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PCF प्‍लाजा में आग लगने से भारी क्षति, छह से अधिक प्रतिष्‍ठान जलकर राख

PCF प्‍लाजा में आग लगने से भारी क्षति, छह से अधिक प्रतिष्‍ठान जलकर राख
Mar 23, 2026, 09:21 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: कैंट थाना क्षेत्र में नदेसर स्थित व्‍यावसायिक कांप्‍लेक्‍स पीसीएफ प्लाजा के पहली मंजिल पर आज सोमवार की सुबह अचानक आग लगने की घटना से हड़कंप मच गया. इस घटना ने कांप्‍लेक्‍स की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. ईसीजीसी लिमिटेड के कार्यपालक अधिकारी एमएल साहू ने बताया कि आग प्रथम तल पर लगी, जिसमें आधा दर्जन से अधिक दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं. लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान भी लगाया जा रहा है.


फायर अलार्म सिस्टम की दिखी बड़ी लापरवाही


इस घटना के दौरान पूरे भवन में अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) कहीं भी उपलब्ध नहीं थे. फायर अलार्म सिस्टम की भी पूरी कमी थी, जिसके कारण आग का पता देर से चला और अफरा-तफरी मच गई. सूचना के बाद पहुंचे दमकर कर्मियों और पुलिस ने कडी मशक्‍कत के बाद आग पर काबू पाया. आग लगने की वजह शार्ट सर्किट बताई जा रही है.


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आग लगने का कारण शार्ट सर्किट


भवन की तीसरे तल पर स्थित ईसीजीसी कार्यालय में बैठे कर्मचारी इधर-उधर भागने लगे. साहू ने बताया कि यदि 15 मिनट में लोग छत पर न पहुंच पाते तो धुएं से दम घुटने के कारण कई लोगों की जान जा सकती थी. स्‍थानीय निवासी सौरभ ने बताया कि भवन में इमरजेंसी एग्जिट के कोई स्पष्ट रास्ते नहीं हैं, जिससे इमरजेंसी स्थिति में भागने में भारी मुश्किल हुई. चारों ओर उलझे हुए बिजली के तार दिखाई दे रहे हैं, जो शार्ट सर्किट का मुख्य कारण माने जा रहे हैं. इसके अलावा सफाई की भी कोई व्यवस्था नहीं है. चारों तरफ कूड़ा-कर्कट इकट्ठा रहता है, जो किसी भी समय आग लगने का खतरा बढ़ा सकता है.


यह घटना पीसीएफ प्लाजा में पिछली आग की घटनाओं की याद दिलाती है। वर्ष 2023 में इसी काम्प्लेक्स के लाल पैथालाजी सेंटर में शार्ट सर्किट से भीषण आग लगी थी, जिसमें लाखों रुपये का सामान जल गया था. उस समय भी अग्निशमन यंत्र महज शोपीस साबित हुए थे. स्थानीय दुकानदार रत्नाकर राय ने बताया कि भारत सरकार के विभिन्न कार्यालय भी इसी बिल्डिंग में संचालित हैं. बार-बार ऐसी घटनाएं होने के बावजूद भवन प्रबंधन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है. प्रशासन से मांग की जा रही है कि पीसीएफ प्लाजा का तत्काल फायर सेफ्टी आडिट कराया जाए और दोषी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.


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कृषि उपकरण गोदाम में आग लगने से लाखों की क्षति


सिगरा थाना क्षेत्र स्थित मलदहिया इलाके में रविवार रात करीब दस बजे उस समय अफरा तफरी मच गई जब एक कृषि उपकरण के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई. टीन शेड से बने इस गोदाम से उठती तेज लपटों ने कुछ ही मिनटों में आसपास के क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया. आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया. यह घटना लाजपत नगर कॉलोनी के गेट संख्या तीन के सामने स्थित बच्चा बाबू के कृषि उपकरण गोदाम में हुई.


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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात के समय अचानक गोदाम से धुआं उठता दिखाई दिया जो देखते ही देखते आग की तेज लपटों में बदल गया. स्थानीय लोगों ने तत्काल गोदाम मालिक को सूचना दी और पुलिस तथा फायर ब्रिगेड को भी खबर दी गई. इस दौरान सूचना देने में स्थानीय निवासी गोविंद की महत्वपूर्ण भूमिका रही. घटना की जानकारी मिलते ही सिगरा थाने के प्रभारी निरीक्षक संजय मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सुरक्षा के दृष्टिकोण से आसपास के लोगों को सुरक्षित दूरी पर कर दिया गया. कुछ ही समय में चेतगंज फायर स्टेशन से दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया.


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दमकल कर्मियों ने लगातार प्रयास करते हुए करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया. फायर सर्विस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है.

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वाराणसी : काशी की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय पहचान से जुड़ी वरुणा नदी के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. वरुणा रिवरफ्रंट विकास परियोजना के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) और ओएनजीसी के बीच 260.61 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए. ओएनजीसी अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) निधि से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का वित्तपोषण करेगी. इससे वरुणा नदी के तटों का सुनियोजित विकास होने के साथ काशी में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को नया आयाम मिलेगा.वीडीए सभागार में पिछले दिनों आयोजित कार्यक्रम में वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा और ओएनजीसी के सीएसआर प्रमुख नीरज कुमार बंसल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य वरुणा नदी को केवल स्वच्छ और संरक्षित बनाना ही नहीं, बल्कि इसे आधुनिक रिवरफ्रंट के रूप में विकसित करना भी है. इसके तहत नदी तटों को हरित क्षेत्रों, पैदल पथ, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाओं, सार्वजनिक उपयोग के खुले स्थलों और अन्य आधुनिक शहरी सुविधाओं से विकसित किया जाएगा.परियोजना मंडलायुक्त एवं वीडीए अध्यक्ष एस. राजलिंगम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है. वहीं, ओएनजीसी के महाप्रबंधक अटल श्रीवास्तव ने इसे अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह परियोजना भारत सरकार के जल निकाय पुनर्जीवन मिशन की अवधारणा के अनुरूप है. इससे जल संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधुनिक सुविधाओं से युक्त काशी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नदी संरक्षण एवं शहरी विकास की प्राथमिकताओं को भी गति देगी.नदी तट का विकासपरियोजना के मुख्य उद्देश्य यह परियोजना काशी के शहरी सुंदरीकरण, पर्यावरण संरक्षण और नदी तट विकास पर केंद्रित है. इसका लक्ष्य पर्यटन संवर्धन और जनसुविधाओं का विस्तार करना भी है. ओएनजीसी सीएसआर से इस परियोजना को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. इसका उद्देश्य वाराणसी को एक आधुनिक, स्वच्छ और हरित नगर के रूप में स्थापित करना है.परियोजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से लेकर निर्माण कार्य तक सभी चरण तय समयबद्ध योजना के अनुसार पूरे किए जाएंगे.ALSO READ:काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...वरुणा नदी काशी की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है. लंबे समय से इसके संरक्षण और विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. यह परियोजना नदी के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उसके किनारों को व्यवस्थित और आकर्षक बनाएगी. - पुर्ण बोरा, वीडीए उपाध्यक्ष
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वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हॉस्‍टल के कमरों पर अवैध कब्‍जा खाली कराने मामला गरम हो गया है. बुधवार को छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने का विरोध करते हुए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्‍यागी और अन्य अधिकारियों का घेराव किया. इस दौरान परिसर में काफी गहमागहमी का माहौल बना रहा. हंगामे की स्थिति को देखते हुए परिसर में पुलिस तैनात की गई है.छात्रों का आरोप है कि उन्हें हॉस्टल से जबरन बाहर निकाला गया है. वे इस कार्रवाई को गलत और अन्यायपूर्ण बता रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई. मौके पर पुलिस प्रशासन भी पहुंच गया. पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया. कुलपति ने इस संबंध में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हॉस्टल में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को हटाया जा रहा है. कुलपति ने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी काम सौ फीसदी सही नहीं होता है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों को परेशानी आ रही है, उनकी जांच की जाएगी. उचित कार्रवाई करके समस्या का समाधान किया जाएगा.ALSO READ:पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया. उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बाहर किया गया. छात्रों ने इसे मनमाना और अन्यायपूर्ण कदम बताया. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी. छात्रों ने हॉस्टल में रहने के अपने अधिकार पर जोर दिया. फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर अडे हुए हैं. कुलपति ने हॉस्टल खाली कराने की कार्रवाई को वैध ठहराया. उन्होंने बताया कि केवल उन लोगों को हटाया जा रहा है जो अवैध रूप से रह रहे हैं. कुलपति ने कहा कि यह व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है. उन्होंने प्रभावित छात्रों की शिकायतों की जांच का भरोसा दिया. कुलपति ने कहा कि उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.
पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
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वाराणसी : लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में सत्यम नगर कॉलोनी में एक महिला से पता पूछने के बहाने सोने का टप्स झपटकर फरार हुए दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने 16 जून को महिला से घर के बाहर पता पूछने के बहाने बातचीत की और मौका पाकर कान से सोने का टप्स झपटकर फरार हो गए थे. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.फाइनेंस कंपनी में बेच दिया था टप्सपुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आराेपियों ने लूटा गया सोने का टप्स एक फाइनेंस कंपनी को बेच दिया था. बिक्री से मिले पैसों में से बचे हुए 8 हजार रुपये पुलिस ने बरामद किए हैं.पुलिस ने नकद के अलावा आरोपियों के कब्‍जे से दो मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है. लालपुर-पांडेयपुर पुलिस की कार्रवाई से झपटमारी की इस घटना का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.ALSO READ : कांग्रेस ने एसआईटी पर उठाए सवाल, जिला मुख्‍यालय पर गेट बंद करने को लेकर हुआ हंगामा...लूट के मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर कुंदन गौड़ को पुलिस ने लूट के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. आरोपी मुकदमा अपराध संख्या 458/2019 में धारा 392, 411 व 414 आईपीसी के तहत वांछित चल रहा था. पुलिस के अनुसार बुधवार लहरतारा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रवीण सचान ने टीम के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया. आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया.