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आंधी-ओले संग होगी झमाझम बारिश, दिल्ली NCR और 8 राज्यों में बदलेगा मौसम

आंधी-ओले संग होगी झमाझम बारिश, दिल्ली NCR और 8 राज्यों में बदलेगा मौसम
Apr 07, 2026, 06:23 AM
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Posted By Preeti Kumari

मौसम का बदलता रूख इन दिनों कभी काले बादल बनकर छा जाता तो कभी नीले रंगों में समा जाता है. दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर भारत में आज से दो दिन 7-8 अप्रैल को अनुमान के मुताबिक बारिश हो रही है. हिमालय क्षेत्र में दो पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर पश्चिम भारत में फिर से मौसम बिगड़ा है. उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश, आंधी, बिजली या ओले गिरने की खबरें आ रही हैं. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 7 अप्रैल को मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ गरज चमक के साथ बिजली और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.


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दिल्ली एनसीआर का मौसम


दिल्ली में मंगलवार सुबह रफी मार्ग, इंडिया गेट, कर्तव्य पथ, धौलाकुआं, रोहिणी, चिरागदिल्ली समेत तमाम इलाकों में बारिश सुबह हुई. राजस्थान के जैसलमेर जैसे कई शहरों में झमाझम बारिश हो रही है. हालांकि नोएडा और गाजियाबाद में सुबह के वक्त धूप खिली दिखी.


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जानें यूपी का हाल


उत्तर प्रदेश में अब मौसम का जबरदस्त रूख बदलता नजर आ रहा है, तीखी धूप के बाद फिर प्रदेश में काले बादलों की छाया बढ़ने लगी है. आज मंगलवार (7 अप्रैल) को कई अलग अलग जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर मौसम विभाग का बड़ा अपडेट सामने आया है. प्रदेश के दोनों ही संभाग के ज्यादातर जिलों में आज आंधी, तेज बारिश होने की संभावना है. ऐसे में मौसम विभाग का अनुमान है, अगले 2 से 3 दिनों में यहां अलग अलग जिलों में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है.


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यह भी पढ़ें: मौसम ने फिर बदला मिजाज, तापमान में आई गिरावट


बात करें, राजधानी लखनऊ की तो अमौसी में स्थित आंचलिक मौसम केंद्र ने एक बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि, आज 7 अप्रैल 2026 को यूपी के पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही संभाग ने आसमानी आफत देखने को मिलेगा. इस दौरान बारिश के साथ तेज झोंकेदार हवाएं भी चलेंगी. जिसे देख ये अनुमान लगाया जा रहा है कि, आज प्रदेश में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से तेज हवाओं का दौर कई जिलों में देखने को मिलेगा. वहीं 8 अप्रैल को को प्रदेश के दोनों ही संभाग में बारिश-ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा. इसको लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.


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गरज-चमक के साथ बारिश के आसार


बता दें, प्रदेश में आज से आंधी-तूफान का दौर शुरू होने जा रहा है. कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं. पश्चिमी यूपी में आज शाम से मौसम बदलने लगेगा, जहां तेज हवाएं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग के अनुसार 8 अप्रैल को पूरे प्रदेश में बारिश का असर देखने को मिलेगा. इस दौरान तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट संभव है. अगले 48 घंटों में पहले तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी, उसके बाद तेज गिरावट दर्ज की जा सकती है.

वाराणसी में बार कोड उल्लंघन पर कार्रवाई, 183 आटो-ई रिक्‍शा सीज...
वाराणसी में बार कोड उल्लंघन पर कार्रवाई, 183 आटो-ई रिक्‍शा सीज...
वाराणसी : कमिश्‍नरेट वाराणसी के काशी जोन में ऑटो एवं ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या के दृष्टिगत यातायात व्यवस्था को सुगम एवं व्‍यवस्थित बनाए रखने हेतु बारकोड प्रणाली लागू की गई है. इस व्यवस्था के अंतगगत सीएनजी ऑटो को सिटी परमिट के अनुरूप बारकोड उपलब्ध कराए गए हैं. वहीं ई-रिक्‍शा संचालन के लिए काशी जोन को चार रूटों में विभाजित करते हुए प्रत्येक रूट के लिए अलग अलग रंग के बारकोड (लाल, पिला, हरा और नीला) जारी किए गए हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक ई-रिक्शा केवल निर्धारित रूट पर ही संचालित हो.इसी क्रम में माह मई और जून (अब तक) यातायात मुख्‍यालय स्तर से व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया गया. अभियान के दौरान बारकोड व्यवस्था एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों के उल्‍लंघन पाए जाने पर सीजर की कार्रवाई की गई.वाराणसी मे यातायात विभाग द्वारा बार कोड से निर्धारित रूट पर ई रिक्शा काफी हद तक नहीं होता है. संचालन और जिसमें की यातायात काफी बाधित होता देखा जा रहा है. इसी क्रम मे लगातार ट्रैफिक नें यातायात सुगम करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. जो भी ई रिक्शा निर्धारित रूट पर नहीं चलाया जाएगा. उस पर आगे भी इस तरह से कार्यवाही की जाएगी. शहर में यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विभिन्न मार्गों पर सख्ती से कार्रवाई की. विभिन्न चौराहों और मार्गों पर चलाए गए अभियान में सिटी परमिट और बार कोड नियमों का उल्लंघन करने वाले कई आटो रिक्शा और ई-रिक्शा को पुलिस लाइन में सीज किया गया. यह कार्रवाई एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र के निर्देश पर की गई.ट्रैफिक पुलिस की टीम लहुराबीर, अंधरापुल, कैंट, इंग्लिशिया लाइन, भोजूबीर, कचहरी, पांडेयपुर, पहड़िया, चौकाघाट आदि स्थानों पर चेकिंग की गई. ऐसे आटो रिक्शा चिह्नित किए गए जो बिना सिटी परमिट के संचालन कर रहे थे या जिन पर निर्धारित बार कोड नहीं लगाया गया था. यदि बार कोड लगाया गया था और उसके नियमों के विपरीत चल रहे थे. जांच के दौरान चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, प्रपत्रों, फिटनेस, बीमा और परमिट की जांच की गई.ALSO READ : वाराणसी से स्पाइसजेट की सभी उड़ानें बंद, मुंबई रूट की आखिरी फ्लाइट ने भरी उड़ान...जिन वाहनों के प्रपत्र सही नहीं मिले, उन्हें सीज करने के साथ कई का चालान किया गया. कुछ को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया. यातायात निरीक्षक अनुराग त्यागी ने बताया कि शहर में संचालित सभी आटो रिक्शा के लिए सिटी परमिट और बार कोड तय किया गया है. इसका उद्देश्य अवैध वाहनों की पहचान करने में आसानी हो और संचालन पर रोक लगाना है.अब तक की कार्रवाईतिथि सीज आटो-ई-रिक्‍शा09.05.2026 = 4010.05.2026 = 2814.05.2026 = 4016.05.2026 = 3525.06.2026 = 40कुल = 183
वाराणसी से स्पाइसजेट की सभी उड़ानें बंद, मुंबई रूट की आखिरी फ्लाइट ने भरी उड़ान...
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वाराणसी : लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर से स्पाइसजेट एयरलाइंस की मुंबई-वाराणसी-मुंबई विमान सेवा गुरुवार से पूरी तरह बंद हो गई. मुंबई रूट पर संचालित अंतिम उड़ान के साथ ही वाराणसी एयरपोर्ट से स्पाइसजेट का संपूर्ण संचालन भी समाप्त हो गया. इससे अब वाराणसी से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक प्रमुख एयरलाइन का विकल्प कम हो गया है.428 यात्रियों ने अंतिम उड़ानों से की यात्राएयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, स्पाइसजेट की अंतिम मुंबई-वाराणसी उड़ान (एसजी-505) निर्धारित समय दोपहर 2:35 बजे के बजाय करीब 40 मिनट की देरी से मुंबई से रवाना हुई और शाम 5:30 बजे वाराणसी पहुंची. इस उड़ान में 213 यात्री सवार थे. वहीं वाराणसी से मुंबई जाने वाली अंतिम उड़ान (एसजी-506) शाम 5:25 बजे के बजाय 6:13 बजे रवाना हुई, जिसमें 215 यात्रियों ने सफर किया. दोनों दिशाओं में कुल 428 यात्रियों ने अंतिम उड़ानों से यात्रा की.स्पाइसजेट लंबे समय से वाराणसी और मुंबई के बीच नियमित उड़ान सेवा संचालित कर रही थी. इससे पहले एयरलाइन वाराणसी से दिल्ली समेत कई प्रमुख शहरों के लिए भी विमान सेवाएं देती थी, लेकिन समय के साथ विभिन्न रूटों पर परिचालन बंद होता गया. अब मुंबई रूट के बंद होने के बाद वाराणसी एयरपोर्ट से स्पाइसजेट की सभी सेवाएं समाप्त हो गई हैं.हालांकि मुंबई और अन्य शहरों के लिए इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर जैसी अन्य एयरलाइंस की उड़ानें अभी भी उपलब्ध हैं, लेकिन स्पाइसजेट के हटने से यात्रियों के पास विकल्प पहले की तुलना में कम हो गए हैं.ALSO READ : नौवीं मोहर्रम पर परंपरा का अद्भुत नज़ारा, अंगारों पर दौड़े दूल्हा को देखने उमड़ा जनसैलाब...स्पाइसजेट की ओर से सेवा बंद करने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है. हालांकि विमानन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि बढ़ती परिचालन लागत, विमानों की सीमित उपलब्धता और एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की बढ़ती कीमतें एयरलाइंस के रूट संचालन को प्रभावित कर रही हैं. यही कारण है कि पिछले कुछ समय में कई एयरलाइंस ने भी अपने कुछ रूटों पर सेवाएं बंद की हैं.
नौवीं मोहर्रम पर परंपरा का अद्भुत नज़ारा, अंगारों पर दौड़े दूल्हा को देखने उमड़ा जनसैलाब...
नौवीं मोहर्रम पर परंपरा का अद्भुत नज़ारा, अंगारों पर दौड़े दूल्हा को देखने उमड़ा जनसैलाब...
वाराणसी : नौवीं मोहर्रम की रात वाराणसी में परंपरा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला. शिवाला इमामबाड़े से निकला पारंपरिक "दूल्हा" का जुलूस हजारों अकीदतमंदों और दर्शकों की मौजूदगी में शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा. इस दौरान सबसे आकर्षण का केंद्र वह पल रहा, जब परंपरा के अनुसार दूल्हा जलते अंगारों पर दौड़ा. यह दृश्य देखने के लिए सड़क के दोनों ओर भारी संख्या में लोग पहले से ही जमा थे.जुलूस की शुरुआत शिवाला घाट पर पारंपरिक गंगा स्नान के बाद हुई. इसके बाद धार्मिक रस्में पूरी कर दूल्हे को विशेष रूप से सजाए गए स्वरूप में बाहर लाया गया. रात बढ़ने के साथ जुलूस शिवाला से विभिन्न इलाकों से गुजरता हुआ इमामबाड़े तक पहुंचा. पूरे रास्ते अकीदतमंद या हुसैन के नारों के साथ मातम करते हुए आगे बढ़ते रहे, जबकि छतों, बालकनियों और खिड़कियों से लोगों ने इस अनूठी परंपरा को देखा.अंगारों पर दौड़ने की रस्म के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे. प्रशासन और पुलिस की टीमें पूरे मार्ग पर तैनात रहीं ताकि जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बावजूद व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित रही.ALSO READ :बीएचयू के चिकित्‍सकों की बड़ी उपलब्धि, पहले आयुर्वेदिक N-of-1 क्लिनिकल ट्रायल से डिमेंशिया उपचार पर नई उम्मीद...मोहर्रम की यह परंपरा वाराणसी की गंगा-जमुनी तहजीब और सांस्कृतिक विरासत की अनूठी मिसाल मानी जाती है. हर साल देश-विदेश से लोग इस आयोजन को देखने पहुंचते हैं. इस बार भी हजारों लोगों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि सदियों पुरानी यह परंपरा आज भी लोगों की आस्था और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है.