सामने आया है. पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने संदिग्ध के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. देल्हना निवासी आशीष कुमार चौहान ने बताया कि उनके घर की आलमारी में सोने-चांदी के आभूषण रखे थे. 15 मार्च को जब उन्होंने आलमारी खोली तो एक जोड़ी चांदी की पायल, चांदी का छाड़ा, सोने का मंगलसूत्र, नथिया और चांदी की करधनी गायब मिली. चोरी गए आभूषणों की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है.
फर्जी एंटी करप्‍शन अधिकारी बनकर वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, महिला संग तीन गिरफ्तार
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वाराणसी: भेलूपुर थाना क्षेत्र में जलकल विभाग के कार्यालय अधीक्षक से एंटी करप्शन अधिकारी बनकर वसूली करने पहुंचे महिला समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए आरोपियों से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है. जानकारी के अनुसार, जलकल विभाग के कार्यालय अधीक्षक हिमांशु श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि बुधवार शाम एक महिला और दो युवक उनके कार्यालय पहुंचे. तीनों ने खुद को लखनऊ स्थित एंटी करप्शन विभाग और एसआईटी का कर्मचारी बताते हुए परिचय दिया. आरोपियों ने विधानसभा गेट नंबर चार के सामने स्थित कार्यालय का हवाला देते हुए हिमांशु श्रीवास्तव को डराने-धमकाने का प्रयास किया."पुलिस कार्रवाई से बचने के खातिर देने होंगे पैसे" आरोप है कि तीनों ने कहा कि उनके खिलाफ शिकायत मिली है और यदि कार्रवाई से बचना है तो उन्हें पैसे देने होंगे. बातचीत के दौरान अधीक्षक को संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने आरोपियों से पहचान पत्र दिखाने को कहा. आईकार्ड मांगते ही तीनों घबरा गए और बहाने बनाने लगे. इसी बीच कार्यालय के अन्य कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए.कर्मचारियों की संख्या बढ़ती देख महिला और एक युवक मौके से भाग निकले, जबकि एक आरोपी फिरोज अहमद को कर्मचारियों ने पकड़ लिया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की.यह भी पढ़ें: IMS BHU में प्रोफेसर से हुई नोकझोंक, जूनियर डॉक्टर की बिगड़ी तबीयतपुलिस की सख्ती के बाद फिरोज अहमद की निशानदेही पर फरार महिला साक्षी सक्सेना और सौरभ गाबा को भी गिरफ्तार कर लिया गया. तीनों आरोपी क्रमशः उत्तराखंड और मुरादाबाद के निवासी बताए जा रहे हैं. डीसीपी काशी गौरव बंसवाल ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है. प्रारंभिक जांच में वसूली के उद्देश्य से खुद को अधिकारी बताने की बात सामने आई है.