आखिरकार वेंटिलेटर पर जूनियर रेजिडेंट की मौत, 105 दिनों से चल रहा था इलाज...

वाराणसी : बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल के सर्जरी विभाग की जूनियर रेजिडेंट डॉ. साईं सत्या की रविवार को उपचार के दौरान मौत हो गई. वह पिछले 105 दिनों से सुपर स्पेशियलिटी कॉम्प्लेक्स के आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं. लंबे समय तक चले इलाज के बावजूद चिकित्सक उन्हें बचाने में सफल नहीं हो सके. उनके निधन की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में शोक की लहर दौड़ गई.
जानकारी के अनुसार, 25 वर्षीय डॉ. साईं सत्या बिहार की रहने वाली थीं.वह बीएचयू में न्यूरो सर्जरी विभाग में जूनियर रेजिडेंट के रूप में कार्यरत थीं और वाराणसी के महामनापुरी क्षेत्र में किराये के मकान में रहती थीं. बीते 13 मार्च को उन्होंने कथित तौर पर इंसुलिन का ओवरडोज ले लिया था, जिसके बाद उनकी तबीयत अत्यंत गंभीर हो गई. उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार उनका उपचार कर रही थी.
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, इलाज के दौरान कई बार उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी रही.चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन रविवार को उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली.अस्पताल प्रशासन ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि वह पिछले 105 दिनों से लगातार चिकित्सकीय निगरानी में थीं.
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डॉ. साईं सत्या के निधन की खबर मिलते ही बीएचयू के डॉक्टरों, जूनियर रेजिडेंट्स, मेडिकल छात्रों और कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई.सहकर्मियों ने उन्हें मेहनती, अनुशासित और अपने कार्य के प्रति समर्पित चिकित्सक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की.अस्पताल प्रशासन ने भी उनके असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की.
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं.वहीं, डॉ. साईं सत्या के निधन से चिकित्सा जगत में शोक का माहौल है और उनके साथ कार्य करने वाले डॉक्टरों व कर्मचारियों ने इसे चिकित्सा समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति बताया है.



