काशी द्वार - किसानों की सहमति के बिना नहीं ली जाएगी एक इंच भी जमीन, सर्किल रेट का 4 गुना मिलेगा मुआवजा

वाराणसी : पिंडरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने 'काशी द्वार योजना' को लेकर किसानों के बीच फैल रहे भ्रम को दूर करते हुए स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा है कि यह योजना वाराणसी के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी, लेकिन किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा. बतादें कि शनिवार काे सर्किट हाउस में केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान की प्रेस कांफ्रेंस में काशी द्वार को लेकर किसानों ने हंगामा किया था. इसको देखते हुए आनन फानन भाजपा विधायक को मीडिया को ब्रीफिंग करनी पडी.
मुआवजे का आकर्षक प्रस्ताव
विधायक ने जानकारी दी कि जिन किसानों की भूमि इस योजना के दायरे में आ रही है, उन्हें उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद द्वारा बेहतरीन मुआवजा दिया जा रहा है. मुआवजे की शर्तें इस प्रकार हैं:
सर्किल रेट का चार गुना (4x) उचित मुआवजा.
मूल रेट पर 24 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोत्तरी.
यह पूरी प्रक्रिया पूर्णतः सहमति के आधार पर संपन्न की जा रही है.
'जबरदस्ती का कोई स्थान नहीं'
किसानों को भरोसा दिलाते हुए डॉ. अवधेश सिंह ने कहा कि मेरा अपने क्षेत्र के किसानों से व्यक्तिगत आग्रह है कि वे किसी भी बहकावे या भ्रम में न आएं. यदि किसान की सहमति नहीं होगी, तो उसकी भूमि कदापि नहीं ली जाएगी. प्रशासन द्वारा किसी भी तरह की जोर-जबरदस्ती नहीं की जाएगी. कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में यह योजना वाराणसी की नई पहचान बनेगी.
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विकास को मिलेगी नई गति
विधायक ने स्पष्ट किया कि 'काशी द्वार योजना' एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है जो आने वाले समय में वाराणसी को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान दिलाएगा. इससे न केवल शहर का विस्तार होगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और विकास के नए द्वार भी खुलेंगे.



