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72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में केरल व रेलवे को खिताब

72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में केरल व रेलवे को खिताब
Jan 12, 2026, 05:19 AM
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Posted By Gaandiv

​वाराणसी: सिगरा स्टेडियम के इंडोर कोर्ट पर रविवार को आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का महिला फाइनल ऐतिहासिक बन गया। रोमांच की पराकाष्ठा तक पहुंचे इस मुकाबले में पुरुष वर्ग में जहां रेलवे के स्मैशर्स ने केरला की चुनौती को एकतरफा अंदाज में ध्वस्त कर खिताब पर कब्जा जमाया, वहीं महिला वर्ग के रोमांचक फाइनल में केरला ने रेलवे को हराकर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। इस प्रकार महिला वर्ग में रेलवे व पुरुष वर्ग में केरल को उपविजेता का तमगा पाकर संतोष करना पड़ा । जब कि हार्ड लाइन मैच में पंजाब और राजस्थान की टीमों का रहा दबदबा रहा ।


नगर निगम की ओर से अयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक व महापौर अशोक कुमार तिवारी ने विजेता टीमों को ट्रॉफी और पदक प्रदान किए।


रेलवे ने केरला को 3-0 से रौंदकर खिताब पर जमाया कब्जा


रेलवे की पुरुष टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए फाइनल मुकाबले में केरला को सीधे सेटों में 3-0 (25-19, 25-17, 25-19) से पराजित कर चैंपियनशिप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। पूरे मैच के दौरान रेलवे के खिलाड़ियों ने तालमेल और आक्रामक खेल का ऐसा नमूना पेश किया कि केरला की टीम एक बार भी मैच में वापसी नहीं कर सकी।


रेलवे की कप्तान अंगामुथु ने टीम की कमान संभालते हुए शुरुआती सेट से ही केरला पर मानसिक दबाव बनाया। उनके पावरफुल स्मैश मैच का टर्निंग पॉइंट रहे। ​रोहित कुमार शानदार खेल कौशल दिखाते हुए अंक जुटाए और टीम के आक्रमण को धार दी। ​जॉर्ज एंटनी नेट पर अपनी लंबाई और टाइमिंग का फायदा उठाते हुए केरला के हमलों को नाकाम किया।


​एमिल टी. जोसेफ कोर्ट के बीच से आक्रामक खेल का प्रदर्शन कर विपक्षी रक्षापंक्ति को भेदा। ​समीर सीएच मैच के अंतिम क्षणों में निर्णायक अंक बटोरकर टीम की जीत सुनिश्चित की।​आनंद के. ने लिबरो के रूप में कोर्ट पर बिजली जैसी फुर्ती दिखाई और कई 'इम्पॉसिबल' गेंदों को उठाकर खेल में जान फूंकी। ​उप-विजेता रही केरला की टीम ने वापसी की कोशिश की, लेकिन लय नहीं पकड़ सकी। केरला के ​सेथु टी.आर. कप्तान के तौर पर संघर्ष किया और अपनी टीम के लिए प्रमुख स्कोरर रहे। ​एरीन वर्गीस रेलवे के ब्लॉकर्स को छकाकर कुछ अच्छे अंक हासिल किए। ​मुजीब एम.सी. व राहुल के. ने तालमेल के साथ रेलवे के आक्रमण को रोकने का प्रयास किया। ​


केरल की बेटियों ने भारतीय रेलवे को 3-2 से दी शिकस्त


​वाराणसी के सिगरा स्टेडियम के इंडोर कोर्ट पर रविवार को आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का महिला फाइनल ऐतिहासिक बन गया। रोमांच की पराकाष्ठा तक पहुंचे इस मुकाबले में केरल की बेटियों ने अपने प्रतिद्वंद्वी भारतीय रेलवे को 3-2 से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम कर लिया। पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करने वाली केरल की टीम ने निर्णायक सेट में रेलवे को कोई मौका नहीं दिया।

​मुकाबले की शुरुआत रेलवे के पक्ष में रही, जहां उन्होंने पहला सेट 25-22 से जीतकर अपनी मंशा साफ कर दी। इसके बाद केरल ने जोरदार पलटवार किया और लगातार दो सेट 25-20 और 25-15 से जीतकर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। चौथे सेट में रेलवे ने फिर वापसी की और 25-22 से जीतकर मैच को निर्णायक पांचवें सेट में धकेल दिया। हालांकि, अंतिम सेट में केरल के दमदार स्मैश और डिफेंस के आगे रेलवे बेबस दिखी और केरल ने 15-8 से सेट जीतकर चैंपियनशिप की ट्रॉफी उठा ली।


केरल की इस खिताबी सफलता के पीछे टीम की एकजुटता और रणनीतिक कौशल का बड़ा हाथ रहा। टीम की जीत की मुख्य सूत्रधार रहीं अनुश्री ने अपनी कलाई के जादू और आक्रामक स्मैश से रेलवे के डिफेंस को पस्त कर दिया। हर निर्णायक मोड़ पर अनुश्री के सटीक प्रहारों ने केरल की झोली में अंक डाले। वहीं, डिफेंस की कमान शिवप्रिया जी. ने संभाली थी। लिबरो की भूमिका में शिवप्रिया ने मैदान पर गजब की फुर्ती दिखाते हुए रेलवे के तेज तर्रार हमलों को न सिर्फ रोका, बल्कि उन्हें काउंटर अटैक में तब्दील करने का मौका भी बनाया। ​नेट पर अनघा आर. एक अभेद्य दीवार की तरह खड़ी रहीं।


उनकी शानदार ब्लॉकिंग के कारण रेलवे की अनुभवी खिलाड़ी भी अंक चुराने के लिए संघर्ष करती दिखीं। खेल के बीच के ओवरों में जब मैच फंसता नजर आया, तब नंदना वी. और अन्ना मैथ्यू ने अपने अनुभव का परिचय दिया। इन दोनों खिलाड़ियों ने तालमेल बिठाते हुए कोर्ट के कोनों का बखूबी इस्तेमाल किया और स्कोरबोर्ड को निरंतर चलायमान रखा। शुरुआती लय बनाने में एन वी जैकब का योगदान भी सराहनीय रहा, जिन्होंने सर्विस और पासिंग के जरिए टीम को वह आधार प्रदान किया, जिस पर जीत की बुलंद इमारत खड़ी हुई। कोच डॉ. सदानंदन सी.एस. के मार्गदर्शन में इन छह खिलाड़ियों ने मैदान पर जो अनुशासन और जज्बा दिखाया, उसी का परिणाम है कि आज केरल की टीम नेशनल चैंपियन के रूप में उभरकर सामने आई है।


अंत में बिखर गया रेलवे का तालमेल...


​भारतीय रेलवे जैसी मजबूत टीम का फाइनल में हारना खेल प्रेमियों के लिए चौंकाने वाला रहा। मैच जब पांचवें और निर्णायक सेट में पहुंचा, तो रेलवे की टीम दबाव में बिखर गई। जहां केरल ने आक्रामकता दिखाई, वहीं रेलवे के खिलाड़ी रक्षात्मक हो गए। रेलवे की हार का सबसे बड़ा तकनीकी कारण उनका 'फर्स्ट पास' रहा। केरल की तेज सर्विस को रिसीव करने में रेलवे की खिलाड़ी कई बार नाकाम रहीं। इसके अलावा, चौथे सेट के बाद रेलवे ने कई महत्वपूर्ण मौकों पर सर्विस नेट में मारी या बाहर फेंकी, जिससे केरल को मुफ्त के अंक उपहार में मिले। वहीं केरल की अनुश्री के.पी. और अन्ना मैथ्यू के पावरफुल स्मैश को रोकने में रेलवे की फ्रंट लाइन असफल रही। नेट पर रेलवे के ब्लॉकर्स और डिफेंडर्स के बीच तालमेल की कमी दिखी, जिसका फायदा उठाकर केरल ने बार-बार रेलवे के खाली क्षेत्रों (डेथ जोन) में गेंद गिराई।

वाराणसी में 25 अक्‍टूबर को आयोजित होगा एयर शो, प्रदर्शित होगी मध्य वायु कमान की गौरवशाली विरासत
वाराणसी में 25 अक्‍टूबर को आयोजित होगा एयर शो, प्रदर्शित होगी मध्य वायु कमान की गौरवशाली विरासत
वाराणसी : नमो घाट पर 25 अक्टूबर 2026 को ‘इंडियन एयर फोर्स एरियल डिस्प्ले: 2026’ का आयोजन किया जा रहा है. गंगा के प्रतिष्ठित और भव्य तट की पृष्ठभूमि में आयोजित यह हवाई प्रदर्शन नागरिकों एवं आगंतुकों को भारतीय वायु सेना की सटीकता, व्यावसायिक दक्षता और उत्कृष्ट समन्वय का अनुभव करने का अवसर प्रदान करेगा. यह आयोजन मध्य वायु कमान की छह दशकों से अधिक की गौरवशाली यात्रा को भी प्रदर्शित करेगा. अपनी स्थापना के बाद से कमान और इसके अधीनस्थ संगठनों ने विस्तृत एवं परिचालन की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में युद्ध अभियानों, मानवीय सहायता, आपदा राहत तथा नागरिक प्रशासन को सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.रक्षा मंत्रालय के प्रवक्‍ता के अनुसार, मध्य वायु कमान की परिचालन विरासत में वर्ष 1965 एवं 1971 के भारत-पाक युद्धों, मालदीव में ऑपरेशन कैक्टस तथा कारगिल संघर्ष के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर में उल्लेखनीय योगदान शामिल है. कमान के वायुयानों और वायु योद्धाओं ने निकासी, बाढ़ राहत, आकस्मिक चिकित्सा निकासी तथा विभिन्न मानवीय सहायता अभियानों को भी सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. इन अभियानों के दौरान उन्होंने कठिन भूभाग और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावित समुदायों तक सहायता पहुंचाई है.परिचालन तत्परता बनाए रखते हुए नागरिकों को समयबद्ध सहायता प्रदान करने की कमान की क्षमता राष्ट्र सेवा के प्रति भारतीय वायु सेना की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है. नमो घाट पर आयोजित होने वाला ‘इंडियन एयर फोर्स एरियल डिस्प्ले: 2026’ सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व के इस विशिष्ट स्थल पर वाराणसी के नागरिकों को भारतीय वायु सेना से निकटता से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा. यह आयोजन युवाओं को प्रेरित करने के साथ-साथ भारतीय वायु सेना की विविध भूमिकाओं, क्षमताओं और गौरवशाली सेवा परंपराओं के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाएगा.ALSO READ : वाराणसी में अखिलेश यादव के साथ माफियाओं की तस्वीरें, सियासी घमासान को दे रहे हवाहवाई प्रदर्शन के समय, निर्धारित दर्शक क्षेत्रों, यातायात व्यवस्था, पार्किंग तथा दर्शकों की सुरक्षा से संबंधित दिशा-निर्देशों की जानकारी आयोजन की तिथि के निकट अधिकृत माध्यमों से जारी की जाएगी. आम नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी सूचनाओं पर विश्वास करें तथा जिला प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा कर्मियों और आयोजन से जुड़े अधिकारियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें.
वाराणसी में अखिलेश यादव के साथ माफियाओं की तस्वीरें, सियासी घमासान को दे रहे हवा
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वाराणसी : शहर के खजुरी और पांडेयपुर में एक बार फिर पोस्टर को लेकर सियासी घमासान को हवा दी जा रही है. पांडेयपुर चौराहे पर बने ओवरब्रिज पर एक बैनर लगा है, जो लोगों में चर्चाओं को ज्‍नम दे रहा है. इस बैनर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, रमाकांत यादव, उमाकांत यादव की तस्वीरें लगी हैं.बैनर पर बड़े अक्षरों में लिखा है, "माफियाराज और अखिलेश, लूट लिया था पूरा प्रदेश." यह पोस्टर शहर में राजनीतिक गलियारों में बहस का मुद्दा बन गया है.पांडेयपुर चौराहे की बात की जाए तो यह शहर के प्रमुख चौराहों में से एक है, जहां रोजाना हजारों की संख्या में लोग आते-जाते हैं. ऐसे में यहां लगे इस राजनीतिक संदेश वाले बैनर पर राहगीरों और आसपास के लोगों की नजर पड़ रही है.ALSO READ : जन्‍मदिन के अगले दिन बुझ गया घर का चिराग, जनरल स्टोर में हुए विस्फोट से घायल मासूम की हुई मौतइस बैनर के जरिए अखिलेश यादव और उनके कार्यकाल को लेकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश हुई है. हालांकि, इसे किस व्यक्ति या संगठन ने लगाया है, इसकी अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. बैनर लगाने के पीछे किसका हाथ है और इसका मकसद क्या है, यह भी साफ नहीं हो पाया है. लखनऊ से पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी तक पोस्टर वार के जरिए राजनीतिक घमासान मचा हुआ है. अखिलेश के खिलाफ इस पोस्‍टर को कई जगह सपाइयों ने फाड़ डाले.
जन्‍मदिन के अगले दिन बुझ गया घर का चिराग, जनरल स्टोर में हुए विस्फोट से घायल मासूम की हुई मौत
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वाराणसी : कपसेठी बाजार में शनिवार को एक जनरल स्टोर में रखे पटाखों में अचानक विस्फोट से घायल पांच साल के मासूम कार्तिक जायसवाल की मौत हो गई. विस्फोट इतना जबरदस्‍त रहा कि बारजा ढह गया. दुकान के दरवाजे, खिड़की और दीवार की रेलिंग टूट गई. बाजार से लगभग 200 मीटर दूर तक धमाके से ग्रामीण दहल गए. मासूम घर का इकलौता चिराग था.भदवर स्थित हेरिटेज मेडिकल कॉलेज से बच्चे के शव को पुलिस ने पंचायतनामा के बाद परिजनों को सौंप दिया. सूचना के बाद गोमती जोन के अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली. कार्तिक माता-पिता का इकलौता बेटा था. शुक्रवार को कार्तिक का पांचवां जन्मदिन था. ननिहाल से कार्तिक रात में ही घर लौटा था. खिलौने आदि भी ननिहाल से उपहार में कार्तिक को मिले थे. खिलौने लेकर वह तीसरी मंजिल पर गया था. अचानक फुलझड़ी जलाने के दौरान ही तेज धमाका हो गया. इकलौते बेटे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया. पिता आशीष और मां का रो-रोकर हाल खराब हो गया.कपसेठी थाना क्षेत्र के स्थानीय बाजार में आशीष जायसवाल का मकान है. मकान में ही जायसवाल जनरल स्टोर संचालित है. सुबह लगभग 8 बजे के बाद आशीष का बेटा कार्तिक जायसवाल खेलते हुए तीसरी मंजिल की दुकान पर जा पहुंचा. इस बीच वह फुलझड़ी जलाने का प्रयास कर रहा था कि अचानक एक बोरे में तेज धमाका हो गया. धमाके की गूंज से मकान समेत बाजार दहल उठा. तीसरे तल के आगे का बारजा ढह गया. दुकान की रेलिंग, खिड़की-दरवाजे भी क्षतिग्रस्त हो गए.ALSO READ : एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...कार्तिक जायसवाल लहूलुहान होकर अचेत हो गया. परिजन तुरंत उसे लेकर कपसेठी चौराहे स्थित शर्मा क्लिनिक पर गए, जहां हालत गंभीर होता देख चिकित्सकों ने हेरिटेज अस्पताल में रेफर किया. उपचार के दौरान मौत हो गई. वहीं, स्थानीय लोगों को कहना है कि एक माह बाद ही दशहरा और दिवाली है. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पटाखों का अवैध भंडारण किया जा रहा है.