Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

बीएचयू के चिकित्‍सकों की बड़ी उपलब्धि, पहले आयुर्वेदिक N-of-1 क्लिनिकल ट्रायल से डिमेंशिया उपचार पर नई उम्मीद...

बीएचयू के चिकित्‍सकों की बड़ी उपलब्धि, पहले आयुर्वेदिक N-of-1 क्लिनिकल ट्रायल से डिमेंशिया उपचार पर नई उम्मीद...
Jun 26, 2026, 08:30 AM
|
Posted By Gaandiv

वाराणसी : बीएचयू के चिकित्सक वैज्ञानिकों ने आयुर्वेद के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने विश्व का पहला प्रकाशित आयुर्वेदिक N-of-1 क्लिनिकल ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया है. यह अध्ययन डिमेंशिया की शुरुआती अवस्था माइल्ड कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट (MCI) से पीड़ित एक मरीज पर किया गया.


N-of-1 क्लिनिकल ट्रायल एक ऐसी वैज्ञानिक पद्धति है, जिसमें किसी दवा या उपचार के प्रभाव का परीक्षण केवल एक मरीज पर किया जाता है. इसमें मरीज स्वयं ही अपना नियंत्रण (कंट्रोल) होता है और अलग-अलग समय पर उपचार के प्रभाव का विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है. आयुर्वेद जैसी व्यक्ति केंद्रित चिकित्सा पद्धति के मूल्यांकन के लिए इसे उपयोगी माना जा रहा है.


RFF


करीब 14 महीनों तक चले इस अध्ययन में आयुर्वेद की पारंपरिक औषधि 'कल्याणक घृत' का मूल्यांकन किया गया. बेयसियन सांख्यिकीय विश्लेषण के आधार पर मरीज की स्मृति, सोचने-समझने की क्षमता, दैनिक कार्य करने की क्षमता और अवसाद के लक्षणों में सुधार के संकेत मिले. शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह अध्ययन केवल एक मरीज पर आधारित है, इसलिए इसे सभी मरीजों पर समान रूप से लागू नहीं माना जा सकता. उन्होंने यह भी सलाह दी कि किसी भी आयुर्वेदिक औषधि का सेवन केवल प्रशिक्षित आयुर्वेद चिकित्सक की देखरेख और परामर्श में ही किया जाना चाहिए.


शोध के अनुसार, कल्याणक घृत आयुर्वेद का एक बहु-औषधीय योग है, जिसमें हरड़, आंवला, बहेड़ा, हल्दी, जटामांसी, देवदार, चंदन सहित कई औषधीय द्रव्यों का उपयोग किया जाता है. आयुर्वेद में इसे स्मृति, बुद्धि और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है.


यह अध्ययन बीएचयू के आयुर्वेद, चिकित्सा एवं विज्ञान संकायों के विशेषज्ञों के संयुक्त सहयोग से पूरा किया गया. शोध हाल ही में जर्नल ऑफ एथ्नोफार्माकोलॉजी में प्रकाशित हुआ है.



ALSO READ : वाराणसी में सिगरा और कैंट स्‍टेशन से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद, तीन गिरफ्तार...


शोधकर्ताओं का मानना है कि भविष्य में यदि ऐसे और N-of-1 क्लिनिकल ट्रायल किए जाते हैं, तो आयुर्वेदिक उपचारों के वैज्ञानिक प्रमाण और अधिक मजबूत हो सकेंगे तथा व्यक्तिकेंद्रित चिकित्सा पद्धति को वैज्ञानिक आधार मिलेगा.

ऐढ़े में बनेगा आधुनिक पशु अस्पताल, खुशहाल नगर में बुजुर्गों के लिए बनेगी इंटरलॉकिंग सड़क
ऐढ़े में बनेगा आधुनिक पशु अस्पताल, खुशहाल नगर में बुजुर्गों के लिए बनेगी इंटरलॉकिंग सड़क
वाराणसी. नगर निगम क्षेत्र में पशु कल्याण और विकास कार्यों को गति देने के लिए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सोमवार को ऐढ़े स्थित गौशाला और खुशहाल नगर के पीछे निर्माणाधीन सीनियर केयर सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को पशुओं की चिकित्सा व्यवस्था बेहतर करने के साथ निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय से पूरा कराने के निर्देश दिए।ऐढ़े गौशाला में वर्तमान में कच्चे शेल्टर में संचालित पशु चिकित्सा व्यवस्था को आधुनिक पशु अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। नगर आयुक्त ने इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा। अस्पताल में आम नागरिकों को अपने पालतू पशुओं के इलाज की सुविधा भी मिल सकेगी। उन्होंने पशुओं के उपचार संबंधी सभी कार्य पशु कल्याण अधिकारी की निगरानी में कराने के निर्देश दिए।गौशाला में गर्मी से पशुओं को राहत देने के लिए टीन शेड के नीचे पर्याप्त संख्या में पंखे लगाने, बाउंड्रीवॉल के किनारे पौधरोपण करने और प्रवेश द्वार स्थित गार्ड रूम के पास खाली भूमि पर इंटरलॉकिंग कराने को कहा गया। पशुओं के आवागमन के लिए मैजिक वाहन उपलब्ध कराने तथा परिसर में इंटरलॉकिंग और ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।ALSO READ : नरहरि जयंती पर स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान ने किया निःशुल्क फलाहारी प्रसाद वितरणइसके बाद नगर आयुक्त ने खुशहाल नगर के पीछे निर्माणाधीन सीनियर केयर सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने सेंटर तक पहुंचने वाले मार्ग को सुगम बनाने के लिए 15वें वित्त आयोग से तत्काल इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की हिदायत दी।निरीक्षण के दौरान पशुचिकित्साधिकारी डॉ. विजय अमृत राज, सहायक अभियंता, अवर अभियंता (सिविल) समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नरहरि जयंती पर स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान ने किया निःशुल्क फलाहारी प्रसाद वितरण
नरहरि जयंती पर स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान ने किया निःशुल्क फलाहारी प्रसाद वितरण
वाराणसी. संत शिरोमणि नरहरि जी के जन्मोत्सव के अवसर पर सोमवार को स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान के महिला प्रकोष्ठ की ओर से निःशुल्क फलाहारी प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। गोविंदपुरा मोड़ चौराहे पर हुए आयोजन में श्रद्धालुओं, राहगीरों और स्थानीय लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया।फलाहारी प्रसाद में साबूदाना, आलू, फल और अन्य व्रत सामग्री शामिल रही। आयोजन के दौरान लोगों को प्रसाद वितरित करने के साथ संत नरहरि महाराज को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। सेवा कार्य में महिला प्रकोष्ठ के सदस्यों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ सेवा भावना भी देखने को मिली।ALSO READ : लंबित प्रवेश प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग को लेकर छात्रों ने बीएचयू प्रशासन को सौंपा ज्ञापनकार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सरिता सर्राफ माधवी मिश्रा, शिखा शर्मा, प्रेमासेठ, सुनीता सोनी, कनक वर्मा, संगीता, सुनीता, विभा किरण वर्मा, सुनीता बेबी, श्रवण सेठ, विशाल सेठ, अरविंद सेठ, रवि सर्राफ, ईश्वर चंद वर्मा, कमल सेठ, विष्णुदयाल सेठ, रॉनिक वर्मा, आनंद वर्मा, संजय सर्राफ, सुनील सेठ, मनु सेठ, तन्नू सेठ और विवेक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
लंबित प्रवेश प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग को लेकर छात्रों ने बीएचयू प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
लंबित प्रवेश प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग को लेकर छात्रों ने बीएचयू प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी. काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के छात्रों ने पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया में हो रहे विलंब को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने सत्र 2025-26 के कई पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की प्रवेश एवं काउंसलिंग प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं होने पर चिंता जताई। उनका कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया लंबित होने से विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है।छात्रों ने कुलसचिव को सौंपे ज्ञापन में मांग की कि सत्र 2025-26 की लंबित प्रवेश और काउंसलिंग प्रक्रिया तत्काल पूरी कर इसकी आधिकारिक सूचना जारी की जाए। साथ ही सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया भी बिना विलंब समयबद्ध तरीके से शुरू करने की मांग की गई।छात्रों ने नियमित पाठ्यक्रमों की तर्ज पर पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में बीएचयू से परास्नातक उत्तीर्ण विद्यार्थियों को वरीयता देने और उनके लिए सीटें आरक्षित करने की भी मांग रखी।ALSO READ : जॉय ऑफ फ्रीडम’ प्रदर्शनी में तस्वीरों में दिखे आजादी के विविध रंगज्ञापन प्राप्त करने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना। प्रशासन की ओर से छात्रहित को ध्यान में रखते हुए मामले का शीघ्र और सकारात्मक निस्तारण करने का आश्वासन दिया गया।छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि निर्धारित समयसीमा में प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो वे आगे आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में आशुतोष कुमार शुक्ला, अमन मौर्या, विभांशु, अविनाश, चंदू, अभिषेक और आकाश सिंह शामिल रहे।