नौवीं मोहर्रम पर परंपरा का अद्भुत नज़ारा, अंगारों पर दौड़े दूल्हा को देखने उमड़ा जनसैलाब...

वाराणसी : नौवीं मोहर्रम की रात वाराणसी में परंपरा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला. शिवाला इमामबाड़े से निकला पारंपरिक "दूल्हा" का जुलूस हजारों अकीदतमंदों और दर्शकों की मौजूदगी में शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा. इस दौरान सबसे आकर्षण का केंद्र वह पल रहा, जब परंपरा के अनुसार दूल्हा जलते अंगारों पर दौड़ा. यह दृश्य देखने के लिए सड़क के दोनों ओर भारी संख्या में लोग पहले से ही जमा थे.
जुलूस की शुरुआत शिवाला घाट पर पारंपरिक गंगा स्नान के बाद हुई. इसके बाद धार्मिक रस्में पूरी कर दूल्हे को विशेष रूप से सजाए गए स्वरूप में बाहर लाया गया. रात बढ़ने के साथ जुलूस शिवाला से विभिन्न इलाकों से गुजरता हुआ इमामबाड़े तक पहुंचा. पूरे रास्ते अकीदतमंद या हुसैन के नारों के साथ मातम करते हुए आगे बढ़ते रहे, जबकि छतों, बालकनियों और खिड़कियों से लोगों ने इस अनूठी परंपरा को देखा.
अंगारों पर दौड़ने की रस्म के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे. प्रशासन और पुलिस की टीमें पूरे मार्ग पर तैनात रहीं ताकि जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बावजूद व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित रही.
ALSO READ :बीएचयू के चिकित्सकों की बड़ी उपलब्धि, पहले आयुर्वेदिक N-of-1 क्लिनिकल ट्रायल से डिमेंशिया उपचार पर नई उम्मीद...
मोहर्रम की यह परंपरा वाराणसी की गंगा-जमुनी तहजीब और सांस्कृतिक विरासत की अनूठी मिसाल मानी जाती है. हर साल देश-विदेश से लोग इस आयोजन को देखने पहुंचते हैं. इस बार भी हजारों लोगों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि सदियों पुरानी यह परंपरा आज भी लोगों की आस्था और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है.



