शिवपुर में दिखेगा जयपुर का हवा महल, राजस्थानी अंदाज में सजेगी मां दुर्गा की प्रतिमा...
वाराणसी: काशी में नवरात्र के साथ दुर्गा पूजा पंडालों की रौनक बढ़ने लगी है। कहीं देश के प्रसिद्ध मंदिरों की झलक देखने को मिलेगी तो कहीं ऐतिहासिक इमारतों के प्रतिरूप श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगे। शिवपुर मिनी स्टेडियम में इस बार राजस्थान के जयपुर स्थित हवा महल की तर्ज पर भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है। श्रीश्री दुर्गा पूजा समिति की ओर से आयोजित इस दुर्गोत्सव में श्रद्धालुओं को पंडाल के अंदर से लेकर बाहर तक राजस्थानी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।
पंडाल को तैयार करने के लिए पश्चिम बंगाल के 25 कारीगर पिछले दो महीने से जुटे हुए हैं। पंडाल का मुख्य ढांचा लगभग तैयार हो चुका है, जबकि सजावट का काम स्थानीय कलाकार कर रहे हैं। मुख्य द्वार को भी भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। इस पर राजस्थान की कला और संस्कृति से जुड़ी आकृतियां देखने को मिलेंगी।
इस बार मां दुर्गा की प्रतिमा को भी राजस्थानी अंदाज में सजाया जाएगा। मां के साथ अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का श्रृंगार भी इसी थीम पर किया जाएगा। प्रतिमाओं को राजस्थानी पोशाक और पगड़ी से सजाने की तैयारी है। खास बात यह है कि प्रतिमाओं का निर्माण पंडाल परिसर में ही किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए पंडाल में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए जा रहे हैं। पूरे परिसर में 20 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिसकर्मियों के साथ समिति के महिला और पुरुष स्वयंसेवक तथा बाउंसर भी तैनात रहेंगे। वहीं, विजयादशमी के दिन समिति की ओर से डांडिया कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु उत्साह के साथ भाग ले सकेंगे।
शिवपुर मिनी स्टेडियम में तैयार हो रहा यह पंडाल इस बार राजस्थानी संस्कृति और धार्मिक आस्था का संगम बनेगा। हवा महल की तर्ज पर तैयार हो रही भव्य संरचना, राजस्थानी वेशभूषा में सजी प्रतिमाएं और विशेष सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
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वहीं, नवरात्र के पांचवें दिन मां स्कंदमाता के दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है। वाराणसी के जैतपुरा में पुलिस स्टेशन के पास स्थित मां स्कंदमाता के मंदिर में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां की गोद में भगवान कार्तिकेय विराजमान हैं। कमल पर विराजने के कारण उन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है। मान्यता है कि मां स्कंदमाता की पूजा से भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।



