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सीएम के 'जनता दर्शन' की सूचना पर सैकड़ों फरियादी पहुंचे सर्किट हाउस,हुए निराश

सीएम के 'जनता दर्शन' की सूचना पर सैकड़ों फरियादी पहुंचे सर्किट हाउस,हुए निराश
Oct 07, 2025, 06:53 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसीः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बनारस के दो दिनी दौरे के आखिरी दिन मंगलवार की सुबह पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के सामने उस समय उहापोह की स्थिति उत्पन्न हो गई जब सैकड़ों लोग अपनी फरियाद मुख्यमंत्री योगी तक पहुंचाने सर्किट हाउस पहुंच गए. लोगों का कहना रहा कि 'जनता दर्शन' कार्यक्रम की सूचना मिलने पर वे लोग अपनी समस्याओं के निस्तारण के मद्देनजर अपनी फरियाद मुख्यमंत्री से करने आए हैं. दूसरी ओर जिला प्रशासन को इस कार्यक्रम के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं थी, जिसके चलते पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों के प्रार्थना पत्र को लेकर उन्हें किसी तरह वहां से जाने के लिए मनाया. मुख्यमंत्री का 'जनता दर्शन' न लगाए जाने से यहां आए सैकड़ों लोग निराश होकर लौट गए.


janta darbar


अफसर हुए परेशान रहीं अफरातफरी की स्थिति


मुख्यमंत्री की ड्यूटी पर तैनात अफसरों संग सुरक्षा कर्मी धीरे-धीरे सर्किट हाउस के बाहर जुटती भीड़ देख परेशान हो उठे. लोगों द्वारा यह बताए जाने पर वे सीएम के जनता दर्शन कार्यक्रम में आए हैं तो अफसरों में खलबली मच गई. अफसर बड़े अधिकारियों संपर्क कर उन्हें इस स्थिति की जानकारी दी. जनता दर्शन कार्यक्रम नहीं होने के बावजूद भी इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने पर अफरातफरी का माहौल काफी देर तक बना रहा. लोगों ने बताया कि उन्हें 'जनता दर्शन' कार्यक्रम होने की सूचना मिली थी, जिसके कारण वे दूर-दराज से अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे.


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जमा किए गए लोगों के शिकायती पत्र


मामले की जानकारी होने पर जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने लोगों को बताया कि आज मुख्यमंत्री का कोई 'जनता दर्शन' कार्यक्रम निर्धारित नहीं है. हालांकि, प्रशासन ने निराश लोगों को वापस नहीं जाने दिया और उनकी समस्याओं को दर्ज करने के लिए उनके शिकायती पत्रों को इकट्ठा किया. अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया कि उनके पत्रों को उचित माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाया जाएगा और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा. दरअसल,पिछली बार जब सीएम वाराणसी आये तो तो उन्होंने सर्किट हाउस में जनता दर्शन कार्यक्रम रखा था जिसके बाद लोगों ने समझा कि इस बार भी यह कार्यक्रम प्रस्तावित है.

बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्मान
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वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के राजीव गांधी दक्षिण परिसर, बरकच्छा (मिर्जापुर) स्थित चिकित्सा प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र ने विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। उन्हें वर्ष 2025 की एससीआई ग्लोबल रजिस्ट्री में विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है।डॉ. मिश्र को यह प्रतिष्ठित उपलब्धि उनके उत्कृष्ट वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचारपूर्ण कार्यों और उच्च स्तरीय शैक्षणिक योगदान के आधार पर प्राप्त हुई है। एससीआई ग्लोबल रजिस्ट्री की यह वैश्विक रैंकिंग शोध की गुणवत्ता, प्रकाशित शोधपत्रों के प्रभाव, उद्धरण (साइटेशन) और अन्य शैक्षणिक मानकों के व्यापक मूल्यांकन पर आधारित होती है। इसमें एससीआई जर्नल और कंट्री रैंक (SCR) जैसे महत्वपूर्ण सूचकांकों का उपयोग किया जाता है, जो स्कोपस डाटा के आधार पर तैयार किए जाते हैं।ALSO READ: नगर निगम ने 100 करोड़ की सरकारी संपत्ति मुक्त कराई, 38 साल पुराने विवाद का अंतविश्वविद्यालय ने डॉ. मिश्र की इस उपलब्धि को संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया है। यह सम्मान न केवल बीएचयू की शोध परंपरा को नई पहचान देता है, बल्कि देश के युवा शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। डॉ. मिश्र की सफलता वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में समर्पण, गुणवत्ता और उत्कृष्टता का उदाहरण मानी जा रही है।
नगर निगम ने 100 करोड़ की सरकारी संपत्ति मुक्त कराई, 38 साल पुराने विवाद का अंत
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वाराणसी : सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे के खिलाफ नगर निगम का अभियान जारी है. इस क्रम में सोमवार को बीएलडब्ल्यू रोड ( ककरमत्ता ) में करीब एक बीघा बेशकीमती सरकारी जमीन को निगम ने पूरी अतिक्रमण मुक्त करा लिया है. बाजार दर इस भूमि की कुल कीमत करीब 100 करोड़ रुपये आंकी जा रही है. दरअसल ​यह प्रकरण मौजा ककरमत्ता (परगना देहात अमानत) स्थित अराजी नंबर 411 का है, जिसके संबंध में रामनरायन पुत्र स्व. गज्जन द्वारा वर्ष 1988 में धारा 229(ख) के तहत उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य को विपक्षी बनाते हुए भूमिधरी अधिकार का दावा योजित किया गया था.वादी पक्ष का कहना था कि उनके दादा पुनवासी वर्ष 1356 व 1359 फसली से उक्त भूमि पर काबिज चले आ रहे हैं, इसलिए उन्हें स्थायी भूमिधर दर्ज किया जाए. लंबे समय से चल रहे इस कानूनी विवाद में कई बार अपील और निगरानी याचिकाएं भी दाखिल की गईं. महापौर अशोक कुमार तिवारी के निर्देश पर निगम की ओर से इस प्रकरण की प्रभावी पैरवी की गई. मामले की विस्तृत सुनवाई करते हुए न्यायालय अतिरिक्त उपजिलाधिकारी सदर (प्रज्ञा सिंह) की पीठ ने वाद संख्या 1987/2025 में पत्रावली व राजस्व अभिलेखों का गहन अवलोकन किया.अदालत ने पाया कि फसली वर्ष 1356 व 1359 खसरे के कॉलम आठ में सिंघाडा तथा कॉलम 19 में 'पोखरी दर्ज है. उप्र जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950 की धारा 132 के अनुसार पोखरी व तालाब सार्वजनिक उपयोग की भूमि की श्रेणी में आते हैं. ​अदालत ने धारा 132 में वर्णित सार्वजनिक उपयोग की पोखरी भूमि पर किसी असामी को पांच वर्ष से अधिक अवधि के लिए पट्टे का अधिकार नहीं दिया जा सकता और न ही उसे संक्रमणीय भूमिधर घोषित किया जा सकता है. अदालत ने वादी के दावे को बलहीन मानते हुए खारिज कर दिया तथा अराजी संख्या 411 से समस्त खातों के नाम निरस्त कर राजस्व अभिलेखों में पुनः 'पोखरी' दर्ज करने का आदेश सुनाया.ALSO READ: वाराणसी में हवाई फायरिंग करने वाले को पब्लिक ने पुलिस को सौंपा, पिस्‍टल और कारतूस बरामद...तीन जेसीबी लगाकर खुदाई शुरून्यायिक आदेश का पालन कराते हुए महापौर के निर्देश पर निगम सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी. जिस तालाब को भू-माफिया द्वारा कूड़े से पाट दिया गया था, वहां निगम ने मौके पर ही तीन जेसीबी लगाकर तालाब खोदवाना शुरू करा दिया है, ताकि पोखरे को पुनः उसके वास्तविक अस्तित्व में लाया जा सके.कब्जामुक्त कराई गई इस जमीन पर स्थित पोखरे को उसके मूल स्वरूप में सौंदर्यीकरण कर आकर्षक ढंग से विकसित किया जाएगा. पोखरे के पुनरुद्धार से क्षेत्र का भू-गर्भ जलस्रोत का स्तर (ग्राउंड वॉटर लेवल) बेहतर होगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.
वाराणसी में हवाई फायरिंग करने वाले को पब्लिक ने पुलिस को सौंपा, पिस्‍टल और कारतूस बरामद...
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वाराणसी : शिवपुर थाना क्षेत्र के गिलट बाजार में रविवार देर रात हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले एक युवक को पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के कब्जे से .32 बोर की अवैध देशी पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर प्लस बाइक, दो मोबाइल फोन और एक पीली धातु की चेन बरामद हुई है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है.पुलिस के अनुसार देररात करीब 1:22 बजे शिवपुर पुलिस चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित सिंह अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्‍त कर रहे थे. इसी दौरान सूचना मिली कि गिलट बाजार-भोजूबीर मार्ग पर एक युवक पिस्टल से हवाई फायरिंग कर मोटरसाइकिल से फरार हो गया है. सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची. स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि फायरिंग करने वाला युवक पंचकोशी रोड की ओर भागा है. पुलिस ने पीछा किया तो पंचकोशी रोड स्थित सरकारी राशन की दुकान के पास लोगों ने आरोपी को घेर रखा था. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को गिरफ्त में ले लिया.पूछताछ में उसकी पहचान अंकित सोनी (24) निवासी ग्राम लखपेड़ा भवानीगंज, थाना संग्रामगढ़, जनपद प्रतापगढ़ के रूप में हुई. तलाशी के दौरान उसके पास से 32 बोर की एक अवैध पिस्टल, जिस पर 'मेड इन यूएसए' अंकित था, तथा चार जिंदा कारतूस बरामद हुए. इसके अलावा बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन (वीवो और नोकिया), कपड़े तथा पीली धातु की एक चेन भी मिली. पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक चालान एप के माध्यम से बाइक की जांच की तो उसका मूल पंजीकरण नंबर यूपी-72-सीके-9133 मिला. इसके बाद मोटरसाइकिल को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया.ALSO READ:शारजाह से तस्‍करी कर वाराणसी एयरपोर्ट लाया गया सोना जब्‍त, हिरासत में भारतीय यात्री...थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने हवाई फायरिंग क्यों की और उसके पास अवैध हथियार कहां से आया. पुलिस उसके आपराधिक इतिहास और अन्य संभावित गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है.