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आखिरकार वेंटिलेटर पर जूनियर रेजिडेंट की मौत, 105 दिनों से चल रहा था इलाज...

आखिरकार वेंटिलेटर पर जूनियर रेजिडेंट की मौत, 105 दिनों से चल रहा था इलाज...
Jun 29, 2026, 07:07 AM
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Posted By Isha Yadav

वाराणसी : बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल के सर्जरी विभाग की जूनियर रेजिडेंट डॉ. साईं सत्‍या की रविवार को उपचार के दौरान मौत हो गई. वह पिछले 105 दिनों से सुपर स्पेशियलिटी कॉम्प्लेक्स के आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं. लंबे समय तक चले इलाज के बावजूद चिकित्सक उन्हें बचाने में सफल नहीं हो सके. उनके निधन की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में शोक की लहर दौड़ गई.


जानकारी के अनुसार, 25 वर्षीय डॉ. साईं सत्या बिहार की रहने वाली थीं.वह बीएचयू में न्यूरो सर्जरी विभाग में जूनियर रेजिडेंट के रूप में कार्यरत थीं और वाराणसी के महामनापुरी क्षेत्र में किराये के मकान में रहती थीं. बीते 13 मार्च को उन्होंने कथित तौर पर इंसुलिन का ओवरडोज ले लिया था, जिसके बाद उनकी तबीयत अत्यंत गंभीर हो गई. उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार उनका उपचार कर रही थी.


अस्पताल सूत्रों के अनुसार, इलाज के दौरान कई बार उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी रही.चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन रविवार को उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली.अस्पताल प्रशासन ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि वह पिछले 105 दिनों से लगातार चिकित्सकीय निगरानी में थीं.



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डॉ. साईं सत्या के निधन की खबर मिलते ही बीएचयू के डॉक्टरों, जूनियर रेजिडेंट्स, मेडिकल छात्रों और कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई.सहकर्मियों ने उन्हें मेहनती, अनुशासित और अपने कार्य के प्रति समर्पित चिकित्सक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की.अस्पताल प्रशासन ने भी उनके असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की.


अस्पताल प्रशासन ने बताया कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं.वहीं, डॉ. साईं सत्या के निधन से चिकित्सा जगत में शोक का माहौल है और उनके साथ कार्य करने वाले डॉक्टरों व कर्मचारियों ने इसे चिकित्सा समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति बताया है.

हिन्दू बुनकर कल्याण समिति का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला, "बनारस ब्रांड" विकसित करने का आया सुझाव
हिन्दू बुनकर कल्याण समिति का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला, "बनारस ब्रांड" विकसित करने का आया सुझाव
वाराणसी : हिन्दू बुनकर कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग, वाराणसी परिक्षेत्र कुसुम सिंह से मिला. इस बैठक में बनारस के हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया. प्रतिनिधिमंडल ने बुनकरों और कारीगरों के हित में आवश्यक कदम उठाने और समस्याओं के समाधान पर विस्तार से विचार-विमर्श किया. "बनारस ब्रांड" विकसित करने का सुझाव भी आया.बैठक के दौरान रमना टेक्सटाइल पार्क की प्रगति और वहां बुनकरों एवं छोटे वस्त्र उद्यमियों के लिए उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी भी साझा की गई. प्रतिनिधिमंडल ने जोर दिया कि टेक्सटाइल पार्क का लाभ अधिक से अधिक स्थानीय बुनकरों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों तक पहुंचाया जाना चाहिए. समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार जायसवाल ने कहा कि बनारस के पारंपरिक हथकरघा उद्योग को मजबूत करने के लिए बुनकरों को उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल, सरकारी योजनाओं का सरल एवं पारदर्शी लाभ, बेहतर बाजार और आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है. उन्होंने यह भी कहा कि बुनकरों को आर्थिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ सरलता से मिलना चाहिए.समिति के महासचिव अनिल मूंदड़ा ने बनारसी वस्त्रों के लिए प्रभावी विपणन व्यवस्था विकसित करने, आधुनिक डिजाइन और प्रशिक्षण सुविधाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया. उपाध्यक्ष विमलेश मौर्य ने जरी और कढ़ाई से जुड़े कारीगरों के विकास और उनके लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया. कोषाध्यक्ष विनोद मौर्य ने बुनकरों को सरकारी योजनाओं का लाभ सरलता से उपलब्ध कराने की मांग की.ALSO READ:अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्‍टर से सियासी उफान, सपा कार्यकर्ताओं ने पत्रक सौंप कर उठाई ये मांगप्रतिनिधिमंडल के सदस्य सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने "बनारस ब्रांड" विकसित करने का सुझाव दिया, जिससे बनारसी वस्त्रों की देश-विदेश में विशिष्ट पहचान को और मजबूत किया जा सके. उन्होंने कहा कि बनारस की साड़ी और अन्य पारंपरिक वस्त्रों को एक सशक्त ब्रांड के रूप में स्थापित कर उनकी गुणवत्ता, मौलिकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सकती है. इससे बुनकरों और कारीगरों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने में मदद मिलेगी. बैठक में कुसुम सिंह ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखे गए सभी सुझावों और समस्याओं को गंभीरता से सुना और आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया. प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि विभागीय स्तर पर सकारात्मक पहल से बनारस के पारंपरिक हथकरघा और वस्त्र उद्योग को नई गति मिलेगी और इससे जुड़े बुनकरों और कारीगरों को इसका प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा.इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार जायसवाल, महासचिव अनिल मूंदड़ा, उपाध्यक्ष विमलेश मौर्य, कोषाध्यक्ष विनोद मौर्य, सर्वेश कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे.
अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्‍टर से सियासी उफान, सपा कार्यकर्ताओं ने पत्रक सौंप कर उठाई ये मांग
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वाराणसी : विधानसभा चुनाव की आहट के बीच यूपी में राजधानी से लेकर पूर्वांचल तक समाजवादी पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए बैनर, पोस्टर लगाए गए. अचानक विभिन्न शहरों में लगे पोस्टर के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है. वाराणसी में भी विभिन्न स्थानों पर पोस्‍टर लगाए गए थे. इसके बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस आयुक्‍त को ज्ञापन देते हुए मामले में संबंधितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है. इससे सियासत गर्म हो गई है.समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव राजू यादव ने इस मामले में सत्‍ता पक्ष पर सवाल उठाए और कहा कि वाराणसी में पांडेयपुर और सिगरा के कई इलाकों में पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर को जोड़कर आपत्तिजनक और भ्रामक राजनीतिक बैनर पोस्टर लगाए गए थे. पूरे शहर की निगरानी सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से की जा रही है, यहां तक कि वाहनों का चालान भी सीसीटीवी के जरिए ही किया जा रहा है. ऐसे में पोस्टर लगाए जाने वाले लोगों को तुरंत ही चिन्हित करके उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाना चाहिए.उन्होंने पुलिस आयुक्‍त को ज्ञापन देते हुए कहा है कि इस बैनर को सुनियोजित तरीके से अखिलेश यादव के सार्वजनिक और राजनीतिक छवि को धूमिल करने के लिए लगाया गया था. उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव की छवि को खराब करने के लिए स्लोगन लिखे गए थे. इसके साथ ही अतीक अहमद और मुन्ना बजरंगी जैसे लोगों के साथ अखिलेश यादव को पोस्टर में दर्शाया गया था.ALSO READ:विश्‍व पर्यटन सप्‍ताह: पर्यटकों ने फैम ट्रिप में किया धार्मिक स्थलों का भ्रमणराजू यादव ने मांग की है कि पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति को तत्काल ही चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. बता दें कि अखिलेश यादव का पोस्टर लखनऊ के अलावा उन्नाव वाराणसी, इटावा, सीतापुर, बरेली, मेरठ, आजमगढ़ और गाजीपुर समेत कई शहरों में लगाए गए थे. इन पोस्टरों पर अलग-अलग आपराधिक मामलों में चर्चित नाम का जिक्र भी किया गया था. पोस्टर पर एक स्लोगन भी लिखा गया था. इसमें 'अतीक अहमद और मुख्तार, यही चलाते थे सरकार' और 'अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश' जैसे स्लोगन भी इस पोस्टर पर लिखे गए थे. पोस्टर के जरिए समाजवादी पार्टी के शासनकाल को लेकर गंभीर आरोपों लगाए गए थे. हालांकि, अभी तक इस बात की जानकारी नहीं हो पाई है कि इन पोस्टरों को किसी संगठन या किसी व्यक्ति ने लगाया था.
विश्‍व पर्यटन सप्‍ताह: पर्यटकों ने फैम ट्रिप में किया धार्मिक स्थलों का भ्रमण
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वाराणसी : टूरिज्म गिल्ड का विश्व पर्यटन सप्ताह सोमवार से शुरू हुआ. पहले दिन प्रॉपर्टी विजिट फैम ट्रिप किया गया. इसके अंतर्गत सदस्यों ने स्वर्वेद मंदिर, मार्कंडेय महादेव मंदिर, गंगा डाल्फिन साइट, चंद्रावती जैन मंदिर का भ्रमण किया. संगठन के अध्यक्ष सुभाष कपूर, भारत पर्यटन के सहायक निदेशक अमित गुप्ता, उपाध्यक्ष बृजेश सिंह एवं सचिव सौरभ पांडेय ने बताया कि दूसरे दिन 22 सितंबर को होलापुर स्थित संत अतुलानंद रेजिडेंशियल एकेडमी में किस्सागोई और 23 को विश्व धरोहर सारनाथ का भ्रमण होगा्. 24 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस की आधिकारिक थीम ‘पर्यटन को नया स्वरूप देने के लिए डिजिटल एजेंडा और एआई’ विषयक संगोष्ठी नदेसर स्थित अर्बन फूड कोर्ट में होगी.25 को विरासत एवं ज्ञान भ्रमण में बीएचयू के भारत कला भवन का दौरा जबकि 26 को होटल रीजेंसी में टूरिज्म सेंसिटाइजेशन के आयोजन में पर्यटन से जुड़े विभिन्न संगठन शामिल लेंगे. 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस पर दो सत्रों में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. प्रथम सत्र में टूरिज्म वॉक का आयोजन होटल डि पेरिस से वरुणा किनारे शास्त्री घाट तक जबकि दूसरे में वाराणसी एयरपोर्ट पर आने वाले पर्यटकों का संगीतमय स्वागत किया जाएगा.ALSO READ:मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केसयूपी में बनारस अन्य शहरों के मुकाबले पर्यटकों को सबसे ज्यादा लुभाने वाला शहर बनकर उभरा है. विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद यहां आने वाले पर्यटकों को हर दिन कुछ नया दिखाने और घूमने के नए स्थल तैयार करने के लिए पर्यटन विभाग कई प्लान तैयार कर रहा है. बनारस में 40 गलियों के कायाकल्प का प्लान है. पर्यटन विभाग ने पांच गलियों को अपने स्तर पर तैयार करने का बीड़ा उठाया है.