काशी विद्यापीठ : 24 दिवसीय गुरु दक्षता कार्यक्रम का शुभारंभ

वाराणसी: मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ द्वारा आयोजित 24 दिवसीय गुरु दक्षता कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को हुआ। उद्घाटन सत्र समारोह में विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हज़ारीबाग के कुलपति प्रो. सी.बी. शर्मा ने कहा कि आज के शिक्षक को तकनीकी रूप से दक्ष, अद्यतन और निरंतर आत्म-विकास के लिए तत्पर रहना होगा,
उच्च शिक्षा का उद्देश्य पकी-पकाई जानकारी परोसना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में स्वतंत्र चिंतन और ज्ञानार्जन की क्षमता विकसित करना है, उन्होंने डिजिटल डिवाइड को शिक्षा की बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि केवल उपकरण नहीं, बल्कि कनेक्टिविटी, आर्थिक संसाधन और गुणवत्तापूर्ण सामग्री तक समान पहुंच भी आवश्यक है,उन्होंने बल दिया कि तकनीक तेजी से बदल रही है, इसलिए समय के साथ स्वयं को निरंतर सीखते और विकसित करते रहना ही सफलता की कुंजी है.
प्रो. सुधीर कुमार शुक्ल, संकायाध्यक्ष, वाणिज्य संकाय, काशी विद्यापीठ ने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था शिक्षार्थी-केंद्रित है, परंतु उसकी सफलता का प्रमुख आधार एक सक्षम, अद्यतन एवं प्रेरक शिक्षक है, क्योंकि शिक्षक केवल ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि विद्यार्थी का मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक भी होता है. उन्होंने बताया कि आज के विद्यार्थी तकनीक और विभिन्न ऐप्स की जानकारी में कई बार शिक्षकों से आगे होते हैं, इसलिए शिक्षकों को भी निरंतर स्वयं को अद्यतन करते रहना चाहिए।.
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द्वितीय सत्र में लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. मुनेश कुमार ने कहा कि आज सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी शिक्षा को अधिक प्रभावी, सहभागी, समावेशी, लचीला तथा विद्यार्थी-केंद्रित बना रही है, स्वागत करते हुए निदेशक प्रो. रमाकान्त सिंह ने कहा कि शिक्षा सदैव परिवर्तनशील रही है, संचालन दीपशिखा श्रीवास्तव, धन्यवाद ज्ञापन डॉ राखी देब एवं तकनीकी सहयोग डॉ विनय सिंह, त्रियंबिका सिंह, अनुपम मिश्रा व सरस्वती ने किया, इस अवसर पर प्रो. राजमुनि, प्रो. आनन्द शंकर चौधरी, डॉ. अम्बरीश राय आदि उपस्थित रहे.



