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आईआईटी बीएचयू के 15वें दीक्षांत समारोह में कुमार मंगलम ने दिए 124 मेडल अवॉर्ड

आईआईटी बीएचयू के 15वें दीक्षांत समारोह में कुमार मंगलम ने दिए 124 मेडल अवॉर्ड
Oct 31, 2026, 06:52 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : आईआईटी बीएचयू के 15 वें दीक्षांत समारोह समारोह में शनिवार को मुख्‍य अतिथि उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने कुल 62 छात्र छात्राओं को 124 मेडल से सम्मानित किया. विश्‍वविद्यालय परिसर स्थित स्‍वतंत्रता भवन में इस दौरान करीब 45 मिनट तक मंत्रोच्चार के साथ शिष्ट मंडल का स्वागत, महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण, वंदे मातरम, कुलगीत गायन के साथ संस्थान की विरासत और उपलब्धियों पर एक फिल्म दिखाई गई.


संस्‍थान के डीन देवेंद्र कुमार ने उपाधियों की घोषणा की. निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने स्वागत भाषण और संस्थान की विरासत और उपलब्धियों को गिनाकर सभी मेडल और डिग्री धारकों को शपथ दिलाई. दीक्षांत समारोह में प्रेसिडेंट मेडल और सबसे ज्यादा 15 मेडल्स और प्रमाण पत्र हरजस कौर को मिला. समारोह में पहला सोलर एनर्जी अवार्ड स्मृति चिन्ह और कैश प्राइज प्रखर नेमा को देकर कुमार मंगलम बिड़ला द्वारा सम्मानित किया गया.


वहीं प्रतीक त्रिपाठी और मेहुलकुमार को डायरेक्टर्स गोल्ड दिया गया. सौर ऊर्जा से बनी बिजली को कम से कम ऊर्जा नुकसान के साथ इस्तेमाल योग्य बनाया. मध्य प्रदेश के सागर निवासी प्रखर ने पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में रिसर्च किया है सौर ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा के लिए ज्यादा दक्ष और सुरक्षित बिजली बनाने का सिस्टम विकसित किया है.


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प्रखर ने हाई-गेन डीसी-डीसी पावर कन्वर्टर और मल्टी-आउटपुट हाइब्रिड कन्वर्टर तैयार किया है. इसमें सौर ऊर्जा से बनी बिजली को कम से कम ऊर्जा नुकसान के साथ इस्तेमाल योग्य बनाना है. कार्यक्रम में तेजस के जनक कोटा हरिनारायण, कुलपति अजित कुमार चतुर्वेदी, आईआईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर अमित पात्रा और डा महेंद्र पांडेय रहे.


तीन कहानियों से समझाया सफलता और जोखिम का महत्व


मुख्य अतिथि कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि आज उत्साह और खुशी का दिन है. ऐसे अवसर पर वह विद्यार्थियों के साथ तीन कहानियां साझा करना चाहते हैं, ताकि जीवन में कभी चुनौती या असमंजस की स्थिति आए तो वे इनसे कोई सीख लेकर अपनी राह चुन सकें. पहली कहानी उन्होंने एनवीडिया के सह-संस्थापक जेन्सेन हुआंग की सुनाई.


उन्होंने बताया कि परिवार से दूर रहने के दौरान हुआंग ने पहली बार बर्गर को बॉक्स में देखा तो वह उनके लिए नया और रोमांचक अनुभव था. वह ऐसे छोटे अनुभवों को टेप रिकॉर्ड कर परिवार को भेजते थे. बिड़ला ने कहा कि एक छोटी-सी चीज को लेकर उत्सुक रहने वाला व्यक्ति भी आगे चलकर बड़ा मुकाम हासिल कर सकता है. उन्होंने संदेश दिया- 'अपना टाइम आएगा.'


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दूसरी कहानी ब्लैकरॉक के सह-संस्थापक लैरी फिंक की थी. उन्होंने बताया कि वर्ष 1986 में फर्स्ट बोस्टन में काम करते हुए फिंक की टीम को ब्याज दरों के गलत अनुमान के कारण करीब 100 मिलियन डालर का नुकसान हुआ. इसके बाद उन्होंने नई शुरुआत का रास्ता चुना और वर्ष 1988 में ब्लैकरॉक की स्थापना की. इस प्रसंग से बिड़ला ने जोखिम उठाने का संदेश देते हुए कहा- 'रिस्क है तो इश्क है.'


तीसरी कहानी को उन्होंने अपने दिल के सबसे करीब बताया, क्योंकि इसमें उनके पिता आदित्य विक्रम बिड़ला की जिंदगी जुड़ी थी. उन्होंने बताया कि पिता ने 1960 के दशक में कारोबार को विस्तार देने की शुरुआत की और उसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई. 14 नवंबर 1943 को जन्मे आदित्य विक्रम बिड़ला का एक अक्टूबर 1995 को 51 वर्ष की आयु में निधन हो गया था. पिता से मिली सीख साझा करते हुए कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि जिंदगी केवल लंबी नहीं, बड़ी होनी चाहिए.

कुर्सी पर बैठकर नहीं चलेगी पुलिसिंग, हर मोर्चे पर देनी होगी जवाबदेही...
कुर्सी पर बैठकर नहीं चलेगी पुलिसिंग, हर मोर्चे पर देनी होगी जवाबदेही...
वाराणसी : पुलिस कमिश्नरेट में पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने और कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मातहतों की चुडी कसी है. राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक में जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्त, यातायात व्यवस्था और लंबित विवेचनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए गए. कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वालों पैदल कर दिए जाएंगे.जनता की शिकायतों पर लापरवाही बर्दाश्त नहींपुलिस कमिश्नर ने जनसुनवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय पर कार्यालयों में उपस्थित रहने और फरियादियों की शिकायतें गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुनने के निर्देश दिए. आईजीआरएस, मुख्यमंत्री संदर्भ, पीजी पोर्टल और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के साथ शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने पर भी जोर दिया गया.हर थाने से 25 प्रतिशत पुलिस बल रात में निकलेगा गश्त परअपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस कमिश्नर ने महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक थाने में उपलब्ध पुलिस बल का न्यूनतम 25 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से रात्रि गश्त पर निकलेगा. शाम के समय प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया.चेन स्नेचिंग, छेड़खानी और चोरी पर विशेष नजरजीरो टॉलरेंस अगेंस्ट क्राइम की नीति के तहत चेन स्नेचिंग, छेड़खानी, चोरी और नकबजनी जैसी घटनाओं में त्वरित विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए. आदतन और सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने तथा अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने को कहा गया.जाम और अतिक्रमण पर भी पुलिस का फोकसशहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात पुलिस एवं थाना पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए. यातायात बाधित करने वाले अवैध अतिक्रमण के खिलाफ संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्रवाई करने को कहा गया.ALSO READ : हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जताया शोक, धाम की मर्यादा रक्षा के लिए कड़े कदमों की मांग60 और 90 दिनों में निपटानी होंगी लंबित विवेचनाएंलंबित मामलों की समीक्षा करते हुए पुलिस कमिश्नर ने विवेचनाओं का निर्धारित 60 एवं 90 दिनों की समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. साक्ष्य संकलन और कानूनी औपचारिकताओं में अनावश्यक देरी नहीं करने तथा विवेचकों के कामकाज की नियमित मॉनिटरिंग करने पर भी जोर दिया गया.बैठक में भूमि विवादों और स्थानीय संवेदनशील मामलों में समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई करने तथा यक्ष एप पर दर्ज बीट सूचनाओं के विश्लेषण के आधार पर संभावित विवादों की पहचान करने के निर्देश भी दिए गए.
हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जताया शोक, धाम की मर्यादा रक्षा के लिए कड़े कदमों की मांग
हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जताया शोक, धाम की मर्यादा रक्षा के लिए कड़े कदमों की मांग
वाराणसी: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बदरीनाथ धाम के दर्शन कर लौट रहे कर्नाटक के छह श्रद्धालुओं की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई मृत्यु पर दुःख और संवेदना व्यक्त की है. मौसम की खराबी अथवा तकनीकी खामी के कारण हुए इस भीषण हादसे से उनका मन अत्यंत व्यथित और विचलित है. उन्‍होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों को इस अपार दुःख को सहने के लिए संबल प्रदान करने की कामना की है.तीर्थक्षेत्र की पवित्रता और सांस्कृतिक मर्यादा पर जोरबदरीनाथ धाम की प्राचीन परंपरा, उसकी पवित्रता और आध्यात्मिक मर्यादा को हर हाल में बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि धाम परिसर एवं पवित्र यात्रा मार्ग पर अनधिकृत मानवीय गतिविधियां, जैसे डीजे बजाना, नाच-गाना और अन्य मनोरंजन या कमर्शियल कार्यक्रमों का आयोजन करना इस महान तीर्थ स्थल की गरिमा के सर्वथा विपरीत है. सनातन धर्मशास्त्रों और लोक आस्था के अनुसार, देवभूमि में धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन करने से दैवीय शक्तियों का असंतोष और प्रकोप उत्पन्न होता है. इसलिए, यह अत्यंत आवश्यक है कि चारधाम की मौलिक, पवित्र और आध्यात्मिक प्रकृति को सुरक्षित रखा जाए ताकि इसकी गरिमा पर कोई आंच न आए.उत्तराखंड सरकार और प्रशासन के समक्ष रखी प्रमुख मांगेंइस दुखद घटना और धाम की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए, उन्‍होंने उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री से तत्काल प्रभाव से निम्नलिखित गंभीर बिंदुओं पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है:उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच: बदरीनाथ क्षेत्र में हुई इस हेलीकॉप्टर दुर्घटना के पीछे की वास्तविक वजहों—चाहे वह कोई तकनीकी खामी रही हो, मौसम की अनदेखी हो या फिर व्यावसायिक आपाधापी—की गहन और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके.सख्त उड्डयन नीतियां: भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए विमानन और उड्डयन सुरक्षा मानकों को बेहद कड़ा किया जाए ताकि श्रद्धालुओं की जान सुरक्षित रह सके.अमर्यादित गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध: धाम क्षेत्र और यात्रा मार्ग पर धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रकार के डीजे, संगीत, नाच-गाना या व्यावसायिक आयोजनों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए स्पष्ट और कठोर नीतियां बनाई जाएं.ALSO READ : वाराणसी में प्रेक्षक के खिलाफ प्रदर्शन से भाजपा ने झाड़ा पल्ला, मतगणना पर जताया संतोषइस पूरे घटनाक्रम और शंकराचार्य जी के संदेश की जानकारी देते हुए उनके मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि देवभूमि की पवित्रता की रक्षा और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है.
वाराणसी में प्रेक्षक के खिलाफ प्रदर्शन से भाजपा ने झाड़ा पल्ला, मतगणना पर जताया संतोष
वाराणसी में प्रेक्षक के खिलाफ प्रदर्शन से भाजपा ने झाड़ा पल्ला, मतगणना पर जताया संतोष
वाराणसी : विधान परिषद की वाराणसी खंड स्नातक सीट की मतगणना के दौरान चुनाव आयोग के प्रेक्षक प्रांजल यादव के खिलाफ हुए हंगामे से भाजपा ने असहमति जताई है. पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने कहा कि विरोध प्रदर्शन पार्टी की गाइडलाइन के अनुरूप नहीं था. भाजपा मतगणना की पूरी प्रक्रिया से संतुष्ट है.काशी क्षेत्र अध्‍यक्ष अशोक चौरसिया ने कहा कि मौके पर कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन क्यों किया, इसकी जानकारी नहीं है. पार्टी इस प्रदर्शन से सहमत नहीं है. उन्होंने कहा कि आयोग ने सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना कराई. ऐसे में गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं थी.ALSO READ :नमो ब्रिज के नाम से जाना जाएगा काशी में बनने वाला सिग्नेचर ब्रिज, रेल मंत्री ने किया एलानबतादें कि वाराणसी खंड स्नातक सीट की मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह और उनके समर्थकों ने मंडी समिति परिसर में हंगामा किया था. उन्होंने प्रेक्षक प्रांजल यादव पर मतगणना में धांधली कराने का आरोप लगाया था. जबकि प्रांजल यादव शिक्षक सीट के पर्यवेक्षक थे.