घटिया सामग्री से सड़क निर्माण में फंसे दो ठेकेदार, FIR दर्ज

Two contractors caught constructing a road using substandard material, FIR registered
वाराणसी: रामनगर क्षेत्र में सड़क निर्माण में व्यापक अनियमितता का प्रकरण सामने आया है. मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित व मलिन बस्ती विकास योजना के तहत इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण में धांधली को गंभीरता से लेते हुए डूडा ने दो ठेकेदारों के खिलाफ रामनगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस ) की धारा 318(1) के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है. इसमें दोनों ठेकेदारों पर घटिया सामग्री का प्रयोग करने, विकास कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप है.

डूडा के निर्माण खण्ड-3 के अधिकारी अमर चन्द गुप्ता द्वारा दी गई तहरीर में कहा गया है कि रामनगर के रामपुर इलाके में पारस नाथ गुप्ता के आवास से कमल कुमार वर्मा के आवास तक सड़क का निर्माण व इंटरलॉकिंग का कार्य का ई- निविदा के माध्यम से कानपुर की फर्म 'मेसर्स अवी इन्फ्राटेक' को दिया गया था. फर्म को निर्माण कार्य 17 फरवरी 2026 तक पूरा करना था. आरोप है कि फर्म ने न केवल समय पर कार्य पूर्ण करने में लापरवाही बरती, बल्कि जो निर्माण किया गया उसकी गुणवत्ता भी अत्यंत खराब पाई गई.

सड़क निर्माण में घटिया गुणवत्ता और कार्य में अरुचि दिखाने पर संबंधित फर्म के खिलाफ डुडा ने एफआईआर दर्ज कराई है. रामनगर पुलिस ने तहरीर के आधार पर फर्म के प्रोपराइटर विनेश कुमार कुशवाहा और अंकुर कुशवाहा के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(1) (छल) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है. मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर जय प्रकाश सिंह को सौंपी गई है. पुलिस ने इसकी प्रतिलिपि जिलाधिकारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को भी आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजी है.
ठेकेदार पर जुर्माना, जेई को प्रतिकूल प्रविष्टि
वाराणसी के महमूरगंज क्षेत्र में नाला सफाई के दौरान बरती जा रही घोर लापरवाही को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने गंभीरता से लिया है. मौके पर सिल्ट (कीचड़) जमा होने पर उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्था मेसर्स समर्थ इंटरप्राइजेज पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है, साथ ही निगरानी में विफल रहने और लापरवाही बरतने के आरोप में क्षेत्रीय अवर अभियंता (जेई) पंकज पटेल को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है. उन्होंने यह कार्रवाई सोमवार को शहर की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण के दौरान की.

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निरीक्षण के दौरान डॉ. ऊषा गुप्ता हॉस्पिटल मार्ग और कॉलोनी के अंदरूनी रास्तों पर नाला सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली. सफाई के बाद निकली सिल्ट को सड़क पर ही छोड़ दिया गया था. इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से कहा कि भीषण गर्मी में सिल्ट सूखने के बाद धूल बनकर उड़ती है और दोबारा नालों में गिरकर उन्हें चोक कर देती है. नियमों के मुताबिक, सिल्ट को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर और तिरपाल से ढककर तुरंत निर्धारित स्थल पर निस्तारित किया जाना चाहिए था, लेकिन मौके पर इसका पूरी तरह अभाव दिखा.

वहीं निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि कई दुकानदारों और भवन स्वामियों ने नालों के ऊपर पक्का निर्माण कर अतिक्रमण कर लिया है, जिससे सफाई कार्य में बाधा आ रही है. इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए नगर आयुक्त ने जोनल स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया है. उन्होंने ऐसे सभी अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर तत्काल चेतावनी दी. यदि इसके बाद भी अतिक्रमण न हटाने पर जुर्माना लगाया जाएगा.



