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31 मार्च को अंतरराज्‍यीय सहयोग सम्मेलन, काशी विश्वनाथ धाम के अध्ययन भ्रमण से शुरूआत

31 मार्च को अंतरराज्‍यीय सहयोग सम्मेलन, काशी विश्वनाथ धाम के अध्ययन भ्रमण से शुरूआत
Mar 30, 2026, 07:41 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार 31 मार्च 2026 को वाराणसी में आयोजित होने वाले “एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026” के माध्यम से अंतरराज्यीय सहयोग को एक ठोस, परिणामोन्मुख और वैश्विक दृष्टि से जोड़ने की दिशा में निर्णायक पहल करेगी. यह सम्मेलन महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत संवाद के साथ ही ओडीओपी, जीआई टैग, पारंपरिक शिल्प, निर्यात योग्य उत्पादों, निवेश और पर्यटन को एकीकृत करते हुए एक व्यापक आर्थिक इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में कार्य करेगा.


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मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सक्रिय उपस्थिति इस आयोजन को नीति-निर्माण से आगे बढ़ाकर क्रियान्वयन आधारित सहयोग की दिशा में परिवर्तित करेगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच विकास का एक सशक्त और दीर्घकालिक मॉडल विकसित होगा.


अध्ययन भ्रमण से विकसित होगा आधुनिक तीर्थ का दृष्टिकोण


कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के अध्ययन भ्रमण से होगी, जहां क्राउड फ्लो डिजाइन, अधोसंरचना लेआउट और तीर्थयात्री प्रबंधन प्रणालियों का गहन अवलोकन किया जाएगा. यह भ्रमण केवल एक निरीक्षण नहीं होगा, बल्कि आधुनिक शहरी नियोजन और तीर्थस्थल प्रबंधन के सफल मॉडल को समझने का अवसर प्रदान करेगा. इस अनुभव के आधार पर मध्यप्रदेश में धार्मिक स्थलों के विकास, सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थागत सुधार के लिए व्यवहारिक दृष्टिकोण विकसित किया जाएगा, जिससे तीर्थ पर्यटन को अधिक सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाया जा सकेगा.


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निर्यात योग्य उत्पादों को मिलेगा एकीकृत वैश्विक मंच


सम्मेलन में ओडीओपी, जीआई टैग उत्पादों, पारंपरिक शिल्प, कृषि एवं फूड उत्पादों को ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात से जोड़ने पर विशेष फोकस रहेगा. उत्तरप्रदेश की ओडीओपी पहल के अनुभवों और उसके आर्थिक प्रभावों की प्रस्तुति से यह स्पष्ट होगा कि किस प्रकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बनाया जा सकता है. इस मंच पर दोनों राज्यों के उत्पादों की विशिष्टताओं को रेखांकित करते हुए उन्हें एक साझा ब्रांडिंग दृष्टिकोण के तहत प्रस्तुत करने की दिशा में विचार-विमर्श होगा, जिससे निर्यात संवर्धन और मूल्य संवर्धन के नए अवसर विकसित होंगे.


एमओयू से सुदृढ़ होगी व्यापार


सम्मेलन में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच एमओयू हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिनके माध्यम से व्यापारिक सहयोग, औद्योगिक निवेश, कौशल विकास, हस्तशिल्प संवर्धन और पर्यटन क्षेत्र में साझेदारी को औपचारिक रूप दिया जाएगा. यह समझौता केवल दस्तावेजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर लागू करते हुए उद्योगों, उद्यमियों और शिल्पकारों के लिए नए अवसर सृजित किए जाएंगे. ओडीओपी उत्पादों के आदान-प्रदान से स्थानीय उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने और उनकी ब्रांड वैल्यू बढ़ाने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी.


शिल्पकारों को मिलेगा साझा संवाद मंच


यह सम्मेलन उद्योग जगत, निवेशकों, शिल्पकारों, कृषि एवं फूड उत्पादकों और नीति-निर्माताओं को एक व्यापक और समावेशी मंच प्रदान करेगा, जहां वे नीतिगत प्रोत्साहनों, अधोसंरचना विकास, लॉजिस्टिक सपोर्ट और निवेश अवसरों पर गहन चर्चा करेंगे. वस्त्र एवं परिधान, हस्तशिल्प, एमएसएमई, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे विविध क्षेत्रों की सहभागिता इस आयोजन को बहु-आयामी बनाएगी. इससे उद्योग-सरकार समन्वय को मजबूती मिलेगी और निवेश निर्णयों को गति प्रदान करने वाला वातावरण तैयार होगा.


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प्रदर्शनी से प्रदर्शित होगी मध्यप्रदेश की औद्योगिक और सांस्कृतिक शक्ति


सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश के ओडीओपी उत्पादों, जीआई टैग हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्त्रों, निवेश संभावनाओं, औद्योगिक क्षमताओं और प्रमुख पर्यटन स्थलों को एकीकृत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा. यह प्रदर्शनी केवल प्रदर्शन का माध्यम नहीं होगी, बल्कि निवेशकों और प्रतिभागियों के लिए राज्य की वास्तविक क्षमताओं को समझने और उनसे जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी. इसके माध्यम से मध्यप्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक विविधता को एक संगठित और प्रभावी रूप में सामने लाया जाएगा.


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जॉइंट आर्टिजन वर्कशॉप में चंदेरी और महेश्वरी शिल्पकार बनारसी सिल्क कारीगरों के साथ मिलकर साझा ब्रांडिंग, बाजार विस्तार और “गंगा-नर्मदा क्राफ्ट कॉरिडोर” की अवधारणा को आगे बढ़ाएंगे. यह पहल पारंपरिक शिल्प को आधुनिक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने और शिल्पकारों को प्रत्यक्ष बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी. इससे न केवल हस्तशिल्प को नई पहचान मिलेगी, बल्कि कारीगरों की आय और आजीविका के अवसर भी सुदृढ़ होंगे.


धार्मिक पर्यटन को नई गति देगा काशी-उज्जैन-चित्रकूट सर्किट


टूरिज्म राउंड टेबल में काशी-उज्जैन-चित्रकूट धार्मिक पर्यटन सर्किट को संयुक्त पर्यटन उत्पाद के रूप में विकसित करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा. इस पहल में टूर ऑपरेटर्स और आईआरसीटीसी जैसे प्रमुख हितधारकों की सहभागिता से एक संरचित और समन्वित पर्यटन मॉडल विकसित करने पर जोर रहेगा. इससे धार्मिक पर्यटन को अधिक व्यवस्थित, सुगम और आकर्षक बनाया जा सकेगा, जिससे दोनों राज्यों में पर्यटकों की संख्या और ठहराव अवधि में वृद्धि होगी.


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निवेश, निर्यात और संतुलित विकास की दिशा में निर्णायक पहल


यह सम्मेलन निवेश आकर्षण, निर्यात संवर्धन, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए क्षेत्रीय विकास का एक सशक्त मॉडल प्रस्तुत करेगा. “एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026” के माध्यम से मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच सहयोग को एक स्थायी, व्यावहारिक और परिणामदायी स्वरूप मिलेगा, जो दोनों राज्यों की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा.

बनारस स्टेशन पर 30 और 31 अक्टूबर को ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में अस्थायी फेरबदल, यात्रीगण ध्यान दें
बनारस स्टेशन पर 30 और 31 अक्टूबर को ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में अस्थायी फेरबदल, यात्रीगण ध्यान दें
वाराणसी : रेल प्रशासन द्वारा प्रशासनिक कारणों और परिचालनिक सुगमता के चलते दिनांक 30 एवं 31 अक्टूबर को बनारस रेलवे स्टेशन पर आगमन और प्रस्थान करने वाली कई ट्रेनों के प्लेटफॉर्म संख्या में अस्थायी बदलाव किया गया है. यात्री इस बदलाव को देखकर अपनी यात्रा पर निकलें.परिवर्तित प्लेटफॉर्म 30 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को -12559 शिवगंगा एक्सप्रेस - पहले प्लेटफॉर्म 08 से आती और जाती थी, अब प्लेटफॉर्म 07 से12581 बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस -प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 06पर-22586 गांधीनगर कैपिटल-बनारस सुपरफास्ट - प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 06 पर15103 गोरखपुर-बनारस इंटरसिटी एक्सप्रेस - प्लेटफॉर्म 06 से बदलकर प्लेटफॉर्म 01 पर31 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को -22535 रामेश्वरम-बनारस सुपरफास्ट एक्सप्रेस -प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 03 पर26506 बनारस-खजुराहो वंदे भारत - प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 03 पर12560 शिवगंगा एक्सप्रेस -प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 05 पर12582 नई दिल्ली-बनारस सुपरफास्ट एक्सप्रेस -प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 05 पर20176 आगरा कैंट-बनारस वंदे भारत -प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 01पर20175 बनारस-आगरा कैंट वंदे भारत - प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 01 पररेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे 30 एवं 31 अक्टूबर को यात्रा के दौरान संबंधित ट्रेनों के परिवर्तित प्लेटफॉर्म की जानकारी एनटीइएस अथवा स्टेशन पर लगे सूचना पट्टों और उद्घोषणा के माध्यम से प्राप्त कर लें. अपनी ट्रेन के आगमन एवं प्रस्थान से पहले प्लेटफॉर्म की पुष्टि अवश्य कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो.बनारस स्टेशन का डीएम-कमिश्नर ने किया निरीक्षणबनारस स्टेशन (मंडुवाडीह) पर 31 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम के मद्देनजर गुरुवार को प्रशासनिक अमले ने स्टेशन का स्थलीय निरीक्षण किया. जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने डीआरएम आशीष जैन के साथ स्टेशन परिसर और कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया. शनिवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बनारस स्टेशन (मंडुवाडीह) से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे. कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से डीएम व कमिश्नर ने सुरक्षा, यातायात और पार्किंग व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक भी की.
वाराणसी स्‍नातक सीट पर भी सपा का कब्‍जा बरकरार, कार्यकर्ताओं में जश्‍न का माहौल
वाराणसी स्‍नातक सीट पर भी सपा का कब्‍जा बरकरार, कार्यकर्ताओं में जश्‍न का माहौल
वाराणसी में स्नातक एमएलसी सीट पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने लगातर दूसरी बार जीत हासिल कर ली. आरोप-प्रत्‍यारोप के बीच अंतिम गणना में आशुतोष सिन्हा को 55046 मत प्राप्त हुए. इसके साथ ही 19932 वोटों से सिन्हा विजयी घोषित हुए. इस दौरान समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया. मतगणना स्थल पर सुबह से ढोल-नगाजों की धुन गूंजती रही. वहीं जीत से सपाइयों में गजब का उत्साह देखने को मिला. जबक‍ि भाजपा खेमे के टेंट में सुबह सन्नाटा पसर गया और कुर्सियां दोपहर त‍क स‍िमट गईं.जीत का श्रेय अखिलेश यादव और सपा कार्यकर्ताओं को दियास्नातक विधान परिषद सीट पर जीत दर्ज करने के बाद समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने अपनी जीत का श्रेय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कार्यकर्ताओं को दिया. उन्होंने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी के हर नेता, कार्यकर्ता, साथी और शुभचिंतक की जीत है, जिन्होंने पूरे मनोयोग से उनका साथ दिया. एक सवाल पर आशुतोष सिन्हा ने कहा, “अभी तो यह झांकी है, उत्तर प्रदेश में सरकार बनना बाकी है.” उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी अब उत्तर प्रदेश में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है.ALSO READ : वाराणसी में युवाओं के लिए मौका, 40 कंपनियां देंगी नौकरी, लगेगा रोजगार मेलाबता दें कि बुधवार से गुरुवार तक मतगणना जारी रही. इस दौरान सपा और भाजपा कार्यकर्तों में नोकझोंक भी हुई. बुधवार की शाम को भाजपा के नेता, मंत्री और कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन भी किया. बता दें कि समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने बुधवार को पहले चक्र से ही बढ़त बनाए रखी. 16वें चक्र की गणना के बाद आशुतोष सिन्हा को 51263 और केदारनाथ को 34052 वोट मिले. वहीं 17 वें राउंड में आशुतोष को 51513 तो केदारनाथ को 34114 वोट मिले. 18वें राउंड में आशुतोष को 51624 केदारनाथ को 34648 वोट मिले. 19वें राउंड में आशुतोष को 51753 और केदारनाथ को 34502 वोट मिले.20 वीं गणना के पश्चात प्राप्त मतआशुतोष सिन्हा- 51880केदारनाथ सिंह - 3468521वीं गणना के पश्चात प्राप्त मतआशुतोष सिन्हा- 52060केदारनाथ सिंह - 3776622वीं गणना के पश्चात प्राप्त मतआशुतोष सिन्हा- 52735केदारनाथ सिंह - 3504123वीं गणना के पश्चात प्राप्त मतआशुतोष सिन्हा- 53573केदारनाथ सिंह - 35114सपा कार्यकर्ता बोले- 2027 में बनेगी अखिलेश यादव की सरकारसपा की बढ़त पर कार्यकर्ताओं और नेताओं में जश्न का माहौल है. वाराणसी समेत आसपास के जिलों के नेता भी मतगणना स्थल पर एकत्रित हुए. वहीं सपा की बढ़त पर कार्यकताओं ने कहा कि 2027 में अखिलेश यादव की सरकार बनेगी.
वाराणसी में युवाओं के लिए मौका, 40 कंपनियां देंगी नौकरी, लगेगा रोजगार मेला
वाराणसी में युवाओं के लिए मौका, 40 कंपनियां देंगी नौकरी, लगेगा रोजगार मेला
वाराणसी: नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है. वाराणसी में बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तीन दिवसीय वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है. क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय की ओर से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के तहत विधानसभा क्षेत्रवार रोजगार मेले लगाए जाएंगे. इन मेलों में करीब 40 कंपनियां हिस्सा लेंगी और योग्य अभ्यर्थियों का चयन करेंगी. चयनित युवाओं को 12 हजार से 35 हजार रुपये तक मासिक वेतन मिल सकता है.तीन विधानसभा क्षेत्रों में लगेगा रोजगार मेलारोजगार मेले का आयोजन तीन अलग-अलग क्षेत्रों में किया जाएगा. इसका कार्यक्रम इस प्रकार है.3 नवंबर: रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के जगतपुर इंटर कॉलेज, जगतपुर में रोजगार मेला लगेगा.4 नवंबर: शिवपुर विधानसभा क्षेत्र के क्रीडेंस इंटरनेशनल स्कूल, उमरहा बाजार (गाजीपुर रोड) में अभ्यर्थियों को नौकरी पाने का अवसर मिलेगा.5 नवंबर: उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के क्वींस इंटरमीडिएट कॉलेज, लहराबीर में रोजगार मेले का आयोजन होगा.40 कंपनियां करेंगी भर्तीइस रोजगार मेले में डिक्सन, मदरसन, कोटक महिंद्रा बैंक, विकास ग्रुप, स्विगी, आईसीआईसीआई बैंक, साटा विकास प्राइवेट लिमिटेड, फ्लिपकार्ट और कृष्णा मारुति सहित लगभग 40 कंपनियां प्रतिभाग करेंगी. इन कंपनियों में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा.हाईस्कूल से लेकर डिप्लोमा धारक तक कर सकते हैं प्रतिभागसहायक निदेशक (सेवायोजन) मुकेश कुमार के मुताबिक, रोजगार मेले में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं. चयनित उम्मीदवारों को पद और योग्यता के अनुसार 12,000 से 35,000 रुपये तक मासिक वेतन दिया जाएगा.ALSO READ : सोते-सोते कट जाए रस्‍ते ; देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर वाराणसी पहुंची, 31 से दौड़ेगीसुबह 10 बजे पहुंचें अभ्यर्थीरोजगार मेला प्रभारी दीप सिंह ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर अपने बायोडाटा के साथ सुबह 10 बजे संबंधित स्थल पर पहुंचें और इस अवसर का लाभ उठाएं. नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह रोजगार मेला विभिन्न कंपनियों में अपनी योग्यता के अनुसार रोजगार पाने का अच्छा अवसर साबित हो सकता है.