पूर्णिया सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार, किराए के घर पर किया बड़ा कारनामा

बिहार की राजधानी पटना में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को पुलिस आधी रात को उठा ले गई. जिसके चलते उनके समर्थकों और पुलिस के बीच काफी नोकझोंक भी हुई. अचानक से पुलिस की हिरासत में आने वाले सांसद की तबीयत खराब हो गई. जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए IGMS अस्पताल में भर्ती करवाया गया. इस गिरफ्तारी ने उस वक्त तूल पकड़ लिया, जब वर्षों पुराना एक मामला उजागर हुआ. वर्षों पुराने इस मामले में कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद से पुलिस ने अपनी कार्रवाई करनी शुरू कर दी. जिसे लेकर विपक्षी पार्टियों ने खूब हगांमा किया. इस गिरफ्तारी को लेकर रात भर चले हाई-वोल्टेज ड्रामा ने इस मामले को कानून से आगे सियासत के कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है.

जानिए क्या है पप्पू यादव का किस्सा
दरअसल, पुलिस की गिरफ्त में आए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर आरोप है कि उन्होंने साल 1994 (चौरान्नबे) में जब पहली बार पप्पू यादव सांसद बने, तब उन्होंने अपना ऑफिस खोलने के लिए धोखाधड़ी से पटना में एक मकान किराए पर लिया था, जिसमें लगातार लोगों के आने-जाने की वजह से परेशान मकान मालिक ने कई बार खाली करने को कहा, पर हर बार नाकाम साबित हुआ. लेकिन साल 1995 (पंचानबे) में धीरे-धीरे पप्पू यादव इस पर अपना कब्जा जमा बैठे, इससे तंग आकर मकान मालिक विनोद बिहारी लाल ने शास्त्री नगर थाने में अपनी आपबीती बताते हुए पप्पू और दो अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. ये वो लोग है जो मकान लेने उनके साथ गए थे.

मकान पर कब्जा करने का ये कारनामा कोर्ट जा पहुंचा था, लेकिन बार-बार बुलाने पर भी सांसद कोर्ट नहीं पहुंचे. न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करने के मामले में कोर्ट ने इन लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था. इसके बाद भी पप्पू यादव का रवैया कोर्ट के प्रति जरा भी बदला नहीं, जिसे गंभीरता से लेते हुए अदालत ने उन्हें सबक सिखाने के लिए उनकी संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दे दिया.

"सम्राट चौधरी मेरी हत्या करवाना चाहते"
कोर्ट का आदेश पारित होते ही पुलिस पूर्णिया सांसद के आवास जा बैठी, जहां उन्होंने पुलिस के साथ थाने आने से साफ इंकार कर दिया और इशारों-इशारों में उन्होंने नीतीश सरकार पर हमला कर कहा कि, “मुझे डर है कि ये लोग मुझे मरवा देंगे. रात में इनके थाने नहीं जाऊंगा. कुछ भी हो जाए हम रात में नहीं जाएंगे सुबह ही जाएंगे. क्योंकि आपके पास कोर्ट का कोई भी ऑर्डर नहीं है. हम लोग इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे. इसमें हमें कोई भी दिक्कत नहीं है.” इतना ही नहीं, पप्पू यादव ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए गजब की सफाई दी, उन्होंने कहा कि, वह नीट छात्रा के लिए न्याय की मांग रहे हैं, जो बिहार सरकार और गृह मंत्री सम्राट चौधरी को रास नहीं आ रहा है, यहीं लोग मेरी हत्या करवाने के लिए मेरे पीछे पुलिस लगा रखी है. तभी बिहार पुलिस हमें तंग करने में लगी हुई है.

जहां उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि- “हम NEET छात्रा के लिये न्याय की लड़ाई क्या लड़े, बिहार पुलिस के पेट में इस कदर दर्द होने लगा कि, हमें पकड़ने के लिए हमारे आवास तक पहुंच गई, हैरानी इस बात की हो रही है कि साजिश कर्ता सम्राट चौधरी जैसे अपराधी पर शिंकजा कसने के बजाय पुलिस उन्हें पकड़ने में लगी हुई है. लेकिन, पुलिस की इस कार्रवाई से पप्पू यादव न तो झुकेगा और न चुप होगा. बेईमानों की कारगुजारियों को बेनकाब करके, रहेंगे! जेल भेजो या, फांसी दो पप्पू रुकेगा नहीं.” अब देखने वाली बात यह है कि निर्दलीय सांसद पप्पू द्वारा कही गई इन सभी बातों में किस हद तक सच्चाई छिपी है. ये तो वक्त ही बताएगा.



