Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का शुभारंभ, कलश स्थापना संग नौ दिवसीय व्रत रखें

हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का शुभारंभ, कलश स्थापना संग नौ दिवसीय व्रत रखें
Mar 18, 2026, 12:12 PM
|
Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: मां आदिशक्ति की आराधना, साधना, उपासना और व्रत कर शक्ति संचयन करने का महापर्व वासंतिक नवरात्रि 19 मार्च से आरंभ हो रहा है. इस बार उदयातिथि में अमावस्या होने के कारण चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि का क्षय है. हालांकि सूर्योदय के कुछ देर पश्चात ही प्रतिपदा आरंभ हो जाएगी फिर भी भारतीय कालगणना पद्धति के अनुसार पूरे दिन प्रतिपदा होने के बाद भी अमावस्या तिथि ही मानी जाएगी.


क


घर-घर में होगा कलश स्थापना


इस प्रकार इस बार अमावस्या तिथि में उपस्थित प्रतिपदा में ही घर-घर में कलश स्थापना होगी. इसके साथ ही नौ दिवसीय व्रत, अनुष्ठान आरंभ हो जाएंगे. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होने वाला हिंदू नववर्ष भी इसी तरह पिछले संवत्सर की अमावस्या में आरंभ होगा. बीएचयू के ज्योतिष विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि प्रतिपदा का क्षय होने के बाद भी नवरात्र पूरे नौ दिनों का है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष चैत्र कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 19 मार्च गुरुवार को प्रातः 6:41 बजे तक है.


ब


इसके पश्चात प्रतिपदा लग जा रही है जो 20 मार्च को प्रातः सूर्योदय के पूर्व ही 5:30 बजे तक रहेगी. इसलिए उदयातिथि में अमावस्या रहते हुए भी पूरे दिन प्रतिपदा का मान व्याप्त रहेगा. इसलिए वासंतिक नवरात्र व्रत का आरंभ 19 मार्च से ही होगा तथा हवन पूजन के साथ पूर्णाहुति 27 मार्च को मध्याह्न 12:27 तक किया जा सकेगा. देवी के नौ स्वरूपों का दर्शन 19 मार्च से आरंभ 27 मार्च तक प्रतिदिन नौ दिनों में क्रमशः किया जाएगा.


दोपहर तक की जा सकेगी कलश स्थापना


इस वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि में चित्रा नक्षत्र तथा वैधृति योग न होने के कारण प्रातः काल से आरंभ कर दोपहर 12:25 तक कलश स्थापन शुभ होगा. किसी कारणवश जो लोग उक्त काल में कलश स्थापन न कर सकें वे उसके बाद भी रात्रिपर्यंत कलश स्थापन कर सकते हैं. इसी बीच चैत्र छठ करने वाली माताएं चौबीस मार्च को सूर्यषष्ठी व्रत करेंगी तथा 25 को प्रातः काल सूर्यार्घ्य देने के पश्चात पारणा करेंगी. उन्होंने बताया कि महानिशा पूजा 25 की रात्रि में की जाएगी तथा उसी दिन काशी में अन्नपूर्णा परिक्रमा सायं 4:54 से आरंभ होकर 26 को अपराह्न 2:32 तक किया जाएगा.


ब


यह भी पढ़ें: गैस किल्‍लत पर सपा महिला सभा का प्रदर्शन, खाली सिलेंडर और बर्तन लेकर सड़क पर उतरीं


ज्योतिर्विद पं. ऋषि द्विवेदी बताते हैं कि केवल प्रथम और अंतिम व्रत करने वाले साधक अंतिम नवरात्र का व्रत महाअष्टमी तिथि में 26 मार्च गुरुवार को करेंगे और 27 मार्च को पारण करेंगे. जबकि महानवमी का व्रत 27 मार्च को रखा जाएगा पाठ तथा हवन की पूर्णाहुति उसी दिन दाेपहर में 12:30 बजे तक कर लेना होगा. व्रत का पारण अगले दिन 28 की प्रातः 10:30 तक किया जा सकेगा. नवसंवत्‍सर के अभिनंदन के लिए शहर में और श्रीकाशी विश्‍वनाथ मंदिर में विविध आयोजन भी किए जा रहे हैं.


27 को मनेगी श्रीरामनवमी


27 मार्च को ही पूरे देश में श्रीरामनवमी का उत्सव मनाया जाएगा. दोपहर 12 बजे मंदिरों में विशेष झांकियां सजाई जाएंगी, प्रभु की आरती होगी, घरों में मंगलाचार, सोहर होंगे और प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव में सनातन धर्मावलंबी डूब जाएंगे.


चैत्र नवरा: प्रमुख तिथियां और मुहूर्त


घट स्थापना : 19 मार्च चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 6:42 बजे से मध्याह्न 12:25 बजे तक


सूर्य षष्ठी व्रत : 24 मार्च से आरंभ, 25 मार्च की प्रात: सूर्यार्घ्य पश्चात पारण

महानिशा पूजा : महासप्तमी में 25 मार्च की रात्रि


अन्नपूर्णा परिक्रमा : 25 मार्च की सायं 4:54 से 26 मार्च को अपराह्न 2:32 बजे तक

महाष्टमी व्रत : 26 मार्च से आरंभ, 27 मार्च को पारण


महानवमी व्रत : 27 मार्च संपूर्ण दिवस

पाठ-अनुष्ठान पूर्णाहुति : 27 मार्च, दोपहर 12:30 बजे तक


नवरात्र व्रत पारण : 27 मार्च की दोपहर बाद से 28 की प्रात: 10:30 बजे तक.

IMS-BHU में IASTM तकनीक पर राष्ट्रीय कार्यशाला, कौशल को करेंगे उन्नत
IMS-BHU में IASTM तकनीक पर राष्ट्रीय कार्यशाला, कौशल को करेंगे उन्नत
National Workshop on IASTM Techniques at IMS-BHU to Upgrade Skillsवाराणसी: इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (IMS), बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के अस्थि रोग विभाग द्वारा 18 एवं 19 अप्रैल 2026 को “इंस्ट्रूमेंट असिस्टेड सॉफ्ट टिश्यू मोबिलाइजेशन (IASTM)” तकनीक पर दो दिवसीय राष्ट्रीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यशाला का उद्देश्य फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में क्लिनिकल दक्षता को बढ़ाना, साक्ष्य-आधारित उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देना तथा प्रतिभागियों को आधुनिक सॉफ्ट टिश्यू मोबिलाइजेशन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है.कार्यशाला का उद्घाटनकार्यशाला का उद्घाटन 18 अप्रैल को प्रातः 10:00 बजे IMS, BHU के NLT कॉन्फ्रेंस हॉल में होगा. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. एस. एन. संखवार (निदेशक, IMS, BHU) एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. संजय गुप्ता (डीन, फैकल्टी ऑफ मेडिसिन) उपस्थित रहेंगे. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें डॉ. संकल्प झा, डॉ. निशांत जेमिनी, डॉ. हंजाबम बरुण शर्मा तथा डॉ. आशीष कुमार यादव एवं डॉ. आशीष कुमार गुप्ता प्रमुख रूप से शामिल हैं.Also read: अक्षय तृतीया से श्रद्धालुओं को मिलेगी यह सुविधा, बाबा दरबार पहुंचने में होगी राहतकार्यशाला में फेशियल सिस्टम, मायोफेशियल रिलीज, पेन मॉड्यूलेशन तथा IASTM तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इस आयोजन के संयोजक डॉ. एस. एस. पांडेय (सहायक प्रोफेसर, फिजियोथेरेपी) एवं सह-संयोजक डॉ. आशीष कुमार यादव (सहायक प्रोफेसर, बायोस्टैटिस्टिक्स) हैं. दो दिवसीय इस कार्यशाला में देशभर से आए फिजियोथेरेपिस्ट, शोधार्थी एवं छात्र भाग लेकर अपने कौशल को उन्नत करेंगे. कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे.https://www.youtube.com/watch?v=FyRyTrkLQZk
अक्षय तृतीया से श्रद्धालुओं को मिलेगी यह सुविधा, बाबा दरबार पहुंचने में होगी राहत
अक्षय तृतीया से श्रद्धालुओं को मिलेगी यह सुविधा, बाबा दरबार पहुंचने में होगी राहत
Devotees will get this facility from Akshaya Tritiya, there will be relief in reaching Baba's court.वाराणसी: महादेव की नगरी काशी में अक्षय तृतीया यानी 19 अप्रैल से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक नई व्यवस्था शुरू होने जा रही है. कबीरचौरा, मैदागिन और बेनिया जैसे प्रमुख स्थानों से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक गोल्फ कार्ट सेवा शुरू की जाएगी. इस सुविधा के शुरू होने से आम और खास सभी भक्तों को बाबा विश्वनाथ के धाम तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी, खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित होगी. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि बेनिया स्थित राज नारायण पार्क, कबीरचौरा और मैदागिन समेत कई स्थानों से गोल्फ कार्ट सेवा संचालित की जाएगी, जो सीधे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 तक पहुंचेगी.देना होगा निर्धारित शुल्‍कप्रारंभिक चरण में करीब 25 गोल्फ कार्ट चलाई जाएंगी, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार आगे बढ़ाया भी जा सकता है. उन्होंने बताया कि इस सेवा का लाभ लेने के लिए यात्रियों को निर्धारित शुल्क देना होगा. यह पहल यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर की गई है, क्योंकि ये सभी गोल्फ कार्ट इको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक वाहन होंगे. नगर आयुक्त के अनुसार, गोल्फ कार्ट सेवा प्रतिदिन भोर में 3 बजे से रात 11 बजे तक उपलब्ध रहेगी, ताकि मंगला आरती से लेकर रात्रि दर्शन तक आने वाले श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिल सके. गोल्फ कार्ट दो प्रकार की होंगी. एक में छह लोगों के बैठने की क्षमता होगी, जबकि दूसरी में नौ लोग बैठ सकेंगे.Also read: डाॅ. संजय निषाद- पत्रकारों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट जरूरी इसके अलावा, मैदागिन स्थित टाउनहॉल और राज नारायण पार्क (बेनियाबाग) में बने आधुनिक पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़ा करने के बाद श्रद्धालु गोल्फ कार्ट के माध्यम से आसानी से विश्वनाथ धाम तक पहुंच सकेंगे. आने वाले समय में इस सेवा का विस्तार अन्य स्थानों तक भी किया जा सकता है. इस सुविधा से राहत मिलने की उम्‍मीद जताई जा रही है.https://www.youtube.com/watch?v=FyRyTrkLQZk
डाॅ. संजय निषाद- पत्रकारों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट जरूरी
डाॅ. संजय निषाद- पत्रकारों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट जरूरी
Dr. Sanjay Nishad – Protection Act is necessary for journalistsवाराणसी: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डाॅ. संजय निषाद (मत्स्य पालन विभाग) ने कहा है कि काशी पत्रकार संघ का इतिहास केवल एक संस्था का इतिहास नही है बल्कि यह काशी की सामाजिक चेतना, संघर्ष और संच्चाई की आवाज का एक जीवंत दस्तावेज है. यह वर्षों से पत्रकारिता की परम्पराओं, मूल्यों और जनहित की भावना को जिस समर्पण के साथ संजोकर रखा है वह अत्यंत सराहनीय है. उन्होंने पत्रकारों की समस्याओं पर गंभीर चिंता जताई और उनके लिए एक सशक्त “प्रोटेक्शन एक्ट” लागू करने पर सहमति जताई.क्रांति की चेतना का जन्म शुक्रवार को काशी पत्रकार संघ की पहल पर आयोजित में ‘संवाद कार्यक्रम’ में पराड़कर स्मृति भवन पहुंचे कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज़ादी के आंदोलन में काशी की पत्रकारिता ने अपनी लेखनी के माध्यम से जनजागरण और क्रांति की चेतना को जन्म दिया. कहा कि जिस प्रकार डॉक्टर, अधिवक्ता और इंजीनियर जैसे पेशेवर कभी पूरी तरह से रिटायर नहीं होते, उसी प्रकार पत्रकारों का अनुभव भी अमूल्य होता है और उन्हें जीवनभर सम्मान व सुरक्षा मिलनी चाहिए. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जैसे कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के लिए सुरक्षा प्रावधान मौजूद हैं, वैसे ही पत्रकारों के लिए भी “प्रोटेक्शन एक्ट” जरूरी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रकार समाज को दिशा देने वाला वर्ग है. यदि वही असुरक्षित रहेगा और समस्याओं से जूझता रहेगा, तो समाज की सुरक्षा और जागरूकता भी प्रभावित होगी. ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है.Also read: स्‍मृति ईरानी ने अखिलेश पर कसा तंज, कह दी ये बातउन्होंने पत्रकारों की समस्याओं को विस्तार से सुना. संघ की ओर से उठाए गए आवास, पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि इन्हें मुख्यमंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा और समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे. इसके पूर्व काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र ने कैबिनेट मंत्री का स्वागत किया. संचालन महामंत्री जितेंद्र श्रीवास्तव ने किया.इस मौके पर काशी पत्रकार संघ के पूर्व अध्यक्ष योगेश कुमार गुप्त, राजनाथ तिवारी, संघ के उपाध्यक्ष सुनील शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार दीनबंधु राय, कैलाश यादव, कृष्ण बहादुर रावत, प्रेस क्लब के अध्यक्ष चंदन रुपाणी, मंत्री विनय शंकर सिंह, अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, पंकज त्रिपाठी, शिव प्रकाश राय, अमित शर्मा, देवेश सिंह, शंकर चतुर्वेदी, मनोज राय, रोशन जायसवाल, विजय शंकर गुप्ता, संजय प्रसाद सिंह, आशुतोष पांडेय, राजेश सेठ, दिनेश सिंह, मुन्ना लाल साहनी, हरी बाबू श्रीवास्तव, अरुण सिंह, दिलीप कुमार आदि मौजूद थे.https://www.youtube.com/watch?v=FyRyTrkLQZk